UP Board Class 4 Maths 8. गाड़ियाँ और पहिए is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 4 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: हम अपने आस-पास बहुत सारी गोल चीज़ें देखते हैं। कॉपी में लिखने के लिए कुछ उदाहरण हैं: सिक्का, चूड़ी, घड़ी का डायल, प्लेट, रोटी, गेंद, पहिया, बटन, कटोरी, और गोल बिस्कुट।
उत्तर: हाँ, मैं अपनी माँ या बहन के साथ चूड़ियाँ खरीदने चूड़ी की दुकान पर गया हूँ। वहाँ रंग-बिरंगी चूड़ियाँ सजी होती हैं।
उत्तर: चित्र में दिखाई गई तीन चूड़ियों में से सबसे छोटी वाली चूड़ी मेरे हाथ के नाप की होगी, क्योंकि बच्चों के हाथ बड़ों की तुलना में पतले होते हैं।
उत्तर: हम एक लचीले तार को लेकर अपनी उँगली या कलाई के चारों ओर लपेटकर एक छल्ला बना सकते हैं। यह हमारी चूड़ी बन जाएगी। नहीं, हमारी मैडम यह चूड़ी शायद नहीं पहन पाएँगी क्योंकि उनकी कलाई हमारी कलाई से बड़ी होगी और यह चूड़ी उन पर फिट नहीं होगी।
उत्तर: गोला बनाने के लिए हम और भी कई चीज़ों का उपयोग कर सकते हैं, जैसे कि सिक्का, गिलास का मुँह, डब्बे का ढक्कन, प्लेट, बाल्टी का किनारा, या किसी गोल बर्तन का निचला हिस्सा।
उत्तर:
(क) एक छोटे सिक्के (जैसे एक रुपये के सिक्के) या एक बटन की मदद से हम सबसे छोटा गोला बना सकते हैं।
(ख) एक बड़े हुला-हूप (Hula Hoop) या बड़े ट्रक के पहिए के निशान की मदद से हम सबसे बड़ा गोला बना सकते हैं।
उत्तर: हाँ, मैं अक्सर अपने दोस्तों के साथ 'गोलघेरे' वाले खेल खेलता हूँ, जैसे कि 'आँख मिचौनी' या 'स्टेटू'।
उत्तर: ऐसे खेल खेलते समय हम अक्सर मज़ेदार कविताएँ या गाने गाते हैं, जैसे "धीमी आँच पर आलू..." या "रेस का घोड़ा, दौड़ा दौड़ा..."। आप भी अपना पसंदीदा गाना गा सकते हैं।
उत्तर: हम गोलघेरा इसलिए बनाते हैं ताकि खेलने वाले सभी बच्चे बीच वाले व्यक्ति से बराबर दूरी पर रहें। इससे खेल निष्पक्ष और मज़ेदार बनता है और हर किसी को बराबर मौका मिलता है।
उत्तर: अगर हम आयत बनाते, तो कोने पर खड़े बच्चे बीच वाले खिलाड़ी से सबसे दूर होते, जबकि बीच वाली भुजा पर खड़े बच्चे पास होते। इससे दूरी बराबर नहीं रहती और खेल उतना मज़ेदार या निष्पक्ष नहीं रह जाता।
उत्तर: गोलघेरे बनाकर खेले जाने वाले कुछ और खेल हैं: संगीत की कुर्सी, डक डक गूस (बत्तख-बत्तख-हंस), और कंचों का खेल जहाँ खेल का क्षेत्र गोलाकार होता है।
उत्तर: नहीं, चित्र में दिखाए गए किसी भी गोले की ड्राइंग पूरी तरह से सही और चिकनी नहीं है। वे सभी टेढ़े-मेढ़े या अधूरे हैं।
उत्तर: हाँ, मैं चॉक से फर्श पर गोला बना सकता हूँ। इसके लिए मैं एक धागे की मदद ले सकता हूँ। एक धागे के एक सिरे को फर्श पर दबाकर रखूंगा और दूसरे सिरे पर चॉक बांधकर, धागे को तानकर पूरा एक चक्कर लगाऊंगा। इससे एक सही गोला बन जाएगा।
उत्तर: इसे आपको स्वयं करना है। कोशिश करें कि गोला जितना हो सके उतना गोल और बंद वृत्त बने।
उत्तर: इसे आपको स्वयं करना है। अपने दोस्तों के बनाए गोलों की तुलना करके देखें कि किसका गोला सबसे सही और गोल बना है।
उत्तर: माल के समूह ने सबसे छोटा गोला बनाया।
उत्तर: माल के समूह की रस्सी 1 मीटर लंबी थी।
उत्तर: हाँ, ज्यादा लंबी रस्सी से ज्यादा बड़ा गोला बनता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रस्सी की लंबाई ही गोले के अर्धव्यास (Radius) की लंबाई बन जाती है। जितनी लंबी रस्सी, उतना ही बड़ा अर्धव्यास और फिर उतना ही बड़ा गोला।
उत्तर: सबसे छोटे गोले का अर्धव्यास 1 मीटर लंबा है।
उत्तर: चूड़ी के केंद्र में एक बिंदु (क) लगाएँ। अब स्केल की मदद से इस केंद्र से चूड़ी के किनारे तक एक सीधी रेखा (क-ख) खींचें। यह रेखा ही अर्धव्यास है। अब स्केल से इस रेखा (क-ख) की लंबाई नाप लें।
उत्तर:
(क) हरे रंग के गोले का अर्धव्यास 2 सेंटीमीटर है।
(ख) नीले रंग के गोले का अर्धव्यास 2.5 सेंटीमीटर है।
उत्तर: हाँ, एक साइकिल या बैलगाड़ी के दोनों पहियों का अर्धव्यास आमतौर पर बराबर ही होता है। ऐसा इसलिए ताकि गाड़ी सीधी और संतुलित चले। आप धागे से पहिए के केंद्र से टायर के बाहरी किनारे तक की दूरी नापकर इसकी जाँच कर सकते हैं।
उत्तर: हाँ, मैंने खेतों में काम करते ट्रैक्टर और सड़क बनाते हुए रोड-रोलर देखा है।
उत्तर: मैंने अब तक जो सबसे बड़ा पहिया देखा है, वह फेरिस व्हील (चक्कर देनेवाला हिंडोला) का है जो मेले में लगा होता है। उसके बाद बड़े ट्रक या ट्रैक्टर के पहिए भी काफी बड़े होते हैं।
उत्तर: नहीं, जरूरी नहीं है। ट्रैक्टर के आगे के पहिए अक्सर पीछे के पहियों से छोटे होते हैं। रोड-रोलर के सामने का बड़ा सिलेंडर (पहिया) और पीछे के पहियों का आकार अलग-अलग हो सकता है।
उत्तर: काली ज्यादा दूरी तक की घास खा सकती है। क्योंकि उसकी रस्सी लंबी है, जिसका मतलब है कि उसके घूमने का दायरा (गोले का अर्धव्यास) बड़ा है। इसलिए वह खंभे से दूर तक फैली हुई घास तक पहुँच सकती है।
उत्तर: हाँ, मैंने परकार (कम्पास) देखी है। गोला बनाने के लिए मैं निम्नलिखित चरणों का पालन करूँगा:
1. परकार के नुकीले सिरे (पॉइंट) को कागज पर दबाकर रखूंगा। यह गोले का केंद्र बनेगा।
2. परकार के दूसरे सिरे पर लगी पेंसिल को कागज पर टिकाऊंगा।
3. अब, केंद्र वाले नुकीले सिरे को हिलाए बिना, पेंसिल वाले सिरे को पूरा एक चक्कर घुमाऊंगा।
4. इससे कागज पर एक सही और सटीक गोला बन जाएगा।
उत्तर: हाँ, बिल्कुल। परकार से बनाया गया गोला हाथ से बनाए गए गोले से कहीं अधिक सही और सुंदर होता है। परकार से बना गोला पूरी तरह से गोल होता है और उसकी सीमा रेखा एक समान होती है।
उत्तर: परकार की मदद से मैं कई सुंदर डिज़ाइन बना सकता हूँ। जैसे एक ही केंद्र से अलग-अलग अर्धव्यास वाले कई गोले (संकेंद्रित वृत्त), फूल के पंखुड़ियों जैसी आकृतियाँ, या तारों के आकार। मैंने 4-5 अलग-अलग डिज़ाइन बनाए।
उत्तर: नैना की बनाई आकृति इसलिए बनी क्योंकि उसने परकार का नुकीला सिरा (केंद्र बिंदु) हिला दिया। शायद रबर ढूंढने जाते समय उसने परकार उठा ली और फिर उसे वापस उसी सटीक जगह पर नहीं रख पाई। जब केंद्र बदल जाता है, तो गोला पूरा नहीं बन पाता और आकृति टूटी-फूटी सी बन जाती है।
उत्तर: नहीं, एक गोले का केवल एक ही केंद्र हो सकता है। केंद्र वह अद्वितीय बिंदु है जो गोले की परिधि पर स्थित हर बिंदु से बराबर दूरी पर होता है।
उत्तर: हाँ, कई बार जब मैं बिना ध्यान दिए परकार का केंद्र बदल देता हूँ या हिला देता हूँ, तो मेरी बनाई आकृति भी नैना की तरह टूटी हुई या अजीब सी बन जाती है।
उत्तर: जाकिर और नैना का लट्टू बिल्कुल नहीं घूमेगा, क्योंकि उन्होंने कील (एक्सिस) गोले के केंद्र पर नहीं लगाई है। बिना केंद्र पर कील लगे, लट्टू संतुलित नहीं हो पाएगा।
उत्तर: गुड्डू का लट्टू थोड़ा-सा घूमेगा, क्योंकि उसकी कील केंद्र के बहुत पास है, लेकिन ठीक केंद्र पर नहीं है। इसलिए वह अच्छी तरह नहीं, बल्कि लड़खड़ाते हुए घूमेगा।
उत्तर: अप्पू का लट्टू सबसे अच्छा और सबसे लंबे समय तक घूमेगा, क्योंकि उसने कील गोले के बिल्कुल केंद्र में लगाई है। यह सही संतुलन बनाता है।
उत्तर: हाँ, अगर हम सही तरीका अपनाएँ तो एक प्लेट को अपनी उँगली पर टिका (संतुलित) कर सकते हैं। इसके लिए प्लेट के केंद्र बिंदु को ढूंढना जरूरी है।
उत्तर: जब हम प्लेट को उँगली पर टिकाने की कोशिश करते हैं, तो वह केवल तभी संतुलित होगी जब उँगली प्लेट के ठीक केंद्र के नीचे होगी। केंद्र वह बिंदु है जहाँ से प्लेट का सारा भार बराबर रूप से वितरित होता है।
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