UP Board Book Logo

UPBoardBook Desktop Banner UPBoardBook Mobile Banner

UP Board class 9 Social Science (1. पालमपुर गाँव की कहानी) solution PDF

UP Board class 9 Social Science 1. पालमपुर गाँव की कहानी is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 9 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board class 9 Social Science (1. पालमपुर गाँव की कहानी) solution

UP Board class 9 Social Science 1. पालमपुर गाँव की कहानी Hindi Medium Solutions - PDF

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Click Here to

UP Board Solution class 9 Social Science 1. पालमपुर गाँव की कहानी Image 1
UP Board Solution class 9 Social Science 1. पालमपुर गाँव की कहानी Image 2
UP Board Solution class 9 Social Science 1. पालमपुर गाँव की कहानी Image 3
UP Board Solution class 9 Social Science 1. पालमपुर गाँव की कहानी Image 4
UP Board Solution class 9 Social Science 1. पालमपुर गाँव की कहानी Image 5

UP Board Solutions for Class 9 Social Science (अर्थशास्त्र)

पाठ 1: पालमपुर गाँव की कहानी

प्रश्न: पालमपुर में बिजली प्रसार ने किस प्रकार किसानो कि मदद की?

उत्तर: पालमपुर में बिजली के आगमन ने किसानों के जीवन और कृषि कार्यों में क्रांतिकारी बदलाव लाया। इसकी मदद निम्न प्रकार से हुई:

  1. बिजली ने डीजल या बैलों की जगह कुएँ और नलकूपों से पानी खींचने में मदद की, जिससे सिंचाई सस्ती और विश्वसनीय हो गई।
  2. इसने सिंचाई प्रक्रिया को और भी आसान, तेज और कुशल बना दिया, जिससे समय की बचत हुई।
  3. बिजली की उपलब्धता ने किसानों को अधिक कृषि कार्य करने के लिए प्रेरित किया, जैसे रात में भी खेत की देखभाल या अन्य उपकरण चलाना, जिससे उत्पादकता बढ़ी।

प्रश्न: पालमपुर में खेतिहर क्षमिकों कि मजदूरी न्यूनतम मजदूरी से कम क्‍यों है ?

उत्तर: पालमपुर में खेतिहर मजदूरों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन मिलने के पीछे कई आर्थिक और सामाजिक कारण हैं:

  1. भूमिहीन श्रमिकों की अधिक संख्या: गाँव में रोजगार के अवसर सीमित हैं, लेकिन काम करने वाले श्रमिकों की संख्या बहुत अधिक है।
  2. श्रमिकों के बीच अधिक स्पर्धा (प्रतिस्पर्धा): अधिक श्रमिक और कम काम होने के कारण, लोग कम मजदूरी पर भी काम करने को तैयार हो जाते हैं।
  3. कम मजदूरी लेने वाले को प्राथमिकता: जो मजदूर कम पैसे में काम करने को राजी होता है, ज़मींदार या बड़े किसान उसे ही नौकरी पर रखना पसंद करते हैं।
  4. मजबूरी में सहमति: गरीबी और रोजी-रोटी की मजबूरी के कारण श्रमिक कम मजदूरी पर काम करने के लिए सहमत हो जाते हैं।

प्रश्न: एक ही भूमी पर उत्पादन बढ़ाने के कौन कौन से तरीके है ?

उत्तर: सीमित भूमि से अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए जा सकते हैं:

  1. बहुविध फसल प्रणाली: एक ही वर्ष में एक खेत में एक से अधिक फसलें उगाना। जैसे- गर्मियों में चावल और सर्दियों में गेहूं।
  2. आधुनिक कृषि विधियों का उपयोग: पारंपरिक हल के बजाय ट्रैक्टर का उपयोग, ड्रिप सिंचाई जैसी तकनीकों को अपनाना।
  3. उन्नत किस्म के बीजों (HYV) का उपयोग: अधिक उपज देने वाले और रोग प्रतिरोधी बीजों का प्रयोग करना।
  4. उचित समय पर आगतों का प्रयोग: फसल की आवश्यकता के अनुसार सही समय पर उर्वरक, सिंचाई, रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों का उपयोग करना।

प्रश्न. मझोले और बड़े किसान कृषि से कैसे पूँजी प्राप्त करते हैं ? वे छोटे किसानों से कैसे भिन्‍न हैं ?

