UP Board class 12 Maths 1. संबंध एवं फलन is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 12 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
निर्धारित कीजिए कि निम्नलिखित संबंधों में से प्रत्येक स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं:
(i) समुच्चय A = {1, 2, 3, ..., 13, 14} में संबंध R, इस प्रकार परिभाषित है कि R = {(x, y): 3x – y = 0}
(ii) प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में R = {(x, y): y = x + 5 तथा x < 4} द्वारा परिभाषित संबंध R.
(iii) समुच्चय A = {1, 2, 3, 4, 5, 6} में R = {(x, y): y भाज्य है x से} द्वारा परिभाषित संबंध R है।
(iv) समस्त पूर्णांकों के समुच्चय Z में R = {(x, y): x – y एक पूर्णांक है} द्वारा परिभाषित संबंध R.
(v) किसी विशेष समय पर किसी नगर के निवासियों के समुच्चय में निम्नलिखित संबंध R:
(a) R = {(x, y): x तथा y एक ही स्थान पर कार्य करते हैं}
(b) R = {(x, y): x तथा y एक ही मोहल्ले में रहते हैं}
(c) R = {(x, y): x, y से ठीक-ठीक 7 सेमी लंबा है}
(d) R = {(x, y): x, y की पत्नी है}
(e) R = {(x, y): x, y के पिता है}
(i) A = {1, 2, 3, ..., 13, 14}, R = {(x, y): 3x – y = 0}
⇒ R = {(1, 3), (2, 6), (3, 9), (4, 12)}
R स्वतुल्य नहीं है क्योंकि (1, 1), (2, 2), ..., (14, 14) ∉ R.
R सममित नहीं है क्योंकि (1, 3) ∈ R, लेकिन (3, 1) ∉ R [क्योंकि 3(3) – 1 = 8 ≠ 0]
R संक्रामक नहीं है क्योंकि (1, 3), (3, 9) ∈ R, लेकिन (1, 9) ∉ R [क्योंकि 3(1) – 9 = –6 ≠ 0]
अतः, R न तो स्वतुल्य है, न सममित है और न ही संक्रामक है।
(ii) R = {(x, y): y = x + 5 तथा x < 4} = {(1, 6), (2, 7), (3, 8)}
क्योंकि (1, 1) ∉ R, इसलिए R स्वतुल्य नहीं है।
(1, 6) ∈ R, लेकिन (6, 1) ∉ R, इसलिए R सममित नहीं है।
किसी भी युग्म के लिए संबंध R में, (x, y) ∈ R और (y, z) ∈ R नहीं है, इसलिए R संक्रामक नहीं है।
अतः, R न तो स्वतुल्य है, न सममित है और न ही संक्रामक है।
(iii) A = {1, 2, 3, 4, 5, 6}, R = {(x, y): y भाज्य है x से}
प्रत्येक संख्या स्वयं से भाज्य होती है, इसलिए (x, x) ∈ R ⇒ R स्वतुल्य है।
(2, 4) ∈ R [क्योंकि 4 भाज्य है 2 से], लेकिन (4, 2) ∉ R [क्योंकि 2 भाज्य नहीं है 4 से] ⇒ R सममित नहीं है।
माना (x, y), (y, z) ∈ R, तब y भाज्य है x से और z भाज्य है y से ⇒ z भाज्य है x से ⇒ (x, z) ∈ R, इसलिए R संक्रामक है।
अतः, R स्वतुल्य और संक्रामक है लेकिन सममित नहीं है।
(iv) R = {(x, y): x – y एक पूर्णांक है}
प्रत्येक x ∈ Z के लिए, (x, x) ∈ R क्योंकि x – x = 0 एक पूर्णांक है ⇒ R स्वतुल्य है।
