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UP Board class 11 Physics (2. मात्रक तथा मापन) solution PDF

UP Board class 11 Physics 2. मात्रक तथा मापन is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 11 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board class 11 Physics (2. मात्रक तथा मापन) solution

UP Board class 11 Physics 2. मात्रक तथा मापन Hindi Medium Solutions - PDF

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UP Board Solutions for Class 11 Physics

Chapter 2: मात्रक तथा मापन (Units and Measurement)

प्रश्नावली

प्रश्न 1. रिक्त स्थानों को भरिए।

(a) किसी 1 cm भुजा वाले घन का आयतन ...... m³ के बराबर है।
(b) किसी 2 cm त्रिज्या व 10 cm ऊँचाई वाले सिलिंडर का पृष्ठ क्षेत्रफल ...... (mm)² बराबर है।
(c) कोई गाड़ी 18 km/h की चाल से चल रही है तो यह 1 s में ...... m चलती है।
(d) सीसे का आपेक्षिक घनत्व 11.3 है। इसका घनत्व ...... g/cm³ या ...... kg/m³ है।

हल:

(a) घन का आयतन = (भुजा)³ = (1 cm)³ = (10⁻² m)³ = 10⁻⁶ m³
(b) बेलन का पृष्ठ क्षेत्रफल = 2πr(r + h)
r = 2 cm = 20 mm, h = 10 cm = 100 mm
A = 2 × π × 20 × (20 + 100) (mm)² = 15085 mm² ≈ 1.5 × 10⁴ mm²
(c) चाल v = 18 km/h = 18 × (1000 m)/(3600 s) = 5 m/s
1 s में तय दूरी = v × t = 5 × 1 = 5 m
(d) सीसे का घनत्व = आपेक्षिक घनत्व × जल का घनत्व
= 11.3 × 1 g/cm³ = 11.3 g/cm³
= 11.3 × 10³ kg/m³ = 1.13 × 10⁴ kg/m³

प्रश्न 2. रिक्त स्थानों को मात्रकों के उचित परिवर्तन द्वारा भरिए

(a) 1 kg m²/s² = ...... g cm²/s²
(b) 1 m = ...... ly (प्रकाश वर्ष)
(c) 3.0 m/s² = ...... km/h²
(d) G = 6.67 × 10⁻¹¹ N m²/kg² = ...... (cm)³/s²/g

हल:

(a) 1 kg m²/s² = (10³ g) × (10² cm)² / s² = 10⁷ g cm²/s²
(b) 1 ly = 9.46 × 10¹⁵ m ⇒ 1 m = 1/(9.46 × 10¹⁵) ly ≈ 1.057 × 10⁻¹⁶ ly
(c) 3.0 m/s² = 3.0 × (10⁻³ km) / (1/3600 h)² = 3.9 × 10⁴ km/h²
(d) G = 6.67 × 10⁻¹¹ × (10⁵ dyne) × (10² cm)² / (10³ g)² = 6.67 × 10⁻⁸ cm³/s²/g

प्रश्न 3. ऊष्मा या ऊर्जा का मात्रक कैलोरी है और यह लगभग 4.2 J के बराबर है। मान लीजिए कि हम मात्रकों की कोई ऐसी प्रणाली उपयोग करते हैं जिससे द्रव्यमान का मात्रक α kg के बराबर है, लम्बाई का मात्रक β m के बराबर है, समय का मात्रक γ s के बराबर है। यह प्रदर्शित कीजिए कि नए मात्रकों के पदों में कैलोरी का परिमाण 4.2 α⁻¹ β⁻² γ² है।

हल:

ऊर्जा का विमीय सूत्र [M L² T⁻²] है।
माना M₁, L₁, T₁ पुराने मात्रक (SI) हैं और M₂, L₂, T₂ नए मात्रक हैं।
M₁ = 1 kg, M₂ = α kg; L₁ = 1 m, L₂ = β m; T₁ = 1 s, T₂ = γ s.
किसी भी राशि का परिमाण × मात्रक = नियत।
अतः नए मात्रक में ऊर्जा = 4.2 × (M₁/M₂) × (L₁/L₂)² × (T₁/T₂)⁻²
= 4.2 × (1/α) × (1/β)² × (1/γ)⁻² = 4.2 α⁻¹ β⁻² γ²

प्रश्न 4. इस कथन की स्पष्ट व्याख्या कीजिए : तुलना के मानक का विशेष उल्लेख किए बिना “किसी विमीय राशि को 'बड़ा' या 'छोटा' कहना अर्थहीन है।” नीचे दिए गए कथनों को दूसरे शब्दों में व्यक्त कीजिए:

(a) परमाणु बहुत छोटे पिण्ड होते हैं।
(b) जेट वायुयान अत्यधिक गति से चलता है।
(c) बृहस्पति का द्रव्यमान बहुत ही अधिक है।
(d) इस कमरे के अंदर वायु में अणुओं की संख्या बहुत अधिक है।
(e) इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन से बहुत भारी होता है।
(f) ध्वनि की गति प्रकाश की गति से बहुत ही कम होती है।

हल:

किसी राशि को बड़ा या छोटा कहने के लिए एक मानक (तुलना का पैमाना) आवश्यक है।
(a) एक परमाणु का आकार चीनी के क्रिस्टल की तुलना में बहुत छोटा है।
(b) एक जेट वायुयान, एक तेज़ रेलगाड़ी की तुलना में अधिक गति से चलता है।
(c) बृहस्पति का द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान की तुलना में बहुत अधिक है।
(d) इस कमरे में वायु के अणुओं की संख्या, वायु के एक मोल में उपस्थित अणुओं की संख्या से बहुत अधिक है।
(e) प्रोटॉन का द्रव्यमान इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान से लगभग 1837 गुना अधिक है (इलेक्ट्रॉन हल्का होता है)।
(f) ध्वनि की गति (वायु में ≈ 343 m/s), प्रकाश की गति (3 × 10⁸ m/s) से बहुत कम है।

प्रश्न 5. लम्बाई का कोई ऐसा नया मात्रक चुना गया है जिसके अनुसार निर्वात् में प्रकाश की चाल 1 है। लम्बाई के नए मात्रक के पदों में सूर्य तथा पृथ्वी के बीच की दूरी कितनी है, यदि प्रकाश इस दूरी को तय करने में 8 मिनट और 20 सेकण्ड लगता है?

हल:

प्रकाश की चाल (नए मात्रक में) = 1 (लम्बाई का नया मात्रक)/s
समय t = 8 min 20 s = 500 s
दूरी = चाल × समय = 1 × 500 = 500 नया लम्बाई मात्रक

प्रश्न 6. लम्बाई मापने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे परिशुद्ध यंत्र है?

(a) एक वर्नियर कैलिपर्स जिसके वर्नियर पैमाने पर 20 विभाजन हैं।
(b) एक स्क्रूगेज जिसका चूड़ी अंतराल 1 mm और वृत्तीय पैमाने पर 100 विभाजन हैं।
(c) कोई प्रकाशिक यंत्र जो प्रकाश की तरंगदैर्ध्य की सीमा के अंदर लम्बाई माप सकता है।

हल:

जिस उपकरण का अल्पतमांक (least count) सबसे कम हो, वह सबसे अधिक परिशुद्ध होता है।
(a) वर्नियर कैलिपर्स का अल्पतमांक = 1 MSD - 1 VSD = 1 mm - (19/20) mm = 0.05 mm = 5 × 10⁻⁵ m
(b) स्क्रूगेज का अल्पतमांक = पिच / विभाजनों की संख्या = 1 mm / 100 = 0.01 mm = 1 × 10⁻⁵ m
(c) प्रकाशिक यंत्र प्रकाश की तरंगदैर्ध्य (~10⁻⁷ m) की कोटि तक माप सकता है, अर्थात अल्पतमांक ≈ 10⁻⁷ m
प्रकाशिक यंत्र का अल्पतमांक सबसे कम है, अतः यह सबसे परिशुद्ध है।

प्रश्न 7. कोई छात्र 100 आवर्धन के एक सूक्ष्मदर्शी के द्वारा देखकर मनुष्य के बाल की मोटाई मापता है। वह 20 बार प्रेक्षण करता है और उसे ज्ञात होता है कि सूक्ष्मदर्शी के दृश्य क्षेत्र में बाल की औसत मोटाई 3.5 mm है। बाल की मोटाई का अनुमान क्या है?

