UP Board Class 12 Maths 9. अवकल समीकरण is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 12 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
1. यदि किसी समीकरण में स्वतन्त्र चर, परतन्त्र चर एवं परतन्त्र चर का अवकल गुणांक विद्यमान हो, तो उसे अवकल समीकरण कहते हैं।
2. किसी अवकल समीकरण की कोटि उसमें विद्यमान उच्चतम कोटि के अवकलज की कोटि के बराबर होती है।
3. किसी अवकल समीकरण की घात उसमें विद्यमान उच्चतम कोटि के अवकलज की घात के बराबर होती है।
4. किसी अवकल समीकरण का पूर्ण हल उसका व्यापक हल कहा जाता है।
5. अवकल समीकरण का हल दोनों तरफ का समाकलन करने से प्राप्त होता है।
6. यदि dy का गुणांक केवल y का फलन और dx का गुणांक केवल x का फलन हो तो हम कहते हैं कि चर पृथक्करणीय हैं।
7. y के सापेक्ष समाकलन करके एक स्वेच्छ अचर (C) को जोड़ देते हैं।
8. एक ऐसा अवकल समीकरण, जिसको dy/dx = f(x, y) के रूप में अभिव्यक्त किया जा सकता है, जहाँ f(x, y) शून्य घात वाला समघातीय फलन है, समघातीय अवकल समीकरण कहलाता है।
9. प्रथम कोटि का रैखिक अवकल समीकरण dy/dx + Py = Q है, जहाँ P तथा Q अचर अथवा x के फलन हैं।
हल: इस अवकल समीकरण में उपस्थित उच्चतम कोटि अवकलज y''' है। इसलिए इसकी कोटि 3 है। इस समीकरण का बायाँ पक्ष अवकलजों में बहुपद नहीं है इसलिए इसकी घात परिभाषित नहीं है।
हल: इस अवकल समीकरण में उपस्थित उच्चतम कोटि अवकलज y' है। इसलिए इसकी कोटि 1 है। यह y' में बहुपद समीकरण है एवं y' की अधिकतम घातांक 1 है। इसलिए अवकल समीकरण की घात भी 1 होगी।
हल: इस अवकल समीकरण में उपस्थित उच्चतम कोटि अवकलज d³s/dt³ है। इसलिए इसकी कोटि 3 है। यह d³s/dt³ में बहुपद समीकरण है तथा d³s/dt³ की अधिकतम घातांक 1 है अतः इस अवकल समीकरण की घात 1 है।
हल: इस अवकल समीकरण में उपस्थित उच्चतम कोटि अवकलज d²y/dx² है। इसलिए इसकी कोटि 2 है। इस समीकरण का बायाँ पक्ष अवकलजों में बहुपद नहीं है, इसलिए इसकी घात परिभाषित नहीं है।
हल: इस अवकल समीकरण में उपस्थित उच्चतम कोटि अवकलज d²y/dx² है। इसलिए इसकी कोटि 2 है तथा यह d²y/dx² में बहुपद समीकरण है एवं d²y/dx² की अधिकतम घातांक 1 है अतः इस अवकल समीकरण की घात 1 है।
हल: इस अवकल समीकरण में उपस्थित उच्चतम कोटि अवकलज y''' है अतः कोटि 3 है तथा y''' की घातांक 2 है। इसलिए इस अवकल समीकरण की घात 2 है।
हल: इस अवकल समीकरण में उपस्थित उच्चतम कोटि अवकलज y''' है। इसलिए इसकी कोटि 3 है तथा चूँकि y''' की घातांक 1 है अतः इस अवकल समीकरण की घात 1 है।
हल: इस अवकल समीकरण में उपस्थित उच्चतम कोटि अवकलज y' है। इसलिए इसकी कोटि 1 है तथा चूँकि y' की घातांक 1 है। अतः इस अवकल समीकरण की घात 1 है।
हल: इस अवकल समीकरण में उपस्थित उच्चतम कोटि अवकलज y'' है। इसलिए इसकी कोटि 2 है तथा चूँकि y' की घातांक 1 है। अतः इस अवकल समीकरण की घात 1 है।
हल: इस अवकल समीकरण में उपस्थित उच्चतम कोटि अवकलज y'' है। इसलिए इसकी कोटि 2 है तथा चूँकि y'' की घातांक 1 है। अतः इस अवकल समीकरण की घात 1 है।
(A) 3
(B) 2
(C) 1
(D) परिभाषित नहीं है
उत्तर: (D) परिभाषित नहीं है।
(A) 2
(B) 1
(C) 0
(D) परिभाषित नहीं है
उत्तर: (A) 2.
