UP Board Class 6 EVS (6. पृथ्वी के प्रमुख स्थलमंडल) solution PDF
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UP Board Class 6 EVS 6. पृथ्वी के प्रमुख स्थलमंडल Hindi Medium Solutions - PDF
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UP Board Solutions for Class 6 EVS पृथ्वी हमारा आवास
पाठ 6: पृथ्वी के प्रमुख स्थलमंडल
1. चित्र संख्या 1-10 को ध्यान से देखिए और प्रत्येक के लिए एक-एक वाक्य लिखिए। (एन०सी०ई०आरग्टी० पाव्यपुस्तक पेज-46)
उत्तर:
1. चित्र संख्या 1 - यह एक रेगिस्तानी क्षेत्र है जहाँ ऊँटों का उपयोग यात्रा और सामान ढोने के लिए किया जा रहा है।
2. चित्र संख्या 2 - इसमें एक सुन्दर समुद्री तट (बीच) दिखाया गया है जहाँ एक व्यक्ति टहल रहा है।
3. चित्र संख्या 3 - यह केरल राज्य की प्रसिद्ध सर्पाकार नौका (वल्लम) दौड़ का दृश्य है।
4. चित्र संख्या 4 - यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है जहाँ लोग छुट्टियाँ मना रहे हैं।
5. चित्र संख्या 5 - यह पहाड़ी इलाके में बनी हुई एक बस्ती या गाँव का चित्र है।
6. चित्र संख्या 6 - इस चित्र में महिलाएँ चाय के बागान में हरी-भरी पत्तियाँ तोड़ रही हैं।
7. चित्र संख्या 7 - यह चाय के बागान के पास स्थित एक प्रसंस्करण फैक्ट्री है।
8. चित्र संख्या 8 - इसमें कुछ साहसिक पर्यटक नदी में राफ्टिंग (बेड़ा चलाने) का आनंद ले रहे हैं।
9. चित्र संख्या 9 - पहाड़ी ढलान पर पशुओं को चराने (पशुचारण) का काम हो रहा है।
10. चित्र संख्या 10 - यह बर्फ से पूरी तरह ढका हुआ एक ठंडा क्षेत्र दर्शाता है।
2. चित्र संख्या 1, 2 तथा 7 में दिखाए गए स्थलरूपों के नाम बताइए। (एन०सी०ई०आरग्टी० पाठ्यपुस्तक पेज-46)
उत्तर:
1. चित्र संख्या 1 - मरुस्थल या रेगिस्तान (बालू के टिब्बे)
2. चित्र संख्या 2 - समुद्र तट या तटीय मैदान
3. चित्र संख्या 7 - पर्वतीय क्षेत्र
3. चित्र संख्या 9 में दिखाए गए स्थल का उपयोग किस कार्य के लिए हो रहा है? (एन०सी०ई०आरण्टी० पाठ्यपुस्तक पेज-46)
उत्तर:
चित्र संख्या 9 में दिखाए गए स्थल का उपयोग चरागाह के रूप में किया जा रहा है, जहाँ पशुपालक अपने जानवरों को चरा रहे हैं।
4. चित्र संख्या 3, 6, 8 तथा १ में आपको कौन-सी गतिविधियाँ दिखाई दे रही हैं? (एन०सी०ई०आरग्टी० पाठ्यपुस्तक पेज-46)
उत्तर:
1. चित्र संख्या 3 - नौका दौड़ की प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधि
2. चित्र संख्या 6 - चाय के बागान में चाय की पत्तियाँ तोड़ने का कार्य
3. चित्र संख्या 8 - नदी में राफ्टिंग की साहसिक गतिविधि
4. चित्र संख्या 9 - पहाड़ी ढलान पर पशुचारण की गतिविधि
5. चित्र संख्या 4 और 5 में किस प्रकार के घर दिखाई दे रहे हैं? (एन०सी०ई०आरण्टी० पाव्यपुस्तक पेज-47 )
उत्तर:
1. चित्र संख्या 4 - इसमें घास-फूस या बाँस से बनी हुई साधारण झोपड़ियाँ दिखाई दे रही हैं, जो अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में पाई जाती हैं।
