UP Board class 9 Social Science 2. यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रांति is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 9 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: समाज के पुनर्गठन का कार्य समाजवादी विचारधारा द्वारा किया जाता है। यह विचारधारा एक ऐसे समाज की स्थापना करना चाहती है जहाँ आर्थिक और सामाजिक असमानताएँ समाप्त हो जाएँ और उत्पादन के साधनों पर समुदाय या राज्य का स्वामित्व हो।
उत्तर: उदारवादी वे लोग थे जो एक ऐसे राष्ट्र और समाज के पक्षधर थे जहाँ सभी धर्मों को समान सम्मान और स्थान मिले। वे व्यक्ति की स्वतंत्रता और अधिकारों की रक्षा करने वाली सरकार के समर्थक थे। उनका मानना था कि सरकार का गठन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों से होना चाहिए।
उत्तर: रूस के उदारवादी समूह को पूर्ण रूप से "लोकतंत्रवादी" नहीं कहा जा सकता था क्योंकि वे सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (सभी वयस्क नागरिकों को वोट देने का अधिकार) के पक्ष में नहीं थे। उनका विश्वास था कि मतदान का अधिकार केवल शिक्षित और संपत्ति रखने वाले वर्ग (जमींदारों और उद्योगपतियों) तक ही सीमित रहना चाहिए।
उत्तर: समाजवादी विचारधारा एक ऐसी आर्थिक एवं सामाजिक व्यवस्था का समर्थन करती है जहाँ उत्पादन के साधनों (जैसे कारखाने, भूमि, बैंक) पर समाज या राज्य का स्वामित्व हो। यह विचारधारा निजी संपत्ति के विरुद्ध है और एक ऐसे समाज का निर्माण करना चाहती है जो सामूहिक हित, न्याय और आर्थिक समानता पर आधारित हो।
उत्तर: समाजवादी निजी संपत्ति का विरोध इसलिए करते थे क्योंकि उनका मानना था कि संपत्ति पर कुछ लोगों का एकाधिकार सामाजिक असमानता, शोषण और वर्ग संघर्ष की जड़ है। उनके अनुसार, निजी स्वामित्व समाज को सामंतवादी ढाँचे में बाँधे रखता है और अमीर-गरीब के बीच की खाई को चौड़ा करता है।
उत्तर: रैडिकल समूह की प्रमुख विचारधाराएँ निम्नलिखित थीं:
उत्तर: रूस के रुढ़िवादी वर्ग के परिवर्तन संबंधी विचार इस प्रकार थे:
उत्तर: रूस में समाजवादियों की प्रमुख विचारधाराएँ निम्नलिखित थीं:
उत्तर: रूस में उदारवादी विचारधारा की प्रमुख विशेषताएँ थीं:
उत्तर: समाजवादियों ने अपने प्रयासों में समन्वय स्थापित करने के लिए 1870 के दशक में 'द्वितीय इंटरनेशनल' नामक एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन की स्थापना की।
उत्तर: इंग्लैंड और जर्मनी के मजदूरों ने अपनी दशा सुधारने के लिए निम्नलिखित प्रयास किए:
उत्तर: 1914 तक यूरोप में समाजवादी कहीं भी पूर्ण सरकार बनाने में सफल नहीं हो पाए, हालाँकि उनके प्रतिनिधि संसदों में बड़ी संख्या में जीतते रहे और कानून निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसका मुख्य कारण यह था कि उस समय यूरोप की सरकारों और राजनीतिक व्यवस्था पर रुढ़िवादियों, उदारवादियों और रैडिकलों का दबदबा बना रहा। इन शक्तिशाली समूहों के कारण समाजवादियों को पूर्ण बहुमत प्राप्त करने में बाधा आती रही।
उत्तर: रूस की सत्ता पर समाजवादियों ने अक्टूबर क्रांति (1917) के माध्यम से कब्ज़ा किया।
उत्तर: 1917 में रूस में घटित दो महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के सम्मिलित रूप को अक्टूबर क्रांति कहा जाता है। पहला, फरवरी 1917 में जार (राजा) निकोलस द्वितीय के पतन से राजशाही का अंत हुआ। दूसरा, उसी वर्ष अक्टूबर महीने में बोल्शेविक पार्टी ने अस्थायी सरकार को हटाकर सत्ता पर अधिकार कर लिया। इन्हीं संयुक्त घटनाओं को अक्टूबर क्रांति के नाम से जाना जाता है।
