UP Board Class 11 Chemistry 2. परमाणु की संरचना is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 11 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
(i) एक ग्राम भार में इलेक्ट्रॉनों की संख्या का परिकलन कीजिए।
(ii) एक मोल इलेक्ट्रॉनों के द्रव्यमान और आवेश का परिकलन कीजिए।
हल:
(i) एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान = 9.1 × 10⁻³¹ kg
1 kg में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 1 / (9.1 × 10⁻³¹) = 1.099 × 10³⁰
1 g (10⁻³ kg) में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 1.099 × 10³⁰ × 10⁻³ = 1.099 × 10²⁷ इलेक्ट्रॉन.
(ii) एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान = 9.1 × 10⁻³¹ kg
1 मोल इलेक्ट्रॉनों का द्रव्यमान = (9.1 × 10⁻³¹) × (6.022 × 10²³) kg = 5.48 × 10⁻⁷ kg.
एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश = 1.602 × 10⁻¹⁹ C
1 मोल इलेक्ट्रॉनों पर कुल आवेश = (1.602 × 10⁻¹⁹) × (6.022 × 10²³) C = 9.65 × 10⁴ C.
(i) मेथेन के एक मोल में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या का परिकलन कीजिए।
(ii) 7 mg ¹⁴C में न्यूट्रॉनों की (क) कुल संख्या तथा (ख) कुल द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। (न्यूट्रॉन का द्रव्यमान = 1.675 × 10⁻²⁷ kg मान लीजिए।)
(iii) मानक ताप और दाब (STP) पर 34 mg NH₃ के प्रोटॉनों की (क) कुल संख्या और (ख) कुल द्रव्यमान बताइए। ताप में परिवर्तन से क्या उत्तर परिवर्तित हो जाएगा?
हल:
(i) CH₄ के एक अणु में इलेक्ट्रॉन: C (6) + 4H (4) = 10 इलेक्ट्रॉन।
1 मोल CH₄ में इलेक्ट्रॉनों की संख्या = 10 × 6.022 × 10²³ = 6.022 × 10²⁴ इलेक्ट्रॉन.
(ii) ¹⁴C में न्यूट्रॉन = 14 - 6 = 8 न्यूट्रॉन प्रति परमाणु।
7 mg = 7 × 10⁻³ g ¹⁴C में मोल = (7 × 10⁻³) / 14 = 5 × 10⁻⁴ मोल।
न्यूट्रॉनों की संख्या = (5 × 10⁻⁴) × (6.022 × 10²³) × 8 = 2.409 × 10²¹ न्यूट्रॉन.
कुल द्रव्यमान = (2.409 × 10²¹) × (1.675 × 10⁻²⁷) kg = 4.035 × 10⁻⁶ kg.
(iii) NH₃ का मोलर द्रव्यमान = 17 g/mol।
34 mg = 0.034 g में मोल = 0.034 / 17 = 0.002 मोल।
एक NH₃ अणु में प्रोटॉन: N (7) + 3H (3) = 10 प्रोटॉन।
प्रोटॉनों की कुल संख्या = 0.002 × 6.022 × 10²³ × 10 = 1.204 × 10²² प्रोटॉन.
कुल द्रव्यमान = (1.204 × 10²²) × (1.675 × 10⁻²⁷) kg = 2.017 × 10⁻⁵ kg.