उत्तर: मझोले और बड़े किसानों के पास पूंजी जुटाने के स्रोत छोटे किसानों से बिल्कुल अलग होते हैं:

  • मझोले और बड़े किसान: ये किसान अपने पिछले वर्षों की बचत से पूंजी की व्यवस्था करते हैं। चूंकि वे अपनी जरूरत से अधिक अनाज का उत्पादन करते हैं, इसलिए अतिरिक्त अनाज बेचकर वे पैसा कमाते और बचत करते हैं। यही बचत अगले सीजन में बीज, खाद आदि खरीदने के काम आती है।
  • छोटे किसान: इनकी स्थिति अलग है। वे इतना उत्पादन नहीं कर पाते कि बचत कर सकें। अक्सर उनका उत्पादन परिवार के भरण-पोषण के लिए भी पर्याप्त नहीं होता। इसलिए उन्हें साहूकारों या बड़े किसानों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेकर पूंजी की व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे वे कर्ज के चक्र में फंस जाते हैं।

प्रश्न: वहु विधि फसल प्रणाली किसे कहते है ?

उत्तर: बहुविध फसल प्रणाली वह कृषि पद्धति है जिसमें एक ही कृषि वर्ष में एक खेत की भूमि पर एक से अधिक फसलें उगाई जाती हैं। इसका उद्देश्य भूमि के उपयोग को अधिकतम करना और किसान की आय बढ़ाना है। उदाहरण के लिए, खरीफ के मौसम में धान और रबी के मौसम में उसी खेत में गेहूं या सरसों उगाना।

प्रश्न: वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन के लिए किन- किन चीजों कि आवश्यकता होती है ?

उत्तर: किसी भी वस्तु या सेवा के उत्पादन के लिए चार मूलभूत संसाधनों या उत्पादन के कारकों की आवश्यकता होती है:

  1. भूमि: प्राकृतिक संसाधन जैसे जमीन, पानी, जंगल, खनिज।
  2. श्रम: वह शारीरिक या मानसिक प्रयास जो उत्पादन में लगाया जाता है।
  3. भौतिक पूँजी: वे मानव-निर्मित संसाधन जो उत्पादन में सहायक होते हैं, जैसे औजार, मशीनें, भवन, कच्चा माल, नकदी।
  4. मानव पूँजी: श्रमिकों का ज्ञान, कौशल, शिक्षा और स्वास्थ्य, जो उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाते हैं।

प्रश्न: भौतिक पूँजी से आप क्‍या समझते है ?

उत्तर: भौतिक पूंजी उत्पादन प्रक्रिया में उपयोग होने वाली वे सभी मानव-निर्मित वस्तुएं हैं जो स्वयं वस्तुओं और सेवाओं के निर्माण में सहायक होती हैं। इन्हें दो भागों में बांटा जा सकता है:

  • स्थायी पूंजी: जिनका उपयोग कई वर्षों तक होता है, जैसे- ट्रैक्टर, औजार, मशीनें, फैक्ट्री भवन, गोदाम।
  • कार्यशील पूंजी: जो एक उत्पादन चक्र में ही समाप्त हो जाती है, जैसे- कच्चा माल (बीज, रसायन), नकद पैसा, ईंधन।

प्रश्न: पालमपुर गाँव कि मुख्य क्रियाएँ कोऊ कौन से है ?