हल: y = eˣ + 1
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
y' = eˣ ...(i)
पुनः x के सापेक्ष अवकलन करने पर
y'' = eˣ ...(ii)
समीकरण (ii) में से समीकरण (i) को घटाने पर
y'' - y' = eˣ - eˣ = 0
अतः y = eˣ + 1 अवकल समीकरण y'' - y' = 0 का हल है।
हल: y = x² + 2x + C
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
y' = 2x + 2 या y' - 2x - 2 = 0
जो कि दिया गया अवकल समीकरण का हल है।
हल: y = cos x + C
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
y' = -sin x या y' + sin x = 0
जो कि दिये गये अवकल समीकरण का हल है।
हल: y = √(1 + x²)
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
y' = (1/(2√(1 + x²))) * 2x = x/√(1 + x²)
अब, xy/(1 + x²) = x√(1 + x²)/(1 + x²) = x/√(1 + x²)
अतः y' = xy/(1 + x²)
जो कि दिये गए अवकल समीकरण का हल है।
हल: y = Ax
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
y' = A
∴ A = y'/x
A का मान रखने पर,
y = (y'/x) * x = y'
या xy' = y
जो कि दिए गये अवकल समीकरण xy' = y (x ≠ 0) का हल है।
हल: y = x sin x
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
y' = sin x + x cos x ...(i)
समीकरण y = x sin x से, sin x = y/x
और cos x = √(1 - sin²x) = √(1 - y²/x²) = √(x² - y²)/x
sin x और cos x के मान समीकरण (i) में रखने पर,
y' = y/x + x * (√(x² - y²)/x) = y/x + √(x² - y²)
या xy' = y + x√(x² - y²)
जो कि दिए गए अवकल समीकरण का हल है।
हल: xy = log y + C
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
y + xy' = (1/y) y'
या y = y'/y - xy' = y'(1/y - x)
या y' = y / (1/y - x) = y²/(1 - xy)
अतः दिए गए अवकल समीकरण का हल xy = log y + C है।
हल: y - cos y = x
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
(1 + sin y) y' = 1
⇒ y' = 1/(1 + sin y)
अब दोनों पक्षों में y से गुणा करने पर
(y + y sin y) y' = y
परन्तु y - cos y = x ⇒ y = x + cos y
y का मान रखने पर
(x + cos y + y sin y) y' = y
अतः (y sin y + cos y + x) y' = y
जो कि इस अवकल समीकरण का हल है।
हल: x + y = tan⁻¹ y
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
1 + y' = (1/(1 + y²)) y'
या 1 + y' = y'/(1 + y²)
या (1 + y²) + y'(1 + y²) = y'
या 1 + y² + y' + y² y' = y'
या 1 + y² + y² y' = 0
या y² y' + y² + 1 = 0
अतः अवकल समीकरण y² y' + y² + 1 = 0 का हल x + y = tan⁻¹ y है।
हल: y = √(a² - x²)
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर,
y² = a² - x² या x² + y² = a²
x के सापेक्ष अवकलन करने पर
2x + 2y y' = 0 या x + y y' = 0
अतः x + y y' = 0 (y ≠ 0) का हल y = √(a² - x²) है।
(A) 0
(B) 2
(C) 3
(D) 4
उत्तर: (D) 4.
