UP Board class 8 Hindi 2. दो गौरैया (कहानी) is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 8 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: माँ गौरैयों के प्रति सहानुभूति रखती थीं। वह नहीं चाहती थीं कि उनका बनाया हुआ घोंसला नष्ट हो जाए। पिताजी की कोशिशों को देखकर वह इसलिए हँस रही थीं क्योंकि गौरैयाँ उनकी हरकतों को एक खेल समझ रही थीं। वे बार-बार घोंसले से बाहर झाँकती और फिर अंदर चली जाती थीं, जो देखने में बहुत मनोरंजक लग रहा था।
उत्तर: माँ को डर था कि घोंसले में शायद गौरैयों ने अंडे दिए होंगे। यदि पिताजी ज़ोर-ज़बरदस्ती करते हैं तो अंडे टूट सकते हैं और माँ-बाप चिड़ियाँ दुखी हो जाएँगी। प्राणियों के प्रति इसी दया और चिंता के कारण माँ ने गंभीर होकर पिताजी को ऐसा कहा।
उत्तर: पिताजी ने गुस्से में यह बात कही क्योंकि गौरैयों को भगाने के उनके सभी प्रयास विफल हो रहे थे। माँ इस बात से बिल्कुल भी सहमत नहीं थीं। हम भी इससे सहमत नहीं हैं। किसी का घर तोड़ना बहुत गलत काम है। घर सभी के लिए सुरक्षा और प्यार का स्थान होता है, चाहे वह इंसान का हो या पक्षी का। घर तोड़ने से उनके बच्चों और अंडों को भी खतरा हो सकता है।
उत्तर: जब पिताजी ने घोंसला हटाने के लिए उठाया तो उसमें अंडे देखे। इससे उन्हें एहसास हुआ कि गौरैयों ने यहाँ अपना घर बसा लिया है। अब उनका गुस्सा दूर हो गया और वे समझ गए कि इन्हें परेशान करना ठीक नहीं है। गौरैयों का चहचहाना अब उन्हें खुशी देने लगा, इसलिए वे मुस्कुरा रहे थे।
इस कहानी के शुरू में कई पशु - पक्षियों की चर्चा की गई है। कहानी में वे ऐसे कुछ काम करते हैं जैसे मनुष्य करते हैं। उनको दूँढ़कर तालिका पूरी करो-
| क्रम | पक्षी/प्राणी | मानव जैसा कार्य |
|---|---|---|
| कः | कबूतर | घर का पता लिखवाकर लाए हैं। |
| खः | बूढ़ा चूहा | शायद सर्दी लगने के कारण अंगीठी के पीछे छिपकर बैठा है। |
| गः | बिल्ली | मन आया तो अंदर आकर दूध पी गई, मन आया तो बाहर से ही 'फिर आउँगी' कहकर चली जाती है। |
| घः | चमगादड़ | शाम होते ही दो-तीन चमगादड़ कमरों के आर-पार पर फैलाकर कसरत करने लगते हैं। |
| ङः | चींटियाँ | चींटियों की फौज ने छावनी डाले हुए है। |
क. अब तुम पता करो कि मल्हार क्या होता है? इस काम में तुम बड़ों की सहायता भी ले सकते हो।
उत्तर: मल्हार भारतीय शास्त्रीय संगीत का एक प्रसिद्ध राग है। मान्यता है कि इस राग के गायन से वर्षा होने लगती है। यह बारिश के मौसम से जुड़ा हुआ राग है।
ख. बताओ कि क्या सचमुच चिड़ियाँ 'मल्हार गा सकती हैं?
उत्तर: नहीं, चिड़ियाँ वास्तविक रूप से शास्त्रीय राग 'मल्हार' नहीं गा सकतीं। लेकिन उनकी मधुर और प्रसन्नतापूर्ण चहचहाहट इतनी सुरीली लगती है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो वे कोई खुशनुमा राग गा रही हों। लेखक ने उनकी आवाज़ की तुलना मल्हार राग से की है।
ग. बताओ की कहानी में चिड़ियों द्वारा मल्हार गाने की बात क्यों कही गई है?
