UP Board Class 8 Geography 3. खनिज और शक्ति संसाधन is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 8 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
उत्तर- हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले तीन सामान्य खनिज हैं:
1. लोहा (Iron) - इससे बने सामान जैसे बर्तन, वाहन, इमारतों की संरचनाएँ।
2. नमक (Salt) - भोजन पकाने एवं संरक्षण में उपयोग।
3. एल्युमिनियम (Aluminium) - पन्नी, बर्तन, विद्युत तार एवं पैकेजिंग में उपयोग।
उत्तर- वह प्राकृतिक शैल या चट्टान जिसमें से कोई उपयोगी खनिज या धातु निकाली जा सकती है, उसे अयस्क कहते हैं। धात्विक खनिजों के अयस्क मुख्य रूप से आग्नेय (Igneous) एवं कायांतरित (Metamorphic) चट्टानों में पाए जाते हैं, क्योंकि इन चट्टानों के निर्माण की प्रक्रिया में ताप व दबाव के कारण धातुएँ एकत्रित हो जाती हैं।
उत्तर- भारत में प्राकृतिक गैस संसाधनों से समृद्ध दो प्रमुख प्रदेश हैं:
1. कृष्णा-गोदावरी डेल्टा (Krishna-Godavari Delta)
2. मुम्बई हाई (Mumbai High) एवं इसके आसपास के अपतटीय क्षेत्र।
उत्तर-
(i) ग्रामीण क्षेत्र: बायोगैस (Biogas) एवं सौर ऊर्जा (Solar Energy) का उपयोग उपयुक्त रहेगा, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक कचरा (गोबर, कृषि अवशेष) आसानी से उपलब्ध होता है और धूप भी पर्याप्त मिलती है।
(ii) तटीय क्षेत्र: ज्वारीय ऊर्जा (Tidal Energy) एवं पवन ऊर्जा (Wind Energy) का दोहन किया जा सकता है, क्योंकि यहाँ समुद्री लहरों और नियमित समुद्री हवाएँ ऊर्जा का अच्छा स्रोत हैं।
(iii) शुष्क प्रदेश: सौर ऊर्जा (Solar Energy) एवं पवन ऊर्जा (Wind Energy) सबसे उपयुक्त हैं, क्योंकि इन क्षेत्रों में वर्षा कम होने के कारण धूप अधिक और हवाएँ तेज चलती हैं।
उत्तर- घर पर ऊर्जा बचाने के पाँच प्रभावी तरीके इस प्रकार हैं:
1. कमरे से बाहर जाते समय या आवश्यकता न होने पर पंखे, लाइटें और अन्य विद्युत उपकरण बंद कर दें।
2. दिन के समय प्राकृतिक रोशनी का उपयोग करने के लिए खिड़कियाँ और पर्दे खोलें ताकि बिजली की बचत हो।
3. खाना पकाने से पहले सब्जियाँ और दालें काटकर व भिगोकर तैयार रखें, इससे गैस पर पकाने का समय कम लगेगा।
4. खाना पकाने के लिए प्रेशर कुकर (Pressure Cooker) का उपयोग करें, जो ऊर्जा की बचत करता है।
5. घर में ऊर्जा-कुशल (Energy-Efficient) उपकरण जैसे LED बल्ब और 5-स्टार रेटिंग वाले फ्रिज, एसी का इस्तेमाल करें।
उत्तर- (ग) वे असमात्य होते है| सही उत्तर: (ग)
व्याख्या: खनिज प्राकृतिक रूप से बनते हैं, उनका निश्चित रासायनिक संघटन होता है और उनका वितरण असमान होता है। लेकिन खनिज समांगी (Homogeneous) होते हैं, अर्थात उनके किसी भी भाग के गुण समान होते हैं। 'असमात्य' (Heterogeneous) होना उनकी विशेषता नहीं है।
उत्तर- (ख) राजस्थान सही उत्तर: (ख)
व्याख्या: भारत में अभ्रक (Mica) के प्रमुख उत्पादक राज्य झारखंड, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक हैं। राजस्थान अभ्रक का प्रमुख उत्पादक नहीं है।
उत्तर- (ख) चिली सही उत्तर: (ख)
व्याख्या: विश्व में ताँबे (Copper) का सबसे बड़ा उत्पादक देश चिली है। दक्षिण अमेरिका का यह देश ताँबे के विशाल भंडार और उत्पादन के लिए जाना जाता है।
उत्तर- (घ) खुली कड़ाही में कम ज्वाला कर भोजन पकाना | सही उत्तर: (घ)
