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UP Board class 9 Social Science (3. अपवाह) solution PDF

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UP Board class 9 Social Science (3. अपवाह) solution

UP Board class 9 Social Science 3. अपवाह Hindi Medium Solutions - PDF

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अध्याय 3: अपवाह

यह अध्याय भारत की नदी प्रणालियों और उनके अपवाह तंत्र के बारे में है। अपवाह से तात्पर्य किसी क्षेत्र में बहने वाली नदियों के जाल और उनके द्वारा बनाई गई भू-आकृतियों से है।

प्रश्न: अपवाह तंत्र किन्हें कहते है ?

उत्तर: किसी क्षेत्र में बहने वाली नदियों, उनकी सहायक नदियों और उन सभी के मिलने से बने जल प्रवाह के सम्पूर्ण जाल को अपवाह तंत्र कहते हैं। यह तंत्र उस क्षेत्र की जल निकासी की व्यवस्था को दर्शाता है।

प्रश्न: अपवाह द्रोणी किसे कहते है ?

उत्तर: एक नदी तंत्र द्वारा जिस क्षेत्र का जल प्रवाहित होता है उसे एक अपवाह द्रोणी कहते है। सरल शब्दों में, वह सारा भू-भाग जहाँ का बारिश का पानी एक ही मुख्य नदी और उसकी सहायक नदियों में बहकर समुद्र में जाता है, उसे उस नदी की अपवाह द्रोणी कहा जाता है।

प्रश्न: जल विभाजक किसे कहते है ?

उत्तर: दो पड़ोसी नदी द्रोणियों को अलग करने वाली ऊँची भूमि को जल विभाजक कहते हैं। यह एक प्राकृतिक सीमा का काम करता है, जो यह तय करता है कि बारिश का पानी किस दिशा में बहेगा और किस नदी द्रोणी में जाएगा। उदाहरण के लिए, हिमालय पर्वत एक बड़ा जल विभाजक है।

प्रश्न: विश्व की सबसे बड़ी अपवाह द्रोणी किस देश की है ?

उत्तर: विश्व की सबसे बड़ी अपवाह द्रोणी मिस्त्र की नील नदी है।

प्रश्न: द्ृमाकृतिक प्रवाह ढंग किसे कहते है ?

उत्तर: जब एक मुख्य नदी और उसकी सहायक नदियाँ मिलकर पेड़ की शाखाओं जैसा आकार बनाती हैं, तो उसे द्रुमाकृतिक (डेंड्रिटिक) प्रवाह ढंग कहते हैं। यह आकार तब बनता है जब नदी समान रूप से प्रतिरोध वाली चट्टानों पर बहती है। भारत के मैदानी इलाकों में गंगा नदी तंत्र इसका एक अच्छा उदाहरण है।

प्रश्न: आयताकार प्रवाह ढंग किसे कहते है ?

उत्तर: आयताकार प्रवाह ढंग तब बनता है जब नदी कठोर और नरम चट्टानों वाले क्षेत्र से होकर बहती है। नदी नरम चट्टानों को आसानी से काटकर सीधे रास्ते बना लेती है, जिससे उसका मार्ग आयताकार या समकोणीय दिखाई देने लगता है। यह प्रतिरूप प्रायद्वीपीय पठार के कुछ हिस्सों में देखा जा सकता है।

प्रश्न: भारतीयों नदियों को किन दो मुख्य वर्गों में विभाजित किया गया है ?

उत्तर: भौगोलिक उद्गम और विशेषताओं के आधार पर भारतीय नदियों को दो मुख्य वर्गों में बाँटा गया है:

  1. हिमालय की नदियाँ: जैसे सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र।
  2. प्रायद्वीपीय नदियाँ: जैसे नर्मदा, तापी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी।

प्रश्न: हिमालय की कौन सी दो मुख्य नदियाँ पर्वतीय श्रृंखला के उत्तरी भाग से निकलती है ?