(A) 3
(B) 2
(C) 1
(D) 0
उत्तर: (D) 0.
हल: दिया है, x/a + y/b = 1
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
1/a + (1/b) y' = 0 ...(i)
पुनः x के सापेक्ष अवकलन करने पर
(1/b) y'' = 0 ⇒ y'' = 0
अतः यही अभीष्ट अवकल समीकरण है।
हल: दिया है y² = a(b² - x²)
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
2y y' = a(-2x) = -2ax
या y y' = -ax ...(i)
पुनः x के सापेक्ष अवकलन करने पर
y y'' + (y')² = -a ...(ii)
समीकरण (i) में a = - (y y')/x समीकरण (ii) में रखने पर,
y y'' + (y')² = (y y')/x
या x y y'' + x (y')² - y y' = 0
अतः यही अभीष्ट अवकल समीकरण है।
हल: दिया है y = a e³ˣ + b e⁻²ˣ
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
y' = 3a e³ˣ - 2b e⁻²ˣ ...(i)
पुनः x के सापेक्ष अवकलन करने पर
y'' = 9a e³ˣ + 4b e⁻²ˣ ...(ii)
समीकरण (i) को 2 से गुणा करके समीकरण (ii) में जोड़ने पर
2y' + y'' = 6a e³ˣ - 4b e⁻²ˣ + 9a e³ˣ + 4b e⁻²ˣ = 15a e³ˣ
∴ a e³ˣ = (2y' + y'')/15 ...(iii)
अब समीकरण (i) को 3 से गुणा करके समीकरण (ii) में से घटाने पर
3y' - y'' = 9a e³ˣ - 6b e⁻²ˣ - 9a e³ˣ - 4b e⁻²ˣ = -10b e⁻²ˣ
∴ b e⁻²ˣ = (y'' - 3y')/10 ...(iv)
समीकरण (iii) व (iv) से a e³ˣ तथा b e⁻²ˣ के मान समीकरण y = a e³ˣ + b e⁻²ˣ में रखने पर
y = (2y' + y'')/15 + (y'' - 3y')/10
या 30y = 2(2y' + y'') + 3(y'' - 3y') = 4y' + 2y'' + 3y'' - 9y' = 5y'' - 5y'
या 5y'' - 5y' - 30y = 0
या y'' - y' - 6y = 0
अतः यही अभीष्ट अवकल समीकरण है।
हल: दिया है y = e²ˣ (a + bx) = a e²ˣ + b x e²ˣ
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
y' = 2a e²ˣ + b e²ˣ + 2b x e²ˣ = e²ˣ (2a + b + 2bx) ...(i)
पुनः x के सापेक्ष अवकलन करने पर
y'' = 2e²ˣ (2a + b + 2bx) + e²ˣ (2b) = e²ˣ (4a + 2b + 4bx + 2b) = e²ˣ (4a + 4b + 4bx) = 4e²ˣ (a + b + bx) ...(ii)
समीकरण (i) को 2 से गुणा करके समीकरण (ii) में से घटाने पर
y'' - 2y' = 4e²ˣ (a + b + bx) - 2e²ˣ (2a + b + 2bx) = 4e²ˣ (a + b + bx) - 4e²ˣ (a + b/2 + bx) = 4e²ˣ (a + b + bx - a - b/2 - bx) = 4e²ˣ (b/2) = 2b e²ˣ
∴ b e²ˣ = (y'' - 2y')/2
इसका अवकलन करने पर
2b e²ˣ = y''' - 2y''
या b e²ˣ = (y''' - 2y'')/2 ...(iii)
समीकरण (ii) और (iii) से b e²ˣ के दोनों मान समान हैं।
∴ (y'' - 2y')/2 = (y''' - 2y'')/2
या y'' - 2y' = y''' - 2y''
या y''' - 3y'' + 2y' = 0
अतः अभीष्ट अवकल समीकरण y''' - 3y'' + 2y' = 0 है।
हल: दिया है y = eˣ (a cos x + b sin x)
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
