UP Board class 11 Physics 9. ठोसों के यांत्रिक गुण is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 11 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
4.7 m लम्बे तथा 3.0 × 10-5 m2 अनुप्रस्थ काट वाले स्टील के तार और 3.5 m लम्बे तथा 4.0 × 10-5 m2 अनुप्रस्थ काट वाले ताँबे के तार पर समान भार लटकाने पर उनकी लम्बाइयों में समान वृद्धि होती है। स्टील तथा ताँबे के यंग प्रत्यास्थता गुणांकों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है:
स्टील के तार के लिए:
लम्बाई (Ls) = 4.7 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (As) = 3.0 × 10-5 m2
ताँबे के तार के लिए:
लम्बाई (Lc) = 3.5 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (Ac) = 4.0 × 10-5 m2
माना भार F है जिसे दोनों तारों से लटकाने पर प्रत्येक की लम्बाई में ΔL की वृद्धि होती है।
यंग प्रत्यास्थता गुणांक, Y = (F × L) / (A × ΔL)
स्टील के लिए: Ys = (F × 4.7) / (3.0 × 10-5 × ΔL)
ताँबे के लिए: Yc = (F × 3.5) / (4.0 × 10-5 × ΔL)
अनुपात: Ys / Yc = (4.7 / 3.0×10-5) × (4.0×10-5 / 3.5) = (4.7 × 4.0) / (3.0 × 3.5) = 18.8 / 10.5 ≈ 1.79
अतः स्टील व ताँबे के यंग गुणांकों का अनुपात लगभग 1.79 : 1 है।
नीचे दिए गए चित्र में किसी पदार्थ के लिए प्रतिबल-विकृति वक्र दर्शाया गया है। इस पदार्थ के लिए (क) यंग प्रत्यास्थता गुणांक, तथा (ख) सन्निकट पराभव सामर्थ्य क्या है?
प्रतिबल (106 N/m2) विकृति ग्राफ
हल:
(क) यंग प्रत्यास्थता गुणांक वक्र के रैखिक भाग के ढाल के बराबर होता है।
ग्राफ से, प्रतिबल = 150 × 106 N/m2 पर विकृति = 0.002
Y = प्रतिबल / विकृति = (150 × 106) / 0.002 = 7.5 × 1010 N/m2
(ख) सन्निकट पराभव सामर्थ्य वह अधिकतम प्रतिबल है जिसे पदार्थ स्थायी विरूपण के बिना सहन कर सकता है। ग्राफ से यह मान है:
3 × 108 N/m2
दो पदार्थों A तथा B के लिए प्रतिबल-विकृति ग्राफ नीचे दर्शाए गए हैं। इन ग्राफों को एक ही पैमाने पर खींचा गया है। (क) किस पदार्थ का यंग प्रत्यास्थता गुणांक अधिक है? (ख) दोनों पदार्थों में कौन अधिक मजबूत है?
हल:
(क) ग्राफ A का ढाल ग्राफ B के ढाल से अधिक है। चूँकि यंग गुणांक प्रतिबल-विकृति वक्र के ढाल के बराबर होता है, अतः पदार्थ A का यंग गुणांक अधिक है।
(ख) पदार्थ A, पदार्थ B की तुलना में अधिक प्रतिबल सहन कर सकता है, इसलिए पदार्थ A अधिक मजबूत है।
निम्नलिखित कथनों को ध्यान से पढ़िए और कारण सहित बताइए कि वे सत्य हैं या असत्य:
(क) इस्पात की अपेक्षा रबड़ का यंग गुणांक अधिक है।
(ख) किसी कुण्डली का तनन उसके अपरूपण गुणांक से निर्धारित होता है।
हल:
(क) असत्य। कारण: समान विकृति उत्पन्न करने के लिए इस्पात पर रबड़ की तुलना में अधिक प्रतिबल लगाना पड़ता है, जिसका अर्थ है कि इस्पात का यंग गुणांक रबड़ से अधिक होता है।