हल:

आवर्धन = 100
प्रेक्षित औसत मोटाई = 3.5 mm
वास्तविक मोटाई = प्रेक्षित मोटाई / आवर्धन = 3.5 mm / 100 = 0.035 mm

प्रश्न 8. निम्नलिखित के उत्तर दीजिए:

(a) आपको एक धागा और मीटर पैमाना दिया जाता है। आप धागे के व्यास का अनुमान किस प्रकार लगाएंगे?
(b) एक स्क्रूगेज का चूड़ी अंतराल 1 mm है और उसके वृत्तीय पैमाने पर 200 विभाजन हैं। क्या आप यह सोचते हैं कि वृत्तीय पैमाने पर विभाजनों की संख्या स्वेच्छा से बढ़ा देने पर स्क्रूगेज की यथार्थता में वृद्धि करना सम्भव है?
(c) वर्नियर कैलिपर्स द्वारा पीतल की किसी पतली छड़ का माध्य व्यास मापा जाना है। केवल 5 मापनों के समुच्चय की तुलना में व्यास के 100 मापनों के समुच्चय के द्वारा अधिक विश्वसनीय अनुमान प्राप्त होने की संभावना क्यों है?

हल:

(a) धागे के कई फेरे (माना n) मीटर पैमाने पर पास-पास लपेटें। लिपटे हुए भाग की लम्बाई L मापें।
धागे का व्यास d = L / n
(b) सैद्धान्तिक रूप से, अल्पतमांक = पिच / विभाजनों की संख्या। विभाजन बढ़ाने से अल्पतमांक कम होगा और यथार्थता बढ़ेगी। परन्तु व्यवहार में, मानव नेत्र की विभेदन सीमा सीमित होती है, अत्यधिक विभाजन पढ़ना कठिन हो जाता है।
(c) अधिक संख्या में मापन करने पर यादृच्छिक त्रुटियाँ (random errors) परस्पर निरस्त हो जाती हैं, जिससे प्राप्त माध्य मान अधिक विश्वसनीय हो जाता है।

प्रश्न 9. किसी मकान का फोटोग्राफ 35 mm स्लाइड पर 1.75 cm² क्षेत्र घेरता है। स्लाइड को किसी स्क्रीन पर प्रक्षेपित किया जाता है और स्क्रीन पर मकान का क्षेत्रफल 1.55 m² है। प्रक्षेपण-परदा व्यवस्था का रेखीय आवर्धन क्या है?

हल:

स्लाइड पर क्षेत्रफल = 1.75 cm² = 1.75 × 10⁻⁴ m²
स्क्रीन पर क्षेत्रफल = 1.55 m²
क्षेत्रीय आवर्धन = (स्क्रीन पर क्षेत्रफल) / (स्लाइड पर क्षेत्रफल) = 1.55 / (1.75 × 10⁻⁴) ≈ 8857
रेखीय आवर्धन m = √(क्षेत्रीय आवर्धन) = √8857 ≈ 94.1

प्रश्न 10. निम्नलिखित में सार्थक अंकों की संख्या लिखिए:

(a) 0.007 m²
(b) 2.64 × 10²⁴ kg
(c) 0.2370 g/cm³
(d) 6.320 J
(e) 6.032 N/m²
(f) 0.0006032 m²

हल:

(a) 1 (केवल 7)
(b) 3 (2, 6, 4)
(c) 4 (2, 3, 7, 0)
(d) 4 (6, 3, 2, 0)
(e) 4 (6, 0, 3, 2)
(f) 4 (6, 0, 3, 2)

प्रश्न 11. धातु की किसी आयताकार शीट की लम्बाई, चौड़ाई व मोटाई क्रमशः 4.234 m, 1.005 m व 2.01 cm है। उचित सार्थक अंकों तक इस शीट का क्षेत्रफल व आयतन ज्ञात कीजिए।

हल:

लम्बाई l = 4.234 m (4 सार्थक अंक)
चौड़ाई b = 1.005 m (4 सार्थक अंक)
मोटाई t = 2.01 cm = 0.0201 m (3 सार्थक अंक)
क्षेत्रफल A = 2(lb + bt + tl) = 2[(4.234×1.005) + (1.005×0.0201) + (0.0201×4.234)] ≈ 8.7209 m²
मोटाई में न्यूनतम सार्थक अंक (3) हैं, अतः क्षेत्रफल को 3 सार्थक अंकों तक: 8.72 m²
आयतन V = l × b × t = 4.234 × 1.005 × 0.0201 ≈ 0.0855 m³
3 सार्थक अंकों तक: 0.0855 m³

प्रश्न 12. पंसारी की तुला द्वारा मापे गए डिब्बे का द्रव्यमान 2.300 kg है। सोने के दो टुकड़े जिनका द्रव्यमान 20.15 g व 20.17 g है, डिब्बे में रखे जाते हैं। (a) डिब्बे का कुल द्रव्यमान कितना है, (b) उचित सार्थक अंकों तक टुकड़ों के द्रव्यमानों में कितना अंतर है?

