UP Board Book Logo

UPBoardBook Desktop Banner UPBoardBook Mobile Banner

UP Board Class 11 Maths (14. गणितीय विवेचन) solution PDF

UP Board Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 11 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board Class 11 Maths (14. गणितीय विवेचन) solution

UP Board Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Hindi Medium Solutions - PDF

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Click Here to

UP Board Solution Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Image 1
UP Board Solution Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Image 2
UP Board Solution Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Image 3
UP Board Solution Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Image 4
UP Board Solution Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Image 5
UP Board Solution Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Image 6
UP Board Solution Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Image 7
UP Board Solution Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Image 8
UP Board Solution Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Image 9
UP Board Solution Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Image 10
UP Board Solution Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Image 11

UP Board Solutions for Class 11 Maths

अध्याय 14: गणितीय विवेचन (Mathematical Reasoning)

प्रश्नावली 14.1

प्रश्न 1.

निम्नलिखित वाक्यों में से कौन-सा कथन है? अपने उत्तर के लिए कारण भी बताइए।

  1. एक महीने में 35 दिन होते हैं।
  2. गणित एक कठिन विषय है।
  3. 5 और 7 का योगफल 10 से अधिक है।
  4. किसी संख्या का वर्ग एक सम संख्या होती है।
  5. किसी चतुर्भुज की भुजाएँ बराबर (समान) लंबाई की होती हैं।
  6. इस प्रश्न का उत्तर दीजिए।
  7. -1 और 8 का गुणनफल 8 है।
  8. त्रिभुज के सभी अंत: कोणों का योगफल 180° होता है।
  9. आज एक तूफानी दिन है।
  10. सभी वास्तविक संख्याएँ सम्मिश्र संख्याएँ होती हैं।

स्पष्टीकरण: कथन सदैव या तो सत्य होता है या असत्य होता है, किंतु कभी भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के लिए कथन का सत्यापन परिवर्तित नहीं होता।

हल:

  1. यह वाक्य सदैव असत्य है, क्योंकि किसी भी माह में अधिकतम 31 दिन होते हैं। अतः यह एक कथन है।
  2. यह एक कथन नहीं है, क्योंकि कुछ लोगों के लिए गणित सरल हो सकता है और कुछ अन्य के लिए कठिन। यह व्यक्तिपरक है।
  3. यह वाक्य सदैव सत्य है, क्योंकि 5+7=12, जो 10 से अधिक है। अतः यह एक कथन है।
  4. यह सदैव सत्य नहीं है। विषम संख्या का वर्ग विषम होता है। अतः यह एक कथन नहीं है।
  5. यह सदैव सत्य नहीं है। केवल वर्ग और समचतुर्भुज की भुजाएँ समान होती हैं, आयत की नहीं। अतः यह कथन नहीं है।
  6. यह एक आदेश (निर्देश) है, इसलिए यह कथन नहीं है।
  7. यह वाक्य असत्य है क्योंकि (-1)×8 = -8 होता है। अतः यह एक कथन है।
  8. यह वाक्य सदैव सत्य है (त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म के अनुसार)। अतः यह एक कथन है।
  9. यहाँ 'आज' स्पष्ट नहीं है, इसलिए सत्यता ज्ञात नहीं की जा सकती। अतः यह कथन नहीं है।
  10. यह वाक्य सत्य है, क्योंकि प्रत्येक वास्तविक संख्या x को x + i.0 के रूप में लिखा जा सकता है। अतः यह एक कथन है।

प्रश्न 2.

वाक्यों के तीन ऐसे उदाहरण दीजिए जो कथन नहीं हैं। उत्तर के लिए कारण भी बताइए।

हल: वाक्यों के तीन उदाहरण जो कथन नहीं हैं:

  1. "इस कमरे में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति निडर है।"
    यह कथन नहीं है क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि 'इस कमरे' से किस कमरे का तात्पर्य है। साथ ही, 'निडर' शब्द की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है।
  2. "वह अभियांत्रिकी (इंजीनियरिंग) की छात्रा है।"
    यह कथन नहीं है क्योंकि 'वह' शब्द से यह स्पष्ट नहीं होता कि किस व्यक्ति के बारे में कहा जा रहा है।
  3. "x² + 5x + 6 का मान सदैव 1/2 से अधिक होता है।"
    जब तक x का मान ज्ञात न हो, हम यह नहीं कह सकते कि यह वाक्य सत्य है या असत्य। अतः यह एक कथन नहीं है।

प्रश्नावली 14.2

प्रश्न 1.

निम्नलिखित कथन के निषेधन लिखिए।

  1. चेन्नई, तमिलनाडु की राजधानी है।
  2. √2 एक सम्मिश्र संख्या नहीं है।
  3. सभी त्रिभुज समबाहु त्रिभुज नहीं होते हैं।
  4. संख्या 2, संख्या 7 से अधिक है।
  5. प्रत्येक प्राकृत संख्या एक पूर्णांक होती है।

नियम: निषेधन बनाने के लिए, यदि कथन में 'नहीं' न हो तो उसमें 'नहीं' जोड़ते हैं और यदि 'नहीं' हो तो उसे हटा देते हैं।

हल: दिए गए कथनों के निषेधन निम्नलिखित हैं:

  1. चेन्नई, तमिलनाडु की राजधानी नहीं है।
  2. √2 एक सम्मिश्र संख्या है
  3. सभी त्रिभुज समबाहु त्रिभुज होते हैं।
  4. संख्या 2, संख्या 7 से अधिक नहीं है।
  5. प्रत्येक प्राकृत संख्या एक पूर्णांक नहीं होती है।

प्रश्न 2.

क्या निम्नलिखित कथन युग्म (कथन के जोड़े) एक-दूसरे के निषेधन हैं?

  1. संख्या x एक परिमेय संख्या नहीं है।
    संख्या x एक अपरिमेय संख्या नहीं है।
  2. संख्या x एक परिमेय संख्या है।
    संख्या x एक अपरिमेय संख्या है।

हल:

  1. पहला कथन: "x एक परिमेय संख्या नहीं है" अर्थात x अपरिमेय है।
    इसका निषेधन है: "x एक परिमेय संख्या है।"
    दूसरा कथन है: "x एक अपरिमेय संख्या नहीं है" अर्थात x परिमेय है।
    हाँ, ये कथन एक-दूसरे के निषेधन हैं।
  2. पहला कथन: "x एक परिमेय संख्या है।"
    इसका निषेधन है: "x एक परिमेय संख्या नहीं है" अर्थात "x एक अपरिमेय संख्या है।"
    जो कि दूसरे कथन के बराबर है।
    हाँ, ये कथन भी एक-दूसरे के निषेधन हैं।

प्रश्न 3.

निम्नलिखित मिश्र कथन के घटक कथन ज्ञात कीजिए और जाँचिए कि वे सत्य हैं या असत्य।

  1. संख्या 3 अभाज्य है या विषम है।
  2. समस्त (सभी) पूर्णांक धनात्मक हैं या ऋणात्मक हैं।
  3. संख्या 100, संख्याओं 3, 11 और 5 से भाज्य है।

हल: सर्वप्रथम मिश्र कथन को घटक कथनों में अलग करते हैं, फिर उनकी सत्यता जाँचते हैं।

  1. घटक कथन:
    p: संख्या 3 अभाज्य है। (सत्य)
    q: संख्या 3 विषम है। (सत्य)
    दोनों घटक कथन सत्य हैं।
  2. घटक कथन:
    p: सभी पूर्णांक धनात्मक हैं। (असत्य, क्योंकि ऋणात्मक पूर्णांक भी होते हैं।)
    q: सभी पूर्णांक ऋणात्मक हैं। (असत्य, क्योंकि धनात्मक पूर्णांक भी होते हैं।)
    दोनों घटक कथन असत्य हैं।
  3. घटक कथन:
    p: संख्या 100, 3 से भाज्य है। (असत्य, क्योंकि 100, 3 से पूर्णतः विभाजित नहीं होता।)
    q: संख्या 100, 11 से भाज्य है। (असत्य)
    r: संख्या 100, 5 से भाज्य है। (सत्य)
    p और q असत्य हैं, r सत्य है।

प्रश्नावली 14.3

प्रश्न 1.

