UP Board Class 12 Maths 6. अवकलज के अनुप्रयोग is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 12 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
वृत्त के क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर इसकी त्रिज्या r के सापेक्ष ज्ञात कीजिए जबकि
(i) r = 3 सेमी है।
(ii) r = 4 सेमी है।
हल:
मान लीजिए कि A वृत्त का क्षेत्रफल निरूपित करता है जब वृत्त की त्रिज्या r है, तब
A = πr²
अब, क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर इसकी त्रिज्या r के सापेक्ष है:
\(\frac{dA}{dr} = \frac{d}{dr}(πr²) = 2πr\)
(i) जब r = 3 सेमी,
\(\frac{dA}{dr} = 2π(3) = 6π\) सेमी²/सेमी
इसलिए, वृत्त का क्षेत्रफल 6π सेमी²/सेमी की दर से परिवर्तित हो रहा है जब इसकी त्रिज्या 3 सेमी है।
(ii) जब r = 4 सेमी,
\(\frac{dA}{dr} = 2π(4) = 8π\) सेमी²/सेमी
इसलिए, जब वृत्त की त्रिज्या 4 सेमी हो, तो वृत्त का क्षेत्रफल 8π सेमी²/सेमी की दर से परिवर्तित हो रहा है।
एक घन का आयतन 8 सेमी³/से की दर से बढ़ रहा है। पृष्ठ क्षेत्रफल किस दर से बढ़ रहा है, जबकि इसके कोर की लंबाई 12 सेमी है?
हल:
मान लीजिए कि घन के कोर की लंबाई x है, आयतन V है और पृष्ठ क्षेत्रफल S है।
V = x³ और S = 6x² (क्योंकि घन के 6 वर्ग फलक होते हैं जिसकी प्रत्येक भुजा x है।)
जहाँ, x समय t का फलन है।
यह दिया गया है कि \(\frac{dV}{dt} = 8\) सेमी³/से
तब, श्रृंखला नियम का प्रयोग करने पर,
\(\frac{dV}{dt} = \frac{d}{dt}(x³) = 3x² \frac{dx}{dt}\)
\(\Rightarrow 8 = 3x² \frac{dx}{dt} \Rightarrow \frac{dx}{dt} = \frac{8}{3x²}\) ...(i)
अब, \(\frac{dS}{dt} = \frac{d}{dt}(6x²) = 12x \frac{dx}{dt}\)
\(= 12x \left( \frac{8}{3x²} \right) = \frac{32}{x}\) [समी (i) से]
जब x = 12 सेमी,
\(\frac{dS}{dt} = \frac{32}{12} = \frac{8}{3}\) सेमी²/से
अतः यदि घन के कोर की लंबाई 12 सेमी है, तब पृष्ठ क्षेत्रफल \(\frac{8}{3}\) सेमी²/से की दर से बढ़ रहा है।
एक वृत्त की त्रिज्या समान रूप से 3 सेमी/से की दर से बढ़ रही है। ज्ञात कीजिए कि वृत्त का क्षेत्रफल किस दर से बढ़ रहा है जब त्रिज्या 10 सेमी है?
हल:
मान लीजिए कि t समय पर वृत्त की त्रिज्या r है और वृत्त का क्षेत्रफल A है,
A = πr²
अब, समय t के सापेक्ष क्षेत्रफल A के परिवर्तन की दर इस प्रकार दी जाती है:
\(\frac{dA}{dt} = \frac{d}{dt}(πr²) = 2πr \frac{dr}{dt}\) (श्रृंखला नियम से)
यह दिया गया है कि वृत्त की त्रिज्या 3 सेमी/से की दर से बढ़ रही है।
\(\frac{dr}{dt} = 3\) सेमी/से
\(\Rightarrow \frac{dA}{dt} = 2πr(3) = 6πr\)
इसलिए, जब r = 10 सेमी;
\(\frac{dA}{dt} = 6π(10) = 60π\) सेमी²/से
अतः, जब वृत्त की त्रिज्या 10 सेमी है, तो वृत्त का क्षेत्रफल 60π सेमी²/से की दर से बढ़ रहा है।
एक परिवर्तनशील घन की कोर 3 सेमी/से की दर से बढ़ रही है। घन का आयतन किस दर से बढ़ रहा है, जबकि कोर 10 सेमी लंबी है?
