UP Board Book Logo

UPBoardBook Desktop Banner UPBoardBook Mobile Banner

UP Board class 9 Political Science (3. संविधान निर्माण) solution PDF

UP Board class 9 Political Science 3. संविधान निर्माण is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 9 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board class 9 Political Science (3. संविधान निर्माण) solution

UP Board class 9 Political Science 3. संविधान निर्माण Hindi Medium Solutions - PDF

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Click Here to

UP Board Solution class 9 Political Science 3. संविधान निर्माण Image 1
UP Board Solution class 9 Political Science 3. संविधान निर्माण Image 2
UP Board Solution class 9 Political Science 3. संविधान निर्माण Image 3
UP Board Solution class 9 Political Science 3. संविधान निर्माण Image 4

UP Board Solutions for Class 9 Political Science (लोकतांत्रिक राजनीति - I)

अध्याय 3: संविधान निर्माण

प्रश्न: संविधान किसे कहते है ?

उत्तर: संविधान किसी देश का सर्वोच्च कानूनी दस्तावेज होता है। इसमें वे सभी मूलभूत नियम और सिद्धांत लिखे होते हैं जिनके आधार पर देश का शासन चलाया जाता है, सरकार के विभिन्न अंगों (जैसे विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका) की शक्तियाँ और कार्य तय होते हैं, तथा नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों का वर्णन होता है। संविधान का पालन देश का हर व्यक्ति और संस्था करती है।

प्रश्न: रंगभेद की निति से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर: रंगभेद एक ऐसी क्रूर और अन्यायपूर्ण नीति थी जिसमें लोगों के साथ उनकी त्वचा के रंग के आधार पर भेदभाव किया जाता था। यह विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका में 1948 से 1994 तक लागू थी। इस नीति के तहत गोरे लोगों को सभी अधिकार और सुविधाएँ दी जाती थीं, जबकि काले लोगों को अलग-थलग रखा जाता था, उन्हें मतदान का अधिकार नहीं था और उनके साथ हर क्षेत्र में भेदभाव किया जाता था। नेल्सन मंडेला के नेतृत्व में लंबे संघर्ष के बाद इस नीति का अंत हुआ।

प्रश्न: संविधान-संशोधन से आप क्या समझते है ?

उत्तर: संविधान-संशोधन का अर्थ है संविधान में परिवर्तन या संशोधन करना। समय के साथ देश की नई आवश्यकताओं और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संविधान के कुछ नियमों या धाराओं में बदलाव किया जा सकता है। भारत में यह परिवर्तन संसद द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। यह प्रक्रिया संविधान को एक जीवंत दस्तावेज बनाती है।

प्रश्न: पंथ-निरपेक्षता या धर्म-निरपेक्षता से आपका क्या तात्पर्य है ?

उत्तर: धर्मनिरपेक्षता का मूल अर्थ है कि राज्य का अपना कोई धर्म नहीं होगा और वह सभी धर्मों के प्रति तटस्थ रहेगा। एक धर्मनिरपेक्ष राज्य में सरकार किसी एक धर्म को विशेष दर्जा या सहायता नहीं देती। सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के अपनी इच्छा का धर्म मानने, उसका प्रचार करने और उपासना करने की स्वतंत्रता होती है। राज्य सभी धर्मों के लोगों के साथ समान व्यवहार करता है।

प्रश्न: भारत एक धर्म निरपेक्ष राज्य है | कैसे ?

उत्तर: भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है, इसके निम्नलिखित कारण हैं:

  1. भारतीय संविधान किसी भी धर्म को राजधर्म का दर्जा नहीं देता।
  2. संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 तक सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार प्रदान किया गया है।
  3. सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता; योग्यता ही एकमात्र आधार है।
  4. सरकार सभी धर्मों के त्योहारों और धार्मिक स्थलों के प्रति समान सम्मान का भाव रखती है।
  5. कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से किसी भी धर्म को अपना सकता है या बदल सकता है।

प्रश्न: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में कौन से चार मुख्य आदर्श दिए गए हैं ?

उत्तर: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में निहित चार मुख्य आदर्श इस प्रकार हैं:

  1. समाजवादी: इसका लक्ष्य समाज में आर्थिक असमानता को कम करना और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है।
  2. पंथनिरपेक्ष: भारत किसी एक धर्म को विशेष दर्जा न देकर सभी धर्मों के प्रति समान व्यवहार करेगा।
  3. लोकतांत्रिक: देश का शासन जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा चलाया जाएगा और सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होगी।
  4. गणराज्य: देश का सर्वोच्च पद (राष्ट्रपति) वंशानुगत न होकर जनता द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुना जाएगा।
(ध्यान दें: प्रस्तावना में 'सार्वभौम', 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष', 'लोकतांत्रिक', 'गणराज्य' सभी आदर्श शामिल हैं। यहाँ चार प्रमुख आदर्श पूछे गए हैं।)

प्रश्न: हमें संविधान की आवश्यकता क्यों है ?
अथवा
प्रश्न: संविधान के द्वारा ही किसी लोकतांत्रिक देश की सरकार का निर्माण होता है | कोई तीन विन्दु देकर स्पष्ट कीजिए कि हमें संविधान की आवश्यकता क्यों है ?

