UP Board Class 7 Social Studies 3. राज्य शासन कैसे काम करता है is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 7 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर:
आमसभा: यह एक ऐसा सार्वजनिक सम्मेलन होता है जहाँ कोई भी सामान्य नागरिक जाकर अपनी बात रख सकता है, प्रश्न पूछ सकता है या अपनी समस्याओं को सीधे नेताओं या अधिकारियों के सामने प्रस्तुत कर सकता है।
भारत के राज्य: भारत एक संघीय देश है जो 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में बँटा हुआ है। प्रत्येक राज्य की अपनी एक सरकार होती है जो राज्य के आंतरिक मामलों का प्रबंधन करती है।
निर्वाचन क्षेत्र: यह एक भौगोलिक क्षेत्र होता है जिसके निवासी अपना एक प्रतिनिधि (जैसे विधायक या सांसद) चुनते हैं। प्रत्येक विधानसभा या लोकसभा सीट एक निर्वाचन क्षेत्र होती है।
बहुमत: जब किसी समूह या सदन में कुल सदस्यों के आधे से अधिक सदस्य किसी प्रस्ताव, निर्णय या व्यक्ति के पक्ष में हों, तो उसे बहुमत कहते हैं। सरकार बनाने के लिए भी विधानसभा में बहुमत प्राप्त होना आवश्यक है।
सत्तारूढ़ दल: वह राजनीतिक दल या दलों का गठबंधन जिसके पास विधानसभा में बहुमत होता है और जो राज्य की सरकार का गठन करता है, उसे सत्तारूढ़ दल कहते हैं।
विरोधी दल: विधानसभा में वे दल जो सत्तारूढ़ दल का हिस्सा नहीं हैं, विरोधी दल कहलाते हैं। इनका मुख्य कार्य सरकार के निर्णयों और कार्यों पर सवाल उठाना, उनकी आलोचना करना और वैकल्पिक नीतियाँ सुझाना है।
उत्तर:
मान लीजिए किसी राज्य की विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं। यदि किसी दल को 110 सीटें मिलती हैं, तो उसे बहुमत प्राप्त है। यही दल सत्तारूढ़ दल बनेगा और सरकार का गठन करेगा। वहीं, दूसरे दल जिन्हें शेष 90 सीटें मिली हैं, वे विरोधी दल की भूमिका निभाएँगे। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्तारूढ़ दल है और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख विरोधी दल है।
उत्तर:
जब किसी चुनाव में किसी एक दल को अकेले बहुमत नहीं मिल पाता, तो दो या दो से अधिक दल मिलकर एक साझा कार्यक्रम के आधार पर सरकार बनाते हैं। इसे गठबंधन सरकार कहते हैं। ऐसी सरकार में सभी साझेदार दल मिलकर मंत्रिमंडल बनाते हैं और निर्णय लेते हैं। भारत में राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) गठबंधन सरकारों के उदाहरण हैं।
उत्तर:
विधायकों ने निम्नलिखित तर्क देकर सरकार की आलोचना की कि वह हैजे की गंभीर स्थिति को हल्के में ले रही है:
1. सरकारी असफलता: एक विधायक ने कहा कि सरकार हैजे जैसी साधारण बीमारी को रोकने में भी असफल रही है, जो शर्मनाक है।
2. अस्पतालों की खराब हालत: दूसरे विधायक ने सवाल उठाया कि सरकारी अस्पतालों की दशा इतनी खराब क्यों है और डॉक्टरों व कर्मचारियों की नियुक्ति ठीक से क्यों नहीं की गई।
3. महामारी का रूप: उन्होंने यह भी कहा कि बीमारी अब महामारी का रूप ले चुकी है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं, फिर भी सरकार प्रभावी कदम नहीं उठा रही।
उत्तर:
यदि मैं स्वास्थ्य मंत्री होता, तो मैं विधानसभा में निम्नलिखित बातें कहकर जवाब देता:
1. सबसे पहले, प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता और उन्हें आश्वासन देता कि सरकार पूरी तरह से इस समस्या से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।
2. मैं बताता कि तत्काल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त डॉक्टरों, नर्सों और दवाइयों की तैनाती की जा रही है।
3. साफ पीने के पानी और स्वच्छता के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
4. एक उच्च-स्तरीय जाँच समिति बनाई जाएगी जो इस संकट के कारणों की पड़ताल करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।
5. जिन अधिकारियों ने लापरवाही बरती है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देता।
उत्तर:
हाँ, विधानसभा में हुई यह बहस अत्यंत उपयोगी थी। इसके निम्नलिखित कारण हैं:
1. जनता की आवाज: इस बहस के माध्यम से आम जनता की पीड़ा और समस्याएँ सीधे सरकार के सामने पहुँचीं।
