UP Board class 8 History 1. कैसे कब और कहाँ is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 8 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर :
(क) गलत – जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को हिंदू, मुसलिम और ब्रिटिश इन तीन काल खंडों में बाँटा था, ईसाई में नहीं।
(ख) गलत – सरकारी दस्तावेज़ आमतौर पर शासकों के नज़रिए, नीतियों और कार्यों को दर्शाते हैं। आम लोगों की भावनाओं, विचारों और आकांक्षाओं को जानने के लिए हमें अख़बारों, डायरियों, यात्रा-वृत्तांतों और साहित्य जैसे अन्य स्रोतों की आवश्यकता होती है।
(ग) सही – अंग्रेजों का मानना था कि किसी देश पर प्रभावी शासन के लिए उसके भूगोल, संसाधनों और जनसंख्या के बारे में सटीक जानकारी होना ज़रूरी है, जो सर्वेक्षणों के माध्यम से ही प्राप्त की जा सकती थी।
उत्तर : जेम्स मिल द्वारा भारतीय इतिहास को हिंदू, मुसलमान और ब्रिटिश काल में बाँटने के दृष्टिकोण में निम्नलिखित गंभीर समस्याएँ हैं:
1. धर्म-केंद्रित विभाजन: यह विभाजन केवल शासक वर्ग के धर्म पर आधारित है। इतिहास केवल शासकों का नहीं, बल्कि आम जनता, उनकी संस्कृति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास का भी होता है। केवल धर्म के आधार पर काल खंड निर्धारित करना संकीर्ण दृष्टिकोण है।
2. पूर्वाग्रह से ग्रस्त: मिल का मानना था कि ब्रिटिश शासन से पहले भारत अंधविश्वास, जातिगत बंधन और धार्मिक कट्टरता में डूबा हुआ था। उन्होंने हिंदू और मुस्लिम काल को पिछड़ेपन और अत्याचार के युग के रूप में चित्रित किया, जबकि ब्रिटिश काल को प्रगति और ज्ञान का युग बताया। यह एक पक्षपाती और ग़लत दृष्टिकोण था।
3. ऐतिहासिक तथ्यों की उपेक्षा: प्राचीन भारत में कई शासक ऐसे थे जिनका शासन किसी एक धर्म विशेष से बंधा नहीं था। उन्होंने सभी धर्मों को संरक्षण दिया। मिल का विभाजन इस जटिल और समावेशी ऐतिहासिक वास्तविकता को नज़रअंदाज़ करता है।
उत्तर : अंग्रेजों ने सरकारी दस्तावेजों को व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संभालने के लिए विशेष संस्थानों की स्थापना की:
1. अभिलेखागार (आर्काइव्स): इनमें सभी महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड, पत्र, नीति दस्तावेज, संधियाँ, सर्वेक्षण रिपोर्ट आदि को क्रमबद्ध तरीके से रखा जाता था।
2. संग्रहालय (म्यूज़ियम्स): यहाँ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की वस्तुओं, कलाकृतियों, पुराने सिक्कों, हथियारों आदि को संग्रहीत और प्रदर्शित किया जाता था।
इन संस्थानों का उद्देश्य न केवल दस्तावेजों को सुरक्षित रखना था, बल्कि भारत के बारे में जानकारी एकत्र करना और ब्रिटिश शासन की नीतियों व उपलब्धियों का रिकॉर्ड भी तैयार करना था।
उत्तर : पुराने अख़बारों और पुलिस रिपोर्टों से मिलने वाली जानकारी में मुख्य अंतर उनके दृष्टिकोण और उद्देश्य में है:
पुराने अख़बार:
- इनमें समकालीन घटनाओं, जनता की प्रतिक्रियाओं, सामाजिक-राजनीतिक बहसों और विभिन्न विचारधाराओं का चित्रण मिलता है।
