UP Board class 7 EVS 4. वायु is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 7 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
(i) वायुमंडल क्या हैं?
उत्तर: हमारी पृथ्वी चारों ओर से वायु की एक मोटी परत से घिरी हुई है। वायु की इस विशाल आवरण को ही वायुमंडल कहते हैं। यह पृथ्वी को घेरे रहता है और जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
(ii) वायुमंडल का अधिकतर भाग किन दो गैसों से बना हैं?
उत्तर: वायुमंडल का अधिकतर भाग मुख्य रूप से दो गैसों से बना है:
1. नाइट्रोजन (लगभग 78%)
2. ऑक्सीजन (लगभग 21%)
शेष 1% भाग में आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य गैसें पाई जाती हैं।
(iii) वायुमंडल में कौन-सी गैस हरित गृह प्रभाव पैदा करती हैं?
उत्तर: वायुमंडल में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस हरित गृह प्रभाव (Greenhouse Effect) पैदा करने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है। यह गैस सूर्य की गर्मी को पृथ्वी के वायुमंडल में रोककर ग्रीनहाउस जैसा प्रभाव उत्पन्न करती है।
(iv) मौसम किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी स्थान के वायुमंडल में तापमान, वायुदाब, आर्द्रता, पवन की दिशा एवं गति, बादल और वर्षा आदि की दैनिक स्थिति को मौसम कहते हैं। मौसम प्रतिदिन, प्रति घंटे बदल सकता है और यह हमें बताता है कि बाहर का वातावरण कैसा है।
(v) वर्षा के तीन प्रकार लिखें |
उत्तर: वर्षा मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:
1. संवहनीय वर्षा: यह भूमि के अधिक गर्म होने पर होती है, जिससे गर्म हवा ऊपर उठती है, ठंडी होकर संघनित होती है और वर्षा कराती है।
2. पर्वतीय वर्षा: जब आर्द्र हवा किसी पर्वत से टकराकर ऊपर उठती है और ठंडी हो जाती है, तो होने वाली वर्षा को पर्वतीय वर्षा कहते हैं।
3. चक्रवाती वर्षा: यह वर्षा चक्रवातों के कारण होती है, जब गर्म और ठंडी हवाएं आपस में मिलती हैं और व्यापक क्षेत्र में वर्षा कराती हैं।
(i) निम्नलिखित में से कौन-सी गैस हमें सूर्य की हानिकारक गैसों से बचाती हैं?
(क) कार्बन डाइऑक्साइड
(ख) नाइट्रोजन
(ग) ओज़ोन
(घ) ऑक्सीजन
उत्तर: (ग) ओज़ोन
(ii) वायुमंडल की सबसे महत्वपूर्ण परत हैं
(क) क्षोभमंडल
(ख) समतापमंडल
(ग) मध्यमंडल
(घ) बाह्यमंडल
उत्तर: (क) क्षोभमंडल
(iii) वायुमंडल की निम्न परतों में से कौन-सी बादल विहीन हैं?
(क) क्षोभमंडल
(ख) समतापमंडल
(ग) मध्यमंडल
(घ) बाह्यमंडल
उत्तर: (ख) समतापमंडल
(iv) वायुमंडल की परतों में जब हम ऊपर जाते हैं तब वायुदाब -
(क) बढ़ता है
(ख) घटता हैं
(ग) समान रहता है
(घ) पहले बढ़ता है फिर घटता है
उत्तर: (ख) घटता हैं
(v) जब वृष्टि तरल रूप में पृथ्वी पर आती हैं, उसे हम कहते हैं-
(क) हिमपात
(ख) वर्षा
(ग) ओलावृष्टि
(घ) कोहरा
उत्तर: (ख) वर्षा
स्तंभ 1
(i) व्यापारिक पवने
(ii) लू
(iii) मानसून
(iv) पवन
स्तंभ 2
(क) मौसमी पवन
(ख) पवन की क्षैतिज गति
(ग) स्थायी पवन
(घ) स्थानीय पवन
उत्तर:
(i) → (ग) स्थायी पवन
(ii) → (घ) स्थानीय पवन
(iii) → (क) मौसमी पवन
(iv) → (ख) पवन की क्षैतिज गति
(i) आर्द्र दिन में गिले कपडे सुखने में अधिक समय लेते हैं|
उत्तर: आर्द्र दिन में वायु में पहले से ही जलवाष्प (नमी) की मात्रा बहुत अधिक होती है। वायु में नमी अधिक होने के कारण, उसमें गीले कपड़ों से अतिरिक्त नमी सोखने की क्षमता कम हो जाती है। दूसरे शब्दों में, वाष्पीकरण की दर धीमी हो जाती है। इसीलिए आर्द्र दिनों में गीले कपड़े सूखने में अधिक समय लगता है।
(ii) भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर आतपन की मात्रा घटती जाती हैं|
