UP Board Class 10 Social Science 6. राजनीतिक दल is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 10 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर : लोकतंत्र में राजनीतिक दल अनेक महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाते हैं, जो इस प्रकार हैं:
1. चुनाव लड़ना और उम्मीदवार चुनना: लोकतांत्रिक चुनावों में, राजनीतिक दल ही विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से अपने उम्मीदवार खड़े करते हैं। दल के नेता इन उम्मीदवारों का चयन करते हैं।
2. नीतिगत विकल्प प्रदान करना: दल अलग-अलग नीतियों और कार्यक्रमों के साथ मतदाताओं के सामने आते हैं, जिससे जनता को विभिन्न विकल्प मिलते हैं और वे अपनी पसंद की नीतियों वाले दल को चुन सकते हैं।
3. सरकार बनाना और चलाना: चुनाव जीतने वाला दल या दलों का गठबंधन सरकार बनाता है और शासन चलाता है। सरकारी नीतियाँ मुख्य रूप से शासक दल के घोषणापत्र और विचारधारा के अनुरूप ही बनाई जाती हैं।
4. कानून निर्माण में भूमिका: विधायिका (संसद/विधानसभा) में दलों के सदस्य ही कानून बनाने की प्रक्रिया में हिस्सा लेते हैं और निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
5. जनता और सरकार के बीच कड़ी: दल आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और मशीनरी तक पहुँचने में मदद करते हैं। वे लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाते हैं।
6. जनमत निर्माण: दल समाज में महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाकर, उन पर बहस करके और अपना पक्ष रखकर जनता की राय को आकार देने का काम करते हैं।
उत्तर : भारत सहित दुनिया के अधिकांश लोकतंत्रों में राजनीतिक दलों के सामने निम्नलिखित प्रमुख चुनौतियाँ हैं:
1. आंतरिक लोकतंत्र का अभाव: अधिकांश दलों में फैसले लेने की शक्ति कुछ शीर्ष नेताओं के हाथों में केंद्रित रहती है। सामान्य कार्यकर्ताओं और निचले स्तर के नेताओं की राय को महत्व नहीं दिया जाता। पार्टियाँ अक्सर सदस्यों की पारदर्शी सूची नहीं रखतीं और न ही नियमित संगठनात्मक बैठकें करती हैं।
2. वंशवाद की समस्या: कई दलों में शीर्ष पद अक्सर नेताओं के परिवार के सदस्यों या करीबी लोगों के लिए आरक्षित होते हैं। इससे नए और सामान्य पृष्ठभूमि के लोगों के लिए नेतृत्व तक पहुँचना कठिन हो जाता है।
3. धन और बल का बढ़ता प्रभाव: चुनाव लड़ना एक महँगा काम बन गया है। इसलिए दल अमीर उम्मीदवारों को टिकट देते हैं या बड़े व्यवसायिक घरानों से चंदा लेते हैं, जिससे उन पर नीतियाँ बनाने में इन ताकतों का दबाव बढ़ जाता है। कई बार दल अपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों का भी सहारा लेते हैं।
4. सार्थक विकल्प प्रदान करने में विफलता: पिछले कुछ दशकों में विभिन्न दलों की नीतियों और कार्यक्रमों में मौलिक अंतर कम हुआ है। इससे मतदाताओं के पास वास्तविक और स्पष्ट विकल्प सीमित हो गए हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
उत्तर : राजनीतिक दलों को मजबूत और अधिक जवाबदेह बनाने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए जा सकते हैं:
1. आंतरिक लोकतंत्र को कानूनी बनाना: एक कानून बनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी दल अपने आंतरिक चुनाव, सदस्यता और फंडिंग के मामलों में पारदर्शिता बरतें। उन्हें नियमित रूप से अपने संगठनात्मक ढाँचे की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
2. महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना: दलों को चुनाव में कम से कम एक-तिहाई टिकट महिला उम्मीदवारों को देना अनिवार्य होना चाहिए। साथ ही, पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण पदों पर भी महिलाओं के लिए आरक्षण होना चाहिए।
3. चुनावी व्यय पर नियंत्रण और राज्य वित्तपोषण: चुनाव खर्च पर सख्त सीमा लगाई जाए और राज्य द्वारा चुनाव लड़ने के लिए दलों को एक निश्चित राशि दी जाए। इससे धन के असमान प्रभाव और भ्रष्टाचार को कम किया जा सकेगा।
4. नागरिकों और मीडिया का दबाव: जागरूक नागरिक और मीडिया दलों पर सुधार के लिए लगातार दबाव बना सकते हैं। जनता सुधार न करने वाले दलों को चुनाव में सजा देकर उन्हें बदलने के लिए मजबूर कर सकती है।
