UP Board Class 6 Science 14. जल is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 6 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
(क) जल को वाष्प में परिवर्तित करने के प्रक्रम को वाष्पीकरण कहते हैं |
(ख) जलवाष्प को जल में परिवर्तित करने के प्रक्रम को संघनन कहते हैं |
(ग) एक वर्ष या इससे अधिक समय तक वर्षा न होना उस क्षेत्र में सूखा लाता है |
(घ) अत्यधिक वर्षा से बाढ़ आती है |
(क) ठंडे जल से भरे गिलास की बाहरी सतह पर जल की बूंदों का दिखना |
उत्तर: यह संघनन के कारण होता है। वायु में मौजूद जलवाष्प ठंडे गिलास की सतह के संपर्क में आकर ठंडी हो जाती है और संघनित होकर जल की बूंदों के रूप में दिखाई देती है।
(ख) गीले कपड़ों पर इस्त्री करने पर भाप का ऊपर उठना |
उत्तर: यह वाष्पीकरण के कारण होता है। गर्म इस्त्री से मिलने वाली ऊष्मा के कारण कपड़े में मौजूद जल तेजी से वाष्प में बदलता है, जो भाप के रूप में ऊपर उठती दिखाई देती है।
(ग) सर्दियों में प्रातःकाल कोहरे का दिखना |
उत्तर: यह संघनन के कारण होता है। रात के समय हवा ठंडी हो जाती है, जिससे उसमें मौजूद जलवाष्प संघनित होकर हवा में तैरती हुई छोटी-छोटी जल की बूंदों में बदल जाती है, जिसे हम कोहरा कहते हैं।
(घ) गीले कपड़े से पोंछने के बाद श्यामपट्ट कुछ समय बाद सुख जाता है |
उत्तर: यह वाष्पीकरण के कारण होता है। श्यामपट्ट पर लगा पानी वायु में मिलकर धीरे-धीरे वाष्प बन जाता है, जिससे श्यामपट्ट सूख जाता है।
(ड) गर्म छड़ के ऊपर जल छिड़कने से भाप का ऊपर उठना |
उत्तर: यह वाष्पीकरण के कारण होता है। गर्म छड़ की ऊष्मा जल की बूंदों को तुरंत वाष्प में बदल देती है, जो भाप के रूप में ऊपर उठती है।
(क) वायु में जलवाष्प केवल मानसून के समय में उपस्थित रहती है |
उत्तर: असत्य। वायु में जलवाष्प हमेशा कुछ न कुछ मात्रा में उपस्थित रहती है, चाहे मौसम कोई भी हो।
(ख) जल महासागरों, नदियों तथा झीलों से वाष्पित होकर वायु में जाता है, भूमि से वाष्पित नहीं होता |
उत्तर: असत्य। जल न केवल जलाशयों से, बल्कि गीली मिट्टी, पौधों और अन्य सतहों से भी वाष्पित होकर वायु में जाता है।
(ग) जल के जलवाष्प में परिवर्तन की प्रक्रिया वाष्पन कहलाती है |
उत्तर: सत्य। जल का वाष्प (गैस) में बदलना ही वाष्पन या वाष्पीकरण कहलाता है।
(घ) जल का वाष्पन केवल सूर्य के प्रकाश में ही होता है |
उत्तर: असत्य। वाष्पन के लिए केवल ऊष्मा की आवश्यकता होती है, जो सूर्य के अलावा अँगीठी, हीटर या अन्य गर्म स्रोतों से भी मिल सकती है।
(ड) वायु की ऊपरी परतों में, जहाँ यह और अधिक ठंडी होती है, जलवाष्प संघनित होकर छोटी-छोटी जलकणिकाएँ बनाती है |
उत्तर: सत्य। ऊंचाई पर जाकर वायु ठंडी हो जाती है, जिससे उसमें मौजूद जलवाष्प संघनित होकर जल की सूक्ष्म बूंदें बनाती हैं, जो बादलों का निर्माण करती हैं।
उत्तर: हाँ, अँगीठी या हीटर के पास फैलाने से यूनिफॉर्म शीघ्र सूख जाएगी। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अँगीठी या हीटर से निकलने वाली ऊष्मा कपड़े में मौजूद जल के अणुओं को ऊर्जा प्रदान करती है। इस ऊर्जा के कारण जल के अणु तेजी से गति करने लगते हैं और वाष्प में बदलकर हवा में उड़ जाते हैं। इस प्रकार, ऊष्मा की उपस्थिति वाष्पीकरण की दर को बहुत बढ़ा देती है, जिससे गीला कपड़ा जल्दी सूख जाता है।
उत्तर: रेफ्रिजरेटर से निकाली गई बोतल का तापमान आसपास के कमरे के तापमान से बहुत कम होता है। जब गर्म और नम हवा (जिसमें जलवाष्प होती है) इस ठंडी बोतल की सतह के संपर्क में आती है, तो हवा ठंडी हो जाती है। ठंडी होने पर हवा में मौजूद जलवाष्प संघनित होकर जल की छोटी-छोटी बूंदों में बदल जाती है। यही बूंदें बोतल की बाहरी सतह पर दिखाई देती हैं। इस प्रक्रिया को संघनन कहते हैं।
उत्तर: जब हम लेंस पर फूँक मारते हैं, तो हमारी सांस से निकली हवा में जलवाष्प और गर्मी दोनों होती हैं। यह गर्म हवा जब ठंडे लेंस की सतह से टकराती है, तो अचानक ठंडी हो जाती है। ठंडी होने पर हवा में मौजूद जलवाष्प संघनित होकर लेंस की सतह पर पानी की बहुत ही पतली परत बना देती है, जिससे लेंस भींगा हुआ दिखाई देता है। इसी भीगी हुई सतह को हम कपड़े से पोंछकर लेंस को साफ और चमकदार बना सकते हैं।
उत्तर: बादल बनने की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में होती है:
उत्तर: सूखा तब पड़ता है जब किसी विशेष क्षेत्र में लंबे समय तक (एक वर्ष या उससे अधिक) वर्षा नहीं होती या सामान्य से बहुत कम वर्षा होती है। वर्षा न होने के कारण नदियों, तालाबों और कुओं का जल सूख जाता है, भूमिगत जल का स्तर बहुत नीचे चला जाता है और मिट्टी में नमी खत्म हो जाती है। इस स्थिति में पीने के पानी की कमी हो जाती है, फसलें नष्ट हो जाती हैं और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे पूरे क्षेत्र में संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
प्रश्न 1: समुद्री जल वाष्पन के दौरान उसका कौन सा भाग जलवाष्प अपने साथ वहन नहीं करता है ?