ताप और दाब परिवर्तन से प्रोटॉन संख्या और द्रव्यमान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
निम्नलिखित नाभिकों में उपस्थित न्यूट्रॉनों और प्रोटॉनों की संख्या बताइए:
¹³₆C, ¹⁶₈O, ²⁴₁₂Mg, ⁵⁶₂₆Fe, ⁸⁸₃₈Sr
हल:
¹³₆C: प्रोटॉन = 6, न्यूट्रॉन = 13 - 6 = 7
¹⁶₈O: प्रोटॉन = 8, न्यूट्रॉन = 16 - 8 = 8
²⁴₁₂Mg: प्रोटॉन = 12, न्यूट्रॉन = 24 - 12 = 12
⁵⁶₂₆Fe: प्रोटॉन = 26, न्यूट्रॉन = 56 - 26 = 30
⁸⁸₃₈Sr: प्रोटॉन = 38, न्यूट्रॉन = 88 - 38 = 50
नीचे दिए गए परमाणु द्रव्यमान (A) और परमाणु संख्या (Z) वाले परमाणुओं का पूर्ण प्रतीक लिखिए:
(i) Z = 17, A = 35
(ii) Z = 92, A = 233
(iii) Z = 4, A = 9
हल:
(i) ³⁵₁₇Cl (क्लोरीन)
(ii) ²³³₉₂U (यूरेनियम)
(iii) ⁹₄Be (बेरिलियम)
सोडियम लैम्प द्वारा उत्सर्जित पीले प्रकाश की तरंग-दैर्ध्य (λ) 580 nm है। इसकी आवृत्ति (ν) और तरंग संख्या (ν̄) का परिकलन कीजिए।
हल:
λ = 580 nm = 580 × 10⁻⁹ m, c = 3 × 10⁸ m/s
आवृत्ति ν = c / λ = (3 × 10⁸) / (580 × 10⁻⁹) = 5.17 × 10¹⁴ s⁻¹
तरंग संख्या ν̄ = 1 / λ = 1 / (580 × 10⁻⁹) = 1.72 × 10⁶ m⁻¹
प्रत्येक ऐसे फोटॉन की ऊर्जा ज्ञात कीजिए:
(i) जो 3 × 10¹⁵ s⁻¹ आवृत्ति वाले प्रकाश के संगत हो।
(ii) जिसकी तरंग-दैर्ध्य 0.50 Å हो।
हल:
h = 6.626 × 10⁻³⁴ J s
(i) E = hν = (6.626 × 10⁻³⁴) × (3 × 10¹⁵) = 1.988 × 10⁻¹⁸ J
(ii) λ = 0.50 Å = 0.50 × 10⁻¹⁰ m
E = hc / λ = (6.626 × 10⁻³⁴ × 3 × 10⁸) / (0.50 × 10⁻¹⁰) = 3.98 × 10⁻¹⁵ J
2.0 × 10⁻¹⁵ s काल वाली प्रकाश तरंग की तरंग-दैर्ध्य, आवृत्ति और तरंग संख्या की गणना कीजिए।
हल:
आवर्तकाल T = 2.0 × 10⁻¹⁵ s
आवृत्ति ν = 1 / T = 1 / (2.0 × 10⁻¹⁵) = 5.0 × 10¹⁴ s⁻¹
λ = c / ν = (3 × 10⁸) / (5.0 × 10¹⁴) = 6.0 × 10⁻⁷ m
तरंग संख्या ν̄ = 1 / λ = 1 / (6.0 × 10⁻⁷) = 1.67 × 10⁶ m⁻¹
ऐसा प्रकाश, जिसकी तरंग-दैर्ध्य 4000 Å हो और जो 1 J ऊर्जा दे, के फोटॉनों की संख्या बताइए।
हल:
λ = 4000 Å = 4000 × 10⁻¹⁰ m = 4 × 10⁻⁷ m
एक फोटॉन की ऊर्जा E = hc / λ = (6.626 × 10⁻³⁴ × 3 × 10⁸) / (4 × 10⁻⁷) = 4.97 × 10⁻¹⁹ J
1 J ऊर्जा देने के लिए आवश्यक फोटॉनों की संख्या = 1 / (4.97 × 10⁻¹⁹) = 2.01 × 10¹⁸ फोटॉन
यदि 4 × 10⁻⁷ m तरंग-दैर्ध्य वाला एक फोटॉन 2.13 eV के कार्य फलन वाली धातु की सतह से टकराता है, तो (i) फोटॉन की ऊर्जा (eV में), (ii) उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा और (iii) प्रकाशीय इलेक्ट्रॉन के वेग का परिकलन कीजिए। (1 eV = 1.602 × 10⁻¹⁹ J)
हल:
(i) फोटॉन की ऊर्जा E = hc / λ = (6.626 × 10⁻³⁴ × 3 × 10⁸) / (4 × 10⁻⁷) = 4.97 × 10⁻¹⁹ J
E (eV में) = 4.97 × 10⁻¹⁹ / 1.602 × 10⁻¹⁹ = 3.10 eV
(ii) गतिज ऊर्जा K.E. = E - W₀ = 3.10 - 2.13 = 0.97 eV
(iii) K.E. = ½ mv² ⇒ v = √(2 × K.E. / m)
K.E. = 0.97 × 1.602 × 10⁻¹⁹ J, m = 9.1 × 10⁻³¹ kg
v = √(2 × 0.97 × 1.602 × 10⁻¹⁹ / 9.1 × 10⁻³¹) = 5.84 × 10⁵ m/s
सोडियम परमाणु के आयनन के लिए 242 nm तरंग-दैर्ध्य की विद्युत-चुम्बकीय विकिरण पर्याप्त होती है। सोडियम की आयनन ऊर्जा kJ mol⁻¹ में ज्ञात कीजिए।
हल:
λ = 242 nm = 242 × 10⁻⁹ m
एक परमाणु के आयनन के लिए ऊर्जा E = hc / λ = (6.626 × 10⁻³⁴ × 3 × 10⁸) / (242 × 10⁻⁹) = 8.21 × 10⁻¹⁹ J
1 मोल के लिए ऊर्जा = (8.21 × 10⁻¹⁹) × (6.022 × 10²³) J/mol = 4.94 × 10⁵ J/mol = 494 kJ/mol
25 W का एक बल्ब 0.57 µm तरंग-दैर्ध्य वाले पीले रंग का एकवर्णी प्रकाश उत्पन्न करता है। प्रति सेकंड क्वांटा के उत्सर्जन की दर ज्ञात कीजिए।
हल:
λ = 0.57 µm = 0.57 × 10⁻⁶ m
एक फोटॉन की ऊर्जा E = hc / λ = (6.626 × 10⁻³⁴ × 3 × 10⁸) / (0.57 × 10⁻⁶) = 3.48 × 10⁻¹⁹ J
बल्ब की शक्ति = 25 J/s
प्रति सेकंड उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या = 25 / (3.48 × 10⁻¹⁹) = 7.18 × 10¹⁹ s⁻¹
किसी धातु की सतह पर 6800 Å तरंग-दैर्ध्य वाली विकिरण डालने से शून्य वेग वाले इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। धातु की देहली आवृत्ति (ν₀) और कार्य फलन (W₀) ज्ञात कीजिए।
हल:
λ = 6800 Å = 6800 × 10⁻¹⁰ m = 6.8 × 10⁻⁷ m
देहली आवृत्ति ν₀ = c / λ = (3 × 10⁸) / (6.8 × 10⁻⁷) = 4.41 × 10¹⁴ s⁻¹
कार्य फलन W₀ = hν₀ = 6.626 × 10⁻³⁴ × 4.41 × 10¹⁴ = 2.92 × 10⁻¹⁹ J
जब हाइड्रोजन परमाणु के n = 4 ऊर्जा स्तर से n = 2 ऊर्जा स्तर में इलेक्ट्रॉन जाता है, तो किस तरंग-दैर्ध्य का प्रकाश उत्सर्जित होगा?
हल:
बामर श्रेणी के लिए: 1/λ = R (1/2² - 1/n²), R = 1.097 × 10⁷ m⁻¹, n = 4
1/λ = 1.097 × 10⁷ (1/4 - 1/16) = 1.097 × 10⁷ × (3/16) = 2.057 × 10⁶ m⁻¹
λ = 1 / (2.057 × 10⁶) = 4.86 × 10⁻⁷ m = 486 nm
यदि इलेक्ट्रॉन n = 5 कक्षक में उपस्थित हो, तो H परमाणु के आयनन के लिए कितनी ऊर्जा की आवश्यकता होगी? अपने उत्तर की तुलना हाइड्रोजन परमाणु की आयनन एन्थैल्पी से कीजिए।
हल:
हाइड्रोजन में, ऊर्जा Eₙ = -2.18 × 10⁻¹⁸ / n² J
n = 5 से आयनन (n = ∞) तक: ΔE = E_∞ - E₅ = 0 - (-2.18 × 10⁻¹⁸ / 25) = 8.72 × 10⁻²⁰ J
आयनन एन्थैल्पी (n = 1 से) = 2.18 × 10⁻¹⁸ J, जो काफी अधिक है।
जब हाइड्रोजन परमाणु में उत्तेजित इलेक्ट्रॉन n = 6 से मूल अवस्था में जाता है, तो प्राप्त उत्सर्जित रेखाओं की अधिकतम संख्या क्या होगी?
हल:
उत्सर्जित रेखाओं की अधिकतम संख्या = n(n-1)/2 = 6×5/2 = 15
(i) हाइड्रोजन के प्रथम कक्षक से संबंधित ऊर्जा -2.18 × 10⁻¹⁸ J/परमाणु है। पाँचवें कक्षक से संबंधित ऊर्जा बताइए।
(ii) हाइड्रोजन परमाणु के पाँचवें बोर कक्षक की त्रिज्या की गणना कीजिए।
हल:
(i) Eₙ ∝ 1/n² ⇒ E₅ = E₁ / 25 = (-2.18 × 10⁻¹⁸) / 25 = -8.72 × 10⁻²⁰ J
(ii) rₙ = 0.529 × n² Å ⇒ r₅ = 0.529 × 25 = 13.225 Å = 1.3225 nm
हाइड्रोजन परमाणु की बामर श्रेणी में अधिकतम तरंग-दैर्ध्य वाले संक्रमण की तरंग-संख्या की गणना कीजिए।
हल:
बामर श्रेणी में अधिकतम λ (न्यूनतम ऊर्जा) n = 3 से n = 2 के संक्रमण के लिए होती है।
1/λ = R (1/2² - 1/3²) = 1.097 × 10⁷ (1/4 - 1/9) = 1.097 × 10⁷ × (5/36) = 1.523 × 10⁶ m⁻¹
तरंग संख्या = 1.523 × 10⁶ m⁻¹
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन को पहली कक्ष से पाँचवीं कक्ष तक ले जाने के लिए आवश्यक ऊर्जा की जूल में गणना कीजिए। जब यह इलेक्ट्रॉन तटस्थ अवस्था में लौटता है, तो किस तरंग-दैर्ध्य का प्रकाश उत्सर्जित होगा?
हल:
ΔE = E₅ - E₁ = (-2.18 × 10⁻¹⁸ / 25) - (-2.18 × 10⁻¹⁸) = 2.18 × 10⁻¹⁸ (1 - 1/25) = 2.09 × 10⁻¹⁸ J
वापसी पर उत्सर्जित प्रकाश की ऊर्जा = 2.09 × 10⁻¹⁸ J
λ = hc / ΔE = (6.626 × 10⁻³⁴ × 3 × 10⁸) / (2.09 × 10⁻¹⁸) = 9.51 × 10⁻⁸ m = 95.1 nm
हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा Eₙ = (-2.18 × 10⁻¹⁸) / n² J द्वारा दी जाती है। n = 2 कक्षा से इलेक्ट्रॉन को पूरी तरह निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। प्रकाश की सबसे लंबी तरंग-दैर्ध्य (cm में) क्या होगी, जिसका उपयोग इस संक्रमण में किया जा सके?
हल:
आयनन ऊर्जा (n=2 से) = 0 - E₂ = 0 - (-2.18 × 10⁻¹⁸ / 4) = 5.45 × 10⁻¹⁹ J
λ_max = hc / ΔE = (6.626 × 10⁻³⁴ × 3 × 10⁸) / (5.45 × 10⁻¹⁹) = 3.647 × 10⁻⁷ m = 3.647 × 10⁻⁵ cm
2.05 × 10⁷ m/s वेग से गति कर रहे किसी इलेक्ट्रॉन का तरंग-दैर्ध्य क्या होगा?