उत्तर: सिन्धु तथा ब्रह्मपुत्र नदियाँ हिमालय पर्वत श्रृंखला के उत्तरी भाग (तिब्बत) से निकलती हैं।

प्रश्न: नदी की विभिन्न अवस्थाएँ कौन सी है |

उत्तर: एक नदी अपने जीवनचक्र में तीन मुख्य अवस्थाओं से गुजरती है, जिनमें विभिन्न भू-आकृतियाँ बनती हैं:

  1. युवावस्था (ऊपरी भाग): नदी का स्रोत, तीव्र प्रवाह, V-आकार की घाटी, जलप्रपात।
  2. प्रौढ़ावस्था (मध्य भाग): नदी का वेग कम, विसर्प (मेंडर) बनना शुरू।
  3. वृद्धावस्था (निचला भाग): अत्यधिक मंद गति, गोखुर झील, बाढ़ के मैदान, डेल्टा का निर्माण।

प्रश्न: हिमालय से निकलने वाली प्रमुख नदियों के नाम लिखे ?

उत्तर: हिमालय से निकलने वाली तीन प्रमुख नदी प्रणालियाँ हैं:

  1. सिन्धु नदी तंत्र
  2. गंगा नदी तंत्र
  3. ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र

प्रश्न: भारत में सबसे विशाल नदी द्रोणी कौन सी है ?

उत्तर: भारत में सबसे विशाल नदी द्रोणी गंगा नदी द्रोणी है, जो देश के एक बहुत बड़े हिस्से में फैली हुई है और सबसे अधिक जनसंख्या को जल प्रदान करती है।

प्रश्न: नदी तंत्र किसे कहते है ?

उत्तर: एक मुख्य नदी और उसकी सभी सहायक नदियों (छोटी-बड़ी शाखाएँ) के समूह को नदी तंत्र कहते हैं। उदाहरण के लिए, गंगा नदी तंत्र में गंगा मुख्य नदी है और यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी आदि इसकी सहायक नदियाँ हैं।

प्रश्न: सिन्धु नदी की लंबाई एवं इसका उद्गम लिखे ?

उत्तर: सिन्धु नदी की लम्बाई लगभग 2,900 किलोमीटर है। इसका उद्गम तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट सिन-का-बाब नामक स्थान से होता है।

प्रश्न: सिन्धु जल समझौते का वर्णन करो ?

उत्तर: सिंधु जल समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुआ एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है। विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुए इस समझौते के अनुसार, सिंधु नदी तंत्र की तीन पूर्वी नदियों (सतलुज, ब्यास, रावी) के जल का उपयोग करने का अधिकार भारत को मिला, जबकि तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) का अधिकांश जल पाकिस्तान को दिया गया। भारत इन पश्चिमी नदियों के जल का सीमित उपयोग (लगभग 20%) ही कर सकता है।

प्रश्न: गंगा की दो मुख्य धारायों के नाम लिखे ?

उत्तर: गंगा नदी दो मुख्य धाराओं के मिलने से बनती है:

  1. भागीरथी: गंगोत्री हिमानी से निकलती है।
  2. अलकनंदा: देवप्रयाग में भागीरथी से मिलती है और इसके बाद इस संगम से ही नदी को 'गंगा' कहा जाता है।

प्रश्न: गंगा कि प्रमुख सहायक नदियों के नाम लिखे ?

उत्तर: गंगा की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं:

  1. यमुना (दायीं ओर से)
  2. घाघरा (बायीं ओर से)
  3. गंडक (बायीं ओर से)
  4. कोसी (बायीं ओर से)
इनके अलावा सोन, गोमती आदि अन्य सहायक नदियाँ भी हैं।

प्रश्न: बंगलादेश में गंगा को किस नाम से पुकारा जाता है ?

उत्तर: बांग्लादेश में गंगा नदी को पद्मा नदी के नाम से पुकारा जाता है।

प्रश्न: सुन्दरवन डेल्टा में गंगा नदी को किस नाम से पुकारा जाता है ?