उत्तर: पालमपुर गाँव की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से निम्नलिखित क्रियाओं पर आधारित है:

  1. खेती: यह गाँव की प्राथमिक और सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि है।
  2. लघुस्तरीय निर्माण कार्य: छोटी-मोटी मरम्मत का काम, ईंट के भट्ठे पर काम आदि।
  3. डेरी (पशुपालन): गाय-भैंस पालकर दूध का उत्पादन और बिक्री करना।
  4. परिवहन: ट्रैक्टर, ट्रक, बैलगाड़ी आदि से सामान और लोगों की ढुलाई करना।
  5. दुकानदारी: छोटी दुकानें चलाना भी एक महत्वपूर्ण गतिविधि है।

प्रश्न: स्थायी पूँजी और कार्यशील पूँजी में दो अन्तर लिखिए ?

स्थायी पूँजी कार्यशील पूँजी
1. उत्पादन में इस पूँजी का कई वर्षों तक उपयोग होता है। 1. उत्पादन क्रिया के दौरान ये पूँजी समाप्त हो जाती है या खर्च हो जाती है।
2. उदाहरण - औजार, मशीन, भवन, ट्रैक्टर आदि। 2. उदाहरण - कच्चा माल, बीज, उर्वरक और नकद पैसा

प्रश्न: पालमपुर गाँव में कितने परिवार रहते है ?

उत्तर: पालमपुर गाँव में कुल 450 परिवार रहते हैं।

प्रश्न: पालमपुर गाँव में शिक्षा कि क्‍या व्यवस्ता है ?

उत्तर: पालमपुर गाँव में शिक्षा की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहाँ एक हाई स्कूल (माध्यमिक विद्यालय) और दो प्राथमिक विद्यालय हैं, जो गाँव के बच्चों को शिक्षा प्रदान करते हैं।

प्रश्न: स्थायी पूँजी से क्‍या तात्पर्य है ?

उत्तर: स्थायी पूंजी से तात्पर्य उत्पादन में प्रयुक्त होने वाली उन वस्तुओं से है जिनका उपयोग लंबे समय तक किया जा सकता है और वे कई उत्पादन चक्रों में टिकी रहती हैं। जैसे- मशीनें, औजार, भवन, कंप्यूटर, ट्रैक्टर आदि।

प्रश्न: कार्यशील पूँजी से आपका क्‍या तात्पर्य है ?

उत्तर: कार्यशील पूंजी वह पूंजी है जिसका उपयोग उत्पादन के दैनिक संचालन में होता है और यह एक उत्पादन चक्र में ही खर्च या समाप्त हो जाती है। उदाहरण के लिए, कच्चा माल, बीज, ईंधन, नकद राशि जो मजदूरी देने के काम आती है।

प्रश्न: बहुविध फसल प्रणाली से कया तात्पर्य है ?

उत्तर: बहुविध फसल प्रणाली एक कृषि पद्धति है जिसमें एक ही कृषि वर्ष में एक ही खेत से दो या दो से अधिक फसलें प्राप्त की जाती हैं। यह भूमि के उपयोग की तीव्रता को बढ़ाकर उत्पादन और किसान की आय में वृद्धि करती है। जैसे- धान-गेहूं, मक्का-आलू, गन्ना-मटर का संयोजन।

प्रश्न: HYV का क्‍या तात्पर्य है ?

उत्तर: HYV का पूरा नाम High Yielding Variety (उच्च उपज देने वाली किस्म) है। इसका तात्पर्य उन विशेष प्रकार के बीजों से है जो पारंपरिक बीजों की तुलना में बहुत अधिक मात्रा में उपज देते हैं, बशर्ते उन्हें पर्याप्त सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक मिलें। 1960 के दशक में हरित क्रांति का आधार यही बीज थे।

प्रश्न. छोटे किसान किसे कहते है ?

उत्तर: छोटे किसान वे किसान होते हैं जिनके पास बहुत कम भूमि (आमतौर पर 2 हेक्टेयर से कम) होती है। वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर स्वयं अपने खेतों में काम करते हैं। उनकी उपज अक्सर परिवार के भरण-पोषण के लिए ही पर्याप्त होती है और उन्हें अक्सर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

प्रश्न: मझोले और बड़े किसान किसे कहते है ?

