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UP Board class 9 Political Science (5. संस्थाओं का कामकाज) solution PDF

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UP Board class 9 Political Science (5. संस्थाओं का कामकाज) solution

UP Board class 9 Political Science 5. संस्थाओं का कामकाज Hindi Medium Solutions - PDF

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UP Board Solutions for Class 9 Political Science (लोकतांत्रिक राजनीति - I)

अध्याय 5: संस्थाओं का कामकाज

प्रश्न 1: संसद के कितने सदन होते है ?

भारतीय संसद के दो सदन होते हैं:

  1. राज्य सभा (उच्च सदन)
  2. लोक सभा (निम्न सदन)

प्रश्न 2: एसईबीसी का पूरा नाम लिखो ?

एसईबीसी का पूरा नाम सोशली एंड एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेज (Socially and Educationally Backward Classes) है। यह उन सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए प्रयोग किया जाने वाला शब्द है जिन्हें संवैधानिक मान्यता प्राप्त है।

प्रश्न 3: 1980 में मंडल आयोग द्वारा सुझाए गए उपायों में एक प्रमुख सिफ़ारिश क्या थी ?

1980 में गठित मंडल आयोग की एक प्रमुख सिफारिश यह थी कि केंद्र सरकार की नौकरियों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। यह सिफारिश अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए पहले से मौजूद आरक्षण के अतिरिक्त थी।

प्रश्न 4: सरकारी निर्णय से उठाने वाले विवादों का निपटारा कौन करते है ?

सरकारी निर्णयों से उत्पन्न होने वाले विवादों या कानूनी चुनौतियों का निपटारा न्यायपालिका करती है। विशेष रूप से, सर्वोच्च न्यायालय (राष्ट्रीय स्तर पर) और उच्च न्यायालय (राज्य स्तर पर) इन मामलों की सुनवाई करते हैं और अंतिम निर्णय देते हैं।

प्रश्न 5: सर्वोच्च न्यायालय के कितने न्यायाधीश सबसे वरिष्ठ है ?

सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 34 न्यायाधीश हो सकते हैं। प्रश्न के संदर्भ में, यदि "सबसे वरिष्ठ" से तात्पर्य मुख्य न्यायाधीश और उनके बाद के वरिष्ठ न्यायाधीशों से है, तो उनकी संख्या निश्चित नहीं है। परंतु सर्वोच्च न्यायालय के बेंच (पीठ) में महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई अक्सर 5, 7, या 9 जैसी विषम संख्या में वरिष्ठ न्यायाधीशों की पीठ करती है।

प्रश्न 6: आरक्षण के मामले में किसने क्या कियां ?

मंडल आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन में विभिन्न संस्थाओं की भूमिका इस प्रकार थी:

  • सर्वोच्च न्यायालय: इसने 'इंदिरा साहनी मामले' (1992) में मंडल आयोग की सिफारिशों की संवैधानिक जाँच की और इसे वैध ठहराया, परंतु क्रीमी लेयर (आर्थिक रूप से संपन्न लोगों) को बाहर करने जैसी शर्तें लगाईं।
  • कैबिनेट (मंत्रिपरिषद): तत्कालीन सरकार ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने का राजनीतिक निर्णय लिया और इस पर अमल करने के आदेश जारी किए।
  • राष्ट्रपति: राष्ट्रपति ने सरकार की सलाह पर आरक्षण संबंधी अधिसूचना पर अपनी स्वीकृति (हस्ताक्षर) प्रदान की, जिससे यह एक कानूनी आदेश बना।
  • सरकारी अधिकारी (नौकरशाही): इन अधिकारियों ने आरक्षण नीति को व्यवहार में लागू करने का काम किया, जैसे कि आवेदन पत्रों में श्रेणियाँ बनाना और नियुक्तियों में कोटे का पालन सुनिश्चित करना।

प्रश्न 7: सर्कुलर जारी कौन करता है ?

सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों या अधिकार प्राप्त सरकारी अधिकारियों द्वारा सर्कुलर (परिपत्र) जारी किए जाते हैं। ये सर्कुलर नए नियमों, नीतियों, प्रक्रियाओं या सरकारी निर्देशों को सभी संबंधित कार्यालयों और कर्मचारियों तक पहुँचाने का औपचारिक माध्यम होते हैं।

प्रश्न 8: प्रधानमंत्री बनने के लिए क्‍या जरुरी है ?

