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UP Board class 8 Social Studies (3. हमें संसद क्यों चाहिए ?) solution PDF

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UP Board class 8 Social Studies (3. हमें संसद क्यों चाहिए ?) solution

UP Board class 8 Social Studies 3. हमें संसद क्यों चाहिए ? Hindi Medium Solutions - PDF

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UP Board Solutions for Class 8 Social Science (सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन 3)

Why do we need a Parliament? (हमें संसद क्यों चाहिए ?)

पाठगत प्रश्न प्रश्न 1. संसद की तस्वीर के जरिए कलाकार क्या कहने का प्रयास कर रहा है? [UP Board पाठ्यपुस्तक पेज-31]

उत्तर: इस चित्र के माध्यम से कलाकार निम्नलिखित बातें स्पष्ट करना चाहता है:

  1. भारत का प्रत्येक नागरिक, चाहे उसकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो, अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के द्वारा संसद तक पहुँचने का अधिकार रखता है।
  2. चाहे व्यक्ति स्त्री हो या पुरुष, किसी भी धर्म या समुदाय से संबंधित हो, सभी को समान रूप से चुनाव लड़कर संसद का सदस्य बनने का अवसर प्राप्त है।
  3. यह चित्र इस बात को दर्शाता है कि देश के हर नागरिक की आवाज, प्रतिनिधियों के माध्यम से, राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनती है।

प्रश्न 2. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार क्यों मिलना चाहिए, इसके पक्ष में एक कारण बताइए। [UP Board पाठ्यपुस्तक पेज-32]

उत्तर: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार दिए जाने का एक प्रमुख कारण यह है कि यह लोकतंत्र की मूल भावना को साकार करता है। लोकतंत्र शासन में जनता की सहमति और सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण होती है। जब देश के प्रत्येक वयस्क नागरिक को, बिना किसी भेदभाव के, वोट देने का अधिकार मिलता है, तो सरकार का गठन वास्तव में जनता की इच्छा के अनुसार होता है। इससे सरकार जनता के प्रति अधिक जवाबदेह और उत्तरदायी बनती है।

प्रश्न 3. क्लास मॉनीटर का चुनाव शिक्षक द्वारा किया जाता है या विद्यार्थियों द्वारा-आपकी राय में इस बात से कोई फर्क पड़ता है या नहीं? चर्चा कीजिए। [UP Board पाठ्यपुस्तक पेज-32]

उत्तर: हाँ, क्लास मॉनीटर के चुनाव की प्रक्रिया से बहुत फर्क पड़ता है।

  • यदि मॉनीटर का चुनाव विद्यार्थियों द्वारा किया जाता है, तो यह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया होगी। चुना गया मॉनीटर विद्यार्थियों का अपना प्रतिनिधि होगा, इसलिए सभी छात्र उसकी बात मानने और उसे सहयोग देने के लिए तैयार रहेंगे।
  • दूसरी ओर, यदि मॉनीटर का चुनाव केवल शिक्षक द्वारा किया जाता है, तो विद्यार्थियों को लग सकता है कि यह उनकी पसंद का व्यक्ति नहीं है। इससे छात्रों में असंतोष पैदा हो सकता है और वे मॉनीटर के निर्देशों का पालन करने में उदासीनता दिखा सकते हैं।
इस प्रकार, विद्यार्थियों द्वारा चुनाव लोकतंत्र, भागीदारी और सहयोग की भावना को बढ़ाता है।

प्रश्न 4. विधायक (एमएलए) कौन होता है और उसका चुनाव कैसे किया जाता है-इस बात को समझाने के लिए “निर्वाचन क्षेत्र' और 'प्रतिनिधित्व' शब्दों का प्रयोग करें। [UP Board पाठ्यपुस्तक पेज-33]

उत्तर:

  1. राज्य को विधान सभा के चुनाव के लिए कई छोटे-छोटे भागों में बाँटा जाता है, जिन्हें 'निर्वाचन क्षेत्र' कहते हैं।
  2. प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र की जनता अपने क्षेत्र का एक प्रतिनिधि चुनती है, जो उनकी समस्याओं और हितों को विधान सभा में रखेगा।
  3. यही चुना हुआ प्रतिनिधि उस क्षेत्र का विधायक (एम.एल.ए.) कहलाता है। इस प्रकार, विधायक जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि होते हैं जो पाँच वर्षों के लिए राज्य की विधान सभा में कार्य करते हैं।

