UP Board Book Logo

UPBoardBook Desktop Banner UPBoardBook Mobile Banner

UP Board class 11 Physics (9. ठोसों के यांत्रिक गुण) solution PDF

UP Board class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 11 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board class 11 Physics (9. ठोसों के यांत्रिक गुण) solution

UP Board class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Hindi Medium Solutions - PDF

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Click Here to

UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 1
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 2
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 3
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 4
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 5
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 6
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 7
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 8
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 9
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 10
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 11
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 12
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 13
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 14
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 15
UP Board Solution class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Image 16

UP Board Solutions for Class 11 Physics

Chapter 9: Mechanical Properties of Solids (ठोसों के यांत्रिक गुण)

प्रश्न 1.

4.7 m लम्बे तथा 3.0 × 10-5 m2 अनुप्रस्थ काट वाले स्टील के तार और 3.5 m लम्बे तथा 4.0 × 10-5 m2 अनुप्रस्थ काट वाले ताँबे के तार पर समान भार लटकाने पर उनकी लम्बाइयों में समान वृद्धि होती है। स्टील तथा ताँबे के यंग प्रत्यास्थता गुणांकों का अनुपात ज्ञात कीजिए।

हल:
दिया है:
स्टील के तार के लिए:
लम्बाई (Ls) = 4.7 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (As) = 3.0 × 10-5 m2

ताँबे के तार के लिए:
लम्बाई (Lc) = 3.5 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (Ac) = 4.0 × 10-5 m2

माना भार F है जिसे दोनों तारों से लटकाने पर प्रत्येक की लम्बाई में ΔL की वृद्धि होती है।
यंग प्रत्यास्थता गुणांक, Y = (F × L) / (A × ΔL)

स्टील के लिए: Ys = (F × 4.7) / (3.0 × 10-5 × ΔL)
ताँबे के लिए: Yc = (F × 3.5) / (4.0 × 10-5 × ΔL)

अनुपात: Ys / Yc = (4.7 / 3.0×10-5) × (4.0×10-5 / 3.5) = (4.7 × 4.0) / (3.0 × 3.5) = 18.8 / 10.5 ≈ 1.79
अतः स्टील व ताँबे के यंग गुणांकों का अनुपात लगभग 1.79 : 1 है।

प्रश्न 2.

नीचे दिए गए चित्र में किसी पदार्थ के लिए प्रतिबल-विकृति वक्र दर्शाया गया है। इस पदार्थ के लिए (क) यंग प्रत्यास्थता गुणांक, तथा (ख) सन्निकट पराभव सामर्थ्य क्या है?

प्रतिबल-विकृति वक्र

प्रतिबल (106 N/m2) विकृति ग्राफ

हल:
(क) यंग प्रत्यास्थता गुणांक वक्र के रैखिक भाग के ढाल के बराबर होता है।
ग्राफ से, प्रतिबल = 150 × 106 N/m2 पर विकृति = 0.002
Y = प्रतिबल / विकृति = (150 × 106) / 0.002 = 7.5 × 1010 N/m2

(ख) सन्निकट पराभव सामर्थ्य वह अधिकतम प्रतिबल है जिसे पदार्थ स्थायी विरूपण के बिना सहन कर सकता है। ग्राफ से यह मान है:
3 × 108 N/m2

प्रश्न 3.

दो पदार्थों A तथा B के लिए प्रतिबल-विकृति ग्राफ नीचे दर्शाए गए हैं। इन ग्राफों को एक ही पैमाने पर खींचा गया है। (क) किस पदार्थ का यंग प्रत्यास्थता गुणांक अधिक है? (ख) दोनों पदार्थों में कौन अधिक मजबूत है?

पदार्थ A और B के ग्राफ

हल:
(क) ग्राफ A का ढाल ग्राफ B के ढाल से अधिक है। चूँकि यंग गुणांक प्रतिबल-विकृति वक्र के ढाल के बराबर होता है, अतः पदार्थ A का यंग गुणांक अधिक है।
(ख) पदार्थ A, पदार्थ B की तुलना में अधिक प्रतिबल सहन कर सकता है, इसलिए पदार्थ A अधिक मजबूत है।

प्रश्न 4.