5. सक्रिय नागरिकों की भागीदारी: सुधार चाहने वाले लोगों को स्वयं राजनीतिक दलों की सदस्यता लेकर उनके भीतर से बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए।
उत्तर : राजनीतिक दल लोगों का एक ऐसा संगठित समूह होता है जिसके सदस्यों के राजनीतिक विचार, सिद्धांत और लक्ष्य लगभग समान होते हैं। इसका प्रमुख उद्देश्य चुनाव लड़कर सरकार में सत्ता प्राप्त करना और फिर अपनी नीतियों व कार्यक्रमों को लागू करना होता है।
उत्तर : किसी भी राजनीतिक दल के निम्नलिखित मुख्य गुण या विशेषताएँ होती हैं:
1. सामूहिक हित के लिए नीतियाँ: दल समाज के सामूहिक हित को ध्यान में रखकर अपनी नीतियाँ और कार्यक्रम बनाते हैं।
2. जन समर्थन प्राप्त करना: वे जनता को यह समझाने का प्रयास करते हैं कि उनकी नीतियाँ दूसरे दलों से बेहतर हैं और उनका समर्थन करने के लिए मनाते हैं।
3. सत्ता प्राप्ति का लक्ष्य: उनका मुख्य लक्ष्य चुनाव जीतकर सरकार में सत्ता प्राप्त करना होता है, ताकि वे अपने कार्यक्रमों को लागू कर सकें।
4. सामूहिक कार्यवाही: दल के सभी सदस्य और नेता सामूहिक रूप से कार्य करते हैं और एक-दूसरे के प्रति जवाबदेह होते हैं।
5. सरकार बनाना और विरोध करना: चुनाव जीतने पर वे सरकार बनाते हैं और हारने पर संसद या विधानसभा में विरोधी दल की भूमिका निभाते हैं, सरकार पर नजर रखते हैं।
उत्तर : चुनाव लड़ने और सरकार में सत्ता सँभालने के लिए एकजुट हुए लोगों के समूह को राजनीतिक दल कहते हैं।
सूची I
1. इंडियन नेशनल कांग्रेस
2. भारतीय जनता पार्टी
3. कम्पुनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्ससिस्ट)
4. तेलुगु देशम पार्टी
सूची II
(क) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन
(ख) क्षेत्रीय दल
(ग) संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन
(घ) वाम मोर्चा
उत्तर : सही मिलान है - 1 → (ग), 2 → (क), 3 → (घ), 4 → (ख)
विकल्प कूट: (ग) ग क घ ख
उत्तर : (क) कांशीराम
उत्तर : (द) आधुनिकता
उत्तर : (ख) अ और ब
व्याख्या: कथन (स) गलत है क्योंकि आधुनिक प्रतिनिधि लोकतंत्र में सरकार चलाने और संगठित ढंग से काम करने के लिए राजनीतिक दलों का होना अनिवार्य है।
उत्तर : यह एक मूल्यांकनात्मक प्रश्न है। छात्र अपने विचारों के आधार पर इसका उत्तर दें। नीचे दिए गए बिंदु उत्तर लिखने में मदद कर सकते हैं:
1. नई पार्टी बनाना उचित कदम: हाँ, यूनुस ने सही कदम उठाया। जब पुराने दल भ्रष्टाचार, वंशवाद और अलोकतांत्रिक व्यवहार में फंसे हों, तो नए विकल्प का आना लोकतंत्र के लिए स्वस्थ है। उनकी साख और समाजसेवा का रिकॉर्ड नई राजनीतिक संस्कृति ला सकता है।
2. विभिन्न बयानों पर राय:
- शाहेदुल इस्लाम के बयान से सहमति: उनका कहना सही है कि एक नया विकल्प मतदाता के सामने आया है जो भ्रष्टाचार विरोध और अच्छे शासन पर केंद्रित है।
- पुराने दल के नेता के बयान पर असहमति: यह कहना कि "राजनीति अलग चीज है" एक तरह से पुराने तंत्र को बचाने का बहाना है। ईमानदारी और सेवा का भाव किसी भी क्षेत्र में सफलता की कुंजी है, चाहे वह समाजसेवा हो या राजनीति।
- बाहरी ताकतों के आरोप पर असहमति: यह आरोप निराधार है। यूनुस एक स्वतंत्र विचारक हैं और उनका फैसला देशहित में है।
3. नए दल का संगठन: इस पार्टी को दूसरों से अलग दिखने के लिए:
- पूर्ण आंतरिक लोकतंत्र लागू करना चाहिए।
- पारदर्शी फंडिंग और सदस्यता प्रक्रिया अपनानी चाहिए।
- स्थानीय स्तर पर सक्रिय इकाइयाँ बनानी चाहिए।
- युवाओं और महिलाओं को नेतृत्व में शामिल करना चाहिए।
4. पार्टी के पक्ष में दलील: अगर मैं संस्थापकों में होता, तो मैं कहता कि हमारा दल पुरानी राजनीति की बुराइयों—भ्रष्टाचार, हिंसा, वंशवाद—से मुक्त है। हमारा लक्ष्य साफ-सुथरी, जनता से जुड़ी और विकासोन्मुख राजनीति स्थापित करना है। हमारी ताकत जनता का विश्वास और एक नए तरह के लोकतांत्रिक संगठन का मॉडल है।
(नोट: छात्र उपरोक्त बिंदुओं के आधार पर अपने शब्दों में विस्तार से उत्तर लिख सकते हैं।)
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