2. सरकार को जवाबदेह ठहराना: विरोधी दल के विधायकों ने सरकार से सवाल पूछकर उसे अपने कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराया, जो लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
3. त्वरित कार्रवाई: सार्वजनिक चर्चा और दबाव के कारण सरकार को समस्या पर तुरंत ध्यान देने और कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
4. जागरूकता: इस बहस से पूरे राज्य के लोगों को इस गंभीर स्वास्थ्य संकट के बारे में जानकारी मिली।
उत्तर:
एक सामान्य विधायक और एक मंत्री विधायक की भूमिका में निम्नलिखित अंतर हैं:
सामान्य विधायक:
- वह अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधि होता है और उस क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा में उठाता है।
- वह सरकार के प्रस्तावों पर बहस कर सकता है, सवाल पूछ सकता है और मतदान में भाग ले सकता है।
- उसके पास सरकार चलाने की कोई प्रत्यक्ष जिम्मेदारी नहीं होती।
मंत्री विधायक:
- मंत्री भी एक विधायक होता है, लेकिन उसे सरकार में एक विशेष विभाग (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य) की जिम्मेदारी दी जाती है।
- वह अपने विभाग के लिए नीतियाँ बनाता है, बजट तैयार करता है और महत्वपूर्ण निर्णय लेता है।
- वह सरकार के कार्यकारी अंग का हिस्सा होता है और प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करता है।
- उसे सुरक्षा और अन्य सुविधाएँ एक सामान्य विधायक से अधिक मिलती हैं।
उत्तर:
हैजे को नियंत्रण में लाने के लिए सरकार द्वारा किए गए दो प्रमुख उपाय थे:
1. स्वच्छता और पानी की व्यवस्था: सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सफाई के प्रबंध और स्वच्छ पीने के पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
2. जाँच समिति का गठन: सरकार ने एक उच्च स्तरीय जाँच समिति का गठन किया। इस समिति का काम स्वच्छता सुविधाओं की जरूरतों का आकलन करना और पानी की आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान ढूँढना था।
उत्तर:
प्रेसवार्ता का उद्देश्य: प्रेसवार्ता का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों, चलाए जा रहे कार्यक्रमों और नीतियों के बारे में सीधे तौर पर आम जनता और मीडिया को सूचित करना है। यह सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक जरिया है।
सहायक कैसे है: प्रेसवार्ता हमें सरकार के कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में निम्नलिखित तरीकों से सहायक होती है:
1. सीधी जानकारी: इसमें मंत्री या अधिकारी सीधे पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हैं, जिससे भ्रामक खबरें फैलने का खतरा कम हो जाता है।
2. विस्तृत विवरण: प्रेसवार्ता में सरकार अपने कदमों के पीछे के कारण और भविष्य की योजनाओं का विस्तार से ब्योरा दे सकती है।
3. मीडिया के माध्यम से पहुँच: प्रेसवार्ता में दी गई जानकारी अखबारों, टीवी और रेडियो के जरिए घर-घर तक पहुँचती है, जिससे हर नागरिक को सरकार के कामकाज के बारे में पता चलता है।
उत्तर:
| विभाग का नाम | उनके कार्यों के उदाहरण |
|---|---|
| स्कूल शिक्षा विभाग | राज्य में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों का प्रबंधन, शिक्षकों की नियुक्ति, पाठ्यपुस्तकों का वितरण, स्कूलों के भवनों का निर्माण एवं मरम्मत, और शैक्षणिक गुणवत्ता को बनाए रखना। |
| लोक निर्माण विभाग | सरकारी भवनों, सड़कों, पुलों, नहरों आदि का निर्माण, देखरेख और मरम्मत करना। यह विभाग राज्य के बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए जिम्मेदार है। |
| कृषि विभाग | किसानों को बेहतर बीज, खाद और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराना, फसल बीमा योजनाएँ चलाना, कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करना और सिंचाई सुविधाओं का विकास करना। |
उत्तर:
विधायक राज्य विधानसभा का सदस्य होता है। उसे एम.एल.ए. (Member of Legislative Assembly) कहा जाता है।
चुनाव की प्रक्रिया:
1. पूरे राज्य को कई छोटे-छोटे भागों में बाँट दिया जाता है, जिन्हें निर्वाचन क्षेत्र या विधानसभा क्षेत्र कहते हैं।
2. प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से जनता एक प्रतिनिधि चुनती है, जो उस क्षेत्र का विधायक बनता है।
