UP Board Book Logo

UPBoardBook Desktop Banner UPBoardBook Mobile Banner

UP Board Class 10 Geography (6. विनिर्माण उद्योग) solution PDF

UP Board Class 10 Geography 6. विनिर्माण उद्योग is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 10 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board Class 10 Geography (6. विनिर्माण उद्योग) solution

UP Board Class 10 Geography 6. विनिर्माण उद्योग Hindi Medium Solutions - PDF

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Click Here to

UP Board Solution Class 10 Geography 6. विनिर्माण उद्योग Image 1
UP Board Solution Class 10 Geography 6. विनिर्माण उद्योग Image 2
UP Board Solution Class 10 Geography 6. विनिर्माण उद्योग Image 3
UP Board Solution Class 10 Geography 6. विनिर्माण उद्योग Image 4

UP Board Solutions for Class 10 Geography (समकालीन भारत - 2)

पाठ - 6: विनिर्माण उद्योग

अभ्यास

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न -

(i) निम्न से कौन-सा उद्योग चूना पत्थर को कच्चे माल के रूप में प्रयुक्त करता है ?
(क) एल्युमिनियम
(ख) प्लास्टिक
(ग) सीमेंट
(घ) मोटरगाड़ी

उत्तर : (ग) सीमेंट
व्याख्या: सीमेंट बनाने की प्रक्रिया में चूना पत्थर (लाइमस्टोन) एक प्रमुख कच्चा माल है। इसे क्लिंकर बनाने के लिए अन्य पदार्थों के साथ उच्च ताप पर पकाया जाता है।

(ii) निम्न में से कौन सी एजेंसी सार्वजनिक क्षेत्र में स्टील को बाज़ार में उपलब्ध कराती है ?
(क) टिस्को (TISCO)
(ख) सेल (SAIL)
(ग) टाटा स्टील
(घ) एम.एन.सी.सी. (MNCC)

उत्तर : (ख) सेल (SAIL)
व्याख्या: सेल (SAIL - Steel Authority of India Limited) भारत सरकार के स्वामित्व वाली एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है, जो देश भर में इस्पात का उत्पादन और बिक्री करती है। टाटा स्टील और टिस्को निजी क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।

(iii) निम्न से कौनसा उद्योग बॉक्साइट को कच्चे माल के रूप में प्रयोग करता है ?
(क) एल्युमिनियम प्रगलन
(ख) सीमेंट
(ग) कागज़
(घ) स्टील

उत्तर : (क) एल्युमिनियम प्रगलन
व्याख्या: बॉक्साइट एल्युमिनियम का प्रमुख अयस्क है। एल्युमिनियम प्रगलन (स्मेल्टिंग) उद्योग में बॉक्साइट से एल्युमिना निकालकर फिर विद्युत् अपघटन द्वारा शुद्ध एल्युमिनियम धातु प्राप्त की जाती है।

(iv) निम्न से कौन सा उद्योग दूरभाष, कंप्यूटर आदि का संयंत्र निर्मित करते है ?
(क) स्टील
(ख) एल्युमिनियम प्रगलन
(ग) इलेक्ट्रॉनिक
(घ) सूचना प्रौद्योगिकी

उत्तर : (ग) इलेक्ट्रॉनिक
व्याख्या: इलेक्ट्रॉनिक उद्योग वह उद्योग है जो दूरभाष (टेलीफोन), कंप्यूटर, रेडियो, टेलीविजन और अन्य सूचना व संचार तकनीक से जुड़े उपकरणों के हार्डवेयर (संयंत्र/यंत्र) का निर्माण करता है। सूचना प्रौद्योगिकी (आई.टी.) मुख्यतः सॉफ्टवेयर और सेवाओं से संबंधित है।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए |

(i) विनिर्माण क्या है ?

उत्तर : विनिर्माण एक आर्थिक प्रक्रिया है जिसमें प्राथमिक कच्चे माल (जैसे खनिज, कृषि उत्पाद) या अर्ध-निर्मित वस्तुओं को विभिन्न यांत्रिक एवं रासायनिक प्रक्रियाओं से गुज़ारकर अधिक मूल्यवान तैयार माल (जैसे कार, कपड़े, सीमेंट) में बदला जाता है। यह प्रक्रिया प्रायः कारखानों में बड़े पैमाने पर की जाती है।

(ii) उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन भौतिक कारक बताएँ |

उत्तर : उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन प्रमुख भौतिक कारक हैं:

  1. कच्चे माल की निकटता: उद्योग अक्सर कच्चे माल के स्रोत के पास लगाए जाते हैं ताकि परिवहन लागत कम हो।
  2. जल की उपलब्धता: अधिकांश उद्योगों को प्रक्रिया, शीतलन या सफाई के लिए पर्याप्त जल की आवश्यकता होती है।
  3. उपयुक्त जलवायु: कुछ उद्योगों के लिए विशिष्ट जलवायु परिस्थितियाँ (जैसे आर्द्रता, तापमान) अनुकूल होती हैं।

(iii) औद्योगिक अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन मानवीय कारक बताएँ |