हल:
मान लीजिए घन की कोर की लंबाई x है, और आयतन V है,
V = x³
\(\frac{dV}{dt} = \frac{d}{dt}(x³) = 3x² \frac{dx}{dt}\) (श्रृंखला नियम से)
यह दिया गया है कि घन की कोर 3 सेमी/से की दर से बढ़ रही है।
\(\frac{dx}{dt} = 3\) सेमी/से
\(\Rightarrow \frac{dV}{dt} = 3x²(3) = 9x²\)
इसलिए, जब x = 10 सेमी,
\(\frac{dV}{dt} = 9 × (10)² = 900\) सेमी³/से
अतः जब कोर की लंबाई 10 सेमी है, तो घन का आयतन 900 सेमी³/से की दर से बढ़ रहा है।
एक स्थिर झील में एक पत्थर डाला जाता है और तरंगें वृत्तों में 5 सेमी/से की गति से चलती हैं। जब वृत्ताकार तरंग की त्रिज्या 8 सेमी है, तो उस क्षण, तरंग द्वारा घिरा हुआ क्षेत्रफल किस दर से बढ़ रहा है?
हल:
मान लीजिए कि वृत्ताकार तरंग की त्रिज्या r है और क्षेत्रफल A है। तब,
A = πr²
इसलिए समय t के सापेक्ष क्षेत्रफल A के परिवर्तन की दर इस प्रकार दी जाती है:
\(\frac{dA}{dt} = \frac{d}{dt}(πr²) = 2πr \frac{dr}{dt}\) (श्रृंखला नियम से)
यह दिया गया है कि तरंगें 5 सेमी/से की गति से वृत्तों में चलती हैं।
\(\frac{dr}{dt} = 5\) सेमी/से
\(\Rightarrow \frac{dA}{dt} = 2πr(5) = 10πr\) सेमी²/से
इसलिए, जब r = 8 सेमी,
\(\frac{dA}{dt} = 10π(8) = 80π\) सेमी²/से
अतः जब वृत्ताकार तरंग की त्रिज्या 8 सेमी है, तरंग द्वारा घिरा हुआ क्षेत्रफल 80π सेमी²/से की दर से बढ़ रहा है।
एक वृत्त की त्रिज्या 0.7 सेमी/से की दर से बढ़ रही है। इसकी परिधि की वृद्धि की दर क्या है जब r = 4.9 सेमी है?
हल:
मान लीजिए समय t पर वृत्त की त्रिज्या r है और इसकी परिधि C है। तब,
C = 2πr
परिधि की वृद्धि की दर, \(\frac{dC}{dt} = 2π \frac{dr}{dt}\) (t के सापेक्ष अवकलन करने पर, श्रृंखला नियम द्वारा)
जहाँ, \(\frac{dr}{dt}\) त्रिज्या की वृद्धि की दर है।
\(\frac{dr}{dt} = 0.7\) सेमी/से (दिया है)
\(\Rightarrow \frac{dC}{dt} = 2π(0.7) = 1.4π\) सेमी/से
अतः, परिधि की वृद्धि की दर 1.4π सेमी/से है।
एक आयत की लंबाई x, 5 सेमी/मिनट की दर से घट रही है और चौड़ाई y, 4 सेमी/मिनट की दर से बढ़ रही है। जब x = 8 सेमी और y = 6 सेमी है, तब आयत के
(i) परिमाप
(ii) क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लीजिए कि किसी समय t पर, आयत की लंबाई, चौड़ाई, परिमाप और क्षेत्रफल क्रमशः x, y, P और A हैं।
तब P = 2(x + y) और A = xy
यह दिया है कि \(\frac{dx}{dt} = -5\) सेमी/मिनट (ऋणात्मक चिन्ह दर्शाता है कि लंबाई घट रही है) और \(\frac{dy}{dt} = 4\) सेमी/मिनट
(i) P = 2(x + y)
परिमाप के परिवर्तन की दर \(\frac{dP}{dt} = 2\left( \frac{dx}{dt} + \frac{dy}{dt} \right)\)
\(= 2(-5 + 4) = -2\) सेमी/मिनट
अतः, आयत का परिमाप 2 सेमी/मिनट की दर से घट रहा है।
(ii) आयत का क्षेत्रफल A = xy, t के सापेक्ष अवकलन करने पर
क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर \(\frac{dA}{dt} = x \frac{dy}{dt} + y \frac{dx}{dt}\)