उत्तर: किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए संविधान अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि:

  1. सरकार के लिए मार्गदर्शक: संविधान सरकार की संरचना, उसकी शक्तियों, कार्यों और सीमाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है। यह बताता है कि कानून कौन बनाएगा, शासन कौन चलाएगा और न्याय कौन करेगा।
  2. शक्ति के दुरुपयोग पर अंकुश: संविधान सरकार की शक्तियों को सीमित करके यह सुनिश्चित करता है कि सरकार मनमानी न कर सके और तानाशाह न बन सके।
  3. नागरिकों के अधिकारों की रक्षा: संविधान नागरिकों के मौलिक अधिकारों (जैसे समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार) की गारंटी देता है। यदि सरकार इन अधिकारों का हनन करती है, तो नागरिक न्यायपालिका की शरण ले सकते हैं।
  4. सामाजिक समरसता और विविधता में एकता: भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में संविधान सभी समुदायों, क्षेत्रों और भाषाओं के लोगों को एक सूत्र में बाँधकर रखता है और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है।

प्रश्न: भारतीय संविधान एक जीवंत दस्तावेज है ? स्पष्ट कीजिए |
अथवा
प्रश्न: भारतीय संविधान एक जीवित आलेख है | कैसे ?

उत्तर: भारतीय संविधान को एक जीवंत दस्तावेज इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह समय के साथ बदलती हुई सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढाल सकता है। इसमें एक संशोधन की लचीली प्रक्रिया है, जिसके द्वारा संसद समय-समय पर आवश्यकतानुसार संविधान में बदलाव कर सकती है। अब तक 100 से अधिक संशोधन हो चुके हैं (जैसे मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष करना)। इस प्रकार, यह एक स्थिर होते हुए भी गतिशील दस्तावेज है।

प्रश्न: हम जब चाहे अपने संविधान को बदल सकते हैं | इस प्रक्रिया को क्या कहते है ?

उत्तर: इस प्रक्रिया को "संविधान संशोधन" कहते हैं।

प्रश्न: उन तीन प्रक्रियाओं का वर्णन करो जिससे संविधान में संशोधन होता है ?

उत्तर: भारतीय संविधान में संशोधन की तीन प्रमुख प्रक्रियाएँ हैं:

  1. साधारण बहुमत द्वारा: संविधान के कुछ प्रावधानों (जैसे नए राज्यों का गठन, राज्यसभा में सदस्यों की संख्या) में संशोधन संसद के दोनों सदनों में उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से पारित होकर राष्ट्रपति की सहमति से हो जाता है।
  2. विशेष बहुमत द्वारा: अधिकांश संविधान संशोधन इसी प्रक्रिया से होते हैं। इसमें संसद के प्रत्येक सदन में उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत तथा कुल सदस्यों का बहुमत आवश्यक होता है। फिर राष्ट्रपति की सहमति से संशोधन पारित हो जाता है।
  3. विशेष बहुमत के साथ राज्यों की सहमति द्वारा: संविधान के उन प्रावधानों में संशोधन जो राज्यों के हितों को प्रभावित करते हैं (जैसे राष्ट्रपति का चुनाव, न्यायपालिका की शक्ति, राज्यों की सीमाओं में परिवर्तन), के लिए उपरोक्त विशेष बहुमत के अलावा कम से कम आधे राज्यों की विधानसभाओं का अनुमोदन भी जरूरी होता है।

प्रश्न: संघीय सरकार से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर: संघीय सरकार वह शासन प्रणाली है जिसमें शासन की शक्ति एक केंद्रीय सरकार और विभिन्न प्रांतीय या राज्य सरकारों के बीच संविधान द्वारा विभाजित होती है। दोनों सरकारें अपने-अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से कार्य करती हैं। भारत में केंद्र सरकार पूरे देश के लिए जिम्मेदार है (जैसे रक्षा, विदेश नीति), जबकि राज्य सरकारें अपने-अपने राज्यों के प्रशासन के लिए (जैसे पुलिस, स्वास्थ्य)। दोनों के बीच के संबंध और शक्ति-विभाजन संविधान में स्पष्ट रूप से दिया गया है।

प्रश्न: राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत से आप क्या समझते हैं |

उत्तर: राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत भारतीय संविधान के भाग-IV में दिए गए वे मार्गदर्शक सिद्धांत हैं जो केंद्र और राज्य सरकारों को यह निर्देश देते हैं कि शासन चलाते समय उन्हें किन लक्ष्यों और आदर्शों को ध्यान में रखना चाहिए। इनका उद्देश्य एक सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र स्थापित करना है। इनमें समान काम के लिए समान वेतन, बच्चों के लिए शिक्षा, गरीबी दूर करना आदि शामिल हैं। ये न्यायालय द्वारा लागू नहीं कराए जा सकते, लेकिन शासन का आधार होते हैं।

प्रश्न: संविधान-सभा क्या है ?

उत्तर: संविधान सभा जनता द्वारा चुने गए या नामित प्रतिनिधियों की एक विशेष सभा होती है, जिसका एकमात्र कार्य देश के लिए एक नए संविधान का निर्माण और उसे स्वीकार करना होता है। भारत की संविधान सभा का गठन जुलाई 1946 में हुआ था और इसने भारत के वर्तमान संविधान का निर्माण किया।

प्रश्न: संविधान की प्रस्तावना या उदेश्यिका के आप क्या समझते हैं ?

उत्तर: प्रस्तावना संविधान का परिचय या भूमिका है जो संविधान के मूल उद्देश्यों और आदर्शों को संक्षेप में प्रस्तुत करती है। यह संविधान निर्माताओं के सपनों और इरादों को दर्शाती है। इसे संविधान की 'आत्मा' या 'कुंजी' भी कहा जाता है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना में भारत को एक समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया है तथा न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों की घोषणा की गई है।

प्रश्न: संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई ?

उत्तर: संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी।

प्रश्न: संविधान निर्माण के कितने दिन लगे थे ?

उत्तर: संविधान निर्माण में कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा। (पहली बैठक 9 दिसंबर 1946, अंतिम रूप से अपनाया गया 26 नवंबर 1949)।

प्रश्न: संविधान लिखने वाली सभा में कितने सदस्य थे ?

उत्तर: संविधान सभा के प्रारंभ में कुल 389 सदस्य थे, लेकिन देश के विभाजन के बाद सदस्य संख्या घटकर 299 रह गई थी।

प्रश्न: संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे ?

उत्तर: संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, जो बाद में भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने।

प्रश्न: प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे ?

उत्तर: प्रारूप समिति (मसौदा समिति) के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। उन्हें भारतीय संविधान का मुख्य वास्तुकार या शिल्पकार माना जाता है।

प्रश्न: संविधान सभा को मिनी भारत (लघु भारत) क्यों कहा जाता है ?

उत्तर: संविधान सभा को 'लघु भारत' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें भारत की विशाल विविधता का पूर्ण प्रतिनिधित्व था। इसमें विभिन्न धर्मों (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई), क्षेत्रों, भाषाओं, जातियों, पेशों और विचारधाराओं के लोग शामिल थे। इस प्रकार, यह सभा पूरे भारतीय समाज का एक छोटा सा, लेकिन सटीक प्रतिबिंब थी, जिसने सभी वर्गों की आकांक्षाओं को संविधान में समेटने का प्रयास किया।

Get UP Board class 9 Political Science 3. संविधान निर्माण Solution in Hindi Medium

UP Board class 9 Political Science 3. संविधान निर्माण Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for class 9 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.

Importance of UP Board class 9 Political Science 3. संविधान निर्माण Text Solutions

It is essential to know the importance of UP Board class 9 Political Science 3. संविधान निर्माण textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board class 9 Political Science 3. संविधान निर्माण :

  • These TextSolutions are very clear and accurate which helps student to understand concept with ease.
  • It is also to mention that these text Solutions are prepared by the content experts of subject, thus these Solutions helps student in clearing their doubts and understand the core concept easily.
  • It is considered to be the best study material for competitive exam preparation.

Features of UP Board class 9 textSolutions

There are various features of UP Board class 9 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.

  • Best feature of these textSolutions is free availability of content in PDF format
  • Second feature that content generated and written is clear and easy to read.
  • There are various illustration and images are shown in the Solution so that student can easily understand the concept and should be more appealing to the student.
  • Each chapter is explained thoroughly
Uttar Pradesh Solutions are very helpful and handy. Specially subjects like UP Board class 9 Physics Part - II Solutions are very interesting to study.

Other Chapters of class 9 Political Science
1. समकालिक विश्व में लोकतंत्र
2. लोकतंत्र क्या लोकतंत्र क्यों
3. संविधान निर्माण
4. चुनावी राजनीति
5. संस्थाओं का कामकाज
6. लोकतांत्रिक अधिकार
;