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UP Board Class 12 Economics (3. उत्पादन और लागत) solution PDF

UP Board Class 12 Economics 3. उत्पादन और लागत is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 12 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board Class 12 Economics (3. उत्पादन और लागत) solution

UP Board Class 12 Economics 3. उत्पादन और लागत Hindi Medium Solutions - PDF

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UP Board Solutions

व्यष्टि अर्थशास्त्र - पाठ 3

उत्पादन और लागत

1. उत्पादन फलन की संकल्पना की समझाइए।

उत्तर: एक फर्म का उत्पादन फलन, उत्पादन में प्रयुक्त आगतों (साधनों) तथा प्राप्त निर्गत (उत्पादन) के बीच के तकनीकी संबंध को दर्शाता है। इसे निम्न सूत्र द्वारा व्यक्त किया जा सकता है:

Qx = f(L, K, T, t)

जहाँ,
Qx = वस्तु x की उत्पादित मात्रा
L = श्रम (परिवर्ती साधन)
K = पूंजी (स्थिर साधन)
T = प्रयुक्त तकनीक
t = समयावधि

2. एक आगत का कुल उत्पाद क्या होता है?

उत्तर: किसी परिवर्ती आगत (जैसे श्रम) की सभी इकाइयों द्वारा उत्पादित उत्पाद की कुल मात्रा को कुल उत्पाद (TP) कहते हैं। यह सीमांत उत्पाद का योग होता है।

सूत्र: TP = ΣMP
या
TP = AP × इकाइयों की संख्या

3. एक आगत का औसत उत्पाद क्या होता है?

उत्तर: प्रति इकाई परिवर्ती आगत के उत्पादन को औसत उत्पाद (AP) कहते हैं। इसे कुल उत्पाद को परिवर्ती आगत की इकाइयों की संख्या से भाग देकर निकाला जाता है।

सूत्र: AP = TP / L (जहाँ L = परिवर्ती आगत की इकाइयाँ)

4. एक आगत का सीमांत उत्पाद क्या होता है?

उत्तर: परिवर्ती आगत की एक अतिरिक्त इकाई का प्रयोग करने से प्राप्त होने वाली उत्पादन में अतिरिक्त वृद्धि को सीमांत उत्पाद (MP) कहते हैं, जबकि अन्य साधन स्थिर रहें।

सूत्र: MPn = TPn – TPn-1

5. एक आगत के सीमांत उत्पाद तथा कुल उत्पाद के बीच संबंध बताइए।

उत्तर: सीमांत उत्पाद (MP) और कुल उत्पाद (TP) के बीच संबंध निम्नलिखित हैं:

  1. जब TP बढ़ती दर से बढ़ता है, तो MP बढ़ता है।
  2. जब TP घटती दर से बढ़ता है, तो MP घटता है लेकिन धनात्मक रहता है।
  3. जब TP अधिकतम होता है, तो MP शून्य हो जाता है।
  4. जब TP घटने लगता है, तो MP ऋणात्मक हो जाता है।

TP वक्र सदैव MP वक्र के शीर्ष बिंदु से गुजरता है।

6. अल्पकाल तथा दीर्घकाल की संकल्पनाओं को समझाइए।

उत्तर:

  • अल्पकाल: वह समयावधि जिसमें उत्पादन के कुछ साधन (जैसे पूंजी, भूमि) स्थिर रहते हैं और कुछ (जैसे श्रम) परिवर्ती होते हैं। इस अवधि में उत्पादन केवल परिवर्ती साधनों को बढ़ाकर ही बढ़ाया जा सकता है।
  • दीर्घकाल: वह समयावधि जिसमें उत्पादन के सभी साधन परिवर्ती होते हैं। इस अवधि में फर्म उत्पादन के पैमाने को बदल सकती है। दीर्घकाल में सभी लागतें परिवर्ती होती हैं।

7. हासमान सीमांत उत्पाद का नियम क्या है?