निम्नलिखित मिश्र कथनों में पहले संयोजक शब्दों को पहचानिए और फिर उनको घटक कथनों में विघटित कीजिए।

  1. सभी परिमेय संख्याएँ वास्तविक संख्याएँ होती हैं और सभी वास्तविक संख्याएँ सम्मिश्र संख्याएँ नहीं होती हैं।
  2. किसी पूर्णांक का वर्ग धन या ऋण होता है।
  3. रेत (बालू) धूप में शीघ्र गर्म हो जाती है और रात्रि में शीघ्र ठंडी नहीं होती है।
  4. x = 2 और x = 3, समीकरण 3x² - x - 10 = 0 के मूल हैं।

हल:

  1. संयोजक शब्द: "और"
    घटक कथन:
    p: सभी परिमेय संख्याएँ वास्तविक संख्याएँ होती हैं। (सत्य)
    q: सभी वास्तविक संख्याएँ सम्मिश्र संख्याएँ नहीं होती हैं। (असत्य, क्योंकि सभी वास्तविक संख्याएँ सम्मिश्र संख्याएँ होती हैं।)
  2. संयोजक शब्द: "या"
    घटक कथन:
    p: किसी पूर्णांक का वर्ग धन होता है। (सत्य, क्योंकि वर्ग सदैव धनात्मक या शून्य होता है।)
    q: किसी पूर्णांक का वर्ग ऋण होता है। (असत्य)
  3. संयोजक शब्द: "और"
    घटक कथन:
    p: रेत धूप में शीघ्र गर्म हो जाती है। (सत्य)
    q: रेत रात्रि में शीघ्र ठंडी नहीं होती है। (सत्य/असत्य - प्रसंग पर निर्भर)
  4. संयोजक शब्द: "और"
    घटक कथन:
    p: x = 2, समीकरण 3x² - x - 10 = 0 का मूल है। (सत्य, क्योंकि 3(4)-2-10=0)
    q: x = 3, समीकरण 3x² - x - 10 = 0 का मूल है। (असत्य, क्योंकि 3(9)-3-10=14≠0)

प्रश्न 2.

निम्नलिखित कथनों में परिमाणवाचक वाक्यांश पहचानिए और कथनों के निषेधन लिखिए।

  1. एक ऐसी संख्या का अस्तित्व है, जो अपने वर्ग के बराबर है।
  2. प्रत्येक वास्तविक संख्या x के लिए, x, (x + 1) से कम होता है।
  3. भारत के हर एक राज्य/प्रदेश के लिए एक राजधानी का अस्तित्व है।

हल:

  1. परिमाणवाचक वाक्यांश: "एक ऐसी संख्या का अस्तित्व है"
    कथन (p): एक ऐसी संख्या x का अस्तित्व है कि x = x²।
    निषेधन (¬p): ऐसी कोई संख्या x का अस्तित्व नहीं है जो अपने वर्ग के बराबर हो। (ध्यान दें: यह असत्य है, क्योंकि x=0 और x=1 के लिए यह सत्य है।)
  2. परिमाणवाचक वाक्यांश: "प्रत्येक के लिए"
    कथन (p): प्रत्येक वास्तविक संख्या x के लिए, x < (x + 1) है।
    निषेधन (¬p): कम से कम एक वास्तविक संख्या x ऐसी है जिसके लिए x, (x+1) से कम नहीं है (अर्थात x ≥ x+1)।
  3. परिमाणवाचक वाक्यांश: "हर एक के लिए ... एक का अस्तित्व है"
    कथन (p): भारत के हर एक राज्य/प्रदेश के लिए एक राजधानी का अस्तित्व है।
    निषेधन (¬p): भारत का कम से कम एक ऐसा राज्य/प्रदेश है जिसके लिए कोई राजधानी नहीं है।

प्रश्न 3.

