UP Board Class 10 History 4. औद्योगीकरण का युग is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 10 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: ब्रिटेन में महिला श्रमिकों ने स्पिनिंग जेनी मशीनों पर इसलिए हमले किए क्योंकि इस मशीन ने कताई के काम को बहुत तेज़ कर दिया था। इससे काम करने वाले हाथों (मज़दूरों) की ज़रूरत कम हो गई और महिला कामगारों के सामने बेरोज़गारी का खतरा पैदा हो गया। पहले वे हाथ से कताई करके अपनी आजीविका चलाती थीं, लेकिन इस नई मशीन ने उनकी कमाई के रास्ते बंद कर दिए, जिससे उनमें गुस्सा और डर पैदा हुआ।
उत्तर: सत्रहवीं शताब्दी में यूरोप के शहरी व्यापारी गाँवों की ओर इसलिए मुड़े क्योंकि शहरों में 'गिल्ड' नामक शक्तिशाली संगठनों का कड़ा नियंत्रण था। ये गिल्ड उत्पादन, कीमतों और नए व्यापारियों के प्रवेश पर पाबंदी लगाते थे। गाँवों में ऐसे कोई नियम नहीं थे। वहाँ गरीब किसान और कारीगर काम की तलाश में थे, इसलिए व्यापारियों के लिए वहाँ सस्ते श्रम से काम करवाना और उत्पादन बढ़ाना आसान हो गया। इससे शहरी नियंत्रण से बचकर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के लिए माल तैयार किया जाने लगा।
उत्तर: अठारहवीं सदी के अंत तक सूरत बंदरगाह का महत्व इसलिए कम हो गया क्योंकि यूरोपीय कंपनियाँ, खासकर ईस्ट इंडिया कंपनी, भारत में ताकतवर होती गईं। इन कंपनियों ने स्थानीय शासकों से व्यापारिक एकाधिकार और कई तरह की रियायतें हासिल कर लीं। इससे सूरत और हुगली जैसे पुराने बंदरगाहों से काम करने वाले भारतीय व्यापारियों का व्यापार ठप्प हो गया। निर्यात घटने से इन बंदरगाहों से जुड़े स्थानीय बैंकर भी दिवालिया होने लगे और व्यापार का केंद्र बंबई (मुंबई) और कलकत्ता (कोलकाता) जैसे नए बंदरगाहों की ओर खिसक गया।
उत्तर: ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारतीय बुनकरों पर सीधा नियंत्रण रखने और पुराने व्यापारियों व दलालों की भूमिका खत्म करने के लिए 'गुमाश्तों' की नियुक्ति की। ये गुमाश्ते कंपनी के सैलरी पाने वाले कर्मचारी थे जिनका काम बुनकरों की निगरानी करना, उन्हें कच्चा माल देना, कपड़े की गुणवत्ता जाँचना और तैयार माल इकट्ठा करना था। गुमाश्ते बुनकरों को अग्रिम रकम (कर्ज) देकर उन्हें बाँध देते थे, ताकि वे कंपनी के अलावा किसी और को अपना कपड़ा न बेच सकें। इस तरह कंपनी को सस्ते दाम पर नियमित और अच्छी गुणवत्ता वाले कपास व रेशम के कपड़े मिलने लगे।
उत्तर: गलत। उन्नीसवीं सदी के अंत तक भी यूरोप की अधिकांश श्रमशक्ति पारंपरिक कृषि और हस्तशिल्प जैसे पुराने तरीकों से जुड़ी हुई थी। तकनीकी रूप से विकसित कारखानों में काम करने वालों का प्रतिशत इतना अधिक नहीं था।
उत्तर: सही। अठारहवीं सदी तक भारत के बने महीन सूती और रेशमी कपड़ों (जैसे मलमल, चिंट्ज़) की दुनिया भर में बहुत माँग थी और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार पर भारतीय वस्त्रों का वर्चस्व था।
उत्तर: गलत। अमेरिकी गृहयुद्ध (1861-65) के कारण अमेरिका से कपास का निर्यात रुक गया, जिससे ब्रिटेन के कारखानों को कच्चे माल की कमी हो गई। इस वजह से भारत से कच्चे कपास के निर्यात में भारी वृद्धि हुई, कमी नहीं आई।
उत्तर: सही। फ्लाई शटल एक तकनीकी सुधार था जिसने करघे पर कपड़ा बुनने की गति को बढ़ा दिया। इससे एक बुनकर अकेले ही चौड़ा कपड़ा बुन सकता था और उसकी उत्पादकता में स्पष्ट सुधार हुआ।