प्रधानमंत्री बनने के लिए सबसे आवश्यक शर्त यह है कि उस व्यक्ति को लोकसभा के बहुमत दल या गठबंधन का नेता होना चाहिए। दूसरे शब्दों में, उसे लोकसभा के अधिकांश सदस्यों का विश्वास और समर्थन प्राप्त होना चाहिए। संवैधानिक रूप से, राष्ट्रपति उसी व्यक्ति को प्रधानमंत्री नियुक्त करते हैं जो लोकसभा में बहुमत साबित कर सके।

प्रश्न 9: मंडल आयोग को क्या जिम्मा सौपा गया है ?

मंडल आयोग (आधिकारिक नाम: सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों का दूसरा पिछड़ा वर्ग आयोग) को निम्नलिखित जिम्मेदारियाँ सौंपी गई थीं:

  1. भारत में सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (OBC) की पहचान करने के लिए मापदंड तय करना।
  2. इन वर्गों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सिफारिशें देना।
  3. केंद्र सरकार की सेवाओं में उनके लिए आरक्षण की सीमा तय करने का सुझाव देना।

प्रश्न 10:ओ.एम.नं. 36012'31090 कब तैयार हो गया ?

कार्मिक मंत्रालय का यह आदेश, जिसे ओ.एम. (ऑफिस मेमोरेंडम) नंबर 36012/31/90 कहा जाता है, 13 अगस्त, 1990 को तैयार हुआ था। इसी आदेश के माध्यम से तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री वी.पी. सिंह की सरकार ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने की औपचारिक घोषणा की थी।

प्रश्न 11: सरकार पर नागरिको के प्रति क्‍या जिम्मेदारी होती है ?

लोकतांत्रिक सरकार पर नागरिकों के प्रति अनेक मौलिक जिम्मेदारियाँ होती हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना।
  • सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना।
  • न्याय की सुलभता सुनिश्चित करना और मौलिक अधिकारों की रक्षा करना।
  • रोजगार के अवसर सृजित करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना।
  • सभी के लिए समान अवसर प्रदान करना और भेदभाव को दूर करना।

प्रश्न 12: संस्थाएं किसे कहते है ?

संस्थाएँ वे स्थापित और औपचारिक व्यवस्थाएँ या निकाय हैं जो किसी देश या समाज के शासन और प्रशासन को सुचारू रूप से चलाने के लिए बनाई जाती हैं। ये नियमों, प्रक्रियाओं और परंपराओं पर आधारित होती हैं, जैसे संसद, न्यायपालिका, चुनाव आयोग आदि। इनका मुख्य उद्देश्य सत्ता के संतुलन को बनाए रखना और सरकार के कामकाज को व्यवस्थित व पारदर्शी बनाना है।

प्रश्न 13: सर्वोच्च न्यायालय संस्था क्‍या है ?

सर्वोच्च न्यायालय भारत की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है। यह वह संस्था है जहाँ नागरिकों और सरकार के बीच, विभिन्न राज्यों के बीच, या किसी भी पक्ष के बीच उत्पन्न होने वाले कानूनी वाद-विवादों का अंतिम निपटारा किया जाता है। इसके निर्णय सभी के लिए बाध्यकारी होते हैं।

प्रश्न 14: किस कारण लोक्तान्त्रिक सरकारे संस्थाओ पर ज्यादा ज़ोर देतीं है ?

लोकतांत्रिक सरकारें इसलिए संस्थाओं पर अधिक जोर देती हैं क्योंकि:

  • संस्थाएँ जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों पर अंकुश लगाती हैं। कोई भी महत्वपूर्ण फैसला लेने से पहले विभिन्न संस्थाओं (जैसे संसद, मंत्रिमंडल, न्यायपालिका) में उस पर चर्चा और विचार-विमर्श होता है।
  • यह प्रक्रिया एकतरफा या गलत फैसले लेने की संभावना को कम कर देती है। अर्थात, संस्थाएँ "अच्छे फैसले को तुरंत लेना मुश्किल बना सकती हैं, लेकिन बुरे फैसले को लगभग असंभव बना देती हैं।"
  • संस्थाएँ सत्ता के दुरुपयोग को रोककर लोकतंत्र की स्थिरता और निरंतरता सुनिश्चित करती हैं।

प्रश्न 15: हर लोकतंत्र में सर्वोच्च राजनैतिक आधिकारो का प्रयोग कौन करता है ?

हर लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की सभा (जैसे भारत में संसद और विधानसभाएँ) ही जनता की ओर से सर्वोच्च राजनीतिक अधिकारों का प्रयोग करती है। ये निर्वाचित प्रतिनिधि ही कानून बनाते हैं, सरकार के कामकाज पर नजर रखते हैं और जनहित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं।

प्रश्न 16: संसद और विधानसभा किसे कहते है ?