उत्तर: हासमान सीमांत उत्पाद के नियम के अनुसार, "यदि किसी एक परिवर्ती साधन की इकाइयों में वृद्धि की जाती है, जबकि अन्य साधनों की मात्रा स्थिर रखी जाती है, तो एक निश्चित बिंदु के बाद परिवर्ती साधन की प्रत्येक अतिरिक्त इकाई से प्राप्त सीमांत उत्पाद घटने लगता है।"

8. परिवर्ती अनुपात का नियम क्या है?

उत्तर: परिवर्ती अनुपात के नियम के अनुसार, जब एक परिवर्ती साधन की इकाइयाँ बढ़ाई जाती हैं (अन्य साधन स्थिर रहते हुए), तो उत्पादन तीन अवस्थाओं से गुजरता है:

  1. प्रथम अवस्था (बढ़ती प्रतिफल): TP बढ़ती दर से बढ़ता है, MP बढ़ता है।
  2. द्वितीय अवस्था (घटती प्रतिफल): TP घटती दर से बढ़ता है, MP घटता है परंतु धनात्मक रहता है।
  3. तृतीय अवस्था (ऋणात्मक प्रतिफल): TP घटने लगता है, MP ऋणात्मक हो जाता है।

9. एक उत्पादन फलन स्थिर पैमाने का प्रतिफल कब संतुष्ट करता है?

उत्तर: यदि उत्पादन के सभी साधनों की मात्रा को एक निश्चित अनुपात (जैसे दोगुना) में बढ़ाने पर उत्पादन भी उसी अनुपात (दोगुना) में बढ़ जाए, तो उत्पादन फलन स्थिर पैमाने के प्रतिफल को संतुष्ट करता है।

10. एक उत्पादन फलन वर्धमान पैमाने का प्रतिफल कब संतुष्ट करता है?

उत्तर: यदि सभी साधनों की मात्रा को एक निश्चित अनुपात में बढ़ाने पर, उत्पादन में वृद्धि उस अनुपात से अधिक होती है, तो उत्पादन फलन वर्धमान पैमाने के प्रतिफल को संतुष्ट करता है।

11. एक उत्पादन फलन हासमान पैमाने का प्रतिफल कब संतुष्ट करता है?

उत्तर: यदि सभी साधनों की मात्रा को एक निश्चित अनुपात में बढ़ाने पर, उत्पादन में वृद्धि उस अनुपात से कम होती है, तो उत्पादन फलन हासमान पैमाने के प्रतिफल को संतुष्ट करता है।

12. लागत फलन की संकल्पना को संक्षेप में समझाइए।

उत्तर: लागत तथा उत्पादन के बीच के कार्यात्मक संबंध को लागत फलन कहते हैं। यह दर्शाता है कि विभिन्न उत्पादन स्तरों पर कुल लागत कैसे परिवर्तित होती है।

सूत्र: C = f(Q)
जहाँ, C = कुल लागत, Q = उत्पादन की मात्रा

13. एक फर्म की कुल स्थिर लागत, कुल परिवर्ती लागत तथा कुल लागत क्या हैं? वे किस प्रकार संबंधित हैं?

उत्तर:

  • कुल स्थिर लागत (TFC): वह लागत जो उत्पादन स्तर के परिवर्तन से प्रभावित नहीं होती (जैसे मशीन का किराया)।
  • कुल परिवर्ती लागत (TVC): वह लागत जो उत्पादन स्तर के साथ परिवर्तित होती है (जैसे कच्चा माल)।
  • कुल लागत (TC): TFC और TVC का योग।

संबंध: TC = TFC + TVC

तालिका: लागत अनुसूची

उत्पादन (इकाइयाँ)TFC (₹)TVC (₹)TC (₹)
0100001000
110003001300
210008001800
3100015002500
4100020003000
5100025003500

14. एक फर्म की औसत स्थिर लागत, औसत परिवर्ती लागत तथा औसत लागत क्या है, वे किस प्रकार संबंधित हैं?

उत्तर:

  • औसत स्थिर लागत (AFC): प्रति इकाई स्थिर लागत। AFC = TFC / Q
  • औसत परिवर्ती लागत (AVC): प्रति इकाई परिवर्ती लागत। AVC = TVC / Q
  • औसत लागत (AC): प्रति इकाई कुल लागत। AC = TC / Q

संबंध: AC = AFC + AVC

15. क्या दीर्घकाल में कुछ स्थिर लागत हो सकती है? यदि नहीं तो क्यों?

