UP Board Class 4 Maths 12. कितना भारी कितना हल्का is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 4 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: आइए सभी वस्तुओं के वजन को जोड़कर कुल वजन निकालते हैं:
5 बोरी गेहूँ = 5 × 100 किलोग्राम = 500 किलोग्राम
3 बोरी चावल = 3 × 35 किलोग्राम = 105 किलोग्राम
1 पानी की टंकी = 50 किलोग्राम
1 अलमीरा = 70 किलोग्राम
3 टेबल = 3 × 10 किलोग्राम = 30 किलोग्राम
4 कुर्सियाँ = 4 × 5 किलोग्राम = 20 किलोग्राम
2 गद्दे = 2 × 20 किलोग्राम = 40 किलोग्राम
बाँस की सीढ़ी = 10 किलोग्राम
बर्तन और धूपदान = 10 किलोग्राम
कुल वजन = 500 + 105 + 50 + 70 + 30 + 20 + 40 + 10 + 10 = 835 किलोग्राम
इसलिए, घोड़ागाड़ी पर लदा कुल वजन 835 किलोग्राम था।
उत्तर: गाड़ी का कुल वजन 835 किलोग्राम है। हमें इसे 700 किलोग्राम तक लाना है। इसका मतलब हमें 835 - 700 = 135 किलोग्राम वजन कम करना होगा।
अगर हम 3 बोरी चावल (105 किलोग्राम) और 3 टेबल (30 किलोग्राम) गाड़ी से उतार देते हैं, तो कुल कम हुआ वजन = 105 + 30 = 135 किलोग्राम होगा।
नया वजन = 835 - 135 = 700 किलोग्राम
इसलिए, 3 बोरी चावल और 3 टेबल गाड़ी से उतार देने चाहिए।
उत्तर: एक साधारण तराजू बनाने का तरीका:
1. एक लकड़ी की पतली और हल्की डंडी (जैसे पेंसिल या स्केल) लो।
2. डंडी के बिल्कुल बीच में एक धागा बाँध दो ताकि उसे लटकाया जा सके। यह धागा तराजू का केंद्र बिंदु होगा।
3. अब डंडी के दोनों सिरों से बराबर दूरी पर दो छोटे डिब्बे या कप (जैसे प्लास्टिक के दही के कप) धागे से लटका दो। ये तराजू के पलड़े होंगे।
4. सुनिश्चित करो कि डंडी लटकने पर समतल रहे। अब तुम्हारा साधारण तराजू तैयार है। इसमें एक पलड़े में वस्तु और दूसरे में बाट रखकर तौल सकते हो।
उत्तर: ज्यामितीय बॉक्स वाला पलड़ा नीचे झुकेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यामितीय बॉक्स (जिसमें पैमाना, परकार, सेट-स्क्वेयर आदि होते हैं) एक साधारण पेंसिल की तुलना में भारी होता है। भारी वस्तु वाला पलड़ा हमेशा नीचे की ओर झुकता है।
उत्तर: विभिन्न चीजों के जोड़े और उनके तौलने का परिणाम इस प्रकार हो सकता है:
1. लोहे की कील और लकड़ी का टुकड़ा: लोहे की कील भारी होगी, उसका पलड़ा नीचे झुकेगा।
2. पेन और पेंसिल: ज्यादातर पेन, पेंसिल से भारी होते हैं। पेन वाला पलड़ा नीचे झुकेगा।
3. गिलास और चम्मच: गिलास चम्मच से कहीं अधिक भारी होता है। गिलास वाला पलड़ा नीचे झुकेगा।
4. किताब और रबर: किताब रबर से भारी होती है। किताब वाला पलड़ा नीचे झुकेगा।
5. सेब और संतरा (लगभग एक ही आकार का): सेब संतरे से भारी हो सकता है। सेब वाला पलड़ा नीचे झुकेगा।
उत्तर: यह एक क्रियात्मक गतिविधि है। छात्रों को विभिन्न वस्तुओं को इकट्ठा करके स्वयं तौलना चाहिए। एक उदाहरण तालिका इस प्रकार है:
| समूह | सबसे ज़्यादा हल्का | ना ज़्यादा हल्का ना ज़्यादा भारी | सबसे ज़्यादा भारी |
|---|---|---|---|
| 1 | कागज़ का टुकड़ा | रबर | टेनिस बॉल |
| 2 | पंख | चॉक | चॉक का डिब्बा |