उत्तर : औद्योगिक अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन प्रमुख मानवीय कारक हैं:

  1. श्रम की उपलब्धता: पर्याप्त संख्या में कुशल व अकुशल श्रमिकों की उपलब्धता उद्योग स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
  2. बाज़ार की निकटता: तैयार माल को उपभोक्ताओं तक पहुँचाने की सुविधा और लागत के लिए बाज़ार के नजदीक उद्योग लगाना लाभदायक होता है।
  3. पूँजी एवं बैंकिंग सुविधाएँ: उद्योग स्थापित करने व चलाने के लिए आवश्यक पूँजी और वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता एक बड़ा कारक है।

(iv) आधारभूत उद्योग क्या है ? उदाहरण देकर बताएँ |

उत्तर : आधारभूत उद्योग वे उद्योग हैं जिनके उत्पाद अन्य उद्योगों के लिए कच्चे माल या आधार सामग्री का काम करते हैं। ये उद्योग किसी देश के औद्योगिक विकास की नींव होते हैं। उदाहरण: लोहा-इस्पात उद्योग एक आधारभूत उद्योग है क्योंकि इसके द्वारा बनाया गया इस्पात मशीनरी, वाहन, निर्माण और टूल्स बनाने वाले अनगिनत उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चा माल है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए |

(i) समन्वित इस्पात उद्योग मिनी इस्पात उद्योगों से कैसे भिन्न है? इस उद्योग की क्या समस्याएँ है ? किन सुधारों के अंतर्गत इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ी है?

उत्तर : समन्वित इस्पात उद्योग और मिनी इस्पात उद्योग में प्रमुख अंतर निम्नलिखित हैं:

  • समन्वित इस्पात उद्योग बहुत बड़े पैमाने पर काम करते हैं। ये लौह अयस्क, कोकिंग कोयला और चूना पत्थर जैसे कच्चे माल से लेकर तैयार इस्पात बनाने तक की सभी प्रक्रियाएँ (पिघलाना, डालना, रोलिंग) एक ही स्थान पर एकीकृत रूप से करते हैं। इनमें ब्लास्ट फर्नेस का उपयोग होता है। (जैसे- भिलाई, बोकारो)।
  • मिनी इस्पात उद्योग छोटे या मध्यम पैमाने के होते हैं। ये मुख्यतः स्पंज आयरन या इस्पात के स्क्रैप को कच्चे माल के रूप में प्रयोग करते हैं और इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस में पिघलाते हैं। इनका ध्यान विशेष प्रकार के इस्पात या सीमित उत्पादन पर होता है।
समस्याएँ: भारत में इस्पात उद्योग को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है:
  1. उच्च लागत और कोकिंग कोयले की कमी।
  2. पुरानी तकनीक और श्रमिकों की कम उत्पादकता।
  3. बिजली की अनियमित आपूर्ति।
  4. परिवहन और अन्य बुनियादी ढाँचे की कमी।
सुधार एवं वृद्धि: 1990 के दशक में आर्थिक सुधारों (उदारीकरण) के बाद इस उद्योग की उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। इन सुधारों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) को प्रोत्साहन, उन्नत तकनीक का आयात और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का आधुनिकीकरण शामिल है।

(ii) उद्योग पर्यावरण को कैसे प्रदूषित करते हैं?

उत्तर : उद्योग पर्यावरण को निम्नलिखित प्रमुख तरीकों से प्रदूषित करते हैं:

  1. वायु प्रदूषण: कारखानों की चिमनियों से निकलने वाला धुआँ, राख और हानिकारक गैसें (जैसे सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड) वायु प्रदूषण का कारण बनती हैं। यह स्मॉग, अम्ल वर्षा और सांस की बीमारियों को जन्म देता है। सीमेंट, रसायन, तेलशोधक और ताप विद्युत् संयंत्र प्रमुख दोषी हैं।
  2. जल प्रदूषण: उद्योग अपने अपशिष्ट रसायन, भारी धातुएँ (जैसे सीसा, पारा), कार्बनिक कचरा और गर्म पानी (थर्मल प्रदूषण) सीधे नदियों या नालों में बहा देते हैं। यह जलीय जीवन को नष्ट कर देता है और पीने के पानी को दूषित करता है। कागज, वस्त्र, चमड़ा और रसायन उद्योग इसके लिए जिम्मेदार हैं।
  3. भूमि प्रदूषण: औद्योगिक कचरे (जैसे फ्लाई ऐश, रासायनिक कीचड़, प्लास्टिक) को भूमि पर डंप करने से मिट्टी की उर्वरता नष्ट होती है और भूजल दूषित होता है।
  4. ध्वनि प्रदूषण: बड़ी मशीनरी, जेनरेटर, कम्प्रेसर और परिवहन वाहनों से उत्पन्न तेज़ आवाज़ ध्वनि प्रदूषण फैलाती है, जिससे सुनने की शक्ति कम होना, तनाव और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।

(iii) उद्योगों द्वारा पर्यावरण निम्नीकरण को कम करने के लिए उठाए गए विभिन्न उपायों की चर्चा करें?