\(= 8(4) + 6(-5) = 32 - 30 = 2\) सेमी²/मिनट
अतः, आयत का क्षेत्रफल 2 सेमी²/मिनट की दर से बढ़ रहा है।
नोट: यदि परिवर्तन की दर बढ़ रही है, तो हम (+ve चिन्ह) लेते हैं और यदि परिवर्तन की दर घट रही है, तो हम (-ve चिन्ह) लेते हैं।
एक गुब्बारा जो सदैव गोलाकार रहता है, एक पंप द्वारा 900 सेमी³ प्रति सेकंड गैस भरकर फुलाया जाता है। गुब्बारे की त्रिज्या के परिवर्तन की दर ज्ञात कीजिए जब त्रिज्या 15 सेमी है।
हल:
मान लीजिए कि किसी समय t पर गुब्बारे की त्रिज्या r है और आयतन V है, तब गुब्बारे का आयतन \(V = \frac{4}{3}πr³\)
गुब्बारे को एक पंप द्वारा 900 सेमी³ प्रति सेकंड गैस भरकर फुलाया जाता है।
दिया है, समय t के सापेक्ष आयतन के परिवर्तन की दर 900 सेमी³/से है
\(\frac{dV}{dt} = 900\)
r के सापेक्ष आयतन V का अवकलन करने पर आयतन के परिवर्तन की दर
\(\frac{dV}{dt} = \frac{d}{dt}\left( \frac{4}{3}πr³ \right) = 4πr² \frac{dr}{dt}\)
जब r = 15 सेमी, तो \(900 = 4π(15)² \frac{dr}{dt}\)
\(\Rightarrow 900 = 4π(225) \frac{dr}{dt} = 900π \frac{dr}{dt}\)
\(\Rightarrow \frac{dr}{dt} = \frac{900}{900π} = \frac{1}{π}\) सेमी/से
अतः जब गुब्बारे की त्रिज्या 15 सेमी है, तो गुब्बारे की त्रिज्या \(\frac{1}{π}\) सेमी/से की दर से बढ़ रही है।
एक गुब्बारा जो सदैव गोलाकार रहता है, की त्रिज्या परिवर्तनशील है। त्रिज्या के सापेक्ष आयतन के परिवर्तन की दर ज्ञात कीजिए जब त्रिज्या 10 सेमी है।
हल:
मान लीजिए कि गोलाकार गुब्बारे की त्रिज्या r है और आयतन V है। तब, r = 10 सेमी और \(V = \frac{4}{3}πr³\)
त्रिज्या r के सापेक्ष आयतन के परिवर्तन की दर \(\frac{dV}{dr} = \frac{d}{dr}\left( \frac{4}{3}πr³ \right) = 4πr²\)
\(= 4π(10)² = 400π\) (r = 10 सेमी)
अतः गुब्बारे का आयतन 400π सेमी³/सेमी की दर से बढ़ रहा है।
एक 5 मी लंबी सीढ़ी दीवार के सहारे झुकी है। सीढ़ी का नीचे का सिरा, जमीन के अनुदिश, दीवार से दूर 2 सेमी/से की दर से खींचा जाता है। दीवार पर इसकी ऊँचाई किस दर से घट रही है जबकि सीढ़ी के नीचे का सिरा दीवार से 4 मी दूर है?
हल:
मान लीजिए AB = 5 मी सीढ़ी की लंबाई है और y दीवार OA की ऊँचाई है जिस पर सीढ़ी झुकी है और सीढ़ी का पाद B पर है, जहाँ OB की दूरी (दीवार से) x है।
दिया गया है कि सीढ़ी का नीचे का सिरा जमीन के अनुदिश, दीवार से दूर 2 सेमी/से की दर से खींचा जाता है।
\(\frac{dx}{dt} = 2\) सेमी/से
जैसा कि हम जानते हैं कि ΔAOB समकोण त्रिभुज है, इसलिए पाइथागोरस प्रमेय द्वारा,
x² + y² = 5² ...(i)
जब x = 4, तब y² = 5² - 4² = 25 - 16 = 9 ⇒ y = 3 मी
समी (i) को समय t के सापेक्ष दोनों ओर का अवकलन करने पर
\(2x \frac{dx}{dt} + 2y \frac{dy}{dt} = 0 \Rightarrow x \frac{dx}{dt} + y \frac{dy}{dt} = 0\)
\(\Rightarrow 4(2) + 3 \frac{dy}{dt} = 0\) [x = 4, \(\frac{dx}{dt} = 2\)]