| 3 | पन्नी | प्लास्टिक का खिलौना | लोहे का छोटा सिक्का |
| 4 | रुई | साबुन | पत्थर का छोटा टुकड़ा |
| 5 | पॉलीथीन | कॉपी | कैंची |
उत्तर: नहीं, हम इस साधारण तराजू का उपयोग करके अपना वजन नहीं नाप सकते। इस तरह के तराजू छोटी और हल्की वस्तुओं (जैसे फल, सब्जियाँ, छोटे खिलौने) का वजन नापने के लिए बने होते हैं। इनकी क्षमता सीमित होती है और ये इतने मजबूत नहीं होते कि एक बच्चे के पूरे वजन को सह सकें। अपना वजन नापने के लिए वजन मशीन (वेटिंग स्केल) का उपयोग किया जाता है।
उत्तर: साबुन की टिक्की पर लिखा वजन अलग-अलग हो सकता है, जैसे 100 ग्राम, 150 ग्राम, या 200 ग्राम। एक आम साबुन का वजन 200 ग्राम होता है। (छात्र अपने पास मौजूद साबुन पर लिखे वजन के अनुसार उत्तर दें।)
उत्तर: जब रेत से भरी थैली साबुन के वजन के बराबर हो जाएगी, तो तराजू संतुलित हो जाएगा। अगर साबुन 200 ग्राम का है, तो रेत की थैली का वजन भी 200 ग्राम होगा। थैली पर कागज की पट्टी चिपकाकर 200 ग्राम लिख देना चाहिए।
उत्तर: अगर साबुन 200 ग्राम का है और बनाया गया बाट (रेत की थैली) भी 200 ग्राम की है, तो दोनों को एक साथ रखने पर कुल वजन होगा: 200 ग्राम + 200 ग्राम = 400 ग्राम।
उत्तर: यह एक चित्रात्मक प्रश्न है। छात्रों को अपनी कॉपी में तराजू बनाकर यह दिखाना है कि भारी वजन वाला पलड़ा नीचे की ओर झुकेगा। उदाहरण के लिए, अगर एक पलड़े में 1 किलोग्राम का बाट है और दूसरे में 500 ग्राम का, तो 1 किलोग्राम वाले पलड़े की ओर नीचे की दिशा में तीर बनाना चाहिए।
उत्तर: हाँ, चित्र में बीच वाले तराजू के दाएँ पलड़े पर रखा गया वजन 1 किलोग्राम का है। इसे आमतौर पर चित्र में '1 kg' लिखकर या एक विशेष निशान (जैसे /) से दर्शाया जाता है।
उत्तर: 1 किलोग्राम (kg) में 1000 ग्राम (gm) होते हैं। यह मापन की एक मूल इकाई है।
उत्तर:
| ग्राम (gm) में खरीदी जाने वाली चीजें | किलोग्राम (kg) में खरीदी जाने वाली चीजें |
|---|---|
| 1. हल्दी, मिर्च पाउडर (50 gm, 100 gm) | 1. आटा, चावल, दाल (5 kg, 10 kg) |
| 2. चाय पत्ती (250 gm, 500 gm) | 2. सब्जियाँ (1 kg, 2 kg) |
| 3. बिस्कुट का पैकेट (100 gm) | 3. फल (1 kg, ½ kg) |
| 4. काजू, बादाम (250 gm, 500 gm) | 4. चीनी (1 kg, 2 kg) |
| 5. साबुन (150 gm, 200 gm) | 5. तेल (1 लीटर, जो लगभग 910 gm होता है) |
उत्तर: दोनों का वजन बराबर है, यानी दोनों ही 1 किलोग्राम के हैं। वजन एक जैसा होने पर कोई भी भारी या हल्का नहीं होता। हाँ, रुई का आकार (आयतन) लोहे के एक किलोग्राम टुकड़े की तुलना में बहुत बड़ा होगा, क्योंकि रुई हल्की होती है और उसके 1 किलोग्राम में बहुत सारी रुई लगेगी।
उत्तर: हम घर में इस्तेमाल होने वाली इन चीजों के सामान्य वजन के आधार पर अनुमान लगा सकते हैं:
| वस्तु | अनुमानित वजन |
|---|---|
| चावल | 5 किलोग्राम |
| दाल (अरहर/मूंग) | 2 किलोग्राम |
| चीनी | 2 किलोग्राम |
| गेहूँ | 10 किलोग्राम |
| चाय पत्ती | 250 ग्राम |