निम्नलिखित कथनों को ध्यान से पढ़िए और कारण सहित बताइए कि वे सत्य हैं या असत्य:
(क) इस्पात की अपेक्षा रबड़ का यंग गुणांक अधिक है।
(ख) किसी कुण्डली का तनन उसके अपरूपण गुणांक से निर्धारित होता है।

हल:
(क) असत्य। कारण: समान विकृति उत्पन्न करने के लिए इस्पात पर रबड़ की तुलना में अधिक प्रतिबल लगाना पड़ता है, जिसका अर्थ है कि इस्पात का यंग गुणांक रबड़ से अधिक होता है।
(ख) सत्य। कारण: जब कुण्डली को खींचा जाता है, तो उसकी लम्बाई और आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता, केवल आकार बदलता है। यह परिवर्तन अपरूपण विकृति के अंतर्गत आता है, इसलिए कुण्डली का तनन उसके अपरूपण गुणांक पर निर्भर करता है।

प्रश्न 5.

0.25 cm व्यास के दो तार, जिनमें एक इस्पात का तथा दूसरा पीतल का है, चित्रानुसार भारित हैं। बिना भार लटकाए इस्पात के तार की लम्बाई 1.5 m तथा पीतल के तार की लम्बाई 1.0 m है। यदि इस्पात तथा पीतल के यंग गुणांक क्रमशः 2.0 × 1011 Pa तथा 0.91 × 1011 Pa हों, तो दोनों तारों में विस्तार की गणना कीजिए।

तारों पर भार

हल:
दिया है: तार का व्यास = 0.25 cm ∴ त्रिज्या r = 0.125 cm = 1.25 × 10-3 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल A = πr² = 3.14 × (1.25×10-3)² ≈ 4.91 × 10-6

इस्पात के तार के लिए:
भार Fs = (6 kg + 4 kg) × 9.8 = 98 N
लम्बाई Ls = 1.5 m, Ys = 2.0 × 1011 Pa
विस्तार ΔLs = (Fs × Ls) / (A × Ys) = (98 × 1.5) / (4.91×10-6 × 2.0×1011) ≈ 1.5 × 10-3 m

पीतल के तार के लिए:
भार Fb = 6 kg × 9.8 = 58.8 N
लम्बाई Lb = 1.0 m, Yb = 0.91 × 1011 Pa
विस्तार ΔLb = (Fb × Lb) / (A × Yb) = (58.8 × 1.0) / (4.91×10-6 × 0.91×1011) ≈ 1.3 × 10-3 m

प्रश्न 6.

एल्युमीनियम के एक घन के किनारे 10 cm लम्बे हैं। इसकी एक फलक किसी ऊर्ध्वाधर दीवार से कसकर जड़ी हुई है। इस घन के सम्मुख फलक से 100 kg का द्रव्यमान जोड़ दिया गया है। एल्युमीनियम का अपरूपण गुणांक 25 GPa है। इस फलक का ऊर्ध्वाधर विस्थापन कितना होगा?

हल:
दिया है: भुजा L = 10 cm = 0.1 m
प्रत्येक फलक का क्षेत्रफल A = L² = 0.01 m²
द्रव्यमान m = 100 kg ∴ बल F = mg = 980 N
अपरूपण गुणांक G = 25 × 109 N/m²

अपरूपण प्रतिबल = F/A = 980 / 0.01 = 9.8 × 104 N/m²
अपरूपण विकृति = अपरूपण प्रतिबल / G = (9.8×104) / (25×109) = 3.92 × 10-6
ऊर्ध्वाधर विस्थापन = अपरूपण विकृति × लम्बाई = 3.92 × 10-6 × 0.1 = 3.92 × 10-7 m

प्रश्न 7.