व्याख्या: खुली कड़ाही में भोजन पकाने से, चाहे ज्वाला कम ही क्यों न हो, गर्मी का बहुत सा हिस्सा वातावरण में नष्ट हो जाता है और पकाने में अधिक समय लगता है, जिससे गैस की खपत बढ़ती है। अन्य सभी विकल्प (दाल भिगोना, प्रेशर कुकर का उपयोग, सामग्री पहले से तैयार करना) गैस बचाने के तरीके हैं।
उत्तर- बड़े बाँधों के निर्माण से पहले पर्यावरणीय पहलुओं का अध्ययन इसलिए ज़रूरी है क्योंकि:
1. बाँध बनाने के लिए बड़े पैमाने पर वनों की कटाई होती है, जिससे वन्यजीवों का आवास नष्ट होता है और पारिस्थितिकी असंतुलन पैदा होता है।
2. बाँध नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को रोकते हैं, जिससे जलीय जीवों (मछलियों आदि) का प्रवासन (Migration) बाधित हो जाता है, विशेषकर अंडे देने के समय।
3. इससे नदी के तल में गाद (सिल्ट) जमा होने, जलग्रहण क्षेत्र में बाढ़ और भूकंपीय गतिविधि बढ़ने जैसे गंभीर दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं।
उत्तर- अधिकांश भारी उद्योग (जैसे लोहा-इस्पात, सीमेंट, उर्वरक) कोयला खानों के निकट स्थापित किए जाते हैं क्योंकि:
1. कोयला एक भारी, भारी और स्थूल कच्चा माल है। इसे दूर-दराज के स्थानों तक ले जाने में परिवहन लागत बहुत अधिक आती है।
2. लंबी दूरी के परिवहन के दौरान कोयले की बर्बादी (Wastage) भी होती है।
3. खानों के पास उद्योग लगाने से कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होती है और उत्पादन लागत कम रहती है।
उत्तर- पेट्रोलियम को "काला सोना (Black Gold)" कहा जाता है क्योंकि:
1. यह अत्यधिक मूल्यवान (Valuable) प्राकृतिक संसाधन है जिससे पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल, प्लास्टिक, रसायन आदि अनेक उत्पाद बनते हैं।
2. आधुनिक अर्थव्यवस्था और परिवहन तंत्र (वाहन, हवाई जहाज, जहाज) पेट्रोलियम उत्पादों पर पूरी तरह निर्भर हैं।
3. इसके निर्यात से देशों को भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है, ठीक वैसे ही जैसे सोने से होती है।
उत्तर- खनन (आखनन) पर्यावरण के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि:
1. खदानों से निकलने वाली धूल और हानिकारक गैसें श्रमिकों और आसपास के निवासियों में श्वसन संबंधी बीमारियाँ (Respiratory Diseases) पैदा करती हैं।
2. खनन कार्य से निकले रसायन और अपशिष्ट नदियों और भूजल को प्रदूषित कर देते हैं, जिससे पीने के पानी का संकट पैदा होता है।
3. इससे भूमि का क्षरण (Land Degradation), वनों का विनाश और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है।
| परंपरागत ऊर्जा के स्रोत | गैर-परंपरागत ऊर्जा के स्रोत |
|---|---|
| 1. ये वे स्रोत हैं जो लंबे समय से मानव द्वारा उपयोग में लाए जा रहे हैं। | 1. ये वे स्रोत हैं जो हाल के वर्षों में तकनीकी विकास के बाद उपयोग में आए हैं। |
| 2. इनके भंडार सीमित हैं और समय के साथ समाप्त हो जाएँगे। | 2. इनके भंडार असीमित या नवीकरणीय (Renewable) हैं, इनका बार-बार उपयोग किया जा सकता है। |
| 3. इनके उपयोग से प्रदूषण अधिक होता है। | 3. ये प्रदूषण मुक्त या कम प्रदूषण फैलाने वाले होते हैं। |
| उदाहरण: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, जलविद्युत। | उदाहरण: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा। |
| बायोगैस | प्राकृतिक गैस |
|---|---|
| 1. यह एक मानव निर्मित (Man-made) संसाधन है। | 1. यह एक प्राकृतिक (Natural) संसाधन है जो भूगर्भ से सीधे प्राप्त होती है। |