2. चित्र संख्या 5 - इसमें पत्थरों और लकड़ी का उपयोग करके पहाड़ी ढलान पर बने मजबूत घर दिखाए गए हैं, जो मौसम की कठोर परिस्थितियों को सहने के लिए बनाए जाते हैं।
6. चित्र संख्या 3 तथा 8 में दिखाई गई जलक्रीड़ाओं के बारे में बताइए। (एन०सी०ई०आरण्टी० पाठ्यपुस्तक पेज-47)
उत्तर:
1. चित्र संख्या 3 - यह 'वल्लमकली' या नौका दौड़ है, जो केरल की एक पारंपरिक जल क्रीड़ा है। इसमें लंबी नावों में बैठकर टीमें तेज गति से दौड़ लगाती हैं।
2. चित्र संख्या 8 - यह राफ्टिंग है, जो एक रोमांचक जल क्रीड़ा है। इसमें एक रबर या पीवीसी की बनी नाव (राफ्ट) पर बैठकर तेज बहाव वाली नदी में सफर किया जाता है।
7. चित्र संख्या 1 तथा 10 में दिखाए गए परिवहन के साधनों के बारे में बताइए। (एन०सी०ई०आरगण्टी० पाठ्यपुस्तक पेज-47)
उत्तर:
1. चित्र संख्या 1 - ऊँट, जिसे 'रेगिस्तान का जहाज' कहा जाता है। रेगिस्तान में रेत पर चलने और लंबी दूरी तक बिना पानी के सफर करने की क्षमता के कारण यह एक महत्वपूर्ण परिवहन साधन है।
2. चित्र संख्या 10 - कार, जो आधुनिक समय में सड़क परिवहन का एक प्रमुख और तेज साधन है। इसका उपयोग व्यक्तिगत यात्रा के लिए किया जाता है।
प्रश्न-अभ्यास (पाव्यपुस्तक से)
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।
(i) प्रमुख स्थलरूप कौन-कौन से हैं?
उत्तर: पृथ्वी की सतह पर पाए जाने वाले प्रमुख स्थलरूप तीन हैं:
(क) पर्वत - ये बहुत ऊँचे, ऊबड़-खाबड़ और खड़े ढाल वाले होते हैं।
(ख) पठार - ये ऊपर से चौरस या थोड़े उठे हुए विस्तृत क्षेत्र होते हैं।
(ग) मैदान - ये समतल और निचले विस्तृत क्षेत्र होते हैं।
(ii) पर्वत एवं पठार में क्या अंतर है?
उत्तर: पर्वत और पठार में मुख्य अंतर उनकी आकृति और ऊँचाई में है।
- पर्वत आमतौर पर बहुत ऊँचे, नुकीले शिखर वाले और तेज ढाल वाले होते हैं। इनका आधार संकरा होता है। उदाहरण: हिमालय पर्वत।
- पठार ऊपर से चपटे या हल्के उठे हुए मेज के आकार के होते हैं। इनके किनारे खड़े ढाल वाले हो सकते हैं, लेकिन ऊपरी सतह चौरस होती है। उदाहरण: भारत का दक्कन का पठार।
(iii) पर्वतों के विभिन्न प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर: पर्वतों का निर्माण अलग-अलग प्रक्रियाओं से होता है, इस आधार पर इनके तीन प्रमुख प्रकार हैं:
- वलित पर्वत: जब पृथ्वी की भीतरी हलचलों से चट्टानों में सिलवटें पड़ जाती हैं, तो वलित पर्वत बनते हैं। जैसे- हिमालय, आल्प्स।
- भ्रंशोत्थ पर्वत: जब पृथ्वी की सतह के बड़े-बड़े खंड ऊपर उठ जाते हैं या नीचे धंस जाते हैं, तो भ्रंशोत्थ पर्वत बनते हैं। जैसे- विंध्याचल, सतपुड़ा।
- ज्वालामुखी पर्वत: जब ज्वालामुखी से निकला लावा, राख और अन्य पदार्थ जमा होकर एक शंकु के आकार का पर्वत बना देते हैं। जैसे- जापान का फ़ूजीयामा।
(iv) मनुष्यों के लिए पर्वत किस प्रकार उपयोगी हैं?
