UP Board Book Logo

UPBoardBook Desktop Banner UPBoardBook Mobile Banner

UP Board Class 6 History (6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य) solution PDF

UP Board Class 6 History 6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 6 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board Class 6 History (6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य) solution

UP Board Class 6 History 6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य Hindi Medium Solutions - PDF

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Click Here to

UP Board Solution Class 6 History 6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य Image 1
UP Board Solution Class 6 History 6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य Image 2
UP Board Solution Class 6 History 6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य Image 3
UP Board Solution Class 6 History 6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य Image 4

UP Board Solutions for Class 6 History (हमारे अतीत 6)

राज्य, राजा और एक प्राचीन गणराज्य

1. लोगों ने वर्ण-व्यवस्था का विरोध क्यों किया? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-56)

उत्तर: वर्ण-व्यवस्था का विरोध करने के पीछे लोगों के कई कारण थे:

  • बहुत से लोग यह मानने को तैयार नहीं थे कि किसी का वर्ण और सामाजिक स्थान उसके जन्म से ही तय हो जाए। वे इसे अनुचित मानते थे।
  • कई राजा स्वयं को ब्राह्मण पुरोहितों से अधिक शक्तिशाली और महत्वपूर्ण समझते थे, इसलिए वे अपने को केवल दूसरे वर्ण (क्षत्रिय) में रखना पसंद नहीं करते थे।
  • कुछ लोगों का मत था कि वर्ण का निर्धारण किसी व्यक्ति के काम या योग्यता के आधार पर होना चाहिए, न कि जन्म के आधार पर।
  • कुछ विचारक यह चाहते थे कि महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान और यज्ञ करने का अधिकार सभी लोगों को मिलना चाहिए, न कि केवल ब्राह्मणों तक सीमित रहे।

2. महाजनपदों के राजा ऋग्वेद में उल्लेखित राजाओं से किस प्रकार भिन्न थे? दो अंतर बताओ। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-58)

उत्तर: महाजनपदों के राजा और ऋग्वेद काल के राजाओं में मुख्य दो अंतर इस प्रकार थे:

महाजनपदों के राजा ऋग्वेद के राजा
ये राजा विशाल और भव्य महलों में रहते थे तथा उनकी सुरक्षित राजधानियाँ होती थीं। ये राजा महलों में नहीं रहते थे। उनकी कोई स्थायी या बड़ी राजधानी नहीं होती थी।
इन राजाओं के पास अपनी एक स्थायी और विशाल सेना होती थी, जिसमें पैदल सैनिक, रथ और हाथी शामिल होते थे। इन राजाओं के पास अपनी कोई स्थायी सेना नहीं होती थी। युद्ध के समय जनजाति के लोग ही लड़ने के लिए एकत्र होते थे।

3. शिकारी व खाद्य-संग्राहक राजाओं को क्या देते होंगे? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-59)

उत्तर: शिकारी और खाद्य-संग्राहक समूह जंगलों में रहते थे और वहाँ से प्राप्त विभिन्न चीजें राजाओं को भेंट के रूप में देते होंगे। इनमें जंगली जड़ी-बूटियाँ, शिकार किए गए जानवरों (जैसे हिरण, बाघ) की खालें, कीमती हाथी दाँत, शहद, लकड़ी और जंगली फल आदि शामिल हो सकते हैं।

4. वज्जि संघ अन्य महाजनपदों से कैसे भिन्न था? कम से कम तीन अंतर बताओ। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-62)

उत्तर: वज्जि संघ (गणराज्य) और अन्य महाजनपदों (राजतंत्र) के बीच प्रमुख अंतर निम्नलिखित थे:

वज्जि संघ (गणराज्य) अन्य महाजनपद (राजतंत्र)
यहाँ शासन का फैसला कई नेताओं या राजाओं की सामूहिक सभा द्वारा आपसी मेल-जोल से लिया जाता था। यहाँ शासन का फैसला अकेले राजा द्वारा अपनी इच्छानुसार लिया जाता था।
यहाँ सभी निर्णय पारंपरिक और स्थापित नियमों के अनुसार लिए जाते थे, जिनका पालन करना जरूरी था। यहाँ राजा पारंपरिक नियमों का उल्लंघन भी कर सकता था और अपनी मनमर्जी से शासन चला सकता था।
यहाँ नियमित रूप से सभाएँ बुलाई जाती थीं, जिनमें सभी सदस्य भाग लेते थे और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते थे। यहाँ राजा अपने सलाहकारों से सलाह तो ले सकता था, लेकिन अंतिम फैसला उसकी स्वेच्छा पर ही निर्भर करता था।

क्या एथेन्स में वास्तव में जनतंत्र था?