प्रश्न 5. राज्य विधानसभा संसद (लोकसभा) के बीच क्या फर्क है-इस बारे में अपने शिक्षक के साथ चर्चा कीजिए। [UP Board पाठ्यपुस्तक पेज-33]

उत्तर: राज्य विधानसभा और संसद (लोकसभा) में मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:

  1. स्तर: राज्य विधानसभा राज्य स्तर की विधायिका है, जबकि संसद (लोकसभा) राष्ट्रीय स्तर की विधायिका है।
  2. सदस्य: राज्य विधानसभा के सदस्य विधायक (एम.एल.ए.) कहलाते हैं और वे केवल उसी विशेष राज्य के निर्वाचन क्षेत्रों से चुने जाते हैं। संसद (लोकसभा) के सदस्य सांसद (एम.पी.) कहलाते हैं और वे पूरे देश के विभिन्न संसदीय क्षेत्रों से चुने जाते हैं।
  3. कार्यक्षेत्र: राज्य विधानसभा राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाती है (जैसे- पुलिस, स्वास्थ्य, कृषि)। संसद संघ सूची के विषयों पर कानून बनाती है (जैसे- रक्षा, विदेश मामले, रेलवे)।

प्रश्न 6. नीचे दिए गए विकल्पों में से कौन से काम राज्य सरकार के हैं? और कौन से केंद्र सरकार के हैं? [UP Board पाठ्यपुस्तक पेज-33]

उत्तर:

  1. चीन के साथ शांतिपूर्ण संबंध रखा जाएगा। – केंद्र सरकार
  2. मध्य प्रदेश में बोर्ड के तहत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षा 8 को बोर्ड की परीक्षाओं से बाहर रखा जाएगा। – राज्य सरकार
  3. अजमेर और मैसूर के बीच एक नयी रेलगाड़ी चलाई जाएगी। – केंद्र सरकार (रेलवे केंद्र सरकार के अधीन है)
  4. 1000 रुपये का नया नोट जारी किया जाएगा। – केंद्र सरकार (मुद्रा जारी करना केंद्र सरकार का काम है)

प्रश्न 7. निम्नलिखित शब्दों को रिक्त स्थानों में भरें [UP Board पाठ्यपुस्तक पेज-33]

हमारे समय में लोकतांत्रिक सरकारों को आमतौर पर प्रतिनिधिमूलक लोकतंत्र की संज्ञा दी जाती है। प्रतिनिधिमूलक लोकतंत्र में लोग प्रत्यक्ष रूप से हिस्सेदारी नहीं करते, बल्कि चुनाव प्रक्रिया के जरिए अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं। ये विधायक पूरी जनता के बारे में मिलकर निर्णय लेते हैं। आज के दौर में ऐसी किसी सरकार को लोकतांत्रिक नहीं कहा जा सकता जो अपने लोगों को सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार न देती हो। इसका मतलब यह है कि देश के सभी वयस्क नागरिकों को वोट देने का अधिकार होता है।

प्रश्न 8. आप पढ़ चुके हैं कि पंचायत, राज्य विधायिका या संसद के लिए चुने जाने वाले ज्यादातर निर्वाचित प्रतिनिधियों को 5 साल की अवधि के लिए चुना जाता है। ऐसा क्यों है कि जनप्रतिनिधियों को केवल कुछ सालों के लिए ही चुना जाता है, जीवनभर के लिए नहीं? [UP Board पाठ्यपुस्तक पेज-33]

उत्तर: निर्वाचित प्रतिनिधियों को एक निश्चित अवधि (जैसे 5 वर्ष) के लिए ही चुना जाता है, जीवनभर के लिए नहीं, इसके निम्नलिखित महत्वपूर्ण कारण हैं:

  1. जवाबदेही सुनिश्चित करना: निश्चित अवधि के बाद चुनाव होते हैं, जिससे जनता को अपने प्रतिनिधियों के कार्यों का मूल्यांकन करने और उन्हें दोबारा चुनने या हटाने का अवसर मिलता है। यह प्रतिनिधियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनाए रखता है।
  2. निरंकुशता रोकना: यदि प्रतिनिधि जीवनभर के लिए चुने जाते, तो उनमें निरंकुश होने और मनमानी करने की प्रवृत्ति आ सकती थी। निश्चित कार्यकाल उन्हें शक्ति का दुरुपयोग करने से रोकता है।
  3. नए विचारों और नेतृत्व के लिए अवसर: यह प्रणाली समय-समय पर नए लोगों को राजनीति में आने और नए विचार लाने का मौका देती है, जिससे लोकतंत्र गतिशील बना रहता है।