\(\Rightarrow 8 + 3 \frac{dy}{dt} = 0 \Rightarrow \frac{dy}{dt} = -\frac{8}{3}\) सेमी/से
⇒ दीवार पर सीढ़ी की ऊँचाई \(\frac{dy}{dt} = -\frac{8}{3}\) सेमी/से की दर से घट रही है।
(ऋणात्मक चिन्ह यह दर्शाता है कि दीवार पर सीढ़ी की ऊँचाई घट रही है)
एक कण वक्र y = x³ + 2 के अनुदिश गति कर रहा है। वक्र पर उन बिंदुओं को ज्ञात कीजिए जबकि y-निर्देशांक की तुलना में x-निर्देशांक 8 गुना तीव्रता से बदल रहा है।
हल:
दिया है, y = x³ + 2 और \(\frac{dx}{dt} = 8 \frac{dy}{dt}\)
t के सापेक्ष अवकलन करने पर
\(\frac{dy}{dt} = 3x² \frac{dx}{dt}\)
\(\Rightarrow \frac{dy}{dt} = 3x² (8 \frac{dy}{dt}) \Rightarrow 1 = 24x²\)
\(\Rightarrow x² = \frac{1}{24} \Rightarrow x = \pm \frac{1}{2\sqrt{6}}\)
जब \(x = \frac{1}{2\sqrt{6}}\), तब \(y = \left( \frac{1}{2\sqrt{6}} \right)³ + 2 = \frac{1}{48\sqrt{6}} + 2\)
जब \(x = -\frac{1}{2\sqrt{6}}\), तब \(y = \left( -\frac{1}{2\sqrt{6}} \right)³ + 2 = -\frac{1}{48\sqrt{6}} + 2\)
अतः वक्र पर बिंदु \(\left( \frac{1}{2\sqrt{6}}, 2 + \frac{1}{48\sqrt{6}} \right)\) और \(\left( -\frac{1}{2\sqrt{6}}, 2 - \frac{1}{48\sqrt{6}} \right)\) हैं।
हवा के एक बुलबुले की त्रिज्या 2 सेमी/से की दर से बढ़ रही है। बुलबुले का आयतन किस दर से बढ़ रहा है, जबकि त्रिज्या 1 सेमी है?
हल:
हवा का बुलबुला गोले के आकार का है। मान लीजिए कि बुलबुले की त्रिज्या r है और गोले का आयतन V है।
दिया है किसी समय t पर त्रिज्या के परिवर्तन की दर \(\frac{dr}{dt} = 2\) सेमी/से और r = 1 सेमी
अब, गोले का आयतन, \(V = \frac{4}{3}πr³\)
t के सापेक्ष अवकलन करने पर, आयतन की बढ़ती दर,
\(\frac{dV}{dt} = \frac{d}{dt}\left( \frac{4}{3}πr³ \right) = 4πr² \frac{dr}{dt}\)
\(= 4π(1)²(2) = 8π\) सेमी³/से
अतः, बुलबुले का आयतन 8π सेमी³/से की दर से बढ़ रहा है।
एक गुब्बारा, जो सदैव गोलाकार रहता है, का परिवर्तनशील व्यास \(\frac{3}{2}(2x + 1)\) है। x के सापेक्ष आयतन के परिवर्तन की दर ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है, गुब्बारे का व्यास = \(\frac{3}{2}(2x + 1)\)
त्रिज्या \(r = \frac{\text{व्यास}}{2} = \frac{3}{4}(2x + 1)\)
गोले का आयतन \(V = \frac{4}{3}πr³ = \frac{4}{3}π \left[ \frac{3}{4}(2x + 1) \right]³ = \frac{4}{3}π \cdot \frac{27}{64}(2x + 1)³ = \frac{9π}{16}(2x + 1)³\)
आयतन के परिवर्तन की दर के लिए, x के सापेक्ष अवकलन करने पर
\(\frac{dV}{dx} = \frac{9π}{16} \cdot 3(2x + 1)² \cdot 2 = \frac{27π}{8}(2x + 1)²\)
अतः, आयतन के परिवर्तन की दर \(\frac{dV}{dx} = \frac{27π}{8}(2x + 1)²\) है।
एक पाइप से रेत 12 सेमी³/से की दर से गिर रही है। गिरती रेत जमीन पर एक ऐसा शंकु बनाती है जिसकी ऊँचाई सदैव आधार की त्रिज्या का छठा भाग है। रेत से बने शंकु की ऊँचाई किस दर से बढ़ रही है जबकि ऊँचाई 4 सेमी है?