उत्तर: पर्वत मनुष्यों के लिए अनेक प्रकार से उपयोगी हैं:
- पर्वत प्राकृतिक जल संग्रहालय हैं। बर्फ के रूप में जमा पानी पिघलकर नदियों का स्रोत बनता है।
- पहाड़ी नदियों पर बाँध बनाकर जल विद्युत पैदा की जाती है।
- पर्वतीय जल स्रोतों का उपयोग सिंचाई और पीने के पानी के लिए किया जाता है।
- पर्वतों में विविध प्रकार के वन, औषधीय पौधे और जीव-जंतु पाए जाते हैं, जो पारिस्थितिकी के लिए जरूरी हैं।
- पर्वत पर्यटन और साहसिक खेलों (जैसे ट्रैकिंग, स्कीइंग) के केंद्र हैं, जिससे रोजगार मिलता है।
- कई पर्वत सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखते हैं और तीर्थस्थल हैं।
(v) मैदानों का निर्माण किस प्रकार होता है?
उत्तर: मैदानों का निर्माण मुख्य रूप से नदियों की क्रिया से होता है। यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होती है:
- अपरदन: नदियाँ पर्वतों से नीचे आते समय तेज गति से बहती हैं और अपने रास्ते में आने वाली चट्टानों को तोड़कर, घिसकर छोटे-छोटे कणों में बदल देती हैं। इसे अपरदन कहते हैं।
- निक्षेपण: जब नदियाँ मैदानी इलाकों में पहुँचती हैं, तो उनकी गति धीमी हो जाती है। इससे वे अपने साथ लाए हुए बालू, मिट्टी और गाद (सिल्ट) जैसे पदार्थों को अपने तटों के आस-पास जमा करने लगती हैं। सैकड़ों-हजारों वर्षों में यह जमाव इतना बढ़ जाता है कि उपजाऊ मैदानों का निर्माण हो जाता है। उदाहरण: सिंधु-गंगा का मैदान।
(vi) नदियों द्वारा निर्मित मैदान सघन जनसंख्या वाले होते हैं, क्यों?
उत्तर: नदियों द्वारा बनाए गए मैदानों में जनसंख्या अधिक होने के प्रमुख कारण हैं:
- उपजाऊ मिट्टी: नदियों द्वारा लाई गई गाद और मिट्टी बहुत उपजाऊ होती है, जिससे कृषि के लिए आदर्श स्थितियाँ मिलती हैं और खाद्यान्न का अधिक उत्पादन होता है।
- सिंचाई की सुविधा: नदियों से आसानी से सिंचाई की जा सकती है।
- समतल भूमि: समतल जमीन होने के कारण यहाँ सड़कें, रेलमार्ग और शहर बनाना आसान होता है, जिससे परिवहन और व्यापार विकसित होता है।
- जल की उपलब्धता: पीने, घरेलू उपयोग और उद्योगों के लिए पर्याप्त जल मिलता है।
(vii) पर्वतों में जनसंख्या कम होती है, क्यों?