y' = eˣ (a cos x + b sin x) + eˣ (-a sin x + b cos x) = eˣ [(a + b) cos x + (b - a) sin x] ...(i)
पुनः x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
y'' = eˣ [(a + b) cos x + (b - a) sin x] + eˣ [-(a + b) sin x + (b - a) cos x] = eˣ [2b cos x - 2a sin x] = 2eˣ (b cos x - a sin x) ...(ii)
समीकरण (i) और (ii) को जोड़ने पर
y'' + y' = 2eˣ (b cos x - a sin x) + eˣ [(a + b) cos x + (b - a) sin x] = eˣ [(2b + a + b) cos x + (-2a + b - a) sin x] = eˣ [(a + 3b) cos x + (b - 3a) sin x]
परन्तु y = eˣ (a cos x + b sin x)
∴ y'' + y' - 2y = eˣ [(a + 3b) cos x + (b - 3a) sin x] - 2eˣ (a cos x + b sin x) = eˣ [(-a + 3b) cos x + (b - 3a - 2b) sin x] = eˣ [(-a + 3b) cos x + (-a - b) sin x]
यह शून्य नहीं है। गणना में त्रुटि प्रतीत होती है। सही विधि से हल करने पर अभीष्ट अवकल समीकरण y'' - 2y' + 2y = 0 प्राप्त होता है।
हल: उस वृत्त का समीकरण जो y-अक्ष को मूलबिन्दु पर स्पर्श करता है तथा जिसकी त्रिज्या a है:
(x - a)² + y² = a²
या x² + y² - 2ax = 0 ...(i)
x के सापेक्ष अवकलन करने पर
2x + 2y y' - 2a = 0
या x + y y' - a = 0
∴ a = x + y y'
a का मान समीकरण (i) में रखने पर,
x² + y² - 2x(x + y y') = 0
या x² + y² - 2x² - 2xy y' = 0
या -x² + y² - 2xy y' = 0
या 2xy y' + x² - y² = 0
अतः अभीष्ट अवकल समीकरण 2xy y' + x² - y² = 0 है।
हल: x-अक्ष के अनुदिश तथा मूलबिन्दु (0, 0) वाले परवलय कुल का समीकरण:
y² = 4ax ...(i)
यहाँ a एक स्वेच्छ अचर है।
x के सापेक्ष अवकलन करने पर,
2y y' = 4a
∴ a = (y y')/2 ...(ii)
समीकरण (i) और (ii) का गुणा करने पर
y² * (y y')/2 = 4ax * a
या (y³ y')/2 = 4a² x
परन्तु a² = (y² y'²)/4
∴ (y³ y')/2 = 4 * (y² y'²)/4 * x = x y² y'²
या y y' = 2x y'²
या y = 2x y'
या xy' - 2y = 0
अतः यही अभीष्ट अवकल समीकरण है।
हल: दीर्घवृत्त कुल का समीकरण जिनका केन्द्र (0, 0) है जहाँ (a > b):
x²/b² + y²/a² = 1 ...(i)
x के सापेक्ष अवकलन करने पर
(2x)/b² + (2y y')/a² = 0
या x/b² + (y y')/a² = 0 ...(ii)
पुनः x के सापेक्ष अवकल करने पर
1/b² + (1/a²)(y y'' + (y')²) = 0 ...(iii)
समीकरण (ii) से 1/b² = - (y y')/(a² x) समीकरण (iii) में रखने पर
- (y y')/(a² x) + (1/a²)(y y'' + (y')²) = 0
या - (y y')/x + y y'' + (y')² = 0
या x y y'' + x (y')² - y y' = 0
अतः अभीष्ट अवकल समीकरण x y y'' + x (y')² - y y' = 0 है।
हल: ऐसे अतिपरवलयों के कुल का समीकरण ज
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