उत्तर: इसका कारण पृथ्वी की गोलाकार आकृति और सूर्य की किरणों का कोण है। भूमध्य रेखा पर सूर्य की किरणें सीधी (लंबवत) पड़ती हैं, जिससे कम क्षेत्रफल में अधिक ऊष्मा प्राप्त होती है। जैसे-जैसे हम ध्रुवों की ओर बढ़ते हैं, सूर्य की किरणें तिरछी (तिर्यक) पड़ने लगती हैं। तिरछी किरणें अधिक क्षेत्रफल में फैल जाती हैं, जिससे प्रति इकाई क्षेत्र में प्राप्त होने वाली ऊष्मा यानी आतपन की मात्रा कम होती जाती है।
उत्तर: कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रीन हाउस गैस इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह वायुमंडल में एक विशेष परत बनाकर, पृथ्वी से परावर्तित होने वाली गर्मी (अवरक्त किरणों) को अंतरिक्ष में जाने से रोकती है। यह ठीक उसी तरह काम करती है जैसे किसी ग्रीनहाउस (गर्म घर) की काँच की दीवारें सूरज की गर्मी को अंदर रोककर पौधों को गर्म रखती हैं। इस प्रभाव को ही ग्रीनहाउस प्रभाव कहते हैं और इसे उत्पन्न करने वाली गैसों को ग्रीनहाउस गैसें कहते हैं।
उत्तर: वैश्विक उष्मन या ग्लोबल वार्मिंग पृथ्वी के औसत तापमान में धीरे-धीरे हो रही वृद्धि को कहते हैं। यह मुख्य रूप से मानवीय गतिविधियों जैसे जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोल, डीजल) के जलने, वनों की कटाई आदि के कारण वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ने से होता है। इन गैसों की अधिकता ग्रीनहाउस प्रभाव को बढ़ा देती है, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। इसके दुष्परिणाम जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियरों का पिघलना और समुद्र के स्तर में वृद्धि के रूप में सामने आ रहे हैं।
उत्तर: ओज़ोन गैस हमारे लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करती है। यह गैस वायुमंडल की समताप मंडल परत में पाई जाती है और ओज़ोन परत बनाती है। यह परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (Ultraviolet-UV) किरणों को अवशोषित कर लेती है और उन्हें पृथ्वी की सतह तक पहुँचने से रोकती है। यदि यह किरणें सीधे हम तक पहुँचें तो त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं और पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुँच सकता है। इस प्रकार ओज़ोन गैस पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उत्तर: वायुमंडल को उसके तापमान और संरचना के आधार पर पाँच मुख्य परतों में बाँटा गया है। ये परतें पृथ्वी की सतह से शुरू होकर ऊपर की ओर इस प्रकार हैं:
1. क्षोभमंडल (Troposphere): यह सबसे निचली और सबसे महत्वपूर्ण परत है, जहाँ मौसम की सभी घटनाएँ घटित होती हैं।
2. समताप मंडल (Stratosphere): यह क्षोभमंडल के ऊपर स्थित है। इसमें ओज़ोन परत पाई जाती है और यह बादलों से मुक्त होती है।
3. मध्यमंडल (Mesosphere): यह सबसे ठंडी परत है, जहाँ उल्कापिंड जलकर राख हो जाते हैं।
4. बाह्यमंडल (Thermosphere): यह बहुत पतली हवा वाली और अत्यधिक गर्म परत है। इसमें आयनमंडल भी शामिल है।
5. बहिर्मंडल (Exosphere): यह वायुमंडल की सबसे बाहरी और सबसे पतली परत है, जहाँ से गैसें अंतरिक्ष में मिल जाती हैं।
उत्तर: आयनमंडल (Ionosphere) वायुमंडल की बाह्यमंडल (Thermosphere) परत का एक महत्वपूर्ण भाग है। यह लगभग 80 किमी से 400 किमी की ऊँचाई तक फैला हुआ है। इस परत में सूर्य की उच्च ऊर्जा वाली किरणें गैस के अणुओं और परमाणुओं से टकराकर उन्हें आवेशित कर देती हैं, जिससे यहाँ आयन बनते हैं। यह परत रेडियो तरंगों को पृथ्वी पर वापस परावर्तित करने में सहायता करती है, जिससे लंबी दूरी के रेडियो संचार संभव हो पाता है।
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