हल:

डिब्बे का द्रव्यमान m_b = 2.300 kg (4 सार्थक अंक, 1 दशमलव स्थान)
सोने के टुकड़ों का द्रव्यमान: m₁ = 20.15 g = 0.02015 kg, m₂ = 20.17 g = 0.02017 kg
(a) कुल द्रव्यमान = 2.300 + 0.02015 + 0.02017 = 2.34032 kg
डिब्बे के द्रव्यमान में केवल 1 दशमलव स्थान है, अतः पूर्णांकन के बाद: 2.3 kg
(b) द्रव्यमानों में अंतर = 20.17 g - 20.15 g = 0.02 g (दोनों मानों में 2 दशमलव स्थान हैं, अंतर में भी 2 दशमलव स्थान रखें)।

प्रश्न 13. कोई भौतिक राशि P, चार प्रेक्षण-योग्य राशियों a, b, c तथा d से इस प्रकार सम्बन्धित है: P = a³b² / (√c d)। a, b, c तथा d के मापने में प्रतिशत त्रुटियाँ क्रमशः 1%, 3%, 4%, तथा 2% हैं। राशि P में प्रतिशत त्रुटि कितनी है? यदि P का परिकलित मान 3.763 आता है, तो आप परिणाम का किस मान तक निकटन करेंगे?

हल:

P = a³b² / (√c d)
P में अधिकतम प्रतिशत त्रुटि:
(ΔP/P) × 100 = |3×(Δa/a)×100| + |2×(Δb/b)×100| + |(1/2)×(Δc/c)×100| + |(Δd/d)×100|
= (3×1%) + (2×3%) + (1/2 × 4%) + (1×2%)
= 3% + 6% + 2% + 2% = 13%
त्रुटि (13%) में 2 सार्थक अंक हैं, अतः P के मान (3.763) को भी 2 सार्थक अंकों तक पूर्णांकित करें: 3.8

प्रश्न 14. किसी पुस्तक में, आवर्त गति कर रहे किसी कण के विस्थापन के चार भिन्न सूत्र दिए हैं। विमीय आधारों पर गलत सूत्रों को निकाल दीजिए। (a = कण का अधिकतम विस्थापन, v = कण की चाल, T = गति का आवर्तकाल)।

(a) y = a sin(2πt/T)
(b) y = a sin(v t)
(c) y = (a/T) sin(t/a)
(d) y = (a/√2) (sin(2πt/T) + cos(2πt/T))

हल:

विस्थापन y की विमा [L] है। त्रिकोणमितीय फलन का कोण विमाहीन होना चाहिए।
(a) कोण (2πt/T) विमाहीन है। सही है।
(b) कोण (v t) की विमा [L T⁻¹][T] = [L] है, विमाहीन नहीं। गलत
(c) कोण (t/a) की विमा [T]/[L] = [T L⁻¹] है, विमाहीन नहीं। गलत
(d) कोण (2πt/T) विमाहीन है। सही है।

प्रश्न 15. भौतिकी का एक प्रसिद्ध सम्बन्ध किसी कण की गतिमान द्रव्यमान m, विराम द्रव्यमान m₀, कण की चाल v और प्रकाश की चाल c के बीच है। कोई छात्र इस सम्बन्ध को लगभग सही याद करता है लेकिन स्थिरांक c को लगाना भूल जाता है। वह लिखता है : m = m₀ / (1 - v²)^(1/2)। अनुमान लगाइए कि c कहाँ लगेगा?

हल:

विमीय समांगता के नियम से, सम्बन्ध के हर (1 - v²)^(1/2) को विमाहीन होना चाहिए। v² की विमा [L² T⁻²] है। इसे विमाहीन बनाने के लिए इसे c² ([L² T⁻²]) से भाग देना चाहिए।
अतः सही सम्बन्ध है: m = m₀ / √(1 - v²/c²)

प्रश्न 16. परमाणविक पैमाने पर लम्बाई का सुविधाजनक मात्रक एंगस्ट्रॉम है (1 Å = 10⁻¹⁰ m)। हाइड्रोजन के परमाणु का आमाप लगभग 0.5 Å है। हाइड्रोजन परमाणुओं के एक मोल का m³ में कुल आणविक आयतन कितना होगा?