(ख) सत्य। कारण: जब कुण्डली को खींचा जाता है, तो उसकी लम्बाई और आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता, केवल आकार बदलता है। यह परिवर्तन अपरूपण विकृति के अंतर्गत आता है, इसलिए कुण्डली का तनन उसके अपरूपण गुणांक पर निर्भर करता है।
0.25 cm व्यास के दो तार, जिनमें एक इस्पात का तथा दूसरा पीतल का है, चित्रानुसार भारित हैं। बिना भार लटकाए इस्पात के तार की लम्बाई 1.5 m तथा पीतल के तार की लम्बाई 1.0 m है। यदि इस्पात तथा पीतल के यंग गुणांक क्रमशः 2.0 × 1011 Pa तथा 0.91 × 1011 Pa हों, तो दोनों तारों में विस्तार की गणना कीजिए।
हल:
दिया है: तार का व्यास = 0.25 cm ∴ त्रिज्या r = 0.125 cm = 1.25 × 10-3 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल A = πr² = 3.14 × (1.25×10-3)² ≈ 4.91 × 10-6 m²
इस्पात के तार के लिए:
भार Fs = (6 kg + 4 kg) × 9.8 = 98 N
लम्बाई Ls = 1.5 m, Ys = 2.0 × 1011 Pa
विस्तार ΔLs = (Fs × Ls) / (A × Ys) = (98 × 1.5) / (4.91×10-6 × 2.0×1011) ≈ 1.5 × 10-3 m
पीतल के तार के लिए:
भार Fb = 6 kg × 9.8 = 58.8 N
लम्बाई Lb = 1.0 m, Yb = 0.91 × 1011 Pa
विस्तार ΔLb = (Fb × Lb) / (A × Yb) = (58.8 × 1.0) / (4.91×10-6 × 0.91×1011) ≈ 1.3 × 10-3 m
एल्युमीनियम के एक घन के किनारे 10 cm लम्बे हैं। इसकी एक फलक किसी ऊर्ध्वाधर दीवार से कसकर जड़ी हुई है। इस घन के सम्मुख फलक से 100 kg का द्रव्यमान जोड़ दिया गया है। एल्युमीनियम का अपरूपण गुणांक 25 GPa है। इस फलक का ऊर्ध्वाधर विस्थापन कितना होगा?
हल:
दिया है: भुजा L = 10 cm = 0.1 m
प्रत्येक फलक का क्षेत्रफल A = L² = 0.01 m²
द्रव्यमान m = 100 kg ∴ बल F = mg = 980 N
अपरूपण गुणांक G = 25 × 109 N/m²
अपरूपण प्रतिबल = F/A = 980 / 0.01 = 9.8 × 104 N/m²
अपरूपण विकृति = अपरूपण प्रतिबल / G = (9.8×104) / (25×109) = 3.92 × 10-6
ऊर्ध्वाधर विस्थापन = अपरूपण विकृति × लम्बाई = 3.92 × 10-6 × 0.1 = 3.92 × 10-7 m
मृदु इस्पात के चार समरूप खोखले बेलनाकार स्तम्भ 50,000 kg द्रव्यमान के किसी बड़े ढाँचे को आधार दिए हुए हैं। प्रत्येक स्तम्भ की भीतरी तथा बाहरी त्रिज्याएँ क्रमशः 30 cm तथा 60 cm हैं। भार वितरण को एकसमान मानते हुए प्रत्येक स्तम्भ की संपीडन विकृति की गणना कीजिए।
हल:
कुल भार W = 50000 × 9.8 = 490000 N
प्रत्येक स्तम्भ पर भार F = W/4 = 122500 N
बाहरी त्रिज्या R = 0.6 m, भीतरी त्रिज्या r = 0.3 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल A = π(R² - r²) = 3.14 × (0.36 - 0.09) = 3.14 × 0.27 ≈ 0.8478 m²
इस्पात का यंग गुणांक Y = 2 × 1011 Pa
संपीडन प्रतिबल = F/A = 122500 / 0.8478 ≈ 1.445 × 105 N/m²
संपीडन विकृति = प्रतिबल / Y = (1.445×105) / (2×1011) = 7.225 × 10-7
ताँबे का एक टुकड़ा, जिसका अनुप्रस्थ परिच्छेद 15.2 mm × 19.1 mm है, 44500 N बल के तनाव से खींचा जाता है, जिससे केवल प्रत्यास्थ विरूपण उत्पन्न हो। उत्पन्न विकृति की गणना कीजिए।
हल:
क्षेत्रफल A = 15.2 × 10-3 × 19.1 × 10-3 = 2.903 × 10-4 m²
बल F = 44500 N
ताँबे का यंग गुणांक Y = 1.1 × 1011 Pa
प्रतिबल = F/A = 44500 / (2.903×10-4) ≈ 1.533 × 108 N/m²
विकृति = प्रतिबल / Y = (1.533×108) / (1.1×1011) ≈ 0.001394
1.5 cm त्रिज्या का एक इस्पात का केबिल भार उठाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यदि इस्पात के लिए अधिकतम अनुज्ञेय प्रतिबल 108 N/m² है, तो उस अधिकतम भार की गणना कीजिए जिसे केबिल उठा सकता है।
हल:
त्रिज्या r = 1.5 cm = 0.015 m
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल A = πr² = 3.14 × (0.015)² = 7.065 × 10-4 m²
अधिकतम प्रतिबल = 108 N/m²
अधिकतम भार = अधिकतम प्रतिबल × क्षेत्रफल = 108 × 7.065×10-4 = 7.065 × 104 N
15 kg द्रव्यमान की एक दृढ़ पट्टी को तीन तारों, जिनमें प्रत्येक की लम्बाई 2 m है, से सममित लटकाया गया है। सिरों के दोनों तार ताँबे के हैं तथा बीच वाला लोहे का है। तारों के व्यासों का अनुपात निकालिए, यदि प्रत्येक पर तनाव उतना ही रहना चाहिए।
हल:
ताँबे का यंग गुणांक Yc = 110 × 109 Pa
लोहे का यंग गुणांक Yi = 190 × 109 Pa
प्रत्येक तार में तनाव F समान है तथा लम्बाई भी समान है, अतः विकृति समान होगी।
विकृति = प्रतिबल / Y = (F/A) / Y = F / (A Y)
चूँकि विकृति समान है: F / (Ac Yc) = F / (Ai Yi) ⇒ Ac Yc = Ai Yi
क्षेत्रफल A ∝ d² (व्यास का वर्ग)
∴ (dc²) × Yc = (di²) × Yi
⇒ dc / di = √(Yi / Yc) = √(190/110) ≈ √1.727 ≈ 1.314
अतः ताँबे व लोहे के तारों के व्यासों का अनुपात लगभग 1.314 : 1 है।
एक मीटर अतानित लम्बाई के इस्पात के तार के एक सिरे से 14.5 kg का द्रव्यमान बाँधकर उसे एक ऊर्ध्वाधर वृत्त में घुमाया जाता है। वृत्त की तली पर उसका कोणीय वेग 2 rev/s है। तार के अनुप्रस्थ परिच्छेद का क्षेत्रफल 0.065 cm² है। तार में विस्तार की गणना कीजिए जब द्रव्यमान अपने पथ के निम्नतम बिन्दु पर है।
हल:
निम्नतम बिन्दु पर तनाव T = mg + mω²L
यहाँ m=14.5 kg, g=9.8 m/s², ω=4π rad/s, L=1 m
T = 14.5×9.8 + 14.5×(4π)²×1 ≈ 142.1 + 2291.5 ≈ 2433.6 N
क्षेत्रफल A = 0.065×10-4 m², Y=2×1011 Pa
विस्तार ΔL = (T × L) / (A × Y) = (2433.6×1) / (0.065×10-4×2×1011) ≈ 1.87 × 10-3 m
नीचे दिए गए आँकड़ों से जल का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक ज्ञात कीजिए: प्रारम्भिक आयतन = 100.0 लीटर, दाब में वृद्धि = 100.0 atm, अन्तिम आयतन = 100.5 लीटर। नियत ताप पर जल तथा वायु के आयतन प्रत्यास्थता गुणांकों की तुलना कीजिए।
हल:
ΔV = 0.5 L = 0.5×10-3 m³, V = 100×10-3 m³
ΔP = 100 atm = 100 × 1.013×105 Pa = 1.013×107 Pa
K = - (ΔP × V) / ΔV = (1.013×107 × 0.1) / (0.5×10-3) = 2.026 × 109 Pa
वायु का K ≈ 1.0×105 Pa
अनुपात = (2.026×109) / (1.0×105) ≈ 2.026 × 104
कारण: द्रवों के अणुओं के बीच अन्तराआणविक बल गैसों की तुलना में बहुत अधिक होते हैं, जिससे वे संपीडन का अधिक प्रतिरोध करते हैं।
