UP Board class 5 Hindi 1. राख की रस्सी is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 5 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: हमारे विचार से, मंत्री साहब यह सोचकर चिंतित रहते होंगे कि उनका बेटा इतना सीधा-साधा है कि दुनिया की चालाकियों को समझ नहीं पाएगा। वह यह भी सोचते होंगे कि आगे चलकर वह राज्य के कामकाज को कैसे संभालेगा, लोग उसे कैसे मानेंगे और वह अपना जीवन कैसे सफलतापूर्वक व्यतीत कर पाएगा।
उत्तर: यदि मैं तिब्बत के मंत्री की जगह होती, तो सबसे पहले अपने बेटे को प्यार से समझाती और उसकी अच्छाइयों को बढ़ावा देती। मैं उसे छोटे-छोटे व्यावहारिक काम सौंपकर उसमें आत्मविश्वास पैदा करती। साथ ही, मैं उसे अनुभवी शिक्षकों के पास भी भेजती ताकि वह धीरे-धीरे दुनियादारी सीख सके।
उत्तर: मंत्री ने अपने बेटे को शहर इसलिए भेजा ताकि वह वहाँ के लोगों से मिले-जुले, अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करे और इस तरह दुनिया की वास्तविकताओं को समझकर अधिक समझदार बन सके। वह चाहते थे कि उनका बेटा अनुभव से सीखे।
उत्तर: मंत्री ने अपने बेटे को भेड़ों के साथ शहर इसलिए भेजा क्योंकि यह एक परीक्षा की तरह था। वह जानना चाहते थे कि क्या उनका बेटा इन भेड़ों को बेचकर या उनसे कुछ कमाकर अपनी चतुराई दिखा पाता है। इस तरह वह उसे व्यावहारिक ज्ञान और व्यापार की समझ देना चाहते थे।
उत्तर: मेरे दादा-दादी पहले एक छोटे से गाँव में रहते थे। मैंने अपने पड़ोस में रहने वाले तीन लोगों से बात की:
1. एक दादाजी (पुरुष): वह एक अन्य शहर से यहाँ आकर बसे। वे अपने निर्णय से खुश हैं क्योंकि यहाँ उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा और नौकरी के बेहतर अवसर मिले। उन्होंने पुरानी जगह बेहतर भविष्य की तलाश में छोड़ी।
2. एक आंटी (महिला): वह अपने पति के साथ एक गाँव से यहाँ आईं। वे खुश हैं क्योंकि यहाँ स्वास्थ्य सुविधाएँ अच्छी हैं। उन्होंने गाँव बेहतर इलाज और रहन-सहन के लिए छोड़ा।
3. एक दोस्त (बच्चा): वह एक छोटे कस्बे से यहाँ आया है। वह खुश है क्योंकि यहाँ उसके पास खेलने के लिए बड़े पार्क और नई दोस्ती करने के मौके हैं। उसके माता-पिता नौकरी के सिलसिले में यहाँ आए थे।
उत्तर: गेहूँ, जौ, चावल, मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी, चना, मटर, मसूर, सोयाबीन, उड़द की दाल, अरहर की दाल आदि।
उत्तर:
व्यक्तिवाचक संज्ञा: लेह (स्थान का नाम), शेरवानी (पहनावे का एक विशेष नाम), ताँबा (एक विशिष्ट धातु), खिचड़ी (एक विशेष पकवान)।
जातिवाचक संज्ञा: धातु, भोजन, शहर, वेशभूषा।
उत्तर:
धातु: लोहा, चाँदी, पीतल।
भोजन: पराँठा, इडली, पिज़्ज़ा।
शहर: आगरा, चेन्नई, जयपुर।
वेशभूषा: सूट, जींस, लहंगा।
उत्तर: यह एक मनोरंजक गतिविधि है। उदाहरण के लिए, एक चिट पर लिखा हो सकता है: "बिना माचिस या लाइटर के मोमबत्ती कैसे जलाएँ?"