उत्तर: नहीं, एथेन्स में वास्तविक जनतंत्र नहीं था। यह व्यवस्था केवल कुछ विशेष लोगों तक ही सीमित थी, क्योंकि:

  1. स्त्रियों को नागरिक का दर्जा और मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं था।
  2. खदानों, खेतों, घरों और कार्यशालाओं में काम करने वाले दासों को भी कोई नागरिक अधिकार नहीं मिला था।
  3. विदेशी व्यापारियों और शिल्पकारों को भी नागरिकता के अधिकार से वंचित रखा गया था।

इस प्रकार, समाज का एक बड़ा हिस्सा शासन में भागीदारी से बाहर था, इसलिए इसे पूर्ण जनतंत्र नहीं कहा जा सकता।

कल्पना करो: वैशाली के उस सभागार में तुम अंदर झाँक रहे हो जहाँ मगध के राजाओं द्वारा आक्रमण का सामना करने के विषयों पर चर्चा की जा रही है। तुमने क्या सुना?

उत्तर: वैशाली के सभागार में वज्जि संघ के नेताओं और सदस्यों के बीच गहन चर्चा चल रही थी। सभी मगध के बढ़ते हुए सैन्य शक्ति और आक्रमण के खतरे से चिंतित थे। मैंने सुना कि वे कह रहे थे – "मगध के पास हजारों की संख्या में पैदल सैनिक, सैकड़ों रथ और हाथियों की एक विशाल सेना है। उनके पास बहुत धन भी है। हमारे पास इतनी बड़ी सेना नहीं है। हमें अपने सभी गणों की छोटी-छोटी सेनाओं को एकजुट करके और अपनी सीमाओं की मजबूत रक्षा करके ही उनका मुकाबला करना होगा।" सभा में एकजुटता और रणनीति बनाने पर जोर दिया जा रहा था।

प्रश्न-अभ्यास (पाठ्यपुस्तक से)

आओ याद करें

1. सही या गलत बताओ।

(क) अश्वमेध के घोड़े को अपने राज्य से गुजरने की छूट देने वाले राजाओं को यज्ञ में आमंत्रित किया जाता था।
(ख) राजा के ऊपर सारथी पवित्र जल का छिड़काव करता था।
(ग) पुरातत्त्वविदों को जनपदों की बस्तियों में महल मिले हैं।
(घ) चित्रित-धूसर पात्रों में अनाज रखा जाता था।
(ङ) महाजनपदों में बहुत से नगर क़िलाबंद थे।

उत्तर:
(क) सही – अश्वमेध यज्ञ का घोड़ा जिस राज्य से गुजरता था, उस राजा को यज्ञ में आमंत्रित किया जाता था या फिर उससे युद्ध करना पड़ता था।
(ख) गलत – राजा के ऊपर पवित्र जल का छिड़काव सारथी नहीं, बल्कि पुरोहित करता था।
(ग) गलत – पुरातत्त्वविदों को प्रारंभिक जनपदों की बस्तियों में महल नहीं मिले हैं। महल बाद के महाजनपद काल में बने।
(घ) गलत – चित्रित-धूसर पात्रों में अनाज रखने के बजाय, उनका उपयोग मृदभांड (बर्तन) के रूप में किया जाता था।
(ङ) सही – महाजनपदों में सुरक्षा के लिए बहुत से नगरों के चारों ओर मजबूत किलेबंदी की गई थी।

2. नीचे दिए गए खानों में निम्नलिखित शब्द भरो। शिकारी-संग्राहक, कृषक, व्यापारी, शिल्पकार, पशुपालक

व्यापारी शिल्पकार
पशुपालक कृषक
शिकारी-संग्राहक

3. समाज के वे कौन-से समूह थे, जो गणों की सभाओं में हिस्सा नहीं ले सकते थे?

उत्तर: प्राचीन गणराज्यों (जैसे वज्जि संघ) की सभाओं में निम्नलिखित समूहों को भाग लेने की अनुमति नहीं थी:
1. स्त्रियाँ
2. दास
3. कम्मकार (वे श्रमिक जो छोटे-मोटे काम करते थे)

आओ चर्चा करें

4. महाजनपद के राजाओं ने क़िले क्यों बनवाए?

उत्तर: महाजनपदों के राजाओं द्वारा किले बनवाने के प्रमुख कारण ये थे:

  1. सुरक्षा: दुश्मन राजाओं और बाहरी आक्रमणकारियों से अपने राज्य, राजधानी और धन की रक्षा करने के लिए किलेबंदी जरूरी थी।
  2. शक्ति प्रदर्शन: विशाल और मजबूत किले राजा की शक्ति, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक होते थे। ये दूसरे राज्यों के लिए एक चेतावनी का काम करते थे।
  3. प्रशासनिक केंद्र: किलेबंद नगर प्रशासन का केंद्र होते थे, जहाँ से पूरे क्षेत्र पर नियंत्रण रखा जा सकता था।

5. आज के शासकों के चुनाव की प्रक्रिया जनपदों के चुनाव से किस तरह भिन्न थी?