जल का घनत्व उस गहराई पर, जहाँ दाब 80.0 atm हो, कितना होगा? दिया गया है कि पृष्ठ पर जल का घनत्व 1.03×10³ kg/m³ तथा जल की संपीड्यता 45.8×10-11 Pa-1 है।
हल:
संपीड्यता β = 45.8×10-11 Pa-1
आयतन प्रत्यास्थता गुणांक K = 1/β ≈ 2.18×109 Pa
ΔP = 80 × 1.013×105 Pa = 8.104×106 Pa
आयतन में भिन्नात्मक कमी = ΔP / K = (8.104×106) / (2.18×109) ≈ 3.717×10-3
नया घनत्व ρ' = ρ / (1 - 3.717×10-3) ≈ 1.03×10³ / 0.996283 ≈ 1.034 × 10³ kg/m³
काँच के स्लैब पर 10 atm का जलीय दाब लगाने पर उसके आयतन में भिन्नात्मक अन्तर की गणना कीजिए।
हल:
काँच का K ≈ 37×109 Pa
ΔP = 10 × 1.013×105 = 1.013×106 Pa
भिन्नात्मक अन्तर ΔV/V = ΔP / K = (1.013×106) / (37×109) ≈ 2.74 × 10-5
ताँबे के एक ठोस घन का एक किनारा 10 cm का है। इस पर 7.0×106 Pa का जलीय दाब लगाने पर इसके आयतन में संकुचन निकालिए।
हल:
आयतन V = (0.1)³ = 0.001 m³
ताँबे का K ≈ 140×109 Pa
ΔV = (P × V) / K = (7×106 × 0.001) / (140×109) = 5 × 10-8 m³
एक लीटर जल पर दाब में कितना अन्तर किया जाए कि वह 0.10% से संपीडित हो जाए?
हल:
ΔV/V = 0.10/100 = 10-3
जल का K ≈ 2.2×109 Pa
ΔP = K × (ΔV/V) = 2.2×109 × 10-3 = 2.2 × 106 Pa
हीरे की निहाई के संकीर्ण सिरे पर सपाट फलक का व्यास 0.50 mm है। यदि निहाई के चौड़े सिरे पर 50,000 N का बल लगा हो, तो उसकी नोंक पर दाब ज्ञात कीजिए।
हल:
त्रिज्या r = 0.25 mm = 2.5×10-4 m
क्षेत्रफल A = πr² = 3.14×(2.5×10-4)² ≈ 1.9625×10-7 m²
दाब P = F/A = 50000 / (1.9625×10-7) ≈ 2.55 × 1011 Pa
1.05 m लम्बी छड़ दो तारों से लटकी है। तार A इस्पात का (क्षेत्रफल 1.0 mm²) तथा तार B एल्युमीनियम का (क्षेत्रफल 2.0 mm²) है। छड़ के किस बिन्दु से द्रव्यमान m लटकाया जाए कि तारों में (क) समान प्रतिबल, (ख) समान विकृति उत्पन्न हो?
हल:
(क) समान प्रतिबल के लिए: F/A समान होगा। चूँकि AB = 2AA, इसलिए FB = 2FA होगा। बल आघूर्ण संतुलन से, भार को तार A से 0.70 m की दूरी पर लटकाना होगा।
(ख) समान विकृति के लिए: (F/AY) समान होगा। Ysteel=2×1011 Pa, YAl=7×1010 Pa। गणना से भार को तार A से 0.43 m की दूरी पर लटकाना होगा।
मृदु इस्पात के एक तार (लम्बाई 1.0 m, अनुप्रस्थ काट 0.50×10-2 cm²) को दो खम्भों के बीच क्षैतिज तनित किया गया है। तार के मध्य बिन्दु से 100 g का द्रव्यमान लटकाने पर मध्य बिन्दु पर अवनमन की गणना कीजिए।
हल:
सूत्र: अवनमन δ = (m g L³) / (12 Y A r²) (सन्निकट)
यहाँ m=0.1 kg, g=9.8, L=1 m, Y=2×1011 Pa, A=0.5×10-6 m², r तार की त्रिज्या है। विस्तृत गणना से δ ≈ 0.051 m प्राप्त होता है।
धातु के दो पहियों के सिरों को चार रिवेट्स से जोड़ा गया है। प्रत्येक रिवेट का व्यास 6.0 mm है। यदि रिवेट पर अधिकतम अपरूपण प्रतिबल 6.9×107 Pa से अधिक नहीं बढ़ना हो, तो रिवेट की हुई पट्टी द्व
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