UP Board class 5 Hindi 18. चुनौती हिमालय की is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. class 5 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
प्रश्न 1. (क) लद्दाख जम्मू-कश्मीर राज्य में है | पाठ्यपुस्तक में दिए गए भारत के नक़शे में ढूँढो कि लद्दाख कहाँ है और तुम्हारा घर कहाँ हैं?
(ख) अनुमान लगाओ कि तुम जहाँ रहते हो वहां से लद्दाख पहुँचने में कितने दिन लग सकते हैं| और वहां किन-किन जरियों से पहुँचा जा सकता हैं?
(ग) किताब के शुरू में तुमने तिब्बती लोककथा 'राख की रस्सी' पढ़ी थी | पाठ्यपुस्तक में दिए गए नक्शे में तिब्बत को ढूँढो |
उत्तर-
(क) लद्दाख - यह भारत के सबसे उत्तरी भाग में स्थित है और जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा है। इसे पाठ्यपुस्तक के मानचित्र में देखकर पहचानो।
हमारा घर - (छात्र अपने घर के स्थान को मानचित्र में दिखाएँगे। उदाहरण के लिए, दिल्ली, लखनऊ, आगरा आदि।)
(ख) मान लीजिए हम दिल्ली में रहते हैं। यहाँ से लद्दाख की राजधानी लेह पहुँचने में लगभग दो से तीन दिन लग सकते हैं। वहाँ पहुँचने के मुख्य साधन हैं - हवाई जहाज (सबसे तेज़), सड़क मार्ग से बस या कार द्वारा (मनाली से लेह हाइवे), और रेल द्वारा निकटतम स्टेशन जम्मू तक जाकर फिर बस से।
(ग) तिब्बत - तिब्बत भारत के उत्तर में स्थित एक पठारी क्षेत्र है, जो अब चीन के अधीन है। इसे मानचित्र में भारत की उत्तरी सीमा के पास देखा जा सकता है।
प्रश्न 1. (क) बर्फ से ढके चट्टानी पहाड़ों के उदास और फीके लगाने की क्या वजह हो सकती थी?
उत्तर- बर्फ से ढके चट्टानी पहाड़ उदास और फीके इसलिए लगते थे क्योंकि वहाँ चारों तरफ सूनापन था। न तो हरियाली थी, न पेड़-पौधे थे, और न ही जीवन के कोई चिह्न दिखाई देते थे। केवल चट्टानें और बर्फ का विशाल, सुनसान फैलाव था, जो एकाकीपन का एहसास कराता था।
(ख) बताओ ये जगहें कब उदास और फीकी लगती हैं और यहाँ कब रौनक होती है? घर बाज़ार स्कूल खेत
उत्तर-
घर - घर तब उदास और फीका लगता है जब सभी सदस्य काम या स्कूल के लिए बाहर चले जाते हैं और कोई घर पर नहीं होता। रौनक तब होती है जब सभी घर लौटते हैं, बातचीत होती है, हँसी-खुशी का माहौल बनता है और परिवार एक साथ समय बिताता है।
बाजार - बाजार सुबह या शाम के समय बंद होने पर खाली और उदास लगता है। रौनक तब होती है जब दुकानें खुली होती हैं, खरीदारों की भीड़ होती है, लोगों की आवाजें और सौदेबाजी की मधुर आवाजें गूँजती हैं।
स्कूल - स्कूल छुट्टी के दिन या छुट्टी के बाद जब सभी बच्चे चले जाते हैं, तो वह शांत और फीका लगता है। रौनक तब होती है जब बच्चों की किलकारियाँ, पढ़ाई की आवाजें और खेलकूद की गतिविधियों से स्कूल का माहौल जीवंत हो उठता है।
खेत - खेत तब उदास लगते हैं जब उनमें फसल नहीं होती, जमीन सूखी और खाली पड़ी होती है। रौनक तब होती है जब फसल लहलहाती है, हरियाली छाई होती है और किसान फसल काटने में व्यस्त होते हैं।
प्रश्न 2. “जवाहरलाल को इस कठिन यात्रा के लिए तैयार नहीं होना चाहिए |” तुम इससे सहमत हो तो भी तर्क दो, नहीं हो तो भी तर्क दो | अपने तर्कों को तुम कक्षा के सामने प्रस्तुत कर सकते हो |
उत्तर-
सहमत होने के तर्क: हाँ, जवाहरलाल जी को इस कठिन यात्रा के लिए तैयार नहीं होना चाहिए था क्योंकि उनके पास न तो उचित गर्म कपड़े थे, न पर्याप्त भोजन, न ही पहाड़ों पर चढ़ने के लिए जरूरी उपकरण जैसे रस्सी, कैराबिनर आदि। बिना तैयारी के ऐसी दुर्गम यात्रा पर निकलना जोखिम भरा था।
असहमत होने के तर्क: नहीं, जवाहरलाल जी का निकलना सही था क्योंकि कभी-कभी जोश, साहस और सीखने की ललक ही सबसे बड़ा साथी होती है। उन्होंने इस यात्रा से पहाड़ों की कठिनाइयों को करीब से समझा, जो भविष्य के लिए एक अनमोल अनुभव था। कभी-कभी तैयारी से ज्यादा हिम्मत काम आती है।