माना (x, y) ∈ R ⇒ x – y एक पूर्णांक है ⇒ –(x – y) = y – x भी एक पूर्णांक है ⇒ (y, x) ∈ R, इसलिए R सममित है।
माना (x, y), (y, z) ∈ R, जहाँ x, y, z ∈ Z ⇒ (x – y) और (y – z) पूर्णांक हैं।
तब, x – z = (x – y) + (y – z) भी एक पूर्णांक है ⇒ (x, z) ∈ R, इसलिए R संक्रामक है।
अतः, R स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है।
(v) (a) R = {(x, y): x तथा y एक ही स्थान पर कार्य करते हैं}
(x, x) ∈ R [क्योंकि x और x एक ही स्थान पर कार्य करते हैं] ⇒ R स्वतुल्य है।
यदि (x, y) ∈ R, तब x और y एक ही स्थान पर कार्य करते हैं ⇒ y और x एक ही स्थान पर कार्य करते हैं ⇒ (y, x) ∈ R, इसलिए R सममित है।
यदि (x, y), (y, z) ∈ R ⇒ x और y एक ही स्थान पर कार्य करते हैं तथा y और z एक ही स्थान पर कार्य करते हैं ⇒ x और z एक ही स्थान पर कार्य करते हैं ⇒ (x, z) ∈ R, इसलिए R संक्रामक है।
अतः, R स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है।
(b) R = {(x, y): x तथा y एक ही मोहल्ले में रहते हैं}
(x, x) ∈ R क्योंकि x और x एक ही मोहल्ले में रहते हैं ⇒ R स्वतुल्य है।
यदि (x, y) ∈ R, तब x और y एक ही मोहल्ले में रहते हैं ⇒ y और x एक ही मोहल्ले में रहते हैं ⇒ (y, x) ∈ R, इसलिए R सममित है।
यदि (x, y), (y, z) ∈ R ⇒ x और y एक ही मोहल्ले में रहते हैं तथा y और z एक ही मोहल्ले में रहते हैं ⇒ x और z एक ही मोहल्ले में रहते हैं ⇒ (x, z) ∈ R, इसलिए R संक्रामक है।
अतः, R स्वतुल्य, सममित और संक्रामक है।
(c) R = {(x, y): x, y से ठीक-ठीक 7 सेमी लंबा है}
(x, x) ∉ R क्योंकि कोई भी स्वयं से लंबा नहीं हो सकता ⇒ R स्वतुल्य नहीं है।
यदि (x, y) ∈ R ⇒ x, y से ठीक 7 सेमी लंबा है, तब y, x से छोटा है अर्थात लंबा नहीं है ⇒ (y, x) ∉ R, इसलिए R सममित नहीं है।
यदि (x, y), (y, z) ∈ R ⇒ x, y से ठीक 7 सेमी लंबा है तथा y, z से ठीक 7 सेमी लंबा है ⇒ x, z से 14 सेमी लंबा है ⇒ (x, z) ∉ R, इसलिए R संक्रामक नहीं है।
अतः, R न तो स्वतुल्य है, न सममित है और न ही संक्रामक है।
(d) R = {(x, y): x, y की पत्नी है}
(x, x) ∉ R, क्योंकि कोई भी स्वयं की पत्नी नहीं हो सकती ⇒ R स्वतुल्य नहीं है।
यदि (x, y) ∈ R ⇒ x, y की पत्नी है, तब y, x की पत्नी नहीं है बल्कि उसका पति है ⇒ (y, x) ∉ R, इसलिए R सममित नहीं है।
यदि (x, y), (y, z) ∈ R ⇒ x, y की पत्नी है तथा y, z की पत्नी है, परन्तु यह संभव नहीं है ⇒ (x, z) ∉ R, इसलिए R संक्रामक नहीं है।
अतः, R न तो स्वतुल्य है, न सममित है और न ही संक्रामक है।
(e) R = {(x, y): x, y के पिता है}
(x, x) ∉ R, क्योंकि कोई इन्सान खुद का पिता नहीं हो सकता ⇒ R स्वतुल्य नहीं है।