उत्तर: पर्वतीय क्षेत्रों में जनसंख्या कम होने के निम्नलिखित कारण हैं:
- कठोर जलवायु: अधिक ऊँचाई पर ठंड बहुत अधिक होती है और सर्दियाँ लंबी होती हैं, जो रहने के लिए अनुकूल नहीं हैं।
- कृषि योग्य भूमि की कमी: खड़ी ढलानों और चट्टानी जमीन के कारण खेती करना मुश्किल और सीमित होता है।
- परिवहन की कठिनाई: ऊबड़-खाबड़ और खड़ी ढलान वाली जमीन पर सड़कें और रेलमार्ग बनाना बहुत मुश्किल और महँगा होता है, जिससे आवाजाही और व्यापार प्रभावित होता है।
- आवास निर्माण की चुनौती: समतल जमीन की कमी के कारण मकान बनाना भी चुनौतीपूर्ण होता है।
2. सही उत्तर चिह्नित (४) कीजिए।
(i) पर्वत पठारों से भिन्न होते हैं
(क) ऊँचाई
(ख) ढाल
(ग) अभिमुखता
(ii) हिमानी कहाँ पाई जाती है?
(क) पर्वतों में
(ख) मेदानों में
(ग) पठारों में
(iii) दक्कन पठार कहाँ स्थित है?
(क) केन्या
(ख) आस्ट्रेलिया
(ग) भारत
(iv) यांगत्से नदी कहाँ बहती है?
(क) दक्षिणी अमेरिका
(ख) आस्ट्रेलिया
(ग) चीन
(v) यूरोप की एक महत्त्वपूर्ण पर्वत श्रृंखला कौन-सी है?
(क) एंडीज़
(ख) आल्प्स
(ग) रॉकीज़
उत्तर:
1. (ग) अभिमुखता
2. (क) पर्वतों में
3. (ग) भारत
4. (ग) चीन
5. (ख) आल्प्स
3. खाली स्थान भरें।
1. समतल भूमि वाले विस्तृत क्षेत्र को मैदान कहते हैं।
2. हिमालय एवं आल्प्स युवा वलित पर्वतों के उदाहरण हैं।
3. पठार क्षेत्रों में खनिजों की प्रचुरता होती है।
4. श्रृंखला पर्वतों का एक क्रम है।
5. मैदानी क्षेत्र कृषि के लिए सबसे अधिक उत्पादक क्षेत्र होते हैं।
आओ कुछ करें
1. आपके राज्य में किस प्रकार के स्थलरूप पाए जाते हैं? इस अध्याय के आधार पर बताएँ कि वे स्थलरूप लोगों के लिए किस प्रकार उपयोगी हैं?
उत्तर: (छात्रों को अपने राज्य के अनुसार उत्तर देना चाहिए। यहाँ एक उदाहरण दिया गया है।)
उदाहरण (उत्तर प्रदेश के लिए): मेरे राज्य उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से विशाल मैदान पाए जाते हैं, जो गंगा और उसकी सहायक नदियों द्वारा बनाए गए हैं।
उपयोगिता:
- ये मैदान अत्यंत उपजाऊ हैं, जिससे गेहूँ, चावल, गन्ना आदि की भरपूर पैदावार होती है और राज्य को 'भारत का अन्न भंडार' कहा जाता है।
- समतल भूमि होने के कारण यहाँ सड़कों और रेलवे का जाल बिछा हुआ है, जिससे परिवहन सुगम है।
- नदियों से सिंचाई और पेयजल की आसानी से आपूर्ति होती है।
- यहाँ बड़े-बड़े शहर और औद्योगिक केंद्र विकसित हुए हैं, जो रोजगार देते हैं।
मानचित्र कार्य
1. विश्व के मानचित्र पर निम्नलिखित को चिहित कीजिए :
(अ) पर्वत श्रृंखलाएँ : हिमालय (एशिया), रॉकीज (उत्तरी अमेरिका) तथा एंडीज (दक्षिणी अमेरिका)
(ब) पठार : तिब्बत का पठार (एशिया)
(छात्रों को विश्व के रेखा मानचित्र पर उपरोक्त स्थलरूपों को उनके सही महाद्वीप में चिह्नित करना है।)
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