UP Board Class 6 Science 9. सजीव एवं उनका परिवेश is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 6 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: मछली अपने गिल या गलफड़ों से सांस लेती है। गिल जल में घुली हुई ऑक्सीजन को अवशोषित करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालते हैं।
उत्तर: किसी सजीव का वह प्राकृतिक निवास स्थान जहाँ वह रहता है, अपना भोजन प्राप्त करता है, प्रजनन करता है और अपने आस-पास के वातावरण के साथ अनुकूलन करता है, उसका आवास कहलाता है। जैसे - मछली के लिए तालाब, शेर के लिए जंगल।
उत्तर: अनुकूलन वे विशेषताएँ या गुण हैं जो किसी जीव को अपने आवास में आसानी से जीवित रहने और अपनी प्रजाति को बचाए रखने में मदद करते हैं। ये शारीरिक बनावट (जैसे ऊँट की कूबड़) या व्यवहार (जैसे पक्षियों का प्रवास) के रूप में हो सकते हैं।
उत्तर: जमीन पर पाए जाने वाले आवासों को स्थलीय आवास कहते हैं। इनमें रहने वाले पौधे और जंतु जमीन पर रहने के लिए अनुकूलित होते हैं। उदाहरण: वन, घास के मैदान, मरुस्थल, पर्वत आदि।
उत्तर: पानी में पाए जाने वाले आवासों को जलीय आवास कहते हैं। इनमें रहने वाले जीव जल में रहने और साँस लेने के लिए अनुकूलित होते हैं। उदाहरण: तालाब, झील, नदी, समुद्र और दलदल।
उत्तर: किसी भी आवास में पाए जाने वाले सभी सजीव घटक उसके जैव घटक कहलाते हैं। इसमें सभी प्रकार के पौधे, जंतु, सूक्ष्मजीव (बैक्टीरिया, कवक) शामिल होते हैं जो एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
उत्तर: किसी भी आवास में पाई जाने वाली सभी निर्जीव वस्तुएँ और भौतिक कारक उसके अजैव घटक हैं। उदाहरण: मिट्टी, पानी, हवा, सूर्य का प्रकाश, तापमान, खनिज, चट्टानें आदि।
उत्तर: जब बीज में उपयुक्त नमी, हवा और तापमान मिलता है, तो उसमें से एक छोटा पौधा निकलने लगता है। बीज से इस नन्हें पौधे के निकलने की प्रक्रिया को ही अंकुरण कहते हैं। यह एक नए पौधे के जीवन की शुरुआत है।
उत्तर: भिन्न-भिन्न आवासों में तापमान, पानी, मिट्टी, प्रकाश आदि अजैव कारक अलग-अलग होते हैं। प्रत्येक जीव इन विशेष परिस्थितियों में जीवित रहने के लिए अलग-अलग तरह से अनुकूलित होता है। जो जीव अनुकूलन कर लेते हैं, वे जीवित रहते हैं और उनकी प्रजाति आगे बढ़ती है, जिससे विविधता पैदा होती है। जो अनुकूलन नहीं कर पाते, वे नष्ट हो जाते हैं।
उत्तर: सजीवों के सामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
1. पोषण: सभी सजीवों को जीवित रहने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है।
2. श्वसन: वे साँस लेते हैं ताकि भोजन से ऊर्जा प्राप्त कर सकें।
3. उत्सर्जन: शरीर में बने हानिकारक अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालते हैं।
4. प्रतिक्रिया: वातावरण में होने वाले परिवर्तनों (जैसे गर्मी, स्पर्श) के प्रति प्रतिक्रिया करते हैं।
5. वृद्धि: समय के साथ उनके शरीर का आकार और वजन बढ़ता है।
6. गति: वे अपने पूरे शरीर या शरीर के कुछ भागों को हिला-डुला सकते हैं।
7. जनन: वे अपने ही जैसे नए जीव पैदा करके अपनी प्रजाति को आगे बढ़ाते हैं।