उत्तर : उद्योगों द्वारा पर्यावरण निम्नीकरण को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं और कई जगह किए भी जा रहे हैं:

  1. जल प्रदूषण नियंत्रण:
    • औद्योगिक अपशिष्ट जल को नदी में छोड़ने से पहले उपचार संयंत्रों (ईटीपी) में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर पर शुद्ध करना।
    • जल का पुनःचक्रण और पुनःउपयोग करके ताजे पानी की खपत कम करना।
    • वर्षा जल संचयन करके जल संसाधनों का संरक्षण करना।
  2. वायु प्रदूषण नियंत्रण:
    • चिमनियों में इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) जैसे उपकरण लगाकर राख और धूल के कणों को हवा में जाने से रोकना।
    • स्क्रबर्स और फिल्टर का उपयोग कर हानिकारक गैसों को अवशोषित करना।
    • अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन (कोयला) के स्थान पर स्वच्छ ईंधन (प्राकृतिक गैस) का उपयोग करना।
  3. ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण:
    • शोर करने वाली मशीनों को बंद कमरों में रखना या उन पर शोर अवशोषक पदार्थ लगाना।
    • श्रमिकों को कान बचाने वाले उपकरण (इयरप्लग/इयरमफ) उपलब्ध कराना।
    • मशीनों के रखरखाव और आधुनिकीकरण द्वारा शोर कम करना।
  4. अपशिष्ट प्रबंधन: ठोस कचरे का पुनर्चक्रण, खतरनाक कचरे का सुरक्षित निपटान और हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) विकसित करना।
इन सबके अलावा, सरकारी नियमों (पर्यावरण संरक्षण अधिनियम) का कड़ाई से पालन करवाना भी अत्यंत आवश्यक है।

क्रियाकलाप

4. उद्योगों के संदर्भ में प्रत्येक के लिए एक शब्द दें (संकेतिक अक्षर संख्या कोष्ठक में दी गई है तथा उत्तर अंग्रेज़ी के शब्दों में हैं)।

I. मशीनरी चलाने में प्रयुक्त (5) ? POWER
II. कारखानों में काम करने वाले व्यक्ति (6) ? WORKER
III. उत्पाद को जहाँ बेचा जाता है (6) ? MARKET
IV. वह व्यक्ति जो सामान बेचता है (8) ? RETAILER
V. वस्तु उत्पादन (7) ? PRODUCT
VI. निर्माण या उत्पादन (11) ? MANUFACTURE
VII. भूमि, जल तथा वायु अवनयन (9) ? POLLUTION

5. निम्न वर्ग पहेली में क्षैतिज तथा ऊर्ध्वाधर अक्षरों को जोड़ते हुए निम्न प्रश्नों के उत्तर दें | नोट : पहेली के उत्तर अंग्रेज़ी के शब्दों में हैं |

I. वस्त्र, चीनी, वनस्पति तेल तथा रोपण उद्योग जो कृषि से कच्चा माल प्राप्त करते हैं, उन्हें कहते हैं - AGRO BASED
II. चीनी उद्योग में प्रयुक्त होने वाला कच्चा पदार्थ - SUGARCANE
III. इस रेशे को गोल्डन फाइबर भी कहते हैं - JUTE
IV. लौह अयस्क, कोकिंग कोयला तथा चूना पत्थर इस उद्योग के प्रमुख कच्चे माल हैं - IRON & STEEL
V. छत्तीसगढ़ में स्थित सार्वजनिक-क्षेत्र का लोहा इस्पात उद्योग - BHILAI
VI. उत्तर प्रदेश में इस स्थान पर डीज़ल रेलवे इंजन बनाए जाते हैं - VARANASI

Get UP Board Class 10 Geography 6. विनिर्माण उद्योग Solution in Hindi Medium

UP Board Class 10 Geography 6. विनिर्माण उद्योग Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for Class 10 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.

Importance of UP Board Class 10 Geography 6. विनिर्माण उद्योग Text Solutions

It is essential to know the importance of UP Board Class 10 Geography 6. विनिर्माण उद्योग textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board Class 10 Geography 6. विनिर्माण उद्योग :

  • These TextSolutions are very clear and accurate which helps student to understand concept with ease.
  • It is also to mention that these text Solutions are prepared by the content experts of subject, thus these Solutions helps student in clearing their doubts and understand the core concept easily.
  • It is considered to be the best study material for competitive exam preparation.

Features of UP Board Class 10 textSolutions

There are various features of UP Board Class 10 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.

  • Best feature of these textSolutions is free availability of content in PDF format
  • Second feature that content generated and written is clear and easy to read.
  • There are various illustration and images are shown in the Solution so that student can easily understand the concept and should be more appealing to the student.
  • Each chapter is explained thoroughly
Uttar Pradesh Solutions are very helpful and handy. Specially subjects like UP Board Class 10 Physics Part - II Solutions are very interesting to study.

Other Chapters of Class 10 Geography
1. संसाधन एवं विकास
2. वन एवं वन्य जीव संसाधन
3. जल संसाधन
4. कृषि
5. खनिज तथा ऊर्जा संसाधन
6. विनिर्माण उद्योग
7. राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ
;