प्रश्न 9. आप यह पढ़ चुके हैं कि सरकार की कार्रवाइयों पर अपनी सहमति या असहमति व्यक्त करने के लिए लोग केवल चुनावों का ही इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि वे दूसरे रास्ते भी अख्तियार करते हैं। क्या आप छोटे से नाटक के जरिए इस तरह के तीन तरीके बता सकते हैं? [UP Board पाठ्यपुस्तक पेज-33]

उत्तर: हाँ, चुनावों के अलावा लोग सरकार की नीतियों पर अपनी राय व्यक्त करने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाते हैं। इन्हें नाटक के माध्यम से इस प्रकार दिखाया जा सकता है:

  1. जन आंदोलन और प्रदर्शन: नाटक का एक दृश्य दिखा सकता है कि कैसे लोग सड़कों पर शांतिपूर्ण जुलूस निकालते हैं, नारे लगाते हैं और पोस्टर लगाकर सरकार की किसी नीति का विरोध करते हैं।
  2. जनसभाएँ और भाषण: नाटक में एक सार्वजनिक स्थान पर आयोजित सभा का दृश्य दिखाया जा सकता है, जहाँ कोई नेता या आम नागरिक भाषण देकर लोगों को सरकार के किसी फैसले के बारे में जागरूक कर रहा है।
  3. मीडिया का उपयोग: नाटक का एक चरित्र अखबार के संपादक को पत्र लिखते हुए या टीवी चैनल पर साक्षात्कार देते हुए दिखाया जा सकता है, जो सरकार की गलत नीति की आलोचना कर रहा है और जनमत बना रहा है।

प्रश्न 10. नीचे दी गई तालिका के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें [UP Board पाठ्यपुस्तक पेज-35)

आठवीं लोक सभा के चुनाव का परिणाम (1984)

राजनीतिक दलनिर्वाचित सांसदों की संख्यादल का प्रकार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)2राष्ट्रीय दल
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)2
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा)22
इंडियन कांग्रेस सोशलिस्ट4
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस404
जनता पार्टी10राष्ट्रीय दल
लोक दल3
क्षेत्रीय दल
ऑल इंडिया अन्ना द्रमुक12क्षेत्रीय दल
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक)2
ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक2
इंडियन कांग्रेस (जे)1
जम्मू एंड कश्मीर कांफ्रेंस3
केरल कांग्रेस (जे)2
मुसलिम लीग2
पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया1
रेवाल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी3
तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा)30
निर्दलीय5 -
कुल514 -

नोट: 1984 में असम और पंजाब में लोक सभा चुनाव नहीं हुए थे।

प्रश्न 1. कौन सरकार बनाएगा? क्यों?

उत्तर: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी सरकार बनाएगी, क्योंकि उसने कुल 514 सीटों में से 404 सीटें जीती हैं। लोकसभा में बहुमत साबित करने के लिए कम से कम 258 सीटों (कुल का 50% से अधिक) की आवश्यकता होती है। कांग्रेस पार्टी के पास आवश्यक सीटों से कहीं अधिक सीटें हैं, इसलिए वह आसानी से अपनी सरकार बना सकती है।

प्रश्न 2. विपक्ष किसको कहा जाएगा? उसकी क्या भूमिका है?

उत्तर: सरकार में शामिल न होने वाले सभी दल विपक्ष कहलाते हैं। इस चुनाव में तेलुगु देशम पार्टी (30 सीटों के साथ) मुख्य विपक्षी दल होगी। विपक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है:

  • वह सरकार की नीतियों और कार्यों की आलोचनात्मक समीक्षा करता है।
  • सरकार की गलतियों और कमियों को संसद और जनता के सामने उजागर करता है।
  • वह सरकार को जवाबदेह बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाने का काम करता है।

प्रश्न 3. लोक सभा में चर्चा के लिए कौन उपस्थित होंगे?

उत्तर: लोक सभा में चर्चा के लिए वे सभी निर्वाचित सांसद उपस्थित होंगे जो विभिन्न राष्ट्रीय दलों (जैसे कांग्रेस, भाजपा, भाकपा, माकपा आदि) और क्षेत्रीय दलों (जैसे तेलुगु देशम, अन्ना द्रमुक आदि) से चुनकर आए हैं, साथ ही कुछ निर्दलीय सांसद भी शामिल होंगे।

प्रश्न 4. क्या यह प्रक्रिया कक्षा 7 में पढ़ाई गई प्रक्रिया जैसी ही है?