उत्तर: डॉलफिन और व्हेल मछली नहीं, बल्कि स्तनधारी जीव हैं। इनमें गिल नहीं होते। ये अपने सिर के ऊपरी भाग में स्थित साँस लेने के छिद्र (ब्लोहोल) से साँस लेते हैं। ये जीव समुद्र की सतह पर आकर हवा से ऑक्सीजन लेते हैं और फिर लंबे समय तक पानी के अंदर रह सकते हैं।
उत्तर: शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं (जैसे पाचन, श्वसन) के दौरान कुछ हानिकारक अपशिष्ट पदार्थ बनते हैं। सजीवों द्वारा इन अनावश्यक और विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया को उत्सर्जन कहते हैं। मनुष्य में यह कार्य मुख्य रूप से गुर्दे द्वारा किया जाता है।
उत्तर: वातावरण में होने वाले ऐसे परिवर्तन जिनके प्रति सजीव प्रतिक्रिया करते हैं, उद्दीपन कहलाते हैं। उदाहरण के लिए, प्रकाश की दिशा में पौधे का झुकना, गर्म वस्तु को छूने पर हाथ हटा लेना, या तेज आवाज सुनकर चौंक जाना।
उत्तर: दो मरुस्थलीय पौधे हैं:
1. नागफनी (कैक्टस)
2. बबूल (कीकर)
(अन्य उदाहरण: खेजड़ी, रोहिड़ा)
उत्तर: नागफनी में पत्तियाँ काँटों में बदल गई होती हैं, इसलिए प्रकाश संश्लेषण का कार्य तने द्वारा किया जाता है। नागफनी का हरा और मोटा तना प्रकाश संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल धारण करता है।
उत्तर: नागफनी के तने के दो प्रमुख कार्य हैं:
1. प्रकाश संश्लेषण: इसके हरे और चपटे तने में क्लोरोफिल होता है, जो सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में भोजन बनाता है।
2. जल संचय: यह तना मोटा और गूदेदार होता है जो पानी को सोखकर और संग्रहित करके रखता है, जिससे पौधा लंबे सूखे के समय में भी जीवित रह पाता है।
उत्तर: पर्यनुकूलन एक अल्पकालिक और प्रतिवर्ती परिवर्तन है जो किसी जीव के शरीर में तत्काल वातावरणीय परिस्थितियों के अनुसार होता है। यह स्थायी नहीं होता। उदाहरण: गर्मी में पसीना आना और रोमछिद्रों का खुलना, या ठंड में काँपना और रोमों का खड़ा होना।
उत्तर: नागफनी ने मरुस्थल की कठोर परिस्थितियों में जीवित रहने के लिए निम्नलिखित अनुकूलन किए हैं:
1. पत्तियों का काँटों में रूपांतरण: इसकी पत्तियाँ लंबे और नुकीले काँटों में बदल गई हैं। इससे पत्तियों के माध्यम से होने वाला पानी का वाष्पोत्सर्जन बहुत कम हो जाता है।
2. तने द्वारा प्रकाश संश्लेषण: काँटों के कारण प्रकाश संश्लेषण का कार्य हरे, चपटे और मोटे तने ने संभाल लिया है।
3. जल संग्रहण: इसका तना गूदेदार है और पानी को अपने ऊतकों में जमा करके रख सकता है।
4. मोमी आवरण: तने की बाहरी सतह पर एक मोटी मोमी परत (क्यूटिकल) होती है जो पानी के वाष्पीकरण को रोकती है और पौधे को सूर्य की तेज किरणों से बचाती है।
5. व्यापक जड़ तंत्र: इसकी जड़ें मिट्टी में बहुत दूर तक और गहराई तक फैली होती हैं ताकि थोड़ी सी भी नमी को अवशोषित कर सकें।
UP Board Class 6 Science 9. सजीव एवं उनका परिवेश Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for Class 6 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.
It is essential to know the importance of UP Board Class 6 Science 9. सजीव एवं उनका परिवेश textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board Class 6 Science 9. सजीव एवं उनका परिवेश :
There are various features of UP Board Class 6 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.