जाँचिए कि क्या नीचे लिखे कथनों के जोड़े (युग्म) एक-दूसरे के निषेधन हैं। अपने उत्तर के लिए कारण भी बताइए।

  1. प्रत्येक वास्तविक संख्याओं x और y के लिए, x + y = y + x सत्य है।
  2. ऐसी वास्तविक संख्याओं x और y का अस्तित्व है, जिनके लिए, x + y ≠ y + x सत्य है।

हल:
पहला कथन सत्य है (जोड़ की क्रमविनिमेयता)।
दूसरा कथन असत्य है, क्योंकि किसी भी वास्तविक संख्या के लिए x+y हमेशा y+x के बराबर होता है।
एक कथन का निषेधन वह कथन होता है जो उसके विपरीत सत्यता मान रखता है। चूंकि पहला कथन सार्वत्रिक रूप से सत्य है, इसका निषेधन एक अस्तित्वगत कथन होगा जो कहता है कि "ऐसी संख्याएँ मौजूद हैं जिनके लिए x+y ≠ y+x"। यह दूसरे कथन के समान है।
हाँ, ये कथन एक-दूसरे के निषेधन हैं।

प्रश्न 4.

बताइए कि निम्नलिखित कथनों में प्रयुक्त 'या' 'अपवर्जित है' अथवा 'अंतर्विष्ट है'। अपने उत्तर के लिए कारण भी बताइए।

  1. सूर्य उदय होता है या चंद्रमा अस्त होता है।
  2. ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन हेतु आपके पास राशन कार्ड या पासपोर्ट होना चाहिए।
  3. सभी पूर्णांक धन या ऋण होते हैं।

स्पष्टीकरण: यदि 'या' से जुड़े दोनों घटक एक साथ सत्य हो सकते हैं, तो वह 'अंतर्विष्ट या' (Inclusive OR) है। यदि दोनों घटक एक साथ सत्य नहीं हो सकते, तो वह 'अपवर्जित या' (Exclusive OR) है।

हल:

  1. अपवर्जित या: सूर्योदय और चंद्रमा का अस्त होना एक ही समय में नहीं हो सकता। दोनों में से केवल एक ही घटना घटित हो सकती है।
  2. अंतर्विष्ट या: ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आपके पास राशन कार्ड या पासपोर्ट या दोनों हो सकते हैं। दोनों घटक एक साथ सत्य हो सकते हैं।
  3. अपवर्जित या: कोई पूर्णांक एक साथ धनात्मक और ऋणात्मक दोनों नहीं हो सकता। यह या तो धनात्मक होगा, या ऋणात्मक होगा, या शून्य होगा (जो इस कथन में शामिल नहीं है)।

प्रश्नावली 14.4

प्रश्न 1.

निम्नलिखित कथन को वाक्यांश 'यदि-तो' का प्रयोग करते हुए पाँच विभिन्न रूप में इस प्रकार लिखिए कि उनके अर्थ समान हों।
"यदि एक प्राकृत संख्या विषम है, तो उसका वर्ग भी विषम है।"

हल: समान अर्थ वाले पाँच कथन:

  1. किसी प्राकृत संख्या के विषम होने के लिए यह पर्याप्त है कि उसका वर्ग विषम हो।
  2. किसी प्राकृत संख्या के वर्ग के विषम होने के लिए यह आवश्यक है कि वह संख्या विषम हो।
  3. एक प्राकृत संख्या विषम है, केवल यदि उसका वर्ग विषम है।
  4. यदि किसी प्राकृत संख्या का वर्ग विषम नहीं है, तो वह संख्या विषम नहीं है।
  5. किसी प्राकृत संख्या का विषम होना, उसके वर्ग के विषम होने का तात्पर्य (अंतर्भाव) करता है।

प्रश्न 2.

निम्नलिखित कथनों के प्रतिधनात्मक और विलोम कथन लिखिए।

  1. यदि x एक अभाज्य संख्या है, तो x विषम है।
  2. यदि दो रेखाएँ समांतर हैं, तो वे एक-दूसरे को एक समतल में नहीं काटती हैं।
  3. किसी वस्तु के ठंडे होने का तात्पर्य है कि उसका तापक्रम कम है।
  4. आप ज्यामिति विषय को आत्मसात नहीं कर सकते, यदि आपको यह ज्ञान नहीं है कि निगमनात्मक विवेचन किस प्रकार किया जाता है।
  5. x एक सम संख्या है, से तात्पर्य है कि x संख्या 4 से भाज्य है।

स्पष्टीकरण: कथन: "यदि p, तो q"
प्रतिधनात्मक (Contrapositive): "यदि q नहीं, तो p नहीं"
विलोम (Converse): "यदि q, तो p"