हल:
दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य λ = h / (mv)
m = 9.1 × 10⁻³¹ kg, v = 2.05 × 10⁷ m/s
λ = 6.626 × 10⁻³⁴ / (9.1 × 10⁻³¹ × 2.05 × 10⁷) = 3.55 × 10⁻¹¹ m
इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.1 × 10⁻³¹ kg है। यदि इसकी गतिज ऊर्जा 3.0 × 10⁻²⁵ J हो, तो इसकी तरंग-दैर्ध्य की गणना कीजिए।
हल:
K.E. = ½ mv² ⇒ v = √(2 × K.E. / m) = √(2 × 3.0 × 10⁻²⁵ / 9.1 × 10⁻³¹) = 8.12 × 10² m/s
λ = h / (mv) = 6.626 × 10⁻³⁴ / (9.1 × 10⁻³¹ × 8.12 × 10²) = 8.97 × 10⁻⁷ m
निम्नलिखित में से कौन सम-आयनी स्पीशीज है अर्थात् किनमें इलेक्ट्रॉनों की समान संख्या है?
Na⁺, K⁺, Mg²⁺, Ca²⁺, S²⁻, Ar
हल:
Na⁺ (11-1=10 e⁻), Mg²⁺ (12-2=10 e⁻) → सम-आयनी
K⁺ (19-1=18 e⁻), Ca²⁺ (20-2=18 e⁻), S²⁻ (16+2=18 e⁻), Ar (18 e⁻) → सम-आयनी
(i) निम्नलिखित आयनों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए: (क) H⁺ (ख) Na⁺ (ग) O²⁻ (घ) F⁻
(ii) उन तत्वों की परमाणु-संख्या बताइए, जिनके सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉनों को निम्न रूप में दर्शाया जाता है: (क) 3s¹ (ख) 2p³ (ग) 3p⁵
(iii) निम्नलिखित विन्यासों वाले परमाणुओं के नाम बताइए: (क) [He] 2s¹ (ख) [Ne] 3s² 3p³ (ग) [Ar] 4s² 3d¹
हल:
(i) (क) H⁺: 1s⁰ (ख) Na⁺: 1s² 2s² 2p⁶ (ग) O²⁻: 1s² 2s² 2p⁶ (घ) F⁻: 1s² 2s² 2p⁶
(ii) (क) 3s¹: Na (Z=11) (ख) 2p³: N (Z=7) (ग) 3p⁵: Cl (Z=17)
(iii) (क) [He] 2s¹: Li (Z=3) (ख) [Ne] 3s² 3p³: P (Z=15) (ग) [Ar] 4s² 3d¹: Sc (Z=21)
किस निम्नतम n मान द्वारा g कक्षक का अस्तित्व अनुमत होगा?
हल:
g-कक्षक के लिए l = 4। l का मान 0 से (n-1) तक होता है। अतः n का न्यूनतम मान = l + 1 = 5।
n = 5
एक इलेक्ट्रॉन किसी 3d कक्षक में है। इसके लिए n, l और m के संभव मान दीजिए।
हल:
3d के लिए: n = 3, l = 2, m = -2, -1, 0, +1, +2
किसी तत्व के परमाणु में 29 इलेक्ट्रॉन और 35 न्यूट्रॉन हैं। (i) इसमें प्रोटॉनों की संख्या बताइए। (ii) तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास बताइए।
हल:
(i) प्रोटॉन = इलेक्ट्रॉन = 29 (तत्व: ताँबा, Cu)
(ii) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 1s² 2s² 2p⁶ 3s² 3p⁶ 4s¹ 3d¹⁰
H⁺, H₂ और O⁻ स्पीशीज में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बताइए।
हल:
H⁺: 0 इलेक्ट्रॉन, H₂: 2 इलेक्ट्रॉन, O⁻: 8+1 = 9 इलेक्ट्रॉन
(i) किसी परमाणु कक्षक का n = 3 है।
UP Board Class 11 Chemistry 2. परमाणु की संरचना Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for Class 11 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.
It is essential to know the importance of UP Board Class 11 Chemistry 2. परमाणु की संरचना textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board Class 11 Chemistry 2. परमाणु की संरचना :
There are various features of UP Board Class 11 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.