  • संसद: भारत में राष्ट्रीय स्तर पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सभा को संसद कहते हैं। यह दो सदनों – लोकसभा और राज्यसभा – से मिलकर बनती है।
  • विधानसभा: राज्य स्तर पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सभा को विधानसभा (Legislative Assembly) कहते हैं। कुछ राज्यों में एक दूसरा सदन विधान परिषद् भी होता है।

प्रश्न 17: किसी भी लोकतांत्रिक देश में कानून बनाने का सबसे बड़ा अधिकार किसका होता है?

किसी भी लोकतांत्रिक देश में कानून बनाने का सबसे बड़ा और मौलिक अधिकार उस देश की विधायिका (संसद या कांग्रेस जैसी संस्था) का होता है। भारत में यह अधिकार संसद के पास है, जो जनता का प्रतिनिधित्व करती है।

प्रश्न 18: विधायिका किसे कहते है ?

विधायिका सरकार का वह अंग है जिसका प्राथमिक कार्य देश के लिए कानूनों का निर्माण (विधि निर्माण) करना है। चूंकि यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए संसद और विधानसभाओं को सामूहिक रूप से 'विधायिका' कहा जाता है।

प्रश्न 19: चेंबर या सदन किसे कहते है ?

संसदीय व्यवस्था में, विधायिका (कानून बनाने वाली संस्था) के विभिन्न भागों या इकाइयों को 'चेंबर' या 'सदन' कहते हैं। उदाहरण के लिए, भारत की संसद दो सदनों – लोकसभा (निचला सदन) और राज्यसभा (उच्च सदन) – में बंटी हुई है।

प्रश्न 20: पहले तथा दुसरे सदन के सदस्य किस तरह चुने जाते है और क्या करतें है ?

  • पहला सदन (लोकसभा): इसके सदस्य सीधे जनता द्वारा मतदान से चुने जाते हैं। ये सदस्य जनता के प्रत्यक्ष प्रतिनिधि होते हैं और वास्तविक शक्ति का प्रयोग करते हैं, जैसे कानून बनाना, सरकार पर नियंत्रण रखना और बजट पास करना।
  • दूसरा सदन (राज्यसभा): इसके सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं। इन्हें राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य चुनते हैं। इसका मुख्य काम राज्यों के हितों का प्रतिनिधित्व करना और लोकसभा द्वारा जल्दबाजी में पारित किए गए कानूनों पर पुनर्विचार करना है।

प्रश्न 21: दुसरे सदन का सामान्य काम क्‍या होता है ?

दूसरे सदन (जैसे राज्यसभा) का सामान्य काम संघीय ढाँचे वाले देश में विभिन्न राज्यों, क्षेत्रों या संघ की इकाइयों के हितों की रक्षा और निगरानी करना होता है। यह सदन केंद्र सरकार के एकतरफा फैसलों पर अंकुश लगाता है और विधेयकों पर गहन विचार-विमर्श के लिए एक और मंच प्रदान करता है।

प्रश्न 22: "अपर हॉउस " किसे कहा जाता है ?

राज्य सभा को अंग्रेजी में "अपर हाउस" (Upper House) या उच्च सदन कहा जाता है।

प्रश्न 23: "लोअर हॉउस " किसे कहा जाता है |

लोक सभा को अंग्रेजी में "लोअर हाउस" (Lower House) या निम्न सदन कहा जाता है।

प्रश्न 24: लोकसभा किसको नियंत्रित करती है ?

लोकसभा, मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) को नियंत्रित करती है। चूंकि मंत्रिपरिषद लोकसभा के बहुमत के समर्थन पर ही बनी रहती है, इसलिए लोकसभा उसके कामकाज पर नजर रखती है, प्रश्न पूछती है और अविश्वास प्रस्ताव पारित करके उसे हटा भी सकती है।

प्रश्न 25 : उस निकाय का सरकारी नाम बताओ जिसमे सारे मंत्री शामिल है ?

सभी मंत्रियों के समूह को मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) कहा जाता है। इसमें कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार वाले) और उपमंत्री शामिल होते हैं।

प्रश्न 26: किस कारण संसद के सभी फैसले राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू होते हैबा ?

संसद के सभी फैसले (विधेयक) राष्ट्रपति की मंजूरी (हस्ताक्षर) के बाद ही कानून बनते हैं, क्योंकि भारत का राष्ट्रपति संसद का अभिन्न अंग है। संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार, राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा मिलकर भारत की संसद का गठन करते हैं। इसलिए, किसी भी विधेयक को कानून का रूप लेने के लिए राष्ट्रपति की स्वीकृति आवश्यक है।

प्रश्न 27:किसी लोकतांत्रि देश में कार्यपालिका के कितने सदन होते है ?

किसी लोकतांत्रिक देश में कार्यपालिका (सरकार चलाने वाला अंग) के दो मुख्य भाग होते हैं:

  1. राजनीतिक कार्यपालिका: इसमें वे लोग शामिल होते हैं जिन्हें जनता द्वारा एक निश्चित अवधि के लिए चुना जाता है, जैसे प्रधानमंत्री, मंत्री। ये नीतिगत फैसले लेते हैं।
  2. स्थायी कार्यपालिका: इसमें वे लोग शामिल होते हैं जिन्हें योग्यता के आधार पर लंबी अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है, जैसे आईएएस, आईपीएस अधिकारी (नौकरशाह)। ये नीतियों को लागू करते हैं और प्रशासन चलाते हैं।

प्रश्न 28: सिविल सर्वेट या नौकरशाह किसे कहते है ?

सिविल सर्वेंट या नौकरशाह वे प्रशिक्षित और स्थायी अधिकारी होते हैं जो सरकार की विभिन्न लोक सेवाओं में काम करते हैं। ये राजनीतिक रूप से तटस्थ होते हैं और अपनी तकनीकी विशेषज्ञता के आधार पर सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों को कार्यान्वित करने का काम करते हैं। उदाहरण: आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अधिकारी।

प्रश्न 29: मंत्री किसी नौकरशाह से अधिक प्रभावशली क्‍यों होता है ?

हालाँकि नौकरशाह अक्सर अपने विभाग के तकनीकी पहलुओं के बारे में मंत्री से अधिक जानकारी और विशेषज्ञता रखते हैं (जैसे वित्त मंत्रालय का अर्थशास्त्री), फिर भी मंत्री अधिक प्रभावशाली होता है क्योंकि:

  • मंत्री जनता द्वारा चुना हुआ प्रतिनिधि है और उसे लोकसभा के प्रति जवाबदेह होता है।
  • वह राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसले लेता है, जो केवल तकनीकी ज्ञान नहीं बल्कि जनता की आकांक्षाओं, राजनीतिक दल के एजेंडे और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।
  • अंतिम निर्णय लेने का अधिकार और जिम्मेदारी मंत्री की ही होती है।

प्रश्न 30: क्या कारण है की मंत्री ही सारे फैसले करता है ?

मंत्री ही अंतिम फैसले करता है क्योंकि:

  • लोकतंत्र में जनता की इच्छा सर्वोच्च होती है। मंत्री जनता द्वारा चुना गया प्रतिनिधि है, इसलिए उसे जनता की ओर से उनकी इच्छाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने का जनादेश (मैंडेट) प्राप्त होता है।
  • वह अपने फैसलों के लिए सीधे संसद और जनता के प्रति जवाबदेह (उत्तरदायी) होता है। यदि फैसले गलत हुए तो उसे चुनाव में हार का सामना करना पड़ सकता है। नौकरशाह इस तरह की सीधी जवाबदेही के दायरे में नहीं आते।

प्रश्न 31: किस प्रकार लोकतंत्र में निर्वाचित मंत्रीं इसी व्यापक नजरिये वाले व्यक्ति की भूमिका निभाते है ?

इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है: एक विशेषज्ञ (नौकरशाह) किसी यात्रा के रास्ते और वाहन के बारे में सलाह दे सकता है, लेकिन मंजिल (लक्ष्य) तय करने का फैसला व्यापक नजरिया रखने वाले व्यक्ति (मंत्री) का होता है। ठीक उसी तरह, निर्वाचित मंत्री विभिन्न विशेषज्ञों की सलाह लेकर, पूरे समाज के हित, राजनीतिक दृष्टिकोण और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए अंतिम नीतिगत लक्ष्य तय करता है। वह केवल तकनीकी पहलू नहीं, बल्कि समग्र चित्र देखता है।

प्रश्न 32: राष्ट्रपति किस नेता को ही प्रधानमंत्री नियुक्त करता है ?

राष्ट्रपति उस

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2. लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों
3. संविधान निर्माण
4. चुनावी राजनीति
5. संस्थाओं का कामकाज
6. लोकतांत्रिक अधिकार
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