हल:

  1. प्रतिधनात्मक: यदि x विषम नहीं है (अर्थात सम है), तो x एक अभाज्य संख्या नहीं है।
    विलोम: यदि x विषम है, तो x एक अभाज्य संख्या है।
  2. प्रतिधनात्मक: यदि दो रेखाएँ एक-दूसरे को एक समतल में काटती हैं, तो वे समांतर नहीं हैं।
    विलोम: यदि दो रेखाएँ एक-दूसरे को एक समतल में नहीं काटती हैं, तो वे समांतर हैं।
  3. कथन: यदि वस्तु ठंडी है (p), तो उसका तापमान कम है (q)।
    प्रतिधनात्मक: यदि किसी वस्तु का तापमान कम नहीं है, तो वह वस्तु ठंडी नहीं है।
    विलोम: यदि किसी वस्तु का तापमान कम है, तो वह वस्तु ठंडी है।
  4. कथन: यदि आपको निगमनात्मक विवेचन का ज्ञान नहीं है (p), तो आप ज्यामिति को आत्मसात नहीं कर सकते (q)।
    प्रतिधनात्मक: यदि आप ज्यामिति को आत्मसात कर सकते हैं, तो आपको निगमनात्मक विवेचन का ज्ञान है।
    विलोम: यदि आप ज्यामिति को आत्मसात नहीं कर सकते, तो आपको निगमनात्मक विवेचन का ज्ञान नहीं है।
  5. कथन: यदि x सम है (p), तो x, 4 से भाज्य है (q)।
    प्रतिधनात्मक: यदि x, 4 से भाज्य नहीं है, तो x सम नहीं है (अर्थात विषम है)।
    विलोम: यदि x, 4 से भाज्य है, तो x सम है।

प्रश्न 3.

निम्नलिखित कथनों में से प्रत्येक को 'यदि-तो' रूप में लिखिए।

  1. आपको नौकरी मिलने का तात्पर्य है कि, आपकी विश्वसनीयता अच्छी है।
  2. केले का पेड़ फूलेगा, यदि वह एक माह तक गरम बना रहे।
  3. एक चतुर्भुज समांतर चतुर्भुज है, यदि उसके विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
  4. कक्षा में A ग्रेड पाने के लिए यह अनिवार्य है कि, आप पुस्तक के सभी प्रश्नों को हल कर लेते हैं।

हल:

  1. यदि आपको नौकरी मिल गई है, तो आपकी विश्वसनीयता अच्छी है।
  2. यदि केले का पेड़ एक माह तक गरम बना रहता है, तो वह फूलेगा।
  3. यदि किसी चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्व

Get UP Board Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Solution in Hindi Medium

UP Board Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for Class 11 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.

Importance of UP Board Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन Text Solutions

It is essential to know the importance of UP Board Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board Class 11 Maths 14. गणितीय विवेचन :

  • These TextSolutions are very clear and accurate which helps student to understand concept with ease.
  • It is also to mention that these text Solutions are prepared by the content experts of subject, thus these Solutions helps student in clearing their doubts and understand the core concept easily.
  • It is considered to be the best study material for competitive exam preparation.

Features of UP Board Class 11 textSolutions

There are various features of UP Board Class 11 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.

  • Best feature of these textSolutions is free availability of content in PDF format
  • Second feature that content generated and written is clear and easy to read.
  • There are various illustration and images are shown in the Solution so that student can easily understand the concept and should be more appealing to the student.
  • Each chapter is explained thoroughly
Uttar Pradesh Solutions are very helpful and handy. Specially subjects like UP Board Class 11 Physics Part - II Solutions are very interesting to study.

Other Chapters of Class 11 Maths
1. सम्मुच्य
2. संबंध एवं फलन
3. त्रिकोणमितीय फलन
4. गणितीय आगमन का सिद्धांत
5. सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण
6. रैखिक असमिकाएँ
7. क्रमचय एवं संचय
8. द्विपद प्रमेय
9. अनुक्रम तथा श्रेणी
10. सरल रेखाएँ
11. शांकव परिच्छेदन
12. त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय
13. सीमा और अवकलज
14. गणितीय विवेचन
15. सांख्यिकी
16. प्रायिकता
;