यदि (x, y) ∈ R ⇒ x, y का पिता है, तब y, x का पिता नहीं हो सकता बल्कि उसका पुत्र या पुत्री है ⇒ (y, x) ∉ R, इसलिए R सममित नहीं है।
यदि (x, y), (y, z) ∈ R ⇒ x, y का पिता है तथा y, z का पिता है ⇒ x, z का पिता नहीं है बल्कि दादा है ⇒ (x, z) ∉ R, इसलिए R संक्रामक नहीं है।
अतः, R न तो स्वतुल्य है, न सममित है और न ही संक्रामक है।
सिद्ध कीजिए कि वास्तविक संख्याओं के समुच्चय R में R = {(a, b): a ≤ b³} द्वारा परिभाषित संबंध R, न तो स्वतुल्य है, न सममित है और न ही संक्रामक है।
R = {(a, b): a ≤ b³}
यहाँ, (1, 2) ∉ R क्योंकि 1 ≤ 2³ = 8 सत्य है, लेकिन (2, 2) ∉ R क्योंकि 2 ≤ 2³ = 8 सत्य है, परन्तु (2, 2) के लिए 2 ≤ 8 सत्य है, लेकिन (2, 2) ∈ R होने के लिए 2 ≤ 2³ = 8 सत्य है, फिर भी हम देखते हैं कि (1, 1) ∉ R क्योंकि 1 ≤ 1³ = 1 सत्य है, लेकिन प्रश्न के अनुसार हमें दिखाना है कि R स्वतुल्य नहीं है। वास्तव में, (2, 2) ∈ R है क्योंकि 2 ≤ 8, लेकिन (1, 1) ∈ R है क्योंकि 1 ≤ 1, इसलिए R स्वतुल्य है? नहीं, क्योंकि (3, 3) के लिए 3 ≤ 27 सत्य है, लेकिन (0.5, 0.5) के लिए 0.5 ≤ 0.125 असत्य है। अतः सभी a ∈ R के लिए (a, a) ∈ R सत्य नहीं है, इसलिए R स्वतुल्य नहीं है।
(1, 2) ∈ R क्योंकि 1 ≤ 8, लेकिन (2, 1) ∉ R क्योंकि 2 ≤ 1 असत्य है ⇒ R सममित नहीं है।
(3, 2), (2, 1.5) ∈ R [क्योंकि 3 ≤ 2³ = 4? 2³ = 8, 3 ≤ 8 सत्य है, और 2 ≤ (1.5)³ = 3.375 सत्य है], लेकिन (3, 1.5) ∉ R क्योंकि 3 ≤ (1.5)³ = 3.375 असत्य है ⇒ R संक्रामक नहीं है।
अतः, R न तो स्वतुल्य है, न सममित है और न ही संक्रामक है।
जाँच कीजिए कि समुच्चय {1, 2, 3, 4, 5, 6} में R = {(a, b): b = a + 1} द्वारा परिभाषित संबंध R स्वतुल्य, सममित या संक्रामक है।
A = {1, 2, 3, 4, 5, 6}, R = {(1, 2), (2, 3), (3, 4), (4, 5), (5, 6)}
क्योंकि (1, 1), (2, 2), ..., (6, 6) ∉ R, इसलिए R स्वतुल्य नहीं है।
(1, 2) ∈ R, लेकिन (2, 1) ∉ R, इसलिए R सममित नहीं है।
(1, 2), (2, 3) ∈ R, लेकिन (1, 3) ∉ R, इसलिए R संक्रामक नहीं है।
अतः, R न तो स्वतुल्य है, न सममित है और न ही संक्रामक है।
सिद्ध कीजिए कि N में R = {(a, b): a ≤ b} द्वारा परिभाषित संबंध R स्वतुल्य तथा संक्रामक है किंतु सममित नहीं है।
R = {(a, b): a ≤ b}
सभी a ∈ N के लिए, a ≤ a ⇒ (a, a) ∈ R, इसलिए R स्वतुल्य है।
(2, 4) ∈ R (क्योंकि 2 ≤ 4), लेकिन (4, 2) ∉ R क्योंकि 4 ≤ 2 असत्य है ⇒ R सममित नहीं है।
माना (a, b), (b, c) ∈ R, तब a ≤ b और b ≤ c ⇒ a ≤ c ⇒ (a, c) ∈ R, इसलिए R संक्रामक है।
अतः, R स्वतुल्य तथा संक्रामक है किंतु सममित नहीं है।
जाँच कीजिए कि क्या R में R = {(a, b): a ≤ b²} द्वारा परिभाषित संबंध स्वतुल्य, सममित अथवा संक्रामक है?