उत्तर: मझोले और बड़े किसान वे होते हैं जिनके पास पर्याप्त या बड़ी जोत (2 हेक्टेयर से अधिक भूमि) होती है। वे खेतों में अधिकांश काम किराए के मजदूरों से करवाते हैं। इनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, वे अधिशेष उत्पादन बेचकर मुनाफा कमाते हैं और अगले सीजन के लिए पूंजी जुटा पाते हैं।

प्रश्न: वस्तुओ आयर सेवायो के उत्पदान के लिए कौन सी चार चीजे अवयाश्क है ?

उत्तर: किसी भी वस्तु या सेवा के उत्पादन के लिए निम्नलिखित चार चीजें अनिवार्य रूप से आवश्यक होती हैं:

  1. भूमि एवं प्राकृतिक संसाधन
  2. श्रम (शारीरिक एवं मानसिक)
  3. भौतिक पूँजी, जिसमें दो प्रकार शामिल हैं:
    • स्थायी पूंजी: औजार, मशीन, भवन
    • कार्यशील पूंजी: कच्चा माल और नकद मुद्रा
  4. मानव पूँजी, जो ज्ञान और उद्यम (कुछ नया करने की क्षमता) का सम्मिश्रण है।

पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्न

प्रश्न: भारत में जनगणना के दौरान दस वर्ष में एक बार प्रत्येक गाँव का सर्वेक्षण किया जाता है | पालमपुर से संबंधित सूचनाओं के आधार पर निम्न तालिका को भरिये :

श्रेणी विवरण
(क) अवस्थिति क्षेत्र गाँव पालमपुर एक काल्पनिक गाँव है, जो भारत के उत्तरी मैदानी इलाकों में स्थित माना जाता है। यह एक नगर के समीप स्थित है।
(ख) गाँव का कुल क्षेत्र गाँव का कुल क्षेत्रफल 200 हेक्टेयर है।
(ग) भूमि का उपयोग (हेक्टेयर में) कृषि योग्य भूमि: 150 हेक्टेयर
बंजर भूमि / अन्य उपयोग: 50 हेक्टेयर (जिसमें आवास, सड़क, तालाब, चरागाह आदि शामिल हैं)
(घ) सुविधाएँ
  • शिक्षा: दो प्राथमिक विद्यालय और एक हाई स्कूल।
  • चिकित्सा: एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी डिस्पेंसरी।
  • बिजली: अधिकांश घरों में बिजली कनेक्शन है, जो कृषि में भी उपयोग होता है।
  • परिवहन: पक्की सड़क, बस सेवा, ट्रक, ट्रैक्टर, बैलगाड़ी।
  • संचार: डाकघर, कुछ दूरभाष कनेक्शन।

प्रश्न 1 : खेती की आधुनिक विधियों के लिए ऐसे अधिक आगतों की आवश्यकता होती है, जिन्हें उद्योगों में विनिर्मित किया जाता है, क्या आप सहमत है ?

उत्तर: हाँ, हम पूरी तरह सहमत हैं। आधुनिक कृषि पद्धतियाँ पारंपरिक तरीकों से पूरी तरह भिन्न हैं और उद्योगों पर निर्भर करती हैं।

  • उन्नत बीज (HYV): इन्हें वैज्ञानिक शोध प्रयोगशालाओं और बीज कंपनियों द्वारा तैयार किया जाता है।
  • रासायनिक उर्वरक एवं कीटनाशक: ये सभी रासायनिक उद्योगों में बनते हैं।
  • कृषि यंत्र: ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, डीजल/इलेक्ट्रिक पंप, ड्रिप सिंचाई के उपकरण सभी विनिर्माण उद्योगों की देन हैं।
  • बिजली: जो कृषि में व्यापक रूप से उपयोग होती है, उसे भी बिजलीघरों में उत्पन्न किया जाता है।

इस प्रकार, आधुनिक कृषि और उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं।

प्रश्न 2 : पालमपुर में बिजली के प्रसार ने किसानों की किस तरह मदद की ?

