UP Board Class 7 Social Studies 7. विज्ञापनों को समझना is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 7 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर : हाँ, इस छवि में एक समस्या नज़र आती है। विज्ञापन यह संदेश देता है कि बच्चे की देखभाल की ज़िम्मेदारी केवल माँ की है, जबकि वास्तव में यह माता-पिता दोनों की साझा ज़िम्मेदारी है। ऐसे विज्ञापन समाज में पुराने और लैंगिक रूढ़िवादी विचारों को मज़बूत करते हैं, जहाँ पिता की भूमिका केवल कमाने वाले की मानी जाती है। यह छवि बदलते समय और पारिवारिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
उत्तर : विज्ञापन हमें ब्रांड का सामान इस्तेमाल करने पर एक विशेष और श्रेष्ठ अनुभव कराना चाहता है। वह यह समझाने की कोशिश करता है कि उस उत्पाद को खरीदने और इस्तेमाल करने से हमारा जीवन बेहतर, सुखद और सम्मानजनक हो जाएगा। विज्ञापन अक्सर उत्पाद को सफलता, स्टाइल, खुशी या पारिवारिक सुरक्षा जैसी भावनाओं से जोड़कर दिखाता है, ताकि हम उसे सिर्फ एक वस्तु नहीं, बल्कि एक बेहतर जीवनशैली का हिस्सा समझने लगें।
उत्तर :
यदि पैसा हो: विज्ञापित उत्पादों को देखकर अच्छा महसूस होगा क्योंकि हम उन्हें खरीद सकते हैं। हमें लगेगा कि हम समाज के उन लोगों का हिस्सा बन रहे हैं जिनकी जीवनशैली विज्ञापनों में दिखाई जाती है। इससे आत्मविश्वास और संतुष्टि का अनुभव हो सकता है।
यदि पैसा न हो: ऐसी स्थिति में विज्ञापन देखकर निराशा या अपर्याप्तता का अनुभव हो सकता है। हमें लग सकता है कि हम उन अच्छी चीज़ों को अफ़ोर्ड नहीं कर पा रहे जो दूसरे लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। कई बार यह भी लग सकता है कि विज्ञापन के चक्कर में ये उत्पाद अनावश्यक रूप से महंगे हैं और उनके बिना भी काम चल सकता है।
उत्तर : हमारे विचार में सामाजिक विज्ञापन समाज के सभी सदस्यों को संबोधित करते हैं। इनका लक्ष्य किसी विशेष उत्पाद को बेचना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना और उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। उदाहरण के लिए, स्वच्छता, सड़क सुरक्षा, बाल शिक्षा, या पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विज्ञापन हर उस व्यक्ति से संवाद करते हैं जो उस समस्या से प्रभावित है या उसके समाधान में योगदान दे सकता है।
उत्तर : हाँ, एक सामाजिक विज्ञापन इस प्रकार बनाया जा सकता है:
सावधानी: हैजा गंदे पानी और दूषित भोजन से फैलने वाली एक खतरनाक बीमारी है।
बचाव के उपाय:
याद रखें: स्वच्छता ही हैजा से सबसे बड़ी सुरक्षा है।
उत्तर : पाठ्यपुस्तक में दिए गए प्रत्येक सामाजिक विज्ञापन समाज के कल्याण और जनहित से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संदेश पहुँचाना चाह रहे हैं। उदाहरण के लिए:
उत्तर : 'ब्रांड' शब्द से तात्पर्य किसी उत्पाद या सेवा के उस विशेष नाम, लोगो (चिह्न) या पहचान से है जो उसे बाज़ार में मौजूद दूसरे समान उत्पादों से अलग और विशिष्ट बनाता है। जैसे 'पैराशूट' एक ब्रांड है जो तेल के लिए जाना जाता है।
विज्ञापन के लिए ब्रांड बनाने के दो मुख्य कारण हैं:
1. ग्राहकों में विश्वास और वफादारी पैदा करना: एक मज़बूत ब्रांड गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रतीक बन जाता है। ग्राहक बार-बार उसी ब्रांड का सामान खरीदते हैं क्योंकि उन्हें उसकी गुणवत्ता पर भरोसा हो जाता है।
2. अपने उत्पाद को प्रतिस्पर्धा से अलग दिखाना: बाज़ार में एक जैसे कई उत्पाद होते हैं। ब्रांडिंग और विज्ञापन के ज़रिए कंपनियाँ अपने उत्पाद की खासियतें (जैसे- स्वाद, पैकिंग, सेवा) उभारकर ग्राहक का ध्यान खींचती हैं और उसे यह समझाती हैं कि उनका उत्पाद बाकियों से बेहतर क्यों है।