उत्तर: रितु की मदद करने का सबसे आसान तरीका है कि खिलौने की कार और ट्रैक्टर को एक साधारण तराजू के अलग-अलग पलड़ों में रखा जाए। जो खिलौना भारी होगा, उसका पलड़ा नीचे की ओर झुक जाएगा। इससे पल भर में पता चल जाएगा कि कौन सा खिलौना भारी है।
उत्तर: इन तीनों वाहनों में से बस सबसे भारी होती है। एक बस में एक साथ कई लोग बैठते हैं, इसलिए उसे मजबूत और भारी बनाया जाता है। उसके बाद ट्रैक्टर का स्थान आता है, जो खेतों में भारी काम करता है। कार इन दोनों की तुलना में हल्की होती है।
उत्तर: मैंने अब तक सबसे भारी चीज हवाई जहाज देखा है। हवाई जहाज बहुत बड़े और लोहे आदि से बने होते हैं, इसलिए उनका वजन हजारों टन में होता है। इसके अलावा, व्हेल मछली, बड़े जहाज, और भारी ट्रक भी बहुत भारी होते हैं।
उत्तर: हाँ, वेदिका की बेटी को हाथी का वजन पता चल गया होगा। कहानी आगे इस तरह बढ़ी होगी:
हाथी को नाव से उतारने के बाद, नाव फिर से हल्की हो गई और पानी का स्तर नीचे आ गया। तब वेदिका की बेटी ने नाव में छोटे-छोटे पत्थर डालने को कहा, जब तक कि नाव पानी में उतनी ही गहराई तक नहीं डूब गई, जितनी हाथी के होने पर डूबी थी। इसका मतलब था कि पत्थरों का कुल वजन हाथी के वजन के बराबर था। फिर उन सभी पत्थरों को अलग-अलग तौलकर जोड़ लिया गया। इस जोड़ से हाथी का सही वजन पता चल गया। राजा इस चतुराई से बहुत खुश हुए और उन्होंने वेदिका की बेटी को इनाम दिया।
उत्तर: हाँ, अनामिका कुर्सी का वजन इस तरह जान सकती है:
1. सबसे पहले, अनामिका को स्वयं वजन मशीन पर खड़ा होकर अपना वजन नोट कर लेना चाहिए। मान लीजिए उसका वजन 'X' किलोग्राम है।
2. अब उसे कुर्सी को हाथ में लेकर (या उस पर बैठकर) वजन मशीन पर खड़ा होना चाहिए। इस बार जो वजन आएगा वह अनामिका और कुर्सी का कुल वजन होगा। मान लीजिए यह 'Y' किलोग्राम है।
3. कुर्सी का वजन जानने के लिए कुल वजन में से अपना वजन घटा देना चाहिए: कुर्सी का वजन = Y - X किलोग्राम।
उत्तर: अब्दुल के पास अलग-अलग वजन के पत्थर हैं: 1 किलो, 2 किलो और 5 किलो के।
(क) 4 किलो लकड़ी तौलने के लिए: तराजू के एक पलड़े में 4 किलो लकड़ी रखो। दूसरे पलड़े में 2 किलो का पत्थर + 2 किलो का पत्थर रखो। दोनों पलड़े बराबर हो जाएँगे।
(ख) 3 किलो लकड़ी तौलने के लिए: एक पलड़े में 3 किलो लकड़ी रखो। दूसरे पलड़े में 2 किलो का पत्थर + 1 किलो का पत्थर रखो।
(ग) 7 किलो लकड़ी तौलने के लिए: एक पलड़े में 7 किलो लकड़ी रखो। दूसरे पलड़े में 5 किलो का पत्थर + 2 किलो का पत्थर रखो।
उत्तर:
(a) हाँ, मैं डाकघर गया हूँ।
(b) लोग डाकघर निम्नलिखित कामों के लिए जाते हैं:
उत्तर: मान लीजिए हम वर्तमान साधारण डाक दरों का उपयोग कर रहे हैं:
पहले 20 ग्राम या उससे कम के लिए शुल्क = 5.00 रुपये
अगले 20 ग्राम (यानी 21 से 40 ग्राम) के लिए अतिरिक्त शुल्क = 4.00 रुपये
अगले 10 ग्राम (यानी 41 से 50 ग्राम) के लिए अतिरिक्त शुल्क = 2.00 रुपये
कुल शुल्क = 5.00 + 4.00 + 2.00 = 11.00 रुपये
इसलिए, 50 ग्राम वजन वाले पत्र के लिए 11 रुपये के डाक टिकट चाहिए होंगे।
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