उत्तर: (यह प्रश्न पहले भी आ चुका है, उत्तर वही रहेगा) पालमपुर में बिजली के प्रसार ने किसानों की निम्न प्रकार से मदद की:

  1. बिजली से चलने वाले पंपों ने कुएँ और नलकूपों से पानी खींचना आसान और सस्ता कर दिया।
  2. इससे सिंचाई की सुविधा विश्वसनीय और कुशल हो गई, जिससे फसलों की पैदावार बढ़ी।
  3. बिजली ने किसानों को अपने कृषि कार्यों का विस्तार करने में सक्षम बनाया, जैसे थ्रेशर चलाना, अनाज साफ करना या रात में खेत की रखवाली के लिए रोशनी का प्रबंध करना।

प्रश्न 3 : क्या सिंचित क्षेत्र को बढ़ाना महत्वपूर्ण है ? क्‍यों ?

उत्तर: हाँ, सिंचित क्षेत्र को बढ़ाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके निम्नलिखित कारण हैं:

  1. मानसून पर निर्भरता कम करना: भारतीय कृषि मानसून की अनिश्चितता पर निर्भर है। सिंचाई सुविधाएं बढ़ने से किसान वर्ष भर खेती कर सकते हैं और सूखे के जोखिम से बच सकते हैं।
  2. उत्पादन में वृद्धि: नियमित और पर्याप्त सिंचाई से फसलों की पैदावार में निश्चित रूप से वृद्धि होती है।
  3. बहुविध फसल प्रणाली को बढ़ावा: सिंचाई की उपलब्धता से एक ही खेत में साल में दो या तीन फसलें लेना संभव हो पाता है, जिससे किसान की आय बढ़ती है।
  4. उन्नत बीजों का प्रभावी उपयोग: HYV बीजों को अधिक पानी की आवश्यकता हो

Get UP Board class 9 Social Science 1. पालमपुर गाँव की कहानी Solution in Hindi Medium

UP Board class 9 Social Science 1. पालमपुर गाँव की कहानी Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for class 9 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.

Importance of UP Board class 9 Social Science 1. पालमपुर गाँव की कहानी Text Solutions

It is essential to know the importance of UP Board class 9 Social Science 1. पालमपुर गाँव की कहानी textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board class 9 Social Science 1. पालमपुर गाँव की कहानी :

  • These TextSolutions are very clear and accurate which helps student to understand concept with ease.
  • It is also to mention that these text Solutions are prepared by the content experts of subject, thus these Solutions helps student in clearing their doubts and understand the core concept easily.
  • It is considered to be the best study material for competitive exam preparation.

Features of UP Board class 9 textSolutions

There are various features of UP Board class 9 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.

  • Best feature of these textSolutions is free availability of content in PDF format
  • Second feature that content generated and written is clear and easy to read.
  • There are various illustration and images are shown in the Solution so that student can easily understand the concept and should be more appealing to the student.
  • Each chapter is explained thoroughly
Uttar Pradesh Solutions are very helpful and handy. Specially subjects like UP Board class 9 Physics Part - II Solutions are very interesting to study.

Other Chapters of class 9 Social Science
1. पालमपुर गाँव की कहानी
2. संसाधन के रूप में लोग
3. निर्धनता एक चुनौती
4. भारत में खाद्य सुरक्षा
1. फ्रांसिसी क्रांति
2. यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रांति
3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय
4. वन्य समाज एवं उपनिवेशवाद
5. आधुनिक विश्व में चरवाहे
6. किसान और काश्तकार
7. इतिहास और खेलः क्रिकेट की कहानी
1. भारत - आकार और स्थिति
2. भारत - का भौतिक स्वरूप
3. अपवाह
4. जलवायु
5. प्राकृतिक वनस्पति तथा वन्य प्राणी
6. जनसंख्या
;