उत्तर: नहीं, दीर्घकाल में कोई स्थिर लागत नहीं होती। क्योंकि दीर्घकाल वह अवधि है जिसमें उत्पादन के सभी साधन परिवर्ती होते हैं। फर्म पूंजीगत साधनों (जैसे भवन, मशीन) की मात्रा भी बदल सकती है, इसलिए कोई भी लागत स्थिर नहीं रहती।

16. औसत लागत वक्र कैसा दिखता है? यह ऐसा क्यों दिखता है?

उत्तर: औसत लागत (AC) वक्र अंग्रेजी अक्षर 'U' के आकार का होता है। यह आकार परिवर्ती अनुपातों के नियम के कारण होता है। प्रारंभ में, बढ़ते प्रतिफल के कारण AC घटता है। एक न्यूनतम बिंदु के बाद, घटते प्रतिफल के कारण AC बढ़ने लगता है।

17. अल्पकालीन सीमांत लागत, औसत परिवर्ती लागत तथा अल्पकालीन औसत लागत वक्र कैसे दिखाई देते हैं?

उत्तर: अल्पकाल में तीनों वक्र – सीमांत लागत (MC), औसत परिवर्ती लागत (AVC) और औसत लागत (AC) – अंग्रेजी अक्षर 'U' के आकार के होते हैं। MC वक्र, AVC और AC वक्रों को उनके न्यूनतम बिंदुओं पर काटता है।

18. क्यों अल्पकालीन सीमांत लागत वक्र औसत परिवर्ती लागत वक्र को काटता है, औसत परिवर्ती लागत वक्र के न्यूनतम बिन्दु पर?

उत्तर:

  1. जब तक MC, AVC से कम होता है, AVC घटता है।
  2. जब MC, AVC से अधिक हो जाता है, AVC बढ़ने लगता है।
  3. इसलिए, MC वक्र, AVC वक्र को उसी बिंदु पर काटेगा जहाँ AVC न्यूनतम होता है और स्थिर होता है, अर्थात जहाँ MC = AVC होता है।

19. किस बिन्दु पर अल्पकालीन सीमांत लागत वक्र अल्पकालीन औसत लागत वक्र को काटता है? अपने उत्तर के समर्थन में कारण बताइए।

उत्तर: अल्पकालीन सीमांत लागत (MC) वक्र, अल्पकालीन औसत लागत (AC) वक्र को AC वक्र के न्यूनतम बिंदु पर काटता है। कारण वही है जो AVC के लिए बताया गया:

  1. जब MC < AC, तो AC घटता है।
  2. जब MC > AC, तो AC बढ़ता है।
  3. अतः MC, AC को तभी काट सकता है जब AC न्यूनतम और स्थिर हो, यानी MC = AC हो।

20. अल्पकालीन सीमांत लागत वक्र 'U' आकार का क्यों होता है?

उत्तर: अल्पकालीन सीमांत लागत (MC) वक्र का 'U' आकार परिवर्ती अनुपातों के नियम के कारण होता है। प्रारंभ में बढ़ते सीमांत उत्पाद के कारण MC घटता है, और बाद में घटते सीमांत उत्पाद के कारण MC बढ़ने लगता है।

21. दीर्घकालीन सीमांत लागत तथा औसत लागत वक्र कैसे दिखते हैं?