उत्तर: कहानी में चिड़ियों के मल्हार गाने की बात इसलिए कही गई है क्योंकि वे अपनी जीत पर खुशी मना रही थीं। पिताजी उन्हें निकालने में असफल रहे थे और उनका घोंसला सुरक्षित था। इस विजय और सुरक्षा की खुशी में उनका चहचहाना इतना मधुर लग रहा था कि वह मल्हार राग सुनाई दे रहा था।
उत्तर: विद्यार्थियों को चाहिए कि वे गौरैया, कबूतर, तोता, मोर, बया पक्षी आदि के घोंसलों के चित्र इकट्ठा करें। इन चित्रों को अपनी नोटबुक में चिपकाएँ और प्रत्येक घोंसले के बनावट की विशेषता (जैसे - घास-तिनकों से बना, पेड़ के खोखले तने में, मिट्टी से बना हुआ) संक्षेप में लिखें। फिर इसे अपने शिक्षक को दिखाएँ।
क. पूरी कहानी में गौरैया, कहाँ-कहाँ से घर के अंदर घुसी थीं ? सूची बनाओ।
उत्तर: गौरैया निम्नलिखित रास्तों से घर के अंदर घुसी थीं:
ख. अब अपने घर के बारे में सोचो | तुम्हारे घर में यदि गौरैया आना चाहे तो वह कहाँ-कहाँ से अंदर घुस सकती है? इसे अपने शिक्षक को बताओ।
उत्तर: (विद्यार्थी अपने घर के हिसाब से उत्तर देंगे) उदाहरण के लिए: मेरे घर में गौरैया निम्न जगहों से अंदर आ सकती है - खिड़की खुली छोड़ने पर, एग्जॉस्ट फैन के छेद से, दरवाजे की दरार से, अलमारी के पीछे खुली जगह से।
इसी प्रकार नीचे दिए गए रेखांकित शब्दों पर भी ध्यान दो। इन शब्दों से एक-एक वाक्य बनाओ |
क. पिताजी ने झिड़ककर कहा, तू खड़ा क्या देख रहा है?
वाक्य: गलती करने पर पिताजी ने मुझे झिड़ककर डाँटा।
ख. आज दरवाजे बंद रखो, , उन्होंने हुक्म दिया।
वाक्य: सेना के अधिकारी ने सिपाहियों को हुक्म दिया कि सीमा पर सतर्क रहें।
ग. देखो जी, चिड़ियों को मत निकालो माँ ने अबकी बार गंभीरता से कहा।
वाक्य: डॉक्टर ने मरीज को गंभीरता से समझाया कि दवाई नियमित लेनी है।
घ. किसी को सचमुच बाहर निकालना हो, तो उसका घर तोड़ देना चाहिए, उन्होंने गुस्से में कहा ।
वाक्य: बार-बार शोर करने पर पड़ोसी गुस्से में हमारे घर आ धमका।
क. पिताजी ने यह बात किससे कही?
उत्तर: पिताजी ने यह बात माँ से कही।
ख. उन्होंने यह बात क्यों कही?
उत्तर: गौरैयों के कारण घर में गंदगी फैल रही थी और पिताजी को लग रहा था कि उनकी कीमती कालीन खराब हो जाएगी। इसी चिंता और गुस्से में उन्होंने यह बात कही।
ग. गौरैयों के आने से कालीन कैसे बरबाद होता?
उत्तर: गौरैयों के आने से कालीन निम्न तरीकों से खराब हो सकता है:
क. सराय और घर में क्या अंतर होता है ? आपस में इस पर चर्चा करो।
उत्तर:
ख. पिताजी को अपना घर सराय क्यों लगता है?
उत्तर: पिताजी को अपना घर सराय इसलिए लगने लगा क्योंकि वहाँ केवल उनका परिवार ही नहीं, बल्कि कबूतर, चूहे, चमगादड़, चींटियाँ और गौरैया जैसे कई अवांछित मेहमान भी बिना पूछे आकर रहने लगे थे। हर तरफ जीव-जंतुओं का आना-जाना लगा रहता था, जैसे कोई सार्वजनिक धर्मशाला हो।
उत्तर: (विद्यार्थी कल्पना से उत्तर देंगे) उदाहरण: "अरे साथी! क्या बताऊँ, हमने तो इस कमरे की अलमारी के ऊपर बहुत सुंदर घोंसला बना लिया था। लेकिन इस घर के बड़े आदमी (पिताजी) हमें बार-बार भगाने की कोशिश करते रहे। वे दरवाजे बंद करते, हमें हाथ से उड़ाते, पर हम हारने वाले कहाँ थे! हम हर बार नए रास्ते से वापस घुस आते। फिर एक दिन उन्होंने हमारा घोंसला ही उतारने की कोशिश की, तब उन्होंने हमारे अंडे देखे। उस दिन के बाद से वे शांत हो गए और अब हम मजे से यहाँ रह रहे हैं।"