उत्तर : मान लीजिए हमने एक स्वास्थ्य पेय और एक स्मार्टफोन के विज्ञापन चुने हैं।
(क) भाषा और चित्र: ध्यान आकर्षित करने के लिए रंगीन, आकर्षक और स्पष्ट चित्रों का उपयोग किया गया है। भाषा सरल, आत्मविश्वासपूर्ण और आदेशात्मक है (जैसे- "खरीदें अभी!", "सबसे तेज़")। स्वास्थ्य पेय के विज्ञापन में खेलते हुए स्वस्थ बच्चों के चित्र हैं, जबकि स्मार्टफोन के विज्ञापन में फैशनेबल युवा और उन्नत तकनीक दिखाई गई है।
(ख) बढ़ावा दिए जा रहे मूल्य: स्वास्थ्य पेय का विज्ञापन अच्छी सेहत, ताकत और माता-पिता की देखभाल के मूल्य को बढ़ावा दे रहा है। स्मार्टफोन का विज्ञापन आधुनिकता, स्टाइल, सामाजिक सफलता और तकनीकी श्रेष्ठता के मूल्यों को प्रस्तुत कर रहा है।
(ग) संवाद और छूटे हुए लोग: ये विज्ञापन मुख्य रूप से शहरी मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग के उपभोक्ताओं से संवाद कर रहे हैं जो इन उत्पादों को खरीदने की क्षमता और इच्छा रखते हैं। ये विज्ञापन ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और कम आय वाले परिवारों को लगभग छोड़ देते हैं, क्योंकि उनकी ज़रूरतें और खरीदने की क्षमता अलग है।
(घ) यदि खरीदने में समर्थ न हों: यदि हम इन विज्ञापित ब्रांड्स को खरीदने में समर्थ नहीं होंगे, तो शुरू में कुछ कमी या निराशा महसूस हो सकती है। हम सोच सकते हैं कि हम उस 'बेहतर' जीवनशैली का हिस्सा नहीं बन पा रहे जो विज्ञापन दिखा रहा है। हालाँकि, बाद में यह भी एहसास हो सकता है कि विज्ञापन में दिखाई गई ज़रूरत वास्तविक नहीं है और हम अपने बजट के अनुसार उपलब्ध अन्य अच्छे विकल्पों से भी काम चला सकते हैं।
उत्तर : हाँ, विज्ञापन लोकतंत्र में समानता के मुद्दे पर निम्नलिखित दो तरीकों से प्रभाव डालता है:
1. आर्थिक असमानता को बढ़ावा: विज्ञापन बड़ी कंपनियों के महंगे ब्रांडेड उत्पादों को ही 'श्रेष्ठ' साबित करता है। इन उत्पादों की कीमत में विज्ञापन का खर्च भी शामिल होता है, जिससे वे और महंगे हो जाते हैं। इससे समाज में दो वर्ग बन जाते हैं - एक जो महंगे ब्रांडेड सामान खरीद सकता है और दूसरा जो नहीं खरीद सकता। यह आर्थिक असमानता को दिखाता और बढ़ाता है, जबकि लोकतंत्र सबके लिए समान अवसर की बात करता है।
2. छोटे उत्पादकों को हाशिए पर धकेलना: केवल बड़ी कंपनियाँ ही करोड़ों रुपये खर्च करके टीवी और अखबारों में विज्ञापन दे सकती हैं। छोटे स्थानीय उत्पादक या दुकानदार, चाहे उनका सामान कितना भी अच्छा और सस्ता क्यों न हो, वे इस प्रतिस्पर्धा में नहीं टिक पाते। इस तरह विज्ञापन बाज़ार में छोटे खिलाड़ियों के लिए अवसर की समानता को कमजोर कर देता है, जो लोकतांत्रिक आर्थिक सिद्धांत के विपरीत है।
उत्तर : कक्षा को चार समूहों में बाँटा गया। घड़ी का ब्रांड नाम रखा गया: "स्टूडेंट्स टाइम"। प्रत्येक समूह द्वारा बनाए गए विज्ञापन इस प्रकार हैं:
समूह 1 का विज्ञापन:
हल्की, टिकाऊ और रंग-बिरंगे स्ट्रैप वाली।
खासियत: समय पर स्कूल पहुँचने में मददगार, पानी से बचाव (वाटर रेजिस्टेंट)।
कीमत: केवल 250 रुपये।
जो पढ़ाई और खेल दोनों का साथ दे।
खासियत: बड़े अंक, रात में चमकने वाली सुईयाँ, 1 साल की वारंटी।
कीमत: स्पेशल ऑफर 299 रुपये।
स्टूडेंट्स टाइम के नए कलेक्शन के साथ।
खासियत: कार्टून कैरेक्टर वाले डायल, 6 अलग-अलग रंगों में उपलब्ध।
कीमत: 275 रुपये। फटाफट खरीदो, स्टॉक सीमित है!
बच्चों की सुरक्षा और समय की पाबंदी के लिए बनी यह अनोखी घड़ी।
खासियत: नॉन-टॉक्सिक मटेरियल, हाइपोएलर्जेनिक, टूटने से बचाव।
कीमत: 325 रुपये। आज ही लाएँ!
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