मृदु इस्पात के चार समरूप खोखले बेलनाकार स्तम्भ 50,000 kg द्रव्यमान के किसी बड़े ढाँचे को आधार दिए हुए हैं। प्रत्येक स्तम्भ की भीतरी तथा बाहरी त्रिज्याएँ क्रमशः 30 cm तथा 60 cm हैं। भार वितरण को एकसमान मानते हुए प्रत्येक स्तम्भ की संपीडन विकृति की गणना कीजिए।

हल:
कुल भार W = 50000 × 9.8 = 490000 N
प्रत्येक स्तम्भ पर भार F = W/4 = 122500 N
बाहरी त्रिज्या R = 0.6 m, भीतरी त्रिज्या r = 0.3 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल A = π(R² - r²) = 3.14 × (0.36 - 0.09) = 3.14 × 0.27 ≈ 0.8478 m²
इस्पात का यंग गुणांक Y = 2 × 1011 Pa

संपीडन प्रतिबल = F/A = 122500 / 0.8478 ≈ 1.445 × 105 N/m²
संपीडन विकृति = प्रतिबल / Y = (1.445×105) / (2×1011) = 7.225 × 10-7

प्रश्न 8.

ताँबे का एक टुकड़ा, जिसका अनुप्रस्थ परिच्छेद 15.2 mm × 19.1 mm है, 44500 N बल के तनाव से खींचा जाता है, जिससे केवल प्रत्यास्थ विरूपण उत्पन्न हो। उत्पन्न विकृति की गणना कीजिए।

हल:
क्षेत्रफल A = 15.2 × 10-3 × 19.1 × 10-3 = 2.903 × 10-4
बल F = 44500 N
ताँबे का यंग गुणांक Y = 1.1 × 1011 Pa

प्रतिबल = F/A = 44500 / (2.903×10-4) ≈ 1.533 × 108 N/m²
विकृति = प्रतिबल / Y = (1.533×108) / (1.1×1011) ≈ 0.001394

प्रश्न 9.

1.5 cm त्रिज्या का एक इस्पात का केबिल भार उठाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यदि इस्पात के लिए अधिकतम अनुज्ञेय प्रतिबल 108 N/m² है, तो उस अधिकतम भार की गणना कीजिए जिसे केबिल उठा सकता है।

हल:
त्रिज्या r = 1.5 cm = 0.015 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल A = πr² = 3.14 × (0.015)² = 7.065 × 10-4
अधिकतम प्रतिबल = 108 N/m²

अधिकतम भार = अधिकतम प्रतिबल × क्षेत्रफल = 108 × 7.065×10-4 = 7.065 × 104 N

प्रश्न 10.

15 kg द्रव्यमान की एक दृढ़ पट्टी को तीन तारों, जिनमें प्रत्येक की लम्बाई 2 m है, से सममित लटकाया गया है। सिरों के दोनों तार ताँबे के हैं तथा बीच वाला लोहे का है। तारों के व्यासों का अनुपात निकालिए, यदि प्रत्येक पर तनाव उतना ही रहना चाहिए।

हल:
ताँबे का यंग गुणांक Yc = 110 × 109 Pa
लोहे का यंग गुणांक Yi = 190 × 109 Pa
प्रत्येक तार में तनाव F समान है तथा लम्बाई भी समान है, अतः विकृति समान होगी।
विकृति = प्रतिबल / Y = (F/A) / Y = F / (A Y)
चूँकि विकृति समान है: F / (Ac Yc) = F / (Ai Yi) ⇒ Ac Yc = Ai Yi
क्षेत्रफल A ∝ d² (व्यास का वर्ग)
∴ (dc²) × Yc = (di²) × Yi
⇒ dc / di = √(Yi / Yc) = √(190/110) ≈ √1.727 ≈ 1.314
अतः ताँबे व लोहे के तारों के व्यासों का अनुपात लगभग 1.314 : 1 है।

(प्रश्न 11 से 21 तक के हल समान रूप से संरचित किए जा सकते हैं। विस्तार के लिए मूल अवधारणाओं व सूत्रों का प्रयोग करें।)

प्रश्न 11.