उत्तर: जलवाष्प अपने साथ समुद्री जल में घुले हुए लवणों को वहन नहीं करता है। केवल शुद्ध जल ही वाष्पित होता है।
प्रश्न 2: वाष्पन के लिए आवश्यक तत्व क्या है ?
उत्तर: वाष्पन के लिए ऊष्मा आवश्यक है।
प्रश्न 3: समुद्री जल के वाष्पन के लिए ऊष्मा कहाँ से प्राप्त होता है ?
उत्तर: समुद्री जल के वाष्पन के लिए आवश्यक ऊष्मा मुख्य रूप से सूर्य से प्राप्त होती है।
प्रश्न 4: जलवाष्प क्या है ?
उत्तर: वाष्पीकरण की प्रक्रिया द्वारा जल के गैसीय अवस्था में परिवर्तित होने को जलवाष्प कहते हैं। यह रंगहीन और गंधहीन गैस होती है।
प्रश्न 5: जल वाष्प वायु में कैसे प्रवेश करता है ?
उत्तर: जल वाष्प वायु में मुख्यतः दो प्रक्रियाओं द्वारा प्रवेश करता है: (1) जलाशयों और गीली सतहों से वाष्पन द्वारा, और (2) पौधों की पत्तियों से वाष्पोत्सर्जन द्वारा।
प्रश्न 6: वाष्पन क्या है ?
उत्तर: वह प्राकृतिक प्रक्रिया जिसमें द्रव अवस्था का जल ऊष्मा पाकर गैसीय अवस्था (जलवाष्प) में बदल जाता है, उसे वाष्पन या वाष्पीकरण कहते हैं।
प्रश्न 7: वाष्पोत्सर्जन क्या है ?
उत्तर: पौधों की पत्तियों में स्थित रंध्रों से जलवाष्प के रूप में जल के निकलने की प्रक्रिया को वाष्पोत्सर्जन कहते हैं। यह पौधों के लिए एक महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रिया है।
प्रश्न 8: जल के स्रोतों का नाम लिखों |
उत्तर: जल के प्रमुख स्रोत हैं: नदियाँ, झीलें, तालाब, कुएँ, हैण्डपंप, नलकूप और वर्षा का जल।
प्रश्न 9: पृथ्वी का कितना भाग जल से घिरा हुआ है ?
उत्तर: पृथ्वी की सतह का लगभग 71% (दो-तिहाई) भाग जल से घिरा हुआ है।
प्रश्न 10: हम पानी का उपयोग किन-किन कार्यों के लिए करते हैं ?
उत्तर: हम पानी का उपयोग निम्नलिखित दैनिक कार्यों के लिए करते हैं:
प्रश्न 11: पृथ्वी का दो तिहाई भाग जल से घिरा है फिर भी पीने के लिए पानी की कमी है | कारण बताइये |
उत्तर: पृथ्वी पर जल की मात्रा अधिक होने के बावजूद पीने के पानी की कमी के निम्नलिखित कारण हैं:
प्रश्न 12: जलचक्र क्या है ?
उत्तर: पृथ्वी पर जल की निरंतर गति और उसके विभिन्न रूपों (द्रव, वाष्प, ठोस) में परिवर्तन की चक्रीय प्रक्रिया को जलचक्र कहते हैं। इसमें वाष्पीकरण, संघनन और वर्षा जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं, जो पृथ्वी पर जल की मात्रा को संतुलित रखती हैं।
प्रश्न 13: जलचक्र का वर्णन करों |
उत्तर: जलचक्र एक सतत प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसके मुख्य चरण इस प्रकार हैं:
प्रश्न 14: पौधे जल का उपयोग कैसे करते हैं ?
उत्तर: पौधे अपनी जड़ों द्वारा मिट्टी से जल अवशोषित करते हैं और इसका उपयोग निम्नलिखित तरीकों से करते हैं:
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