- अख़बार अक्सर जनमत को प्रभावित करने या सरकार की आलोचना करने का काम करते थे।
- इनसे हमें उस ज़माने के लोगों के विचार, चिंताएँ और आकांक्षाओं के बारे में पता चलता है।
पुलिस की रिपोर्टें:
- ये सरकारी नज़रिए से लिखी जाती थीं और मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था, अपराधों या विरोध प्रदर्शनों जैसी "समस्याओं" पर केंद्रित होती थीं।
- इनका उद्देश्य शासन को सूचना देना और कार्रवाई के लिए आधार तैयार करना था, न कि घटना का संतुलित विवरण प्रस्तुत करना।
- कई बार ये रिपोर्टें सत्ता के हित में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर भी पेश कर सकती थीं।
निष्कर्ष: अख़बार जनता की आवाज़ के करीब होते थे, जबकि पुलिस रिपोर्टें सरकारी मशीनरी का औपचारिक दस्तावेज होती थीं। एक इतिहासकार दोनों स्रोतों का तुलनात्मक अध्ययन करके घटना का अधिक संपूर्ण और विश्वसनीय चित्र प्राप्त कर सकता है।
उत्तर : रॉबर्ट क्लाइव ने जेम्स रेनेल को हिंदुस्तान का नक्शा तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा था। रेनेल को आधुनिक भारत का पहला मानचित्रकार माना जाता है।
उत्तर : इतिहास में तिथियाँ उन घटनाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती हैं जो समय के साथ होने वाले महत्वपूर्ण बदलावों को चिह्नित करती हैं। उदाहरण के लिए:
- किसी शासक का गद्दी पर बैठना या उसकी मृत्यु।
- महत्वपूर्ण युद्ध या संधियाँ।
- किसी साम्राज्य की स्थापना या पतन।
- क्रांतिकारी आविष्कार या सामाजिक-राजनीतिक आंदोलनों की शुरुआत।
तिथियाँ हमें घटनाओं को क्रम में रखने, कारण और प्रभाव को समझने तथा एक युग को दूसरे युग से अलग करने में मदद करती हैं।
उत्तर : भारत का प्रथम गवर्नर-जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स था, जो 1773 ईस्वी में इस पद पर नियुक्त हुए।
उत्तर : भारत का आखिरी वायसराय लॉर्ड माउंटबैटन था।
उत्तर : जेम्स मिल स्कॉटलैंड के एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और राजनीतिक दार्शनिक थे। उन्होंने 1817 में 'ए हिस्ट्री ऑफ ब्रिटिश इंडिया' नामक एक प्रभावशाली पुस्तक लिखी, जिसमें उन्होंने भारतीय इतिहास, समाज और संस्कृति के बारे में अपने विचार रखे।
उत्तर : जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास को तीन काल खंडों में बाँटा है:
1. हिंदू काल
2. मुसलमान काल
3. ब्रिटिश काल
उत्तर : अधिकांश इतिहासकार भारतीय इतिहास को व्यापक सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के आधार पर तीन मुख्य भागों में बाँटते हैं:
1. प्राचीन भारत (लगभग प्रागैतिहासिक काल से 8वीं शताब्दी ईस्वी तक)
2. मध्यकालीन भारत (लगभग 8वीं शताब्दी से 18वीं शताब्दी ईस्वी तक)
3. आधुनिक भारत (लगभग 18वीं शताब्दी ईस्वी से वर्तमान तक)
उत्तर : अंग्रेजों का दृढ़ विश्वास था कि किसी देश पर प्रभावी नियंत्रण और शासन के लिए उसकी पूरी जानकारी होना आवश्यक है। सर्वेक्षण इस जानकारी का प्रमुख साधन थे:
1. ज्ञान पर आधारित शासन: उनका मानना था कि देश के भूगोल, संसाधनों, जनसंख्या और अर्थव्यवस्था का सटीक ज्ञान ही कुशल प्रशासन की नींव है।