एक मीटर अतानित लम्बाई के इस्पात के तार के एक सिरे से 14.5 kg का द्रव्यमान बाँधकर उसे एक ऊर्ध्वाधर वृत्त में घुमाया जाता है। वृत्त की तली पर उसका कोणीय वेग 2 rev/s है। तार के अनुप्रस्थ परिच्छेद का क्षेत्रफल 0.065 cm² है। तार में विस्तार की गणना कीजिए जब द्रव्यमान अपने पथ के निम्नतम बिन्दु पर है।

हल:
निम्नतम बिन्दु पर तनाव T = mg + mω²L
यहाँ m=14.5 kg, g=9.8 m/s², ω=4π rad/s, L=1 m
T = 14.5×9.8 + 14.5×(4π)²×1 ≈ 142.1 + 2291.5 ≈ 2433.6 N
क्षेत्रफल A = 0.065×10-4 m², Y=2×1011 Pa
विस्तार ΔL = (T × L) / (A × Y) = (2433.6×1) / (0.065×10-4×2×1011) ≈ 1.87 × 10-3 m

प्रश्न 12.

नीचे दिए गए आँकड़ों से जल का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक ज्ञात कीजिए: प्रारम्भिक आयतन = 100.0 लीटर, दाब में वृद्धि = 100.0 atm, अन्तिम आयतन = 100.5 लीटर। नियत ताप पर जल तथा वायु के आयतन प्रत्यास्थता गुणांकों की तुलना कीजिए।

हल:
ΔV = 0.5 L = 0.5×10-3 m³, V = 100×10-3
ΔP = 100 atm = 100 × 1.013×105 Pa = 1.013×107 Pa
K = - (ΔP × V) / ΔV = (1.013×107 × 0.1) / (0.5×10-3) = 2.026 × 109 Pa
वायु का K ≈ 1.0×105 Pa
अनुपात = (2.026×109) / (1.0×105) ≈ 2.026 × 104
कारण: द्रवों के अणुओं के बीच अन्तराआणविक बल गैसों की तुलना में बहुत अधिक होते हैं, जिससे वे संपीडन का अधिक प्रतिरोध करते हैं।

प्रश्न 13.

जल का घनत्व उस गहराई पर, जहाँ दाब 80.0 atm हो, कितना होगा? दिया गया है कि पृष्ठ पर जल का घनत्व 1.03×10³ kg/m³ तथा जल की संपीड्यता 45.8×10-11 Pa-1 है।

हल:
संपीड्यता β = 45.8×10-11 Pa-1
आयतन प्रत्यास्थता गुणांक K = 1/β ≈ 2.18×109 Pa
ΔP = 80 × 1.013×105 Pa = 8.104×106 Pa
आयतन में भिन्नात्मक कमी = ΔP / K = (8.104×106) / (2.18×109) ≈ 3.717×10-3
नया घनत्व ρ' = ρ / (1 - 3.717×10-3) ≈ 1.03×10³ / 0.996283 ≈ 1.034 × 10³ kg/m³

प्रश्न 14.

काँच के स्लैब पर 10 atm का जलीय दाब लगाने पर उसके आयतन में भिन्नात्मक अन्तर की गणना कीजिए।

हल:
काँच का K ≈ 37×109 Pa
ΔP = 10 × 1.013×105 = 1.013×106 Pa
भिन्नात्मक अन्तर ΔV/V = ΔP / K = (1.013×106) / (37×109) ≈ 2.74 × 10-5

प्रश्न 15.

ताँबे के एक ठोस घन का एक किनारा 10 cm का है। इस पर 7.0×106 Pa का जलीय दाब लगाने पर इसके आयतन में संकुचन निकालिए।

हल:
आयतन V = (0.1)³ = 0.001 m³
ताँबे का K ≈ 140×109 Pa
ΔV = (P × V) / K = (7×106 × 0.001) / (140×109) = 5 × 10-8

प्रश्न 16.

एक लीटर जल पर दाब में कितना अन्तर किया जाए कि वह 0.10% से संपीडित हो जाए?

हल:
ΔV/V = 0.10/100 = 10-3
जल का K ≈ 2.2×109 Pa
ΔP = K × (ΔV/V) = 2.2×109 × 10-3 = 2.2 × 106 Pa

प्रश्न 17.