हल:
मान लीजिए कि त्रिज्या r, ऊँचाई h और आयतन V है।
यह दिया है, \(\frac{dV}{dt} = 12\) सेमी³/से और \(h = \frac{r}{6} \Rightarrow r = 6h\)
अब, \(V = \frac{1}{3}πr²h = \frac{1}{3}π(6h)²h = 12πh³\)
t के सापेक्ष अवकलन करने पर,
\(\frac{dV}{dt} = 12π \cdot 3h² \frac{dh}{dt} = 36πh² \frac{dh}{dt}\)
\(12 = 36π(4)² \frac{dh}{dt}\) [h = 4 सेमी और \(\frac{dV}{dt} = 12\) सेमी³/से]
\(\Rightarrow 12 = 36π \times 16 \frac{dh}{dt} = 576π \frac{dh}{dt}\)
\(\Rightarrow \frac{dh}{dt} = \frac{12}{576π} = \frac{1}{48π}\) सेमी/से
अतः जब ऊँचाई 4 सेमी है, तो रेत से बने शंकु की ऊँचाई \(\frac{1}{48π}\) सेमी/से की दर से बढ़ रही है।
एक वस्तु की x इकाइयों के उत्पादन से संबंधित कुल लागत c(x) (रुपयों में) है:
c(x) = 0.007x³ - 0.003x² + 15x + 4000
सीमांत लागत ज्ञात कीजिए, जबकि 17 इकाइयों का उत्पादन किया गया है।
हल:
सीमांत लागत = \(\frac{dc}{dx} = \frac{d}{dx}(0.007x³ - 0.003x² + 15x + 4000)\)
\(= 0.021x² - 0.006x + 15\)
जब x = 17,
सीमांत लागत = 0.021(17)² - 0.006(17) + 15
= 0.021(289) - 0.102 + 15
= 6.069 - 0.102 + 15 = 20.967
अतः जब 17 इकाइयों का उत्पादन किया गया है, तो सीमांत लागत ₹ 20.967 है।
किसी उत्पाद की x इकाइयों के विक्रय से प्राप्त कुल आय R(x) रुपयों में R(x) = 13x² + 26x + 15 से प्रदत्त है। सीमांत आय ज्ञात कीजिए जब x = 7 है।
हल:
सीमांत आय = \(\frac{dR}{dx} = \frac{d}{dx}(13x² + 26x + 15) = 26x + 26\)
जब x = 7,
सीमांत आय = 26(7) + 26 = 182 + 26 = 208
अतः सीमांत आय ₹ 208 है।
एक वृत्त की त्रिज्या r = 6 सेमी है, r के सापेक्ष क्षेत्रफल में परिवर्तन की दर है:
(a) 10π
(b) 12π
(c) 8π
(d) 11π
हल: (b)
यदि वृत्त की त्रिज्या r और वृत्त का क्षेत्रफल A है तब A = πr²
r के सापेक्ष अवकलन करने पर, \(\frac{dA}{dr} = 2πr\)
r = 6 रखने पर, \(\frac{dA}{dr} = 2π(6) = 12π\) सेमी²/सेमी
अतः, r के सापेक्ष क्षेत्रफल में परिवर्तन की दर 12π सेमी²/सेमी है।
एक उत्पाद की x इकाइयों के विक्रय से प्राप्त कुल आय रुपयों में R(x) = 3x² + 36x + 5 से प्रदत्त है। जब x = 15 है तो सीमांत आय है:
(a) 116
(b) 96
(c) 90
(d) 126
हल: (d)
दिया है, R(x) = 3x² + 36x + 5
सीमांत आय = \(\frac{dR}{dx} = 6x + 36\)
जब x = 15,
सीमांत आय = 6 × 15 + 36 = 90 + 36 = 126
अतः सीमांत आय = ₹ 126
सिद्ध कीजिए R पर f(x) = 3x + 17 से प्रदत्त फलन निरंतर वर्धमान है।
हल:
मान लीजिए कि R में, x₁ और x₂ कोई दो संख्याएँ हैं, जहाँ x₁ < x₂,
तब, f(x) = 3x + 17 ⇒ f(x₁) = 3x₁ + 17 और f(x₂) = 3x₂ + 17
अब, हम देखते हैं कि f(x₁) < f(x₂) क्योंकि x₁ < x₂
वैकल्पिक विधि:
f(x) = 3x + 17, x के सापेक्ष अवकलन करने पर f'(x) = 3 > 0
अतः x के प्रत्येक अंतराल पर फलन निरंतर वर्धमान है।
सिद्ध कीजिए कि R पर f(x) = e²
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