| पात्र | पसंद आने का कारण |
|---|---|
| क. माँ | माँ की चिड़ियों के प्रति कोमल भावना और ममता। वह उनके घोंसले और अंडों की सुरक्षा के बारे में सोचती थीं। |
| ख. पिताजी | अंत में उनका मन परिवर्तन। गुस्से के बाद जब उन्हें एहसास हुआ कि गौरैया ने अंडे दिए हैं, तो वे मुस्कुरा दिए और उन्हें स्वीकार कर लिया। |
| ग. लेखक | लेखक का पूरी स्थिति को बहुत ही रोचक और जीवंत तरीके से बताना, जिससे पाठक सब कुछ अपनी आँखों के सामने घटित होता हुआ महसूस करता है। |
| घ. गौरैया | गौरैया की हिम्मत और चतुराई। वह हर बार पिताजी की चाल को विफल करके घर में वापस आ जाती थी। |
| ङ. चूहा | बूढ़े चूहे का अंगीठी के पीछे सर्दी से बचने के लिए बैठना बहुत मनोरंजक लगा। |
| च. बिल्ली | बिल्ली का बिना किसी डर के आना, दूध पीकर 'फिर आउँगी' कहकर चले जाना बहुत हँसी आती है। |
| छ. कबूतर | कबूतरों का गुटरगूँ करना और घर का पता लिखवाकर लाने की बात बहुत प्यारी लगी। |
| ज. चमगादड़ | चमगादड़ों का शाम को पर फैलाकर कसरत करना, यह दृश्य कल्पना में बहुत अजीबोगरीब और मज़ेदार लगता है। |
क. क्या माँ सचमुच चिड़ियों को घर से निकालना चाहती थीं?
उत्तर: नहीं, माँ वास्तव में चिड़ियों को निकालना नहीं चाहती थीं। वह तो पिताजी के गुस्से को शांत करने और चिड़ियों को बचाने के लिए ऐसी बातें कह रही थीं। उनकी हर बात में चिड़ियों के प्रति सुरक्षा और चिंता का भाव छिपा था।
ख. माँ बार-बार क्यों कह रही थीं कि ये चिड़ियाँ नहीं जाएँगी?
उत्तर: माँ बार-बार यह इसलिए कह रही थीं क्योंकि उन्हें पता था कि जब चिड़ियों ने घोंसला बना लिया है और अंडे दे दिए हैं, तो वे अपने भविष्य के बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी भी हालत में इस घर को नहीं छोड़ेंगी। वे माँ-बाप बन चुकी थीं और अब यह उनका अपना घर था।
क. तुम्हारे विचार से इस कहानी को कौन सुना रहा है? तुम्हें यह किन बातों से पता चला?
उत्तर: इस कहानी को लेखक स्वयं (या परिवार का बेटा) सुना रहा है। यह इस बात से पता चलता है कि पूरी कहानी में घटनाओं का वर्णन 'हम' और 'हमारे' शब्दों से किया गया है, जैसे "हम लोग नीचे उतरकर आए"। लेखक पिताजी और माँ के बीच की बातचीत और सारी हरकतों का सीधा गवाह है।
ख. लेखक ने यह अनुमान कैसे लगाया कि एक चूहा बूढ़ा है और उसको सर्दी लगती है?
उत्तर: लेखक ने देखा कि एक चूहा अंगीठी के पीछे चुपचाप सटकर बैठा रहता है। अंगीठी गर्मी देती है। आमतौर पर बूढ़े लोगों या जानवरों को सर्दी ज्यादा लगती है और वे गर्मी के पास बैठना पसंद करते हैं। इसी अवलोकन के आधार पर लेखक ने यह मजेदार अनुमान लगाया कि वह चूहा बूढ़ा है और उसे सर्दी लगती है।
चुक - चूक
क. अब उनकी सहनशीलता चुक गई | (समाप्त हो गई)
ख. उनका निशाना चूक गया। (लक्ष्य से हट गया)
अब तुम भी इन शब्दों को समझो और उनसे वाक्य बनाओ ।
1. सुख - सूख
क. सुख के क्षण अनमोल होते हैं। (आनंद)
ख. पानी के बिना पेड़ के पत्ते सूख गए । (जल हीन हो गए)
2. धूल - धुल
क. आँधी के चलने से चारों तरफ धूल ही धूल हो गई । (मिट्टी)
ख. तेज बारिश से पूरी प्रकृति धुल गई । (साफ हो गई)
3. सुना - सूना
क. प्रधानमंत्री का भाषण सभी ने सुना। (सुन लिया)
ख. बच्चों के अपनी नानी के घर चले जाने से सारा घर सूना हो गया । (सुनसान/खाली)
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