उत्तर: हाँ, यह प्रक्रिया कक्षा 7 में पढ़ाई गई 'लोकतंत्र में समानता' और 'सरकार के गठन' की प्रक्रिया के समान ही है। वहाँ भी हमने सीखा था कि चुनाव में सबसे अधिक सीटें जीतने वाला दल या गठबंधन सरकार बनाता है और अन्य दल विपक्ष की भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 11. पृष्ठ 28 पर दिए गए चित्र में 1962 में हुए तीसरे लोक सभा चुनावों के परिणाम दिखाए गए हैं। इस चित्र के आधार पर निम्नलिखित सवालों के जवाब दें

उत्तर (1962 में हुए तीसरी लोक सभा चुनावों के परिणाम के आधार पर):

  1. लोक सभा में किस राज्य के सांसद सबसे अधिक हैं? आपके विचार से ऐसा क्यों है?
    उत्तर: लोक सभा में उत्तर प्रदेश के सांसद सबसे अधिक हैं। ऐसा मुख्य रूप से इसलिए है क्योंकि उस समय (और आज भी) उत्तर प्रदेश की जनसंख्या सभी राज्यों में सबसे अधिक थी। लोकसभा में प्रत्येक राज्य को उसकी जनसंख्या के अनुपात में सीटें आवंटित की जाती हैं।
  2. लोक सभा में किस राज्य के सांसदों की संख्या सबसे कम है?
    उत्तर: लोक सभा में मणिपुर और त्रिपुरा जैसे छोटे राज्यों के सांसदों की संख्या सबसे कम है, क्योंकि इनकी जनसंख्या भी कम है।
  3. किस राजनीतिक दल ने सभी राज्यों में सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं?
    उत्तर: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने सभी राज्यों में सबसे ज्यादा सीटें जीती थीं।
  4. आपके राज्य में कौन सा दल सरकार बनाएगा? कारण बताएँ।
    उत्तर: (विद्यार्थी को अपने राज्य के 1962 के चुनाव परिणामों के आधार पर उत्तर देना चाहिए। सामान्य तौर पर) यदि किसी राज्य में कांग्रेस पार्टी ने सबसे अधिक सीटें जीती थीं, तो वही उस राज्य में सरकार बनाएगी, क्योंकि उसके पास विधानसभा में बहुमत होगा।

प्रश्न 12. उपरोक्त प्रश्न (जंक फूड वाले प्रश्न) के माध्यम से महिला और बाल विकास मंत्री से क्या जानकारी माँगी जा रही है? अगर आप सांसद होते तो कौन-से दो सवाल पूछते?

उत्तर: उस प्रश्न के माध्यम से सांसद महिला और बाल विकास मंत्री से यह जानकारी माँग रहे थे कि स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक जंक फूड पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने क्या सिफारिशें की हैं और सरकार ने उन पर क्या कार्रवाई की है।

यदि मैं सांसद होता/होती, तो निम्नलिखित दो सवाल पूछता/पूछती:

  1. क्या सरकार ने स्कूलों के कैंटीन और उनके आस-पास की दुकानों में बेचे जाने वाले जंक फूड की स्पष्ट परिभाषा और मानक तय किए हैं, और इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए क्या दंड का प्रावधान है?
  2. सरकार बच्चों और अभिभावकों को जंक फूड के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने और पौष्टिक आहार को बढ़ावा देने के लिए कौन-से जन-जागरण कार्यक्रम चला रही है?

प्रश्न 13. इस तालिका को देखने के बाद क्या आप यह कह सकते हैं कि पिछले 50 सालों में चुनाव में जनता की सहभागिता कम हुई है या बढ़ी है या शुरुआती वृद्धि के साथ प्राय: स्थिर रही है? [UP Board पाठ्यपुस्तक पेज-39]

लोक सभा चुनाववर्षमतदान प्रतिशत
पहली1951-5244.87
चौथी196761.04
पाँचवीं197155.27
छठवीं197760.49
आठवीं198463.56
दसवीं199156.73
चौदहवीं200458.07

उत्तर: तालिका के आधार पर कहा जा सकता है कि पहले लोकसभा चुनाव (1951-52) के बाद से जनता की सहभागिता (मतदान प्रतिशत) में उतार-चढ़ाव आया है, लेकिन समग्र रूप से इसमें वृद्धि हुई है और अब यह लगभग स्थिर बनी हुई है। शुरुआत में मतदान प्रतिशत 44.87% था जो 1984 में बढ़कर 63.56% तक पहुँच गया। हालाँकि, बाद के वर्षों में यह 55% से 60% के बीच घटता-बढ़ता

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