उत्तर: दीर्घकालीन औसत लागत (LAC) वक्र भी 'U' आकार का होता है, लेकिन यह अल्पकालीन AC वक्रों की तुलना में अधिक चपटा होता है। दीर्घकालीन सीमांत लागत (LMC) वक्र भी 'U' आकार का होता है और यह LAC वक्र को उसके न्यूनतम बिंदु पर काटता है।

22. निम्नलिखित तालिका, श्रम का कुल उत्पादन अनुसूची देती है। तदनुरूप श्रम का औसत उत्पाद तथा सीमांत उत्पाद अनुसूची निकालिए।

श्रम (इकाइयाँ)कुल उत्पाद (TP)औसत उत्पाद (AP)सीमांत उत्पाद (MP)
00--
11515.015
23517.520
35016.715
44010.0-10
5489.68

23. नीचे दी हुई तालिका, श्रम का औसत उत्पाद अनुसूची बताती है। कुल उत्पाद तथा सीमांत उत्पाद अनुसूची निकालिए।

दिया गया है: श्रम की शून्य इकाई पर कुल उत्पाद = 0

श्रम (L)औसत उत्पाद (AP)कुल उत्पाद (TP)सीमांत उत्पाद (MP)
1222
2364
34126
44.25175
54203
63.5211

24. निम्नलिखित तालिका श्रम का सीमांत उत्पाद अनुसूची देती है। श्रम के कुल उत्पाद तथा औसत उत्पाद अनुसूची की गणना कीजिए। (शून्य स्तर पर TP=0)

श्रम (L)सीमांत उत्पाद (MP)कुल उत्पाद (TP)औसत उत्पाद (AP)
1333.0
2584.0
37155.0
45205.0
53234.6
61244.0

25. नीचे दी गई तालिका एक फर्म की कुल लागत अनुसूची दर्शाती है। फर्म के कुल परिवर्ती लागत, कुल स्थिर लागत, औसत परिवर्ती लागत, अल्पकालीन औसत लागत तथा अल्पकालीन सीमांत लागत अनुसूची की गणना कीजिए।

उत्पादन (Q)कुल लागत (TC)TFCTVCAVCAFCACMC
010100----
130102020.0010.0030.0020
245103517.505.0022.5015
355104515.003.3318.3310
470106015.002.5017.5015
590108016.002.0018.0020
61201011018.331.6720.0030

26. निम्नलिखित तालिका एक फर्म के लिए कुल लागत अनुसूची देती है। औसत स्थिर लागत निर्गत की 4 इकाइयों पर ₹5 है। अन्य लागत अनुसूचियाँ निकालिए।

दिया है: Q=4 पर, AFC = ₹5. चूँकि AFC = TFC/Q, इसलिए TFC = AFC × Q = 5 × 4 = ₹20

QTCTFCTVCACAFCAVCMC
150203050.0020.0030.0030
265204532.5010.0022.5015
375205525.006.6718.3310
495207523.755.0018.7520
51302011026.004.0022.0035
61852016530.833.3327.5055

27. एक फर्म का अल्पकालीन सीमांत लागत अनुसूची निम्नलिखित तालिका में दिया गया है। फर्म की कुल स्थिर लागत ₹100 है। अन्य लागत अनुसूचियाँ निकालिए।

QMCTFCTVCTCAVCAFCAC
0-1000100---
1500100500600500.00100.00600.00
2300100800900400.0050.00450.00
320010010001100333.3333.33366.66
430010013001400325.0025.00350.00
550010018001900360.0020.00380.00
680010026002700433.3316.67450.00

28. मान लीजिए, एक फर्म का उत्पादन फलन है, Q = 5 L1/2 K1/2। अधिकतम संभावित निर्गत निकालिए, यदि L = 100 इकाइयाँ तथा K = 100 इकाइयाँ हैं।

उत्तर:
Q = 5 √L √K
L = 100, K = 100 रखने पर,
Q = 5 × √100 × √100 = 5 × 10 × 10 = 500 इकाइयाँ

29. मान लीजिए, एक फर्म का उत्पादन फ

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Other Chapters of Class 12 Economics
1. परिचय
2. उपभोक्ता के व्यवहार का सिद्धान्त
3. उत्पादन और लागत
4. पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्थिति में फर्म का सिद्धान्त
5. बाज़ार संतुलन
6. प्रतिस्पर्धा रहित बाज़ार
1. परिचय
2. राष्ट्रीय आय का लेखांकन
3. मुद्रा और बैंकिंग
4. आय निर्धारण
5. सरकारी बजट एवं अर्थव्यवस्था
6. खुली अर्थव्यवस्था - भुगतान संतुलन
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