UP Board Class 6 History 6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 6 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: वर्ण-व्यवस्था का विरोध करने के पीछे लोगों के कई कारण थे:
उत्तर: महाजनपदों के राजा और ऋग्वेद काल के राजाओं में मुख्य दो अंतर इस प्रकार थे:
| महाजनपदों के राजा | ऋग्वेद के राजा |
|---|---|
| ये राजा विशाल और भव्य महलों में रहते थे तथा उनकी सुरक्षित राजधानियाँ होती थीं। | ये राजा महलों में नहीं रहते थे। उनकी कोई स्थायी या बड़ी राजधानी नहीं होती थी। |
| इन राजाओं के पास अपनी एक स्थायी और विशाल सेना होती थी, जिसमें पैदल सैनिक, रथ और हाथी शामिल होते थे। | इन राजाओं के पास अपनी कोई स्थायी सेना नहीं होती थी। युद्ध के समय जनजाति के लोग ही लड़ने के लिए एकत्र होते थे। |
उत्तर: शिकारी और खाद्य-संग्राहक समूह जंगलों में रहते थे और वहाँ से प्राप्त विभिन्न चीजें राजाओं को भेंट के रूप में देते होंगे। इनमें जंगली जड़ी-बूटियाँ, शिकार किए गए जानवरों (जैसे हिरण, बाघ) की खालें, कीमती हाथी दाँत, शहद, लकड़ी और जंगली फल आदि शामिल हो सकते हैं।
उत्तर: वज्जि संघ (गणराज्य) और अन्य महाजनपदों (राजतंत्र) के बीच प्रमुख अंतर निम्नलिखित थे:
| वज्जि संघ (गणराज्य) | अन्य महाजनपद (राजतंत्र) |
|---|---|
| यहाँ शासन का फैसला कई नेताओं या राजाओं की सामूहिक सभा द्वारा आपसी मेल-जोल से लिया जाता था। | यहाँ शासन का फैसला अकेले राजा द्वारा अपनी इच्छानुसार लिया जाता था। |
| यहाँ सभी निर्णय पारंपरिक और स्थापित नियमों के अनुसार लिए जाते थे, जिनका पालन करना जरूरी था। | यहाँ राजा पारंपरिक नियमों का उल्लंघन भी कर सकता था और अपनी मनमर्जी से शासन चला सकता था। |
| यहाँ नियमित रूप से सभाएँ बुलाई जाती थीं, जिनमें सभी सदस्य भाग लेते थे और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते थे। | यहाँ राजा अपने सलाहकारों से सलाह तो ले सकता था, लेकिन अंतिम फैसला उसकी स्वेच्छा पर ही निर्भर करता था। |
उत्तर: नहीं, एथेन्स में वास्तविक जनतंत्र नहीं था। यह व्यवस्था केवल कुछ विशेष लोगों तक ही सीमित थी, क्योंकि:
इस प्रकार, समाज का एक बड़ा हिस्सा शासन में भागीदारी से बाहर था, इसलिए इसे पूर्ण जनतंत्र नहीं कहा जा सकता।
उत्तर: वैशाली के सभागार में वज्जि संघ के नेताओं और सदस्यों के बीच गहन चर्चा चल रही थी। सभी मगध के बढ़ते हुए सैन्य शक्ति और आक्रमण के खतरे से चिंतित थे। मैंने सुना कि वे कह रहे थे – "मगध के पास हजारों की संख्या में पैदल सैनिक, सैकड़ों रथ और हाथियों की एक विशाल सेना है। उनके पास बहुत धन भी है। हमारे पास इतनी बड़ी सेना नहीं है। हमें अपने सभी गणों की छोटी-छोटी सेनाओं को एकजुट करके और अपनी सीमाओं की मजबूत रक्षा करके ही उनका मुकाबला करना होगा।" सभा में एकजुटता और रणनीति बनाने पर जोर दिया जा रहा था।
(क) अश्वमेध के घोड़े को अपने राज्य से गुजरने की छूट देने वाले राजाओं को यज्ञ में आमंत्रित किया जाता था।
(ख) राजा के ऊपर सारथी पवित्र जल का छिड़काव करता था।
(ग) पुरातत्त्वविदों को जनपदों की बस्तियों में महल मिले हैं।
(घ) चित्रित-धूसर पात्रों में अनाज रखा जाता था।
(ङ) महाजनपदों में बहुत से नगर क़िलाबंद थे।
उत्तर:
(क) सही – अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा जिस राज्य से गुजरता था, उस राजा को यज्ञ में आमंत्रित किया जाता था या फिर उससे युद्ध करना पड़ता था।
(ख) गलत – राजा के ऊपर पवित्र जल का छिड़काव सारथी नहीं, बल्कि पुरोहित करता था।
(ग) गलत – पुरातत्त्वविदों को प्रारंभिक जनपदों की बस्तियों में महल नहीं मिले हैं। महल बाद के महाजनपद काल में बने।
(घ) गलत – चित्रित-धूसर पात्रों में अनाज रखने के बजाय, उनका उपयोग मृदभांड (बर्तन) के रूप में किया जाता था।
(ङ) सही – महाजनपदों में सुरक्षा के लिए बहुत से नगरों के चारों ओर मजबूत किलेबंदी की गई थी।
| व्यापारी | शिल्पकार |
| पशुपालक | कृषक |
| शिकारी-संग्राहक | |
उत्तर: प्राचीन गणराज्यों (जैसे वज्जि संघ) की सभाओं में निम्नलिखित समूहों को भाग लेने की अनुमति नहीं थी:
1. स्त्रियाँ
2. दास
3. कम्मकार (वे श्रमिक जो छोटे-मोटे काम करते थे)
उत्तर: महाजनपदों के राजाओं द्वारा किले बनवाने के प्रमुख कारण ये थे:
उत्तर: आज के शासकों के चुनाव और प्राचीन जनपदों के शासक बनने की प्रक्रिया में बहुत अंतर है:
उत्तर: (विद्यार्थी इसे स्वयं करें। सुझाव के तौर पर:) अपने राज्य का नाम पहचानिए। फिर UP Board की पाठ्यपुस्तक के अंत में दिए गए मानचित्र में देखिए कि कौन-से प्राचीन जनपद (जैसे मगध, कोशल, वज्जि, कुरु, पांचाल, गांधार आदि) आपके राज्य के क्षेत्र में आते थे। अगर कोई नहीं आता, तो आस-पास के जनपदों के नाम लिखिए।
उत्तर: प्रश्न 2 में बताए गए समूहों में से आज भी निम्नलिखित समूह सरकार को कर (टैक्स) देते हैं:
1. व्यापारी (व्यापार कर, जीएसटी आदि)
2. शिल्पकार (यदि वे अपना व्यवसाय चलाते हैं तो कर देते हैं)
3. पशुपालक (व्यवसायिक पशुपालन से आय पर कर)
उत्तर: प्रश्न 3 में जिन समूहों को गणों की सभाओं में भाग लेने का अधिकार नहीं था, आज के भारतीय लोकतंत्र में उन सभी को मतदान का अधिकार प्राप्त है:
1. स्त्रियाँ
2. दास (आज दास प्रथा समाप्त हो चुकी है, सभी स्वतंत्र नागरिक हैं)
3. कम्मकार (सभी श्रमिक और कामगार)
निष्कर्ष: आज हमारे संविधान के अनुसार, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का प्रत्येक नागरिक, बिना किसी भेदभाव के, मतदान का अधिकार रखता है।
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