3. इस चुनाव में उस निर्वाचन क्षेत्र के 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी नागरिक (मतदाता) गुप्त मतदान द्वारा अपना मत डालते हैं।
4. जो उम्मीदवार सबसे अधिक मत प्राप्त करता है, वह उस क्षेत्र का विधायक चुन लिया जाता है और विधानसभा में जनता का प्रतिनिधित्व करता है।
उत्तर:
सभी विधायक मंत्री नहीं बनते। मंत्री बनने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. चुनाव के बाद, जिस दल या गठबंधन के पास विधानसभा में बहुमत होता है, उसके नेता को राज्यपाल मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाते हैं।
2. मुख्यमंत्री अपने दल के कुछ अनुभवी और योग्य विधायकों के नाम राज्यपाल को सुझाते हैं, जिन्हें मंत्री बनाया जाना है।
3. राज्यपाल उन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाते हैं।
4. इसके बाद मुख्यमंत्री प्रत्येक मंत्री को एक अलग विभाग सौंपते हैं, जैसे शिक्षा मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, वित्त मंत्री आदि। ये मंत्री अपने-अपने विभागों के प्रमुख होते हैं और उनके कामकाज की जिम्मेदारी संभालते हैं।
उत्तर:
मुख्यमंत्री और मंत्रियों के निर्णयों पर विधानसभा में बहस होना लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके कारण हैं:
1. जवाबदेही सुनिश्चित करना: बहस के माध्यम से सरकार को अपने निर्णयों का कारण बताना पड़ता है, जिससे वह जनता के प्रति जवाबदेह बनी रहती है।
2. अंकुश लगाना: इससे सरकार की मनमानी और अधिकारों के दुरुपयोग पर रोक लगती है।
3. बेहतर निर्णय: बहस के दौरान विभिन्न विधायक अपने विचार और सुझाव रखते हैं। इससे निर्णय लेते समय सभी पहलुओं पर विचार हो पाता है और अंतिम निर्णय अधिक संतुलित और प्रभावी बनता है।
4. जनहित का ध्यान: बहस यह सुनिश्चित करती है कि सरकार के निर्णय केवल कुछ लोगों के बजाय पूरी जनता के हित में हों।
उत्तर:
पातालपुरम की समस्याएँ: पातालपुरम क्षेत्र में पीने के साफ पानी की भारी कमी थी। लोगों को गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसके कारण हैजा फैल गया। इस बीमारी से कई लोगों की मृत्यु हो गई और अस्पताल मरीजों से भर गए।
| समूह/संस्था | द्वारा किए गए चर्चा/कार्य |
|---|---|
| आमसभा | लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया और विधायक के घर का घेराव किया ताकि उनकी समस्या पर तुरंत ध्यान दिया जाए। |
| विधानसभा | विधायकों ने सदन में सरकार से सवाल पूछे। उन्होंने पानी की कमी, अस्पतालों की खराब हालत, डॉक्टरों की कमी और सरकार की लापरवाही पर जोरदार बहस की। |
| प्रेसवार्ता | स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों से बात करके सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों (जैसे दवाइयों का वितरण, जाँच समिति का गठन) की जानकारी दी। |
| मुख्यमंत्री | मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। वे पीड़ित परिवारों से मिले, अस्पताल में मरीजों को देखा, मुआवजे की घोषणा की और समस्या के स्थायी समाधान के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाने का आदेश दिया। |
उत्तर:
विधानसभा सदस्य (विधायक) के कार्य:
1. कानून बनाना: विधायक विधानसभा में बैठकर नए कानून प्रस्तावित करते हैं, उन पर चर्चा करते हैं और उन्हें पारित करते हैं।
2. सरकार पर नजर रखना: वे सरकार के कामकाज पर नजर रखते हैं, उससे सवाल पूछते हैं और आवश्यकता पड़ने पर आलोचना भी करते हैं।
3. जनता की समस्याएँ उठाना: वे अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाते हैं और उनके समाधान की माँग करते हैं।
शासकीय विभागों के कार्य:
1. कार्यान्वयन करना: शासकीय विभाग (जैसे शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग) विधानसभा द्वारा बनाए गए कानूनों और सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों को जमीन पर लागू करने का काम करते हैं।
2. दैनिक प्रशासन: ये विभाग रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्य संभालते हैं, जैसे स्कूल चलाना, अस्पतालों का प्रबंधन, सड़कें बनवाना आदि।
सरल शब्दों में: विधायक नियम बनाते हैं और सरकार पर नजर रखते हैं, जबकि शासकीय विभाग उन नियमों के अनुसार काम करते हैं।
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