उत्तर: पूर्व-औद्योगीकरण उस चरण को कहते हैं जब बड़े कारखाने अस्तित्व में नहीं आए थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए बड़े पैमाने पर औद्योगिक उत्पादन होने लगा था। इस दौर में शहरी व्यापारी गाँवों के किसानों और कारीगरों को काम देते थे, उनसे सामान बनवाते थे और उसे दूर-दूर तक बेचते थे। यह उत्पादन फैक्ट्रियों की बजाय गाँवों के घरों या छोटी-छोटी वर्कशॉप्स में होता था। यह औद्योगिक क्रांति से पहले का एक महत्वपूर्ण चरण था।
उत्तर: उन्नीसवीं सदी के यूरोप में कई उद्योगपति मशीनों के बजाय हाथ से काम करने वाले श्रमिकों को इसलिए पसंद करते थे क्योंकि:
उत्तर: ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारतीय बुनकरों से सूती और रेशमी कपड़े की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए:
उत्तर:
ब्रिटेन के औद्योगिक इतिहास में कपास का विशेष स्थान है। 17वीं-18वीं शताब्दी में यहाँ 'पूर्व-औद्योगीकरण' का दौर था, जहाँ व्यापारी गाँवों में किसानों व कारीगरों से कपास के धागे कतरवाते और कपड़ा बुनवाते थे। यह सब कारखानों के बिना ही होता था।
लेकिन 1760 के दशक之后 सब कुछ बदल गया। स्पिनिंग जेनी, वाटर फ्रेम जैसे आविष्कारों ने कताई का काम मशीनों से करना शुरू कर दिया। कच्चे कपास का आयात 1760 के 25 लाख पाउंड से बढ़कर 1787 में 2 करोड़ 20 लाख पाउंड हो गया। कारखाने बने, जहाँ एक छत के नीचे सारा काम होने लगा। 1840 तक कपास उद्योग औद्योगिक क्रांति का प्रमुख क्षेत्र बन चुका था।
दिलचस्प बात यह है कि इन मशीनों का शुरू में मजदूरों ने जमकर विरोध किया, क्योंकि उन्हें डर था कि मशीनें उनकी नौकरी छीन लेंगी। स्पिनिंग जेनी पर महिला श्रमिकों के हमले इसी डर का नतीजा थे।
ब्रिटेन की कपास कहानी का एक पहलू भारत से जुड़ा है। 18वीं सदी तक ब्रिटेन भारत के महीन कपास के कपड़ों का बड़ा आयातक था। लेकिन ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत पर राजनीतिक नियंत्रण के बाद बुनकरों का शोषण शुरू किया और भारत को कच्चे कपास का निर्यातक तथा ब्रिटिश मिलों के तैयार कपड़ों का आयातक बना दिया। मैनचेस्टर दुनिया का कपड़ा उत्पादन केंद्र बन गया।
प्रथम विश्व युद्ध (1914-18) के दौरान फिर पलड़ा बदला। ब्रिटिश मिलें सेना की ज़रूरतों में व्यस्त हो गईं, तो भारतीय कपड़ा मिलों को फिर से बढ़ने का मौका मिला। इस प्रकार ब्रिटेन और कपास का इतिहास तकनीकी बदलाव, वैश्विक व्यापार और औपनिवेशिक नीतियों की एक जटिल कहानी है।
उत्तर: प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के दौरान भारत के औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि के निम्नलिखित कारण थे:
उत्तर: यह एक स्वयं करने योग्य परियोजना कार्य है। छात्रों को अपने आस-पास के किसी उद्योग (जैसे कपड़ा मिल, चीनी मिल, सिमेंट फैक्ट्री, हस्तशिल्प इकाई, खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र आदि) का चयन करके उपरोक्त बिंदुओं पर शोध करना चाहिए। स्थानीय मालिकों और श्रमिकों से साक्षात्कार करके जानकारी एकत्रित करनी चाहिए।
UP Board Class 10 History 4. औद्योगीकरण का युग Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for Class 10 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.
It is essential to know the importance of UP Board Class 10 History 4. औद्योगीकरण का युग textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board Class 10 History 4. औद्योगीकरण का युग :
There are various features of UP Board Class 10 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.
| Other Chapters of Class 10 History | |
| 1. यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय | |
| 2. भारत में राष्ट्रवाद | |
| 3. भूमंडलीकृत विश्व का बनना | |
| 4. औद्योगीकरण का युग | |
| 5. मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया |