UP Board class 9 Political Science 3. संविधान निर्माण is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 9 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: संविधान किसी देश का सर्वोच्च कानूनी दस्तावेज होता है। इसमें वे सभी मूलभूत नियम और सिद्धांत लिखे होते हैं जिनके आधार पर देश का शासन चलाया जाता है, सरकार के विभिन्न अंगों (जैसे विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका) की शक्तियाँ और कार्य तय होते हैं, तथा नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों का वर्णन होता है। संविधान का पालन देश का हर व्यक्ति और संस्था करती है।
उत्तर: रंगभेद एक ऐसी क्रूर और अन्यायपूर्ण नीति थी जिसमें लोगों के साथ उनकी त्वचा के रंग के आधार पर भेदभाव किया जाता था। यह विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका में 1948 से 1994 तक लागू थी। इस नीति के तहत गोरे लोगों को सभी अधिकार और सुविधाएँ दी जाती थीं, जबकि काले लोगों को अलग-थलग रखा जाता था, उन्हें मतदान का अधिकार नहीं था और उनके साथ हर क्षेत्र में भेदभाव किया जाता था। नेल्सन मंडेला के नेतृत्व में लंबे संघर्ष के बाद इस नीति का अंत हुआ।
उत्तर: संविधान-संशोधन का अर्थ है संविधान में परिवर्तन या संशोधन करना। समय के साथ देश की नई आवश्यकताओं और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संविधान के कुछ नियमों या धाराओं में बदलाव किया जा सकता है। भारत में यह परिवर्तन संसद द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। यह प्रक्रिया संविधान को एक जीवंत दस्तावेज बनाती है।
उत्तर: धर्मनिरपेक्षता का मूल अर्थ है कि राज्य का अपना कोई धर्म नहीं होगा और वह सभी धर्मों के प्रति तटस्थ रहेगा। एक धर्मनिरपेक्ष राज्य में सरकार किसी एक धर्म को विशेष दर्जा या सहायता नहीं देती। सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के अपनी इच्छा का धर्म मानने, उसका प्रचार करने और उपासना करने की स्वतंत्रता होती है। राज्य सभी धर्मों के लोगों के साथ समान व्यवहार करता है।
उत्तर: भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है, इसके निम्नलिखित कारण हैं:
उत्तर: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में निहित चार मुख्य आदर्श इस प्रकार हैं:
उत्तर: किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए संविधान अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि:
उत्तर: भारतीय संविधान को एक जीवंत दस्तावेज इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह समय के साथ बदलती हुई सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढाल सकता है। इसमें एक संशोधन की लचीली प्रक्रिया है, जिसके द्वारा संसद समय-समय पर आवश्यकतानुसार संविधान में बदलाव कर सकती है। अब तक 100 से अधिक संशोधन हो चुके हैं (जैसे मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष करना)। इस प्रकार, यह एक स्थिर होते हुए भी गतिशील दस्तावेज है।
उत्तर: इस प्रक्रिया को "संविधान संशोधन" कहते हैं।
उत्तर: भारतीय संविधान में संशोधन की तीन प्रमुख प्रक्रियाएँ हैं:
उत्तर: संघीय सरकार वह शासन प्रणाली है जिसमें शासन की शक्ति एक केंद्रीय सरकार और विभिन्न प्रांतीय या राज्य सरकारों के बीच संविधान द्वारा विभाजित होती है। दोनों सरकारें अपने-अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से कार्य करती हैं। भारत में केंद्र सरकार पूरे देश के लिए जिम्मेदार है (जैसे रक्षा, विदेश नीति), जबकि राज्य सरकारें अपने-अपने राज्यों के प्रशासन के लिए (जैसे पुलिस, स्वास्थ्य)। दोनों के बीच के संबंध और शक्ति-विभाजन संविधान में स्पष्ट रूप से दिया गया है।
उत्तर: राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत भारतीय संविधान के भाग-IV में दिए गए वे मार्गदर्शक सिद्धांत हैं जो केंद्र और राज्य सरकारों को यह निर्देश देते हैं कि शासन चलाते समय उन्हें किन लक्ष्यों और आदर्शों को ध्यान में रखना चाहिए। इनका उद्देश्य एक सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र स्थापित करना है। इनमें समान काम के लिए समान वेतन, बच्चों के लिए शिक्षा, गरीबी दूर करना आदि शामिल हैं। ये न्यायालय द्वारा लागू नहीं कराए जा सकते, लेकिन शासन का आधार होते हैं।
उत्तर: संविधान सभा जनता द्वारा चुने गए या नामित प्रतिनिधियों की एक विशेष सभा होती है, जिसका एकमात्र कार्य देश के लिए एक नए संविधान का निर्माण और उसे स्वीकार करना होता है। भारत की संविधान सभा का गठन जुलाई 1946 में हुआ था और इसने भारत के वर्तमान संविधान का निर्माण किया।
उत्तर: प्रस्तावना संविधान का परिचय या भूमिका है जो संविधान के मूल उद्देश्यों और आदर्शों को संक्षेप में प्रस्तुत करती है। यह संविधान निर्माताओं के सपनों और इरादों को दर्शाती है। इसे संविधान की 'आत्मा' या 'कुंजी' भी कहा जाता है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना में भारत को एक समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया है तथा न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों की घोषणा की गई है।
उत्तर: संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी।
उत्तर: संविधान निर्माण में कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा। (पहली बैठक 9 दिसंबर 1946, अंतिम रूप से अपनाया गया 26 नवंबर 1949)।
उत्तर: संविधान सभा के प्रारंभ में कुल 389 सदस्य थे, लेकिन देश के विभाजन के बाद सदस्य संख्या घटकर 299 रह गई थी।
उत्तर: संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, जो बाद में भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने।
उत्तर: प्रारूप समिति (मसौदा समिति) के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। उन्हें भारतीय संविधान का मुख्य वास्तुकार या शिल्पकार माना जाता है।
उत्तर: संविधान सभा को 'लघु भारत' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें भारत की विशाल विविधता का पूर्ण प्रतिनिधित्व था। इसमें विभिन्न धर्मों (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई), क्षेत्रों, भाषाओं, जातियों, पेशों और विचारधाराओं के लोग शामिल थे। इस प्रकार, यह सभा पूरे भारतीय समाज का एक छोटा सा, लेकिन सटीक प्रतिबिंब थी, जिसने सभी वर्गों की आकांक्षाओं को संविधान में समेटने का प्रयास किया।
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