इसके लिए सुझाए गए उपाय हो सकते हैं:
1. कांच की सहायता से सूरज की रोशनी को मोमबत्ती की बत्ती पर केंद्रित करके।
2. बिजली के तार को छोटा करके चिंगारी पैदा करके (वयस्कों की देखरेख में)।
3. पत्थरों को रगड़कर चिंगारी पैदा करके।
ऐसे ही अन्य समस्याएँ जैसे 'टूटी हुई पेंसिल से कैसे लिखें?', 'बिना रबर के लिखी गलती कैसे सुधारें?' आदि पर चर्चा करके कक्षा का सबसे चतुर 'बीरबल' चुना जा सकता है।
उत्तर: नहीं, मंत्री को वास्तव में यह बात पसंद नहीं आई थी, लेकिन इसका कारण भेड़ों के बाल बेचना नहीं था। असली कारण यह था कि यह काम उनके बेटे की अपनी समझदारी से नहीं, बल्कि उस लड़की की सलाह से हुआ था। मंत्री चाहते थे कि उनका बेटा खुद सोचे-समझे और चतुर बने। जब उन्हें पता चला कि यह उपाय लड़की ने सुझाया था, तो उन्हें एहसास हुआ कि उनका बेटा अभी भी उतना होशियार नहीं हुआ है जितना वह चाहते थे। इसलिए उन्होंने अगली बार फिर से उसकी परीक्षा लेने का फैसला किया।
उत्तर: जिन लोगों ने यह चीजें खरीदी होंगी, उन्होंने इनका अलग-अलग तरह से उपयोग किया होगा:
भेड़ों के बाल (ऊन): उनसे गर्म स्वेटर, मफलर, टोपी, दरी (कारपेट) और कोट बनाए होंगे।
भेड़ों के सींग: उनसे सजावट की चीजें जैसे कंघे, बटन, छोटे बर्तन, वाद्ययंत्रों के हिस्से या फिर खेतों में खाद डालने के औजार बनाए होंगे।
उत्तर:
(क) जीवन शांति और सुख से बीत रहा था।
(ख) वह बिल्कुल भी चतुर नहीं था।
(ग) मैं इस समस्या का समाधान ढूंढ लेती हूँ।
(घ) उनकी सारी योजना विफल रह गई।
उत्तर: होशियार व्यक्ति वह होता है जो सही और गलत में फर्क जानता है, अच्छी सलाह देता है और समस्याओं का सही समाधान निकालता है। जबकि एक चालाक व्यक्ति अक्सर दूसरों को धोखा देकर या फंसाकर अपना फायदा निकालने की कोशिश करता है।
भोला व्यक्ति सीधा-साधा और निश्छल होता है, उसका इरादा अच्छा होता है। लेकिन बुद्धू शब्द का प्रयोग उस व्यक्ति के लिए होता है जो सीखने-समझने में धीमा है या मूर्खतापूर्ण काम करता है।
उत्तर: हम लड़की को बुद्धिमान कहेंगे क्योंकि उसने न केवल अपनी समस्याओं का हल निकाला, बल्कि मंत्री के बेटे की भी मुश्किलें आसानी से सुलझा दीं। उसने हर स्थिति में तुरंत और सटीक उपाय सोचे, जो उसकी तेज बुद्धि और कुशाग्रता को दर्शाता है।
उत्तर: तिब्बती परंपरा के अनुसार, हम लोनपो गार के भोले और सीधे बेटे का नाम "नुखु" रख सकते हैं, जो एक प्यारा और शुभ नाम है।
वहीं, उस चतुर और बुद्धिमान लड़की का नाम हम "दोलमा" रख सकते हैं, क्योंकि यह नाम बुद्धि की देवी तारा का तिब्बती नाम है और लड़की की बुद्धिमत्ता के अनुकूल है।
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