हल:

हाइड्रोजन परमाणु की त्रिज्या r = 0.5 Å = 0.5 × 10⁻¹⁰ m
एक परमाणु का आयतन V = (4/3)πr³ = (4/3)×3.14×(0.5×10⁻¹⁰)³ ≈ 5.23 × 10⁻³¹ m³
एक मोल में परमाणुओं की संख्या N = 6.023 × 10²³
एक मोल का कुल आयतन = N × V = 6.023×10²³ × 5.23×10⁻³¹ ≈ 3.15 × 10⁻⁷ m³

प्रश्न 17. किसी आदर्श गैस का एक मोल मानक ताप व दाब पर 22.4 L आयतन घेरता है। हाइड्रोजन के ग्राम अणुक आयतन तथा उसके एक मोल के परमाणविक आयतन का अनुपात क्या है? (हाइड्रोजन के अणु की आमाप लगभग 1 Å मानिए)। यह अनुपात इतना अधिक क्यों है?

हल:

मोलर आयतन V_m = 22.4 L = 22.4 × 10⁻³ m³
हाइड्रोजन अणु का व्यास ≈ 1 Å ⇒ त्रिज्या r ≈ 0.5 Å = 0.5 × 10⁻¹⁰ m
एक अणु का आयतन V = (4/3)πr³ ≈ 5.23 × 10⁻³¹ m³
एक मोल में अणुओं की संख्या N = 6.023 × 10²³
एक मोल का परमाणविक आयतन V_atomic = N × V ≈ 3.15 × 10⁻⁷ m³
अनुपात = V_m / V_atomic = (22.4×10⁻³) / (3.15×10⁻⁷) ≈ 7.1 × 10⁴
यह अनुपात बहुत बड़ा है क्योंकि गैस में अणुओं के बीच का रिक्त स्थान उनके स्वयं के आयतन से बहुत अधिक होता है।

प्रश्न 18. इस सामान्य प्रेक्षण की स्पष्ट व्याख्या कीजिए : यदि आप तीव्र गति से गतिमान किसी रेलगाड़ी की खिड़की से बाहर देखें तो समीप के पेड़, मकान आदि रेलगाड़ी की गति की विपरीत दिशा में तेजी से गति करते प्रतीत होते हैं, परंतु दूरस्थ पिण्ड (पहाड़ियाँ, चन्द्रमा, तारे आदि) स्थिर प्रतीत होते हैं।

हल:

यह प्रेक्षण कोणीय वेग (angular velocity) के कारण होता है। निकट की वस्तुओं के लिए दृष्टि रेखा (line of sight) समय के साथ तेजी से कोण बदलती है, इसलिए वे तेजी से पीछे भागते हुए दिखाई देते हैं। दूरस्थ वस्तुओं के लिए दृष्टि रेखा का कोण बहुत धीमी गति से बदलता है, इसलिए वे लगभग स्थिर प्रतीत होते हैं।

प्रश्न 19. समीपी तारों की दूरियाँ ज्ञात करने के लिए लम्बन (Parallax) के सिद्धान्त का प्रयोग किया जाता है। सूर्य के परितः अपनी कक्षा में छः महीनों के अंतराल पर पृथ्वी की अपनी, दो स्थानों को मिलाने वाली, आधार रेखा पृथ्वी की कक्षा के व्यास ≈ 3 × 10¹¹ m के लगभग बराबर है। खगोलीय पैमाने पर लम्बाई का सुविधाजनक मात्रक पारसेक है। मीटरों में एक पारसेक कितना होता है?

हल:

पारसेक (pc) वह दूरी है जिस पर 1 खगोलीय इकाई (AU) की आधार रेखा 1 चाप सेकंड (1") का लम्बन कोण बनाती है।
1 AU = 1.496 × 10¹¹ m (पृथ्वी-सूर्य की औसत दूरी)
1" = (1/3600)° = (π/180) × (1/3600) rad ≈ 4.848 × 10⁻⁶ rad
दूरी D = आधार रेखा / लम्बन कोण = (1.496 × 10¹¹ m) / (4.848 × 10⁻⁶ rad) ≈

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Other Chapters of class 11 Physics
1. भौतिक जगत
2. मात्रक तथा मापन
3. सरल रेखा में गति
4. समतल में गति
5. गति के नियम
6. कार्य ऊर्जा तथा शक्ति
7. कणों के नियम तथा घूर्णी गति
8. गुरुत्वाकर्षण
9. ठोसों के यांत्रिक गुण
10. तरलों के यांत्रिक गुण
11. द्रव्य के तापीय गुण
12. ऊष्मागतिकी
13. अणुगति सिद्धांत
14. दोलन
15. तरंगें
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