उत्तर: सुन्दरवन डेल्टा क्षेत्र में, गंगा (पद्मा) ब्रह्मपुत्र (जमुना) नदी से मिलती है और इस संयुक्त धारा को मेघना नदी कहा जाता है, जो अंततः बंगाल की खाड़ी में गिरती है।

प्रश्न: विश्व के सबसे बड़े डेल्टा का नाम लिखो ?

उत्तर: विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा सुन्दरवन डेल्टा है, जो गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा भारत (पश्चिम बंगाल) और बांग्लादेश में बनाया गया है।

प्रश्न: गंगा, ब्रह्मपुत्र ,सिन्धु, नर्मदा ,तापी ,गोदावरी , महानदी ,कृष्ण तथा कावेरी नदियाँ कि लंबाई बताओ?

उत्तर: भारत की प्रमुख नदियों की अनुमानित लम्बाई इस प्रकार है:

  • गंगा: 2,500 किलोमीटर
  • ब्रह्मपुत्र: 2,900 किलोमीटर (भारत में लगभग 916 कि.मी.)
  • सिन्धु: 2,900 किलोमीटर (भारत में लगभग 1,114 कि.मी.)
  • नर्मदा: 1,312 किलोमीटर
  • तापी: 724 किलोमीटर
  • गोदावरी: 1,465 किलोमीटर
  • महानदी: 851 किलोमीटर
  • कृष्णा: 1,400 किलोमीटर
  • कावेरी: 800 किलोमीटर

प्रश्न: ब्रह्मपुत्र नदी को अरुणाचल प्रदेश में सि नाम से जाना जाता है ?

उत्तर: ब्रह्मपुत्र नदी अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करने पर दिहांग नाम से जानी जाती है। बाद में दिबांग और लोहित नदियों के इसमें मिलने के बाद इसे ब्रह्मपुत्र कहा जाता है।

प्रश्न: ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियों के नाम लिखे ?

उत्तर: ब्रह्मपुत्र की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं: दिबांग, लोहित, सुबनसिरी, मानस, संकोश, तीस्ता आदि।

प्रश्न: ब्रह्मपुत्र को तिब्बत में एवं बांग्लादेश में क्या कहा जाता है ?

उत्तर:

  • तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी को सांगपो कहा जाता है।
  • बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र को जमुना कहा जाता है।

प्रश्न: ब्रह्मपुत्र ,नर्मदा ,तापी ,गोदावरी , महानदी ,कृष्ण तथा कावेरी का उद्गम लिखे ?

उत्तर:

  1. ब्रह्मपुत्र: तिब्बत में मानसरोवर झील के पूर्व में चेमायुंगदुंग हिमानी से निकलती है।
  2. नर्मदा: मध्य प्रदेश के अमरकंटक पहाड़ी से निकलती है।
  3. तापी: मध्य प्रदेश के बेतुल जिले में सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला से निकलती है।
  4. गोदावरी: महाराष्ट्र के नासिक जिले में पश्चिमी घाट की त्र्यंबक पहाड़ी से निकलती है।
  5. महानदी: छत्तीसगढ़ के सिहावा पहाड़ी (रायपुर के निकट) से निकलती है।
  6. कृष्णा: महाराष्ट्र के महाबलेश्वर (पश्चिमी घाट) के निकट से निकलती है।
  7. कावेरी: कर्नाटक के कोडागु जिले में पश्चिमी घाट के ब्रह्मगिरी पहाड़ियों से निकलती है।

प्रश्न: भारत में दूसरा बड़ा जलप्रपात कौन सी नदी बनाती है ?

उत्तर: कावेरी नदी भारत में दूसरा सबसे बड़ा जलप्रपात बनाती है, जिसे शिवसमुद्रम जलप्रपात कहते हैं। यह कर्नाटक में स्थित है।

प्रश्न: झीलों का आथिर्क महत्व लिखो ?

उत्तर: झीलों का आर्थिक एवं सामाजिक महत्व बहुत अधिक है:

  1. बाढ़ नियंत्रण: ये अतिरिक्त वर्षा जल को संग्रहित करके बाढ़ को रोकती हैं।
  2. जल आपूर्ति: पीने, सिंचाई और औद्योगिक उपयोग के लिए जल का स्रोत हैं।
  3. जलविद्युत उत्पादन: कई झीलों पर बने बाँधों से जलविद्युत बनाई जाती है।
  4. जलवायु नियंत्रण: आसपास के क्षेत्र के तापमान को समशीतोष्ण बनाए रखती हैं।
  5. पर्यटन एवं मनोरंजन: प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटन को बढ़ावा देती हैं।
  6. जैव विविधता: मछलियों और जलीय पौधों के लिए आवास प्रदान करके पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखती हैं।

प्रश्न: जल विधुत संसाधनों को शक्ति के मामलो में भारत कि विश्व में कौन सी स्थित है ?

उत्तर: जलविद्युत संसाधनों की दृष्टि से भारत का विश्व में पाँचवाँ स्थान है। हिमालय और प्रायद्वीपीय पठार की नदियाँ जलविद्युत उत्पादन के लिए बहुत अनुकूल हैं।

प्रश्न: राष्ट्रिय नदी संरक्षण योजना का वणर्न करो ?

उत्तर: राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (NRCP) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसकी शुरुआत 1985 में गंगा एक्शन प्लान के रूप में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश की प्रमुख नदियों को प्रदूषण से बचाना और उनकी सफाई करना है।

इस योजना के अंतर्गत अब 16 राज्यों में फैली 27 नदियों के किनारे स्थित 152 शहरों को शामिल किया गया है। प्रदूषण कम करने के लिए लगभग 215 परियोजनाएँ शुरू की गई हैं, जिनमें से कई पूरी हो चुकी हैं। इनमें नाले के गंदे पानी को साफ करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाना, नदी तटों का सौंदर्यीकरण करना और लोगों में जागरूकता फैलाना शामिल है।

प्रश्न: हिमालय से निकलने वाले तथा प्रायद्वीपीय पठार से निकलने वाले नदियों में चार अन्तर बताइए |

उत्तर: हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों में प्रमुख अंतर निम्नलिखित हैं:

हिमालय से निकलने वाली नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार से निकलने वाली नदियाँ
1. ये बर्फ पिघलने और वर्षा दोनों से जल प्राप्त करती हैं, इसलिए इनमें वर्ष भर पानी रहता है। इन्हें सदानीरा कहा जाता है। 1. ये मुख्य रूप से वर्षा जल पर निर्भर हैं, इसलिए गर्मियों में इनका जल स्तर कम हो जाता है और कुछ सूख भी सकती हैं।
2. ये लंबी, गहरी और उपजाऊ मैदानी घाटियों में बहती हैं, जो नौकायन और सिंचाई के लिए उपयुक्त हैं। 2. ये कठोर पठारी भूभाग पर बहती हैं, जहाँ नौकायन मुश्किल होता है, लेकिन इन पर जलविद्युत परियोजनाएँ बनाना आसान है।
3. ये नदियाँ युवा अवस्था में हैं, इनका प्रवाह तीव्र और मार्ग लंबा होता है। इन्होंने गहरे गार्ज बनाए हैं। 3. ये नदियाँ प्रौढ़ अवस्था में हैं, इनका प्रवाह अपेक्षाकृत मंद और मार्ग छोटा होता है।
4. इनकी अपवाह द्रोणी बहुत विशाल होती है और इनमें बहुत सी सहायक नदियाँ मिलती हैं, जिससे जाल जैसा तंत्र बनता है। 4. इनकी अपवाह द्रोणी छोटी और सीमित होती है तथा इनमें सहायक नदियों की संख्या भी कम होती है।

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