R = {(a, b): a ≤ b²}
(1, 1) ∈ R क्योंकि 1 ≤ 1² = 1 सत्य है, लेकिन (2, 2) ∉ R क्योंकि 2 ≤ 2² = 4 सत्य है? हाँ, 2 ≤ 4 सत्य है, तो (2, 2) ∈ R, लेकिन (0.5, 0.5) ∉ R क्योंकि 0.5 ≤ 0.25 असत्य है। अतः सभी a ∈ R के लिए (a, a) ∈ R सत्य नहीं है, इसलिए R स्वतुल्य नहीं है।
(1, 2) ∈ R (क्योंकि 1 ≤ 4), लेकिन (2, 1) ∉ R (क्योंकि 2 ≤ 1 असत्य है) ⇒ R सममित नहीं है।
(3, 2), (2, 1.5) ∈ R [क्योंकि 3 ≤ 4 और 2 ≤ 2.25], लेकिन (3, 1.5) ∉ R क्योंकि 3 ≤ 2.25 असत्य है ⇒ R संक्रामक नहीं है।
अतः, R न तो स्वतुल्य है, न सममित है और न ही संक्रामक है।
सिद्ध कीजिए कि समुच्चय {1, 2, 3} में R = {(1, 2), (2, 1)} द्वारा प्रदत्त संबंध R सममित है किन्तु न तो स्वतुल्य है और न संक्रामक है।
A = {1, 2, 3}, R = {(1, 2), (2, 1)}
यहाँ (1, 1), (2, 2), (3, 3) ∉ R, इसलिए R स्वतुल्य नहीं है।
क्योंकि (1, 2) ∈ R और (2, 1) ∈ R, इसलिए R सममित है।
(1, 2) और (2, 1) ∈ R, लेकिन (1, 1) ∉ R, इसलिए R संक्रामक नहीं है।
अतः, R सममित है लेकिन न स्वतुल्य है और न ही संक्रामक है।
सिद्ध कीजिए कि किसी कॉलेज के पुस्तकालय की समस्त पुस्तकों के समुच्चय A में R = {(x, y): x तथा y में पेजों की संख्या समान है} द्वारा प्रदत्त संबंध R एक तुल्यता संबंध है।
R = {(x, y): x तथा y में पेजों की संख्या समान है}
यहाँ, (x, x) ∈ R क्योंकि x और x में पेजों की संख्या समान है ⇒ R स्वतुल्य है।
यदि (x, y) ∈ R ⇒ x और y में पेजों की संख्या समान है ⇒ y और x में पेजों की संख्या समान है ⇒ (y, x) ∈ R, इसलिए R सममित है।
यदि (x, y), (y, z) ∈ R ⇒ x और y में पेजों की संख्या समान है तथा y और z में पेजों की संख्या समान है ⇒ x और z में पेजों की संख्या समान है ⇒ (x, z) ∈ R, इसलिए R संक्रामक है।
अतः, R एक तुल्यता संबंध है।
सिद्ध कीजिए कि A = {1, 2, 3, 4, 5} में, R = {(a, b): |a – b| सम है} द्वारा प्रदत्त संबंध R एक तुल्यता संबंध है। प्रमाणित कीजिए कि {1, 3, 5} के सभी अवयव एक दूसरे से संबंधित हैं तथा समुच्चय {2, 4} के सभी अवयव एक दूसरे से संबंधित हैं परंतु {1, 3, 5} का कोई भी अवयव {2, 4} के किसी अवयव से संबंधित नहीं है।
A = {1, 2, 3, 4, 5}, R = {(a, b): |a – b| सम है}
सभी a ∈ A के लिए, |a – a| = 0 जो कि सम है ⇒ (a, a) ∈ R ⇒ R स्वतुल्य है।
माना (a, b) ∈ R ⇒ |a – b| सम है ⇒ |-(a – b)| = |b – a| सम है ⇒ (b, a) ∈ R, इसलिए R सममित है।
माना (a, b), (b, c) ∈ R ⇒ |a – b| सम है और |b – c| सम है ⇒ (a – b) सम है और (b – c) सम है ⇒ (a – c) = (a – b) + (b – c) सम है [क्योंकि दो सम संख्याओं का योग सम होता है] ⇒ |a – c| सम है ⇒ (a, c) ∈ R, इसलिए R संक्रामक है।
अतः, R एक तुल्यता संबंध है।
समुच्चय {1, 3, 5} के सभी अवयव एक दूसरे से संबंधित हैं क्योंकि इसके सभी अवयव विषम हैं। विषम संख्याओं का अंतर सदैव सम होता है।
समुच्चय {2, 4} के सभी अवयव एक दूसरे से संबंधित हैं क्योंकि इसके सभी अवयव सम हैं। सम संख्याओं का अंतर सदैव सम होता है।
समुच्चय {1, 3, 5} का कोई भी अवयव समुच्चय {2, 4} के किसी भी अवयव से संबंधित नहीं है, क्योंकि सम और विषम संख्याओं का अंतर सदैव विषम होता है। [जैसे 1 – 2 = –1, 3 – 2 = 1, 5 – 2 = 3, 1 – 4 = –3, 3 – 4 = –1, 5 – 4 = 1 सभी विषम हैं।]