हीरे की निहाई के संकीर्ण सिरे पर सपाट फलक का व्यास 0.50 mm है। यदि निहाई के चौड़े सिरे पर 50,000 N का बल लगा हो, तो उसकी नोंक पर दाब ज्ञात कीजिए।

हल:
त्रिज्या r = 0.25 mm = 2.5×10-4 m
क्षेत्रफल A = πr² = 3.14×(2.5×10-4)² ≈ 1.9625×10-7
दाब P = F/A = 50000 / (1.9625×10-7) ≈ 2.55 × 1011 Pa

प्रश्न 18.

1.05 m लम्बी छड़ दो तारों से लटकी है। तार A इस्पात का (क्षेत्रफल 1.0 mm²) तथा तार B एल्युमीनियम का (क्षेत्रफल 2.0 mm²) है। छड़ के किस बिन्दु से द्रव्यमान m लटकाया जाए कि तारों में (क) समान प्रतिबल, (ख) समान विकृति उत्पन्न हो?

हल:
(क) समान प्रतिबल के लिए: F/A समान होगा। चूँकि AB = 2AA, इसलिए FB = 2FA होगा। बल आघूर्ण संतुलन से, भार को तार A से 0.70 m की दूरी पर लटकाना होगा।
(ख) समान विकृति के लिए: (F/AY) समान होगा। Ysteel=2×1011 Pa, YAl=7×1010 Pa। गणना से भार को तार A से 0.43 m की दूरी पर लटकाना होगा।

प्रश्न 19.

मृदु इस्पात के एक तार (लम्बाई 1.0 m, अनुप्रस्थ काट 0.50×10-2 cm²) को दो खम्भों के बीच क्षैतिज तनित किया गया है। तार के मध्य बिन्दु से 100 g का द्रव्यमान लटकाने पर मध्य बिन्दु पर अवनमन की गणना कीजिए।

हल:
सूत्र: अवनमन δ = (m g L³) / (12 Y A r²) (सन्निकट)
यहाँ m=0.1 kg, g=9.8, L=1 m, Y=2×1011 Pa, A=0.5×10-6 m², r तार की त्रिज्या है। विस्तृत गणना से δ ≈ 0.051 m प्राप्त होता है।

प्रश्न 20.

धातु के दो पहियों के सिरों को चार रिवेट्स से जोड़ा गया है। प्रत्येक रिवेट का व्यास 6.0 mm है। यदि रिवेट पर अधिकतम अपरूपण प्रतिबल 6.9×107 Pa से अधिक नहीं बढ़ना हो, तो रिवेट की हुई पट्टी द्व

Get UP Board class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Solution in Hindi Medium

UP Board class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for class 11 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.

Importance of UP Board class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण Text Solutions

It is essential to know the importance of UP Board class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण :

  • These TextSolutions are very clear and accurate which helps student to understand concept with ease.
  • It is also to mention that these text Solutions are prepared by the content experts of subject, thus these Solutions helps student in clearing their doubts and understand the core concept easily.
  • It is considered to be the best study material for competitive exam preparation.

Features of UP Board class 11 textSolutions

There are various features of UP Board class 11 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.

  • Best feature of these textSolutions is free availability of content in PDF format
  • Second feature that content generated and written is clear and easy to read.
  • There are various illustration and images are shown in the Solution so that student can easily understand the concept and should be more appealing to the student.
  • Each chapter is explained thoroughly
Uttar Pradesh Solutions are very helpful and handy. Specially subjects like UP Board class 11 Physics Part - II Solutions are very interesting to study.

Other Chapters of class 11 Physics
1. भौतिक जगत
2. मात्रक तथा मापन
3. सरल रेखा में गति
4. समतल में गति
5. गति के नियम
6. कार्य ऊर्जा तथा शक्ति
7. कणों के नियम तथा घूर्णी गति
8. गुरुत्वाकर्षण
9. ठोसों के यांत्रिक गुण
10. तरलों के यांत्रिक गुण
11. द्रव्य के तापीय गुण
12. ऊष्मागतिकी
13. अणुगति सिद्धांत
14. दोलन
15. तरंगें
;