UP Board Class 3 Hindi 8. बंदर बाँट is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 3 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: दोनों बिल्लियों के झगड़े का मुख्य कारण एक रोटी थी। दोनों ही उस रोटी पर अपना-अपना हक जता रही थीं और कह रही थीं कि रोटी उनकी है। इसी बात को लेकर उनमें लड़ाई हो गई।
उत्तर: बंदर ने उनका झगड़ा सुलझाने का बीड़ा उठाया। उसने कहा कि वह रोटी को बराबर-बराबर दो हिस्सों में बाँट देगा। लेकिन, उसने चालाकी से रोटी के टुकड़े तोलते-तोलते पूरी रोटी खुद ही खा ली। इस तरह रोटी ही नहीं बची, तो झगड़ा भी अपने आप खत्म हो गया।
उत्तर: हम अक्सर अपने भाई-बहन, दोस्तों या कभी-कभी पड़ोस के बच्चों के साथ छोटी-मोटी बातों पर झगड़ पड़ते हैं।
उत्तर: झगड़ते समय हम एक-दूसरे से बात करना बंद कर देते हैं, गुस्से में चिल्लाने लगते हैं, कभी खिलौने छीनते हैं या एक-दूसरे को धक्का भी दे देते हैं।
उत्तर: जब हम झगड़ते हैं, तो अक्सर हमारे माता-पिता या घर के बड़े बीच-बचाव करके फैसला करवाते हैं। कभी-कभी स्कूल में शिक्षक भी हमारे झगड़े सुलझाते हैं।
लेह में एक-दूसरे से मिलने पर एक - दूसरे को जूले कहते हैं | दोनों बिल्लियाँ एक-दूसरे को नमस्ते कहती है |
उत्तर: अपनी सहेली या दोस्त से मिलने पर हम "हैलो", "हाय" या उसके नाम से पुकारकर "कैसी हो?" कहते हैं।
उत्तर: शिक्षक से मिलने पर हम "गुड मॉर्निंग, सर/मैडम" या "नमस्ते सर/मैडम" कहकर अभिवादन करते हैं।
उत्तर: दादी या नानी से मिलने पर हम उनके चरण छूकर प्रणाम करते हैं या फिर "प्रणाम" या "नमस्ते" कहते हैं।
उत्तर: अपने बड़े भाई या बहन से मिलने पर हम अक्सर "हाय" या "नमस्ते दीदी/भैया" कहते हैं।
उत्तर: हमारी कक्षा में बच्चे नमस्ते कहने के कई तरीके अपनाते हैं, जैसे: "गुड मॉर्निंग", "हैलो", "हाय", "नमस्ते", "प्रणाम", और कुछ "राम-राम" या "सत श्री अकाल" भी कहते हैं।
उत्तर: अगर बंदर बीच में नहीं आता, तो दोनों बिल्लियों को आपस में बात करके रोटी को आधा-आधा बाँट लेना चाहिए था। इस तरह दोनों को कुछ न कुछ खाने को मिल जाता और लड़ाई भी नहीं होती।
उत्तर: बंदर ने ये अजीबोगरीब सवाल बिल्लियों को भ्रमित करने और उलझाने के लिए पूछे होंगे। ऐसा करके वह उन्हें यह विश्वास दिलाना चाहता था कि वह बहुत ईमानदारी से न्याय कर रहा है, जबकि असल में वह रोटी खुद खाने की योजना बना रहा था।
उत्तर: इस कहानी का शीर्षक "बंदर-बाँट" इसलिए रखा गया है क्योंकि पूरी कहानी में बंदर ही है जो बिल्लियों की रोटी का बँटवारा करने का नाटक करता है। "बँटवारा" करना ही कहानी की मुख्य घटना है।
उत्तर: मैं इस नाटक का नाम "चालाक बंदर और मूर्ख बिल्लियाँ" रखना चाहूँगी/चाहूँगा।
उत्तर: मैंने यह शीर्षक इसलिए सोचा क्योंकि इस कहानी में बंदर बहुत चालाकी से दोनों लड़ती हुई बिल्लियों को बेवकूफ बनाता है और उनकी पूरी रोटी हड़प लेता है। बिल्लियाँ आपसी लड़ाई के कारण अपनी रोटी गवाँ बैठती हैं, इसलिए वे मूर्ख कहलाती हैं।
उत्तर: तरबूज, चावल, नारियल और संतरे को तोलकर (किलो या ग्राम में) खरीदा जाता है।
उत्तर: बाट (बट्टे) अक्सर मजबूत धातुओं जैसे लोहा, पीतल या स्टील के बने होते हैं ताकि उनका वजन लंबे समय तक एक जैसा बना रहे।
उत्तर: बाजार में आमतौर पर इन वजन के बट्टे मिलते हैं: 50 किलो, 10 किलो, 5 किलो, 2 किलो, 1 किलो, 500 ग्राम, 250 ग्राम, 200 ग्राम, 100 ग्राम, 50 ग्राम और 10 ग्राम।
बिल्लियों को रोटी की महक आ रही थी |
उत्तर: हमें गरमा-गरम पूरी-सब्जी, खीर, पकौड़े, केक और आलू की टिक्की के पकने की खुशबू बहुत अच्छी लगती है।
उत्तर: खाने के अलावा हमें ताजी बारिश की महक, मिट्टी की सुगंध, नए कपड़ों की खुशबू, इत्र, मोमबत्ती और अगरबत्ती की सुगंध भी अच्छी लगती है।
मुझे महक रोटी की आती!
इस वाक्य को इस तरह लिख सकते हैं-
मुझे रोटी की महक आती |
तुम भी इसी तरह के नीचे दिए वाक्यों के शब्दों को आगे-पीछे करके लिखो-
उत्तर: मैं उसी खोज में निकली।
उत्तर: वह रोटी मेज पर रखी है।
उत्तर: उस तक जाने में डरती थी।
उत्तर: मैं तुझे ले जाने नहीं दूँगी।
उत्तर: रोटी पर हक उसका है जो पहले देखे।
उत्तर: इस बार बिल्लियाँ पहले से सतर्क थीं। बंदर के फिर से बँटवारा करने की पेशकश करने पर, काली बिल्ली बोली, "अरे नहीं बंदर भाई! पिछली बार तुमने बँटवारे के नाम पर पूरी रोटी खा ली थी। इस बार हम खुद ही इस तरबूज को आपस में बाँट लेंगे।" सफेद बिल्ली ने भी हाँ में सिर हिला दिया। बंदर शर्मिंदा होकर वहाँ से चला गया और दोनों बिल्लियों ने मिल-बाँटकर तरबूज खाया। इस तरह उन्होंने अपनी गलती से सबक सीख लिया।
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