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UP Board class 7 History (3. दिल्ली के सुलतान) solution PDF

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UP Board class 7 History (3. दिल्ली के सुलतान) solution

UP Board class 7 History 3. दिल्ली के सुलतान Hindi Medium Solutions - PDF

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UP Board Solutions for Class 7 History हमारे अतीत 3

दिल्ली के सुलतान

1. क्या आपको लगता है कि न्याय-चक्र राजा और प्रजा के बीच के संबंध को समझाने के लिए उपयुक्त शब्द है? (एन०सी०ई०आरग्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-32)

उत्तर: तेरहवीं शताब्दी के इतिहासकार फख़-ए-मुदब्बिर द्वारा प्रस्तुत 'न्याय चक्र' की अवधारणा राजा और प्रजा के पारस्परिक निर्भरता के संबंध को समझाने का एक अच्छा प्रयास है। इसके अनुसार, राजा सेना के बिना शासन नहीं चला सकता, सेना वेतन के बिना नहीं रह सकती, वेतन का स्रोत किसानों से वसूला गया राजस्व है, और किसान तभी राजस्व दे पाएँगे जब वे सुरक्षित और समृद्ध हों। यह समृद्धि तभी आती है जब राजा न्यायपूर्ण और ईमानदार शासन चलाता है। इस प्रकार, यह चक्र दिखाता है कि राजा की सफलता प्रजा की खुशहाली पर और प्रजा की खुशहाली राजा के न्याय पर निर्भर करती है। अतः यह शब्द उनके संबंध को समझाने के लिए आंशिक रूप से उपयुक्त है।

2. मिन्हाज के विचार अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए। क्या आपको लगता है कि रजिया के विचार भी यही थे ? आपके अनुसार स्त्री के लिए शासक बनना इतना कठिन क्यों था? (एन०्सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-33)

उत्तर: इतिहासकार मिन्हाज-ए-सिराज का मानना था कि ईश्वर ने समाज में पुरुषों को स्त्रियों से श्रेष्ठ स्थान दिया है, इसलिए स्त्रियों का शासन चलाना प्रकृति के नियमों के विरुद्ध है। रजिया सुल्तान (1236-1240 ई.) के विचार