UP Board Class 3 Hindi 13. मिर्च का मजा is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 3 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
प्रश्न- काबुली वाले को सब्जी बेचने वाली की भाषा अच्छी तरह समझ नहीं आती थी | इसलिए उसे अपनी बात समझाने में बड़ी मुश्किल हुई | चलो, देखते हैं तुम अपनी बात बिना बोले अपने साथी को कैसे समझाते हो? नीचे लिखे वाक्य अलग-अलग पर्चियों में लिख लो | एक पर्ची उठाओ | अब यह बात अपने साथी को बिना कुछ बोले समझानी है-
* मुझे बहुत सर्दी लग रही है |
* बिल्ली दूध पी रही है, उसे भगाओ |
* मेरे दाँत में दर्द है |
* चलो, बाजार चलते हैं |
* अरे, ये तो बहुत कड़वा है |
* चोर उधर गया है, चलो से पकड़ें |
* पार्क में चल कर खेलेंगे |
* मुझे डर लग रहा है |
* उफ़ ये बदबू कहाँ से आ रही है |
* अहा! लगता है कहीं हलवा बना है |
उत्तर- इस गतिविधि के लिए छात्रों को अपने साथी के सामने इशारों और चेहरे के हाव-भाव का उपयोग करना है। जैसे सर्दी लगने पर काँपना, दाँत दर्द पर गाल पकड़ना, बदबू आने पर नाक बंद करना आदि। यह एक मनोरंजक और रचनात्मक अभ्यास है जिसे कक्षा में खेल के रूप में किया जा सकता है।
प्रश्न- काबुलीवाले ने कहा- अगर यह लाल चीज़ खाने की है, तो मुझे भी दे दो| उस सब्जी बेचने वाली ने कहा- हाँ, ये तो सब खाते हैं| ले लो|
इस तरह बेचारा काबुलीवाला मिर्च खा बैठा | तुम्हारे हिसाब से काबुली वाले को मिर्च देखने के बाद क्या पूछने चाहिए था?
उत्तर- काबुलीवाले को मिर्च देखकर सिर्फ इतना नहीं पूछना चाहिए था कि क्या यह खाने की चीज़ है। उसे ये ज़रूर पूछना चाहिए था: "क्या यह फल है? इसे कैसे खाते हैं? क्या इसे सीधे ऐसे ही खा सकते हैं या इसे पकाना पड़ता है? क्या यह तीखी होती है?" ऐसे सवाल पूछने से उसे पता चल जाता कि यह मिर्च है और उसे सावधानी से खाना चाहिए।
मुँह सारा जल उठा और आँखों में जल भर आया | यहाँ जल शब्द को दो अर्थों में इस्तेमाल किया गया है | जल - जलना, तीखा |
जल - पानी |
इसी तरह नीचे दिए गए शब्दों के भी दो अर्थ है |
इन शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एक - एक वाक्य बनाओ पर ध्यान रहे-
* वाक्य में वह शब्द दो बार आना चाहिए |
* दोनों बार उस शब्द का मतलब अलग निकलना चाहिए | (जैसे ऊपर दिए गए वाक्य में जल)
प्रश्न- कविता की वे पंक्तियां छाँटकर लिखो जिनसे पता चलता है कि *काबुलीवाला कुछ शब्द अलग तरीके से बोलता था |
उत्तर- "कुँजड़िन उन से बोला बेचारा ज्यों-त्यों समझाकर।" इस पंक्ति में 'कुँजड़िन' शब्द का प्रयोग हुआ है जो 'कुँजड़न' या 'सब्ज़ीवाली' के लिए काबुलीवाले का अलग तरीके से बोला गया शब्द है।
प्रश्न- * काबुलीवाला कंजूस था |
उत्तर- "जा तू अपनी राह सिपाही, मैं खाता हूँ पैसा!" इस पंक्ति से पता चलता है कि काबुलीवाला पैसे बचाना चाहता था और सिपाही को पैसे देने से मना कर रहा था, जो उसके कंजूस स्वभाव को दर्शाता है।
प्रश्न- *मिर्च बहुत तीखी थी |
उत्तर- "मगर, मिर्च ने तुरंत जीभ पर अपना ज़ोर दिखाया | मुँह सारा जल उठा और आँखों में जल भर आया |" इन पंक्तियों से स्पष्ट है कि मिर्च खाते ही उसका तीखापन प्रकट हो गया और काबुलीवाले की हालत खराब हो गई।
प्रश्न- *काबुलीवाले को मिर्च के बारे में नहीं पता था |
उत्तर- "लाल-लाल पतली छीमी हो चीज़ अगर खाने की।" यह पंक्ति दर्शाती है कि काबुलीवाला मिर्च को 'छीमी' (फलियाँ) समझ रहा था और उसे यह ज्ञात नहीं था कि यह तीखी मिर्च है।
प्रश्न- *काबुलीवाले को 25 पैसे की मिर्च चाहिए थी |
उत्तर- "तो हमको दो तोल छीमियाँ फ़कफत चार आने की।" 'चार आने' 25 पैसे के बराबर होते हैं। इस पंक्ति से पता चलता है कि वह सिर्फ 25 पैसे की मिर्च खरीदना चाहता था।
*चव्वनी मतलब चार आना चार आना मतलब 25 पैसे | तो एक रूपए में कितने पैसे?