| 2. इसका उत्पादन जैविक अपशिष्ट (गोबर, पौधों के अवशेष, कृषि कचरा) को बायोगैस संयंत्र में सड़ाकर किया जाता है। | 2. यह पेट्रोलियम निक्षेपों के साथ भूगर्भ में पाई जाती है और तेल निकालते समय प्राप्त होती है। |
| 3. यह मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने और प्रकाश के लिए उपयोगी है। | 3. इसका उपयोग घरेलू ईंधन (CNG), उद्योगों और वाहनों में ईंधन के रूप में किया जाता है। |
| 4. यह नवीकरणीय और पर्यावरण के अनुकूल है। | 4. यह एक अनवीकरणीय (Non-renewable) संसाधन है। |
| लौह खनिज (Ferrous Minerals) | अलौह खनिज (Non-Ferrous Minerals) |
|---|---|
| 1. इन खनिजों में लोहा (Iron) मुख्य घटक के रूप में होता है। | 1. इन खनिजों में लोहा नहीं होता है। |
| 2. ये खनिज चुंबकीय गुण प्रदर्शित करते हैं और इनपर जंग लगने की संभावना होती है। | 2. ये खनिज सामान्यतः चुंबकीय नहीं होते और इनमें जंग लगने की प्रवृत्ति कम होती है। |
| उदाहरण: लौह अयस्क, मैंगनीज, निकल, कोबाल्ट। | उदाहरण: ताँबा, सोना, चाँदी, सीसा, बॉक्साइट (एल्युमिनियम का अयस्क)। |
| धात्विक खनिज (Metallic Minerals) | अधात्विक खनिज (Non-Metallic Minerals) |
|---|---|
| 1. इन खनिजों से धातुएँ (Metals) प्राप्त की जाती हैं। | 1. इन खनिजों से धातुएँ प्राप्त नहीं होतीं। |
| 2. ये सामान्यतः कठोर, चमकदार (धात्विक चमक) और तन्य (Ductile) होते हैं। | 2. ये सामान्यतः चमकरहित होते हैं और इनमें धातु जैसे गुण नहीं होते। |
| 3. इन्हें पिघलाकर नए उत्पाद बनाए जा सकते हैं। | 3. इनका उपयोग अक्सर उद्योगों में कच्चे माल के रूप में होता है। |
| उदाहरण: लौह अयस्क, बॉक्साइट, ताँबा, सोना। | उदाहरण: चूना पत्थर, अभ्रक, जिप्सम, पोटाश, नमक। |
उत्तर- खनिज वे प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थ हैं जिनका एक निश्चित रासायनिक संघटन (Definite Chemical Composition) और भौतिक गुण (Physical Properties) होते हैं। ये भूगर्भ से खनन द्वारा प्राप्त किए जाते हैं, जैसे- लोहा, ताँबा, अभ्रक आदि।
उत्तर- अधात्विक खनिजों के प्रमुख उदाहरण हैं: चूना पत्थर (Limestone), अभ्रक (Mica), जिप्सम (Gypsum), नमक (Salt) और पोटाश (Potash)।
उत्तर- वे खनिज ईंधन जो अवसादी चट्टानों (Sedimentary Rocks) की परतों में पाए जाते हैं, वे हैं: कोयला (Coal) और पेट्रोलियम (Petroleum)। ये लाखों वर्षों पहले दबे हुए जीवों के अवशेषों से बने हैं।
उत्तर- प्राकृतिक गैस आमतौर पर पेट्रोलियम के भंडारों के ऊपर या उनके साथ भूगर्भ में पाई जाती है। जब कच्चे तेल को धरातल पर लाया जाता है, तो उसके साथ ही प्राकृतिक गैस भी निकलती है। भारत में यह कृष्णा-गोदावरी डेल्टा, मुम्बई हाई, त्रिपुरा और राजस्थान (जैसलमेर) में मिलती है।
उत्तर- धात्विक खनिजों के दो मुख्य प्रकार और उनके उदाहरण हैं:
1. लौह धात्विक खनिज: लौह अयस्क (Iron Ore)
2. अलौह धात्विक खनिज: ताँबा (Copper) और बॉक्साइट (Bauxite - एल्युमिनियम का अयस्क)।
उत्तर- दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में ताँबे के अग्रणी उत्पादक देश चिली (Chile) और पेरू (Peru) हैं। विश्व में चिली ताँबे का सबसे बड़ा उत्पादक देश है।
उत्तर-
- सिलिकन (Silicon) मुख्य रूप से क्वार
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| Other Chapters of Class 8 Geography | |
| 1. संसाधन | |
| 2. भूमि मृदा जल प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन | |
| 3. खनिज और शक्ति संसाधन | |
| 4. कृषि | |
| 5. उद्योग | |
| 6. मानव संसाधन |