उत्तर: निरंकुश राजशाही वह शासन प्रणाली है जिसमें शासक (राजा/जार) की शक्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं होता। वह कानून से ऊपर होता है और उसके आदेश ही सर्वोपरि माने जाते हैं। इस व्यवस्था में जनता को कोई राजनीतिक अधिकार या स्वतंत्रता प्राप्त नहीं होती। रूस में जार का शासन निरंकुश राजशाही का उदाहरण था।
उत्तर: 20वीं शताब्दी के आरंभ में रूसी साम्राज्य की 85% से अधिक जनता की आजीविका का मुख्य साधन कृषि था। अधिकांश लोग गाँवों में रहते थे और खेती-बाड़ी पर निर्भर थे।
उत्तर: 20वीं शताब्दी के आरंभ में रूस में कारीगरों और कारखाने के मजदूरों की दशा निम्नलिखित थी:
उत्तर: रूसी किसान यूरोप के अन्य किसानों से निम्नलिखित मायनों में भिन्न थे:
उत्तर: विश्व में लोकतंत्र की स्थापना में योगदान देने वाली तीन प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ निम्नलिखित हैं:
उत्तर: 'खूनी रविवार' 9 जनवरी, 1905 (पुराने कैलेंडर के अनुसार) की वह दुखद घटना है जब रूस के सेंट पीटर्सबर्ग शहर में हजारों शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी मजदूर, जो अपनी माँगों को लेकर जार निकोलस द्वितीय से मिलने जा रहे थे, पर राजकीय सैनिकों ने गोलियाँ चला दीं। इस हमले में लगभग एक हजार से अधिक लोग मारे गए और हजारों घायल हुए। यह घटना 1905 की रूसी क्रांति की शुरुआत का प्रमुख कारण बनी और इतिहास में 'खूनी रविवार' के नाम से कुख्यात हुई।
उत्तर: 'सोवियत' एक रूसी शब्द है जिसका अर्थ है 'परिषद'। रूसी क्रांति के संदर्भ में, सोवियत मजदूरों, सैनिकों और किसानों के प्रतिनिधियों से बनी एक समिति या परिषद थी। 1905 की क्रांति के दौरान पहली बार इन परिषदों का गठन हुआ था, जो 1917 की क्रांति में सत्ता का केंद्र बन गईं। ये सोवियतें स्थानीय स्तर पर प्रशासन चलाती थीं और समाजवादी राज्य की आधारशिला थीं।
उत्तर: व्लादिमीर इलिच लेनिन रूसी क्रांति के प्रमुख नेता और बोल्शेविक पार्टी का संस्थापक था। 1917 की क्रांति से पहले उसकी तीन प्रमुख माँगें थीं, जिन्हें 'अप्रैल थीसिस' के नाम से जाना जाता है:
उत्तर: बोल्शेविक (जिसका अर्थ है 'बहुमत वाले') रूस की मार्क्सवादी सामाजिक-जनवादी पार्टी का एक क्रांतिकारी दल था, जिसका नेता व्लादिमीर लेनिन था। 1917 में उनकी तीन प्रमुख माँगें थीं:
उत्तर: 1917 की रूसी क्रांति में लेनिन और बोल्शेविक पार्टी की भूमिका निर्णायक थी:
UP Board class 9 Social Science 2. यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रांति Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for class 9 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.
It is essential to know the importance of UP Board class 9 Social Science 2. यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रांति textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board class 9 Social Science 2. यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रांति :
There are various features of UP Board class 9 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.