2. संसाधनों का दोहन: भूमि सर्वेक्षण (जैसे राजस्व सर्वे) से उपजाऊ भूमि और राजस्व के स्रोतों का पता चलता था, जिससे अधिक से अधिक कर वसूला जा सके।
3. नियंत्रण स्थापित करना: जनगणना और अन्य सर्वेक्षणों के जरिए लोगों की जाति, व्यवसाय और निवास स्थान का रिकॉर्ड रखकर वे समाज पर बेहतर नियंत्रण रख सकते थे।
4. "सभ्य" बनाने का दावा: वैज्ञानिक सर्वेक्षण करके वे अपने शासन को आधुनिक, तर्कसंगत और प्रगतिशील साबित करना चाहते थे।
उत्तर : भारत में नक्शा बनाने और देश के मानचित्रण का प्रमुख राष्ट्रीय विभाग सर्वे ऑफ इंडिया है।
उत्तर : सर्वे ऑफ इंडिया की स्थापना सन 1767 में (कुछ स्रोत 1803 भी बताते हैं) ब्रिटिश शासनकाल में हुई थी।
उत्तर : सर्वे ऑफ इंडिया का मुख्यालय देहरादून, उत्तराखंड में स्थित है।
उत्तर : मुगल साम्राज्य का अंतिम बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र (द्वितीय) था।
उत्तर : जनगणना एक ऐसा व्यवस्थित सर्वेक्षण है जिसमें निश्चित अंतराल (भारत में हर 10 वर्ष) पर एक देश या क्षेत्र के सभी लोगों की गिनती की जाती है और उनके बारे में महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक जानकारी (जैसे उम्र, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय, आवास आदि) एकत्र की जाती है। भारत में इसकी शुरुआत ब्रिटिश शासनकाल में हुई थी।
उत्तर : पश्चिम में आधुनिक युग को विज्ञान, तर्क, लोकतंत्र, स्वतंत्रता और समानता जैसी आधुनिक विचारधाराओं और मूल्यों के विकास एवं प्रसार का युग माना जाता है। यह युग पुनर्जागरण, औद्योगिक क्रांति और ज्ञानोदय से प्रेरित था।
उत्तर : औपनिवेशिक युग वह ऐतिहासिक काल है जब एक शक्तिशाली देश (उपनिवेशवादी) किसी दूसरे देश (उपनिवेश) पर अपना राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक नियंत्रण स्थापित कर लेता है। भारत का वह काल जब वह ब्रिटिश शासन के अधीन था (लगभग 1757 से 1947 तक), औपनिवेशिक युग कहलाता है।
उत्तर : औपनिवेशीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक देश दूसरे देश पर अपना प्रभुत्व स्थापित करता है। इस प्रक्रिया में केवल राजनीतिक कब्ज़ा ही नहीं, बल्कि उपनिवेश के आर्थिक संसाधनों का दोहन, सामाजिक ढाँचे में बदलाव और सांस्कृतिक मूल्यों पर प्रभाव भी शामिल होता है।
उत्तर : ब्रिटिश काल में की जाने वाली जनगणना में निम्नलिखित प्रकार की जानकारियाँ एकत्र की जाती थीं:
- प्रत्येक प्रांत में रहने वाले लोगों की कुल संख्या।
- लोगों की जाति, धर्म और समुदाय।
- उनका निवास स्थान (गाँव/शहर)।
- उनका व्यवसाय या पेशा।
- उम्र और लिंग के आँकड़े।
इस जानकारी का उपयोग प्रशासनिक नियोजन, कर निर्धारण और समाज को समझने के लिए किया जाता था।
उत्तर : "ए हिस्ट्री ऑफ ब्रिटिश इंडिया" नामक प्रसिद्ध पुस्तक जेम्स मिल ने लिखी थी, जो 1817 में प्रकाशित हुई।
| A | B |
|---|---|
| सर्वे ऑफ इंडिया | देहरादून |
| जनगणना | दस वर्ष |
| दस्तावेज | अभिलेखागार |
| जेम्स मिल | स्कॉटलैंड |
| वायसराय | माउंटबैटन |
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