UP Board class 8 Geography 1. संसाधन is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 8 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर- पृथ्वी पर संसाधनों का वितरण असमान है क्योंकि यह विभिन्न भौतिक कारकों जैसे भू-आकृति, जलवायु, ऊँचाई, मिट्टी के प्रकार और भूवैज्ञानिक संरचना पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, खनिज तेल के विशाल भंडार केवल उन्हीं क्षेत्रों में मिलते हैं जहाँ लाखों वर्ष पहले विशेष भूवैज्ञानिक परिस्थितियाँ थीं। इसी तरह, उपजाऊ मिट्टी और जल संसाधन भी सभी स्थानों पर समान रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
उत्तर- संसाधन संरक्षण का अर्थ है संसाधनों का बुद्धिमत्तापूर्ण और सावधानीपूर्वक उपयोग करना ताकि वे वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी बचे रहें। इसमें संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना, उनके पुनर्चक्रण (Recycling) और पुनः उपयोग (Reusing) को बढ़ावा देना शामिल है।
उत्तर- मानव संसाधन इसलिए सबसे महत्वपूर्ण हैं क्योंकि प्रकृति में पाई जाने वाली वस्तुएँ केवल मनुष्य की बुद्धि, ज्ञान, तकनीक और श्रम के द्वारा ही उपयोगी संसाधन बन पाती हैं। उदाहरण के लिए, नदी का बहता पानी एक सामान्य वस्तु है, लेकिन मनुष्य ने बाँध बनाकर और टरबाइन लगाकर उसे बिजली उत्पन्न करने वाले संसाधन में बदल दिया।
उत्तर- सततपोषणीय विकास वह विकास है जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भी भविष्य की पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताएँ पूरी करने की क्षमता को खतरे में नहीं डालता। इसमें आर्थिक विकास, सामाजिक समानता और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
(i) निम्नलिखित में से कौन संसाधन को निर्धारित नहीं करता ?
(क) उपयोगिता (ख) मूल्य (ग) मात्रा
(ii) निम्नलिखित में से कौन सा मानव निर्मित संसाधन है?
(क) कैंसर उपचार की औषधियाँ (ख) झरने का जल (ग) उष्णकटिबंधीय वन
(iii) कथन पूरा कीजिए- जैव संसाधन _________ होते है|
(क) जीव जन्तुओं से व्युत्पन्न (ख) मनुष्यों द्वारा निर्मित (ग) निर्जीव वस्तुओ से व्युत्पन्न
उत्तर- (i) (ग) मात्रा, (ii) (क) कैंसर उपचार की औषधियाँ, (iii) (क) जीव जन्तुओं से व्युत्पन्न
| संभाव्य संसाधन | वास्तविक संसाधन |
|---|---|
| 1. ये वे संसाधन हैं जो किसी क्षेत्र में मौजूद तो हैं, लेकिन अभी तक पूरी तरह से खोजे या विकसित नहीं किए गए हैं। | 1. ये वे संसाधन हैं जिनकी मात्रा और गुणवत्ता का पता है और वर्तमान में तकनीकी और आर्थिक रूप से उनका उपयोग किया जा रहा है। |
| 2. इनका वर्तमान में उपयोग नहीं किया जा रहा, लेकिन भविष्य में प्रौद्योगिकी विकास के साथ इनका दोहन संभव है। | 2. इन संसाधनों का वर्तमान में नियमित रूप से दोहन और उपयोग हो रहा है। |
| उदाहरण: लद्दाख में पाया गया यूरेनियम, राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में पवन ऊर्जा की संभावना। | उदाहरण: झारखंड और ओडिशा के लौह-अयस्क भंडार, मुंबई हाई के तेल क्षेत्र। |
| सर्वव्यापक संसाधन | स्थानीय संसाधन |
|---|---|
| ये वे संसाधन हैं जो लगभग सभी स्थानों पर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। | ये वे संसाधन हैं जो केवल कुछ विशेष भौगोलिक क्षेत्रों या स्थानों तक ही सीमित हैं। |
| इनकी उपलब्धता स्थान विशेष पर निर्भर नहीं करती। | इनकी उपलब्धता विशिष्ट भूवैज्ञानिक, जलवायु या भू-आकृतिक दशाओं पर निर्भर करती है। |
| उदाहरण: सूर्य का प्रकाश, वायु, जल (समुद्रों का)। | उदाहरण: ताँबा, लौह-अयस्क, कोयला, प्राकृतिक गैस। |
उत्तर- पवन चक्कियों (विंडमिल्स) द्वारा ऊर्जा उत्पन्न करने वाले प्रमुख देशों में नीदरलैंड (हॉलैंड), संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, डेनमार्क और भारत शामिल हैं। नीदरलैंड को तो 'पवनचक्कियों का देश' भी कहा जाता है।
उत्तर- मानव संसाधन विकास का अर्थ है लोगों के ज्ञान, कौशल, स्वास्थ्य और कार्य करने की क्षमता में सुधार करना। यह शिक्षा, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर किया जाता है। एक स्वस्थ, शिक्षित और कुशल जनसंख्या ही देश के प्राकृतिक और मानव-निर्मित संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकती है।
उत्तर- संसाधन संरक्षण के दो प्रमुख उपाय हैं:
1. पुनर्चक्रण (Recycling): उपयोग की गई वस्तुओं जैसे कागज, प्लास्टिक, काँच और धातु को दोबारा प्रसंस्कृत कर नई वस्तुएँ बनाना। इससे कच्चे माल की बचत होती है और प्रदूषण कम होता है।
2. वैकल्पिक संसाधनों का उपयोग: अनवीकरणीय संसाधनों (जैसे कोयला, पेट्रोल) के स्थान पर नवीकरणीय संसाधनों (जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जैव ईंधन) का अधिक से अधिक उपयोग करना।
उत्तर- प्रौद्योगिकी किसी साधारण वस्तु को उसका उपयोगी रूप देकर एक मूल्यवान संसाधन में बदल देती है। उदाहरण के लिए, बॉक्साइट अयस्क एक खनिज है, लेकिन उन्नत प्रौद्योगिकी के द्वारा इसे शुद्ध करके एल्युमिनियम बनाया जाता है, जिसका उपयोग हवाई जहाज, कार, बर्तन आदि बनाने में होता है। इसी तरह, यूरेनियम जैसे रेडियोधर्मी खनिज परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में बिजली बनाने के महत्वपूर्ण संसाधन बन गए हैं।
उत्तर- भारत में पवन ऊर्जा फार्म स्थापित करने के लिए प्रमुख दो क्षेत्र हैं:
1. तमिलनाडु: विशेष रूप से नागरकोइल और तूतीकोरिन क्षेत्र में, जहाँ तटीय हवाएँ प्रबल हैं।
2. गुजरात: कच्छ का रन और जामनगर के तटीय क्षेत्रों में बड़े पवन ऊर्जा फार्म स्थापित हैं।
उत्तर- परितंत्र (पारिस्थितिकी तंत्र) की सुरक्षा के लिए हमारा कर्तव्य है:
1. वनों की कटाई रोकना और अधिक से अधिक पेड़ लगाना, क्योंकि वन जैव विविधता के घर और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखते हैं।
2. प्रदूषण को कम करना: कम से कम प्लास्टिक का उपयोग करना, वाहनों का कम इस्तेमाल करना, कचरे का सही निपटान करना और जल स्रोतों को स्वच्छ रखना।
3. वन्य जीवों के शिकार और उनके प्राकृतिक आवासों को नष्ट करने से रोकना।
उत्तर-
वास्तविक संसाधन:
1. झारखंड और ओडिशा के लौह-अयस्क के भंडार – इनकी मात्रा ज्ञात है और इनका खनन व उपयोग हो रहा है।
2. ब्रह्मपुत्र नदी पर स्थापित बाँधों से उत्पन्न जलविद्युत – इसका वर्तमान में नियमित उपयोग हो रहा है।
संभाव्य संसाधन:
1. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में पाए जाने वाले हाइड्रेट्स (मीथेन गैस के जमे हुए अणु) – इनका भंडार तो है, लेकिन अभी तकनीकी चुनौतियों के कारण इनका व्यापक दोहन नहीं हो पाया है।
2. राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा की अपार संभावना – यहाँ सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर भविष्य में बहुत अधिक ऊर्जा उत्पन्न की जा सकती है।
उत्तर- संसाधनों को मुख्य रूप से तीन आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है:
1. उत्पत्ति के आधार पर: (क) प्राकृतिक संसाधन (जैसे- वायु, जल) (ख) मानव निर्मित संसाधन (जैसे- भवन, मशीनें) (ग) मानव संसाधन (लोगों का ज्ञान व कौशल)।
2. समाप्यता के आधार पर: (क) नवीकरणीय संसाधन (जैसे- सौर ऊर्जा) (ख) अनवीकरणीय संसाधन (जैसे- कोयला)।
3. विकास के स्तर के आधार पर: (क) संभाव्य संसाधन (ख) वास्तविक संसाधन।
उत्तर- प्राकृतिक संसाधन वे उपहार हैं जो प्रकृति से सीधे प्राप्त होते हैं और मनुष्य उन्हें बिना अधिक संशोधन के या थोड़े संशोधन के बाद उपयोग में लाता है। इनका निर्माण मनुष्य द्वारा नहीं किया जाता।
उदाहरण: वायु जिसमें हम साँस लेते हैं, नदियों और भूमिगत स्रोतों का जल, वन, खनिज (लोहा, ताँबा), मिट्टी, सूर्य का प्रकाश और जीव-जन्तु।
| नवीकरणीय संसाधन | अनवीकरणीय संसाधन |
|---|---|
| ये वे संसाधन हैं जो प्रकृति में लगातार पुनः पूर्ति होते रहते हैं या बहुत कम समय में स्वयं को नवीकृत कर लेते हैं। | ये वे संसाधन हैं जिनके भंडार सीमित हैं और एक बार समाप्त हो जाने पर उनके पुनः बनने में लाखों वर्ष लग जाते हैं। |
| इनका उपयोग करने से ये समाप्त नहीं होते, बशर्ते इनका दोहन उनकी पुनः पूर्ति की दर से अधिक न हो। | इनका अत्यधिक दोहन इन्हें जल्दी खत्म कर देता है और भविष्य में इनकी कमी हो सकती है। |
| उदाहरण: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल (वर्षा द्वारा पुनः भरने पर), वन (यदि सतत् रूप से प्रबंधित किए जाएँ)। | उदाहरण: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, लौह-अयस्क, ताँबा आदि खनिज। |
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| Other Chapters of class 8 Geography | |
| 1. संसाधन | |
| 2. भूमि मृदा जल प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन | |
| 3. खनिज और शक्ति संसाधन | |
| 4. कृषि | |
| 5. उद्योग | |
| 6. मानव संसाधन |