UP Board class 7 Hindi 10. अपूर्व अनुभव is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 7 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर:- तोत्तो-चान ने यासुकी-चान के लिए अथक प्रयास इसलिए किया क्योंकि यासुकी-चान पोलियो से पीड़ित था। इस बीमारी के कारण वह अन्य बच्चों की तरह पेड़ पर नहीं चढ़ पाता था। तोत्तो-चान जानती थी कि उसका मित्र भी ऊपर चढ़कर दुनिया देखना चाहता है और उस खुशी को महसूस करना चाहता है जो तोमोए स्कूल के हर बच्चे को अपने निजी पेड़ पर चढ़ने से मिलती थी। अपने मित्र की इस गहरी इच्छा को पूरा करने और उसे एक अनोखा अनुभव देने के लिए ही तोत्तो-चान ने इतनी मेहनत की।
उत्तर:- दोनों मित्रों के अनुभव इस प्रकार अलग-अलग थे:
तोत्तो-चान का अनुभव: तोत्तो-चान के लिए यह सिर्फ पेड़ पर चढ़ने का अनुभव नहीं था। उसे एक गहरी आत्मिक संतुष्टि मिली क्योंकि उसने अपने असमर्थ मित्र की मदद करके उसकी एक बड़ी इच्छा पूरी की। अपनी मेहनत और योजना से किसी और की जिंदगी में खुशी लाने का जो सुख मिला, वह उसके लिए अपूर्व था।
यासुकी-चान का अनुभव: यासुकी-चान के लिए यह पहली बार का जादुई अनुभव था। उसने पहली बार पेड़ की ऊँचाई से दुनिया को देखा। हवा का झोंका महसूस किया और वह आज़ादी व उत्साह अनुभव किया जो उसके लिए पहले कल्पना से परे था। यह उसकी अपनी सीमाओं को पार करने जैसा था।
उत्तर:- पाठ के अनुसार:
सूरज का ताप: तब पड़ रहा था जब दोनों मित्र तिपाई सीढ़ी की मदद से पेड़ की द्विशाखा तक पहुँचने की कोशिश कर रहे थे। यह काम बहुत धीरे-धीरे और सावधानी से करना था, जिसमें समय लग रहा था और धूप सीधे उन पर पड़ रही थी।
बादल की छाया: तब मिली जब तोत्तो-चान अंतिम प्रयास में यासुकी-चान को ऊपर खींच रही थी। यह सबसे कठिन और निर्णायक पल था।
परिस्थिति बदलने का संभावित कारण: ऐसा लगता है मानो प्रकृति भी इन दोनों की मित्रता, दृढ़ संकल्प और कठिन परिश्रम से प्रभावित हो गई थी। जब उन्होंने हार न मानने का फैसला किया, तो प्रकृति ने भी उनकी मदद करने का रास्ता चुना। यह घटना बताती है कि पूरी लगन से किया गया प्रयास कभी-कभी परिस्थितियों को भी अपने पक्ष में कर लेता है।
उत्तर:- पूरा वाक्य: 'यासुकी-चान के लिए पेड़ पर चढ़ने का यह शायद अंतिम मौका था।'
लेखिका ने ऐसा इसलिए लिखा होगा क्योंकि:
1. यासुकी-चान की शारीरिक स्थिति (पोलियो) ऐसी थी कि वह स्वयं कभी पेड़ पर नहीं चढ़ सकता था।
2. तोत्तो-चान ने यह काम बड़ी जोखिम उठाकर और अपने माता-पिता को बिना बताए किया था। हो सकता है भविष्य में उसे दोबारा ऐसा करने का मौका न मिल पाता या फिर बड़े उन्हें रोक देते।
3. इसलिए, यह पल उन दोनों के लिए एक अनमोल और अविस्मरणीय क्षण बन गया, जो शायद दोबारा दोहराया नहीं जा सकता था।
उत्तर:- हम ऐसी सफलता के लिए कठिन परिश्रम करना चाहते हैं जिससे न सिर्फ हमारा, बल्कि दूसरों का भी भला हो। उदाहरण के लिए:
- किसी ऐसे व्यक्ति की मदद करना जो पढ़ाई में पिछड़ रहा है, उसे समझाकर उसके चेहरे पर खुशी लाना।
- अपने आस-पास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने के लिए लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाना।
- किसी बुजुर्ग या विशेष आवश्यकता वाले व्यक्ति के लिए कोई ऐसी छोटी सुविधा या उपकरण बनाना जो उनकी दैनिक जिंदगी आसान बना दे।
इस तरह के कामों में बुद्धि (अच्छी योजना) और कठोर परिश्रम दोनों की जरूरत होती है, और सफलता मिलने पर जो संतुष्टि मिलती है, वह वास्तव में अपूर्व होती है।
उत्तर:- तोत्तो-चान की नज़रें नीचे इसलिए थीं क्योंकि वह शर्मिंदगी और डर महसूस कर रही थी। वह जानती थी कि वह गलत कर रही है और अपनी माँ से झूठ बोल रही है। उसे डर था कि अगर वह माँ की आँखों में देखेगी, तो माँ उसके चेहरे के भाव पढ़कर उसका झूठ पकड़ लेगी। नज़रें नीची करना अक्सर तब होता है जब व्यक्ति अपने किए पर असहज या दोषी महसूस करता है।
उत्तर:- आजकल कई सार्वजनिक स्थानों पर विशेष आवश्यकता वाले लोगों के लिए सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसी कुछ जगहें हैं:
- रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड (रैंप, विशेष शौचालय)
- हवाई अड्डे (व्हीलचेयर सुविधा, रैंप)
- बड़े अस्पताल और सरकारी दफ्तर
- शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स (लिफ्ट, रैंप)
- मेट्रो रेल स्टेशन
- आधुनिक स्कूल और कॉलेज भवन
- कुछ पार्क और संग्रहालय
ये सुविधाएँ (जैसे रैंप, लिफ्ट, विस्तृत दरवाजे) उन लोगों को स्वतंत्रता देती हैं कि वे बिना किसी की मदद के आसानी से आ-जा सकें।
| हिन्दी | संस्कृत | अंग्रेजी |
|---|---|---|
| एक | एकम् | One |
| दो | द्वि | Two |
| तीन | त्रि | Three |
| चार | चत्वारि | Four |
| पाँच | पञ्च | Five |
| छः | षट् | Six |
| सात | सप्त | Seven |
| आठ | अष्ट | Eight |
| नौ | नव | Nine |
| दस | दश | Ten |
ध्वनि की समानता: हाँ, कई शब्दों की ध्वनि में समानता दिखाई देती है। जैसे संस्कृत का 'अष्ट' (आठ), अंग्रेजी के 'Eight' से मिलता-जुलता है। इसी तरह 'दश' (दस) और 'Ten', 'नव' (नौ) और 'Nine' में भी कुछ समानता है। यह इस बात का संकेत है कि भाषाएँ एक-दूसरे से प्रभावित होती रही हैं।
उत्तर:- 'आना' प्रत्यय लगाकर बनने वाले चार सार्थक शब्द हैं:
1. घबराना (डर या चिंता महसूस करना)
2. शर्माना (लज्जा महसूस करना)
3. टिकाना (स्थिर करना या ठहराना)
4. सजाना (सुंदर बनाना)
नोट: 'आना' प्रत्यय लगने से क्रिया में एक निरंतरता या प्रक्रिया का भाव आ जाता है।
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