सिद्ध कीजिए कि समुच्चय A = {x ∈ Z: 0 ≤ x ≤ 12} में, दिए गए निम्नलिखित संबंध R में से प्रत्येक एक तुल्यता संबंध है:
(i) R = {(a, b): |a – b|, 4 का एक गुणज है},
(ii) R = {(a, b): a = b},
प्रत्येक दशा में 1 से संबंधित अवयवों को ज्ञात कीजिए।
A = {x ∈ Z: 0 ≤ x ≤ 12} = {0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12}
(i) R = {(a, b): |a – b|, 4 का एक गुणज है}
सभी a ∈ A के लिए, |a – a| = 0, जो कि 4 का एक गुणज है ⇒ (a, a) ∈ R ⇒ R स्वतुल्य है।
माना (a, b) ∈ R ⇒ |a – b|, 4 का एक गुणज है ⇒ |-(a – b)| = |b – a|, 4 का एक गुणज है ⇒ (b, a) ∈ R, इसलिए R सममित है।
माना (a, b), (b, c) ∈ R ⇒ |a – b|, 4 का एक गुणज है और |b – c|, 4 का एक गुणज है ⇒ (a – b), 4 का एक गुणज है और (b – c), 4 का एक गुणज है ⇒ (a – c) = (a – b) + (b – c), 4 का एक गुणज है ⇒ |a – c|, 4 का एक गुणज है ⇒ (a, c) ∈ R, इसलिए R संक्रामक है।
अतः, R एक तुल्यता संबंध है।
1 से संबंधित अवयव: {1, 5, 9} क्योंकि |1 – 1| = 0, |5 – 1| = 4, |9 – 1| = 8, जो कि 4 के गुणज हैं।
(ii) R = {(a, b): a = b}
सभी a ∈ A के लिए, (a, a) ∈ R क्योंकि a = a ⇒ R स्वतुल्य है।
यदि (a, b) ∈ R ⇒ a = b ⇒ b = a ⇒ (b, a) ∈ R, इसलिए R सममित है।
यदि (a, b), (b, c) ∈ R ⇒ a = b और b = c ⇒ a = c ⇒ (a, c) ∈ R, इसलिए R संक्रामक है।
अतः, R एक तुल्यता संबंध है।
1 से संबंधित अवयव: {1} क्योंकि 1 = 1.
ऐसे संबंध का उदाहरण दीजिए, जो
(i) सममित हो परंतु न तो स्वतुल्य हो और न संक्रामक हो।
(ii) संक्रामक हो परंतु न तो स्वतुल्य हो और न सममित हो।
(iii) स्वतुल्य तथा सममित हो किंतु संक्रामक न हो।
(iv) स्वतुल्य तथा संक्रामक हो किंतु सममित न हो।
(v) सममित तथा संक्रामक हो किंतु स्वतुल्य न हो।
(i) माना A = {5, 6, 7} और R = {(5, 6), (6, 5)}.
R स्वतुल्य नहीं है क्योंकि (5, 5), (6, 6), (7, 7) ∉ R.
R सममित है क्योंकि (5, 6) ∈ R और (6, 5) ∈ R.
R संक्रामक नहीं है क्योंकि (5, 6), (6, 5) ∈ R, लेकिन (5, 5) ∉ R.
अतः, R सममित है परंतु न तो स्वतुल्य है और न ही संक्रामक है।
(ii) माना R = {(a, b): a < b} समुच्चय R में परिभाषित है।
किसी a ∈ R के लिए, (a, a) ∉ R क्योंकि a स्वयं से छोटा नहीं हो सकता ⇒ R स्वतुल्य नहीं है।
(1, 2) ∈ R (क्योंकि 1 < 2), लेकिन (2, 1) ∉ R क्योंकि 2 < 1 असत्य है ⇒ R सममित नहीं है।
यदि (a, b), (b, c) ∈ R ⇒ a < b और b < c ⇒ a < c ⇒ (a, c) ∈ R, इसलिए R संक्रामक है।
अतः, R संक्रामक है परंतु न तो स्वतुल्य है और न ही सममित है।
(iii) माना A = {4, 6, 8} और R = {(4, 4), (6, 6), (8, 8), (4, 6), (6, 4), (6, 8), (8, 6)}.
R स्वतुल्य है क्योंकि (4, 4), (6, 6), (8, 8) ∈ R.
R सममित है क्योंकि (4, 6) ∈ R ⇒ (6, 4) ∈ R, इत्यादि।
R संक्रामक नहीं है क्योंकि (4, 6), (6, 8) ∈ R, लेकिन (4, 8) ∉ R.
अतः, R स्वतुल्य तथा सममित है किंतु संक्रामक नहीं है।
(iv) माना R = {(a, b): a³ ≥ b³} समुच्चय R में परिभाषित है।
सभी a ∈ R के लिए, a³ ≥ a³ ⇒ (a, a) ∈ R ⇒ R स्वतुल्य है।
(2, 1) ∈ R [क्योंकि 8 ≥ 1], लेकिन (1, 2) ∉ R [क्योंकि 1 ≥ 8 असत्य है] ⇒ R सममित नहीं है।
यदि (a, b), (b, c) ∈ R ⇒ a³ ≥ b³ और b³ ≥ c³ ⇒ a³ ≥
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