उत्तर- कोलाज एक कलात्मक तकनीक है जिसमें अलग-अलग चित्रों, फोटो या कागज के टुकड़ों को एक साथ जोड़कर एक नई तस्वीर बनाई जाती है। पहाड़ों का कोलाज बनाने के लिए आप पुरानी पत्रिकाओं, अखबारों या प्रिंट आउट से पर्वतारोहियों, बर्फीली चोटियों, हरे-भरे पहाड़ों, चट्टानों आदि की तस्वीरें काटकर एकत्र करें। फिर एक बड़े चार्ट पेपर पर इन्हें एक पहाड़ का आकार देते हुए सुंदरता से चिपकाएँ। इसे कक्षा की दीवार पर लगाकर प्रदर्शित किया जा सकता है।
प्रश्न 2. अब इन चित्रों पर आधारित शब्दों का एक कोलाज बनाओ | कोलाज में ऐसे शब्द हों जो इन चित्रों का वर्णन कर पा रहे हों या मन में उठने वाली भावनाओं को बता रहे हों | अब इन दोनों कोलाजो कक्षा में प्रदर्शित करो |
उत्तर- शब्दों का कोलाज बनाने के लिए पहाड़ों से जुड़े विभिन्न शब्दों को रंग-बिरंगे कागज पर लिखकर काट लें या कंप्यूटर से प्रिंट करें। इन शब्दों को भी चार्ट पर सजाएँ। ये शब्द हो सकते हैं:
प्रश्न 1. इस वृतांत को पढ़ते-पढ़ते तुम्हें अपनी कोई छोटी या लंबी यात्रा याद आ रही हो तो उसके बारे में लिखो |
उत्तर- पिछली गर्मियों में मैं अपने मामा के साथ मसूरी गया था। कार से जाते समय जैसे-जैसे हम पहाड़ों पर चढ़ने लगे, रास्ते घुमावदार और संकरे होते गए। एक तरफ ऊँचे पहाड़ थे तो दूसरी तरफ गहरी खाई! मैं थोड़ा डर भी गया था। लेकिन जब हम ऊपर पहुँचे तो मौसम एकदम ठंडा और साफ था। दूर तक फैले हरे-भरे पहाड़, बादलों को छूती चोटियाँ और तेज हवा के झोंके – सब कुछ बहुत अद्भुत लग रहा था। यह यात्रा मेरे लिए एक रोमांचक साहसिक अनुभव थी।
प्रश्न 2. जवाहरलाल को अमरनाथ तक का सफर अधूरा क्यों छोड़ना पड़ा?
उत्तर- जवाहरलाल जी को अमरनाथ तक का सफर अधूरा इसलिए छोड़ना पड़ा क्योंकि आगे का रास्ता बहुत ही खतरनाक और मुश्किल था। उनके पास न तो बर्फीले रास्तों पर चलने के लिए उचित जूते थे, न ही गर्म कपड़े और न ही पर्याप्त भोजन। सुरक्षा के लिए जरूरी सामान की कमी के कारण आगे बढ़ना जानलेवा हो सकता था, इसलिए उन्होंने समझदारी से वापस लौटने का निर्णय लिया।
प्रश्न 3. जवाहरलाल, किशन और कुली सभी रस्सी से क्यों बँधे थे?
उत्तर- जवाहरलाल, किशन और कुली सभी एक ही रस्सी से इसलिए बँधे थे ताकि सुरक्षा बनी रहे। पहाड़ की खड़ी चढ़ाई या फिसलन भरे रास्ते पर अगर उनमें से कोई एक व्यक्ति भी फिसल जाए या गिरने लगे, तो रस्सी के सहारे बाकी दो उसे संभाल सकते थे। यह तकनीक पर्वतारोहण में बहुत जरूरी है ताकि सभी एक-दूसरे से जुड़े रहें और कोई दुर्घटना न हो।
प्रश्न 4. (क) पाठ में नेहरू जी ने हिमालय से चुनौती महसूस की | कुछ लोग पर्वतारोहण को क्यों करना चाहते हैं?
उत्तर- लोग पर्वतारोहण अलग-अलग कारणों से करना चाहते हैं:
(ख) ऐसे कौन-कौन से चुनौती भरे काम हैं जो तुम करना पसंद करोगे?
उत्तर- हम निम्नलिखित चुनौती भरे काम करना पसंद करेंगे:
प्रश्न 1. “उदास फीके बर्फ से ढके चट्टानी पहाड़” “हिमालय की दुर्गम पर्वतमाला मुँह उठाए चुनौती दे रही थी |” “उदास होना” और “चुनौती देना” मनुष्य के स्वभाव है| यहाँ निर्जीव पहाड़ ऐसा कर रहे हैं | ऐसे और भी वाक्य है | जैसे- बिजली चली गई | चांद ने शरमाकर अपना मुँह बादलों के पीछे कर लिया | इस किताब के दूसरे पाठो में ऐसे वाक्य ढूँढो |
उत्तर- रिमझिम पुस्तक के अन्य पाठों में मिले ऐसे वाक्य:
प्रश्न- (क) ऊपर दिए पहाड़ के वर्णन और पाठ में दिए गए वर्णन में क्या अंतर है?
उत्तर- दोनों वर्णनों में बड़ा अंतर है:
(ख) कई बार निर्जीव चीजों के लिए मनुष्यों से जुड़ी क्रियाओं, विशेषण आदि का इस्तेमाल होता है, जैसे- पाठ में आए दो उदाहरण “उदास फीके, बर्फ से ढके चट्टानी पहाड़” या “सामने एक गहरी खाई मुँह फाड़े निकलने के लिए तैयार थी |” ऊपर लिखे शिमला के वर्णन में ऐसे उदाहरण ढूँढो |
उत्तर- शिमला के वर्णन में मिले उदाहरण:
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