उत्तर- चूँकि चार आना 25 पैसे के बराबर है, और एक रुपये में 16 आने होते थे, तो एक रुपये में 100 पैसे होते हैं। (16 आने ÷ 4 आने = 4, और 4 x 25 पैसे = 100 पैसे)।
अब बताओ-
अठन्नी मतलब आठ आने | इकन्नी मतलब एक आना | दुअन्नी मतलब दो आने |
प्रश्न- तुम बाज़ार गए | दुकानों में बहुत-सी चीज़ें रखी हैं | तुम्हें दूर से ही अपनी मनपसंद चीज़ का दाम पता करना है, पर तुम्हें उस चीज़ का नाम नहीं पता | अब दुकानदार से दाम कैसे पूछोगे?
उत्तर- हम दुकानदार से पूछ सकते हैं: "भैया/चाचा, वह लाल रंग की गोल चीज़ (या जिस आकार/रंग की वह वस्तु है) क्या है? और उसका क्या दाम है?" हम उस वस्तु की ओर इशारा करके भी अपनी बात स्पष्ट कर सकते हैं।
प्रश्न 1. काबुलीवाले ने लिर्च को स्वादिष्ट फल क्यों समझ लिया?
उत्तर- काबुलीवाला काबुल (अफगानिस्तान) से आया था और शायद वहाँ लाल मिर्च नहीं उगती थी। उसने पहले कभी मिर्च नहीं देखी थी। लाल-लाल, पतली और चमकदार मिर्च को देखकर उसने सोचा कि यह कोई नया और स्वादिष्ट फल है, जैसे कोई मीठी फली हो।
प्रश्न 2. सब्ज़ी बेचने वाली ने क्या सोचकर उसे झोली भर मिर्च दी होंगी?
उत्तर- सब्ज़ी बेचने वाली ने सोचा होगा कि यह काबुलीवाला शायद बहुत सारी मिर्च खरीदकर अपने घर ले जाना चाहता है या फिर उसके यहाँ कोई समारोह है जहाँ बहुत मिर्च की ज़रूरत पड़ेगी। उसे लगा होगा कि ग्राहक को पूरी झोली भरकर मिर्च चाहिए, सिर्फ दो नहीं।
प्रश्न 3. सारी मिर्च खाने के बाद काबुलीवाले की क्या हालत हुई होगी?
उत्तर- सारी मिर्च खाने के बाद काबुलीवाले का मुँह, जीभ और गला जलने लगा होगा। उसकी आँखों से पानी बह रहा होगा और वह 'सी-सी' करता हुआ इधर-उधर भाग रहा होगा ताकि पानी ढूँढ सके। उसे बहुत प्यास लगी होगी और वह बेचैन और परेशान दिखाई दे रहा होगा।
प्रश्न 4. अगले दिन सब्ज़ी वाली टमाटर बेच रही थी | क्या काबुलीवाले ने टमाटर खाया होगा?
उत्तर- शायद नहीं। मिर्च खाने का दर्दनाक अनुभव होने के बाद, काबुलीवाला किसी भी नई लाल चीज़ को खाने से डर गया होगा। वह टमाटर को देखकर भी सतर्क हो गया होगा। कहावत है - "दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँककर पीता है"। उसी तरह, मिर्च के कारण जले हुए काबुलीवाले ने टमाटर भी शक की नज़र से देखा होगा और शायद उसे छुआ तक नहीं होगा।
कुँजड़िन से बोला बेचारा ज्यों-त्यों कुछ समझकर
इस पंक्ति को ऐसे भी लिख सकते हैं-
बेचारा ज्यों-त्यों कुछ समझाकर कुँजड़िन से बोला | अब इसी पंक्तियों को फिर से लिखो-
* हमको दो तोल छीमियाँ फ़कत चार आने की |
उत्तर- फ़कत चार आने की हमको दो तोल छीमियाँ।
* वह खाता ही रहा मिर्च की छीमी को सिसियाते |
उत्तर- सिसियाते वह मिर्च की छीमी को खाता ही रहा।
*जा तु अपनी राह सिपाही, ,मैं कहता हूँ पैसा |
उत्तर- मैं खाता हूँ पैसा, जा तू अपनी राह सिपाही।
*एक काबुलीवाले की कहते हैं लोग कहानी |
उत्तर- लोग एक काबुलीवाले की कहानी कहते हैं।
अपने मन से बना कर एक कवित यहाँ लिखो |
उत्तर- छात्र अपनी मनपसंद कविता लिख सकते हैं। एक उदाहरण यहाँ दिया गया है:
प्रश्न- लाल-लाल मिर्च देखकर काबुलीवाले के मुँह में पानी आ गया तुम्हारे मुँह में किन चीजों को देख कर या सोचकर पानी आ जाता है?
उत्तर- निम्नलिखित चीज़ों को देखकर या उनके बारे में सोचकर मेरे मुँह में पानी आ जाता है:
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