उत्तर: आज के शासकों के चुनाव और प्राचीन जनपदों के शासक बनने की प्रक्रिया में बहुत अंतर है:

  • आज की प्रक्रिया: आधुनिक लोकतंत्र में शासकों का चुनाव आम जनता द्वारा मतदान (वोट) के माध्यम से होता है। हर वयस्क नागरिक, चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, अपना मत दे सकता है। चुनाव निश्चित समय पर होते हैं।
  • जनपदों की प्रक्रिया: प्राचीन जनपदों में राजा बनने के लिए कोई आम चुनाव नहीं होता था। अक्सर योद्धा या नेता बड़े-बड़े यज्ञ (जैसे अश्वमेध) करवाकर अपनी शक्ति दिखाते थे और राजा बन जाते थे। कई बार सत्ता वंशानुगत भी होती थी, यानी पिता के बाद पुत्र राजा बनता था।

6. तुम्हारी पुस्तक के अंत में दिए गए राजनीतिक मानचित्र में अपना राज्य ढूँढ़ो। क्या वहाँ प्राचीन जनपद थे? अगर हाँ, तो उनके नाम लिखो। अगर नहीं, तो अपने राज्य के सबसे नज़दीक पड़ने वाले जनपदों के नाम बताओ।

उत्तर: (विद्यार्थी इसे स्वयं करें। सुझाव के तौर पर:) अपने राज्य का नाम पहचानिए। फिर UP Board की पाठ्यपुस्तक के अंत में दिए गए मानचित्र में देखिए कि कौन-से प्राचीन जनपद (जैसे मगध, कोशल, वज्जि, कुरु, पांचाल, गांधार आदि) आपके राज्य के क्षेत्र में आते थे। अगर कोई नहीं आता, तो आस-पास के जनपदों के नाम लिखिए।

7. प्रश्न 2 के उत्तर में बताए गए समूहों में से कौन-से समूह आज भी कर देते हैं।

उत्तर: प्रश्न 2 में बताए गए समूहों में से आज भी निम्नलिखित समूह सरकार को कर (टैक्स) देते हैं:
1. व्यापारी (व्यापार कर, जीएसटी आदि)
2. शिल्पकार (यदि वे अपना व्यवसाय चलाते हैं तो कर देते हैं)
3. पशुपालक (व्यवसायिक पशुपालन से आय पर कर)

8. प्रश्न 3 के उत्तर में बताए गए समूहों में किन-किन को आज मतदान का अधिकार प्राप्त है?

उत्तर: प्रश्न 3 में जिन समूहों को गणों की सभाओं में भाग लेने का अधिकार नहीं था, आज के भारतीय लोकतंत्र में उन सभी को मतदान का अधिकार प्राप्त है:
1. स्त्रियाँ
2. दास (आज दास प्रथा समाप्त हो चुकी है, सभी स्वतंत्र नागरिक हैं)
3. कम्मकार (सभी श्रमिक और कामगार)
निष्कर्ष: आज हमारे संविधान के अनुसार, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का प्रत्येक नागरिक, बिना किसी भेदभाव के, मतदान का अधिकार रखता है।

Get UP Board Class 6 History 6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य Solution in Hindi Medium

UP Board Class 6 History 6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for Class 6 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.

Importance of UP Board Class 6 History 6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य Text Solutions

It is essential to know the importance of UP Board Class 6 History 6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board Class 6 History 6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य :

  • These TextSolutions are very clear and accurate which helps student to understand concept with ease.
  • It is also to mention that these text Solutions are prepared by the content experts of subject, thus these Solutions helps student in clearing their doubts and understand the core concept easily.
  • It is considered to be the best study material for competitive exam preparation.

Features of UP Board Class 6 textSolutions

There are various features of UP Board Class 6 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.

  • Best feature of these textSolutions is free availability of content in PDF format
  • Second feature that content generated and written is clear and easy to read.
  • There are various illustration and images are shown in the Solution so that student can easily understand the concept and should be more appealing to the student.
  • Each chapter is explained thoroughly
Uttar Pradesh Solutions are very helpful and handy. Specially subjects like UP Board Class 6 Physics Part - II Solutions are very interesting to study.

Other Chapters of Class 6 History
1. क्या कब कहाँ और कैसे
2. आरंभिक मानव खोज में
3. भोजन संग्रह से उत्पादन तक
4. आरंभिक नगर
5. क्या बताती हैं हमें किताबें और कब्रें
6. राज्य; राजा और प्राचीन गणराज्य
7. नए प्रश्न नए विचार
8. अशोकः एक अनोखा सम्राट जिसने युद्ध का त्याग किया
9. खुशहाल गाँव और समृद्ध शहर
10. व्यापारी: राजा और तीर्थयात्री
11. नए साम्राज्य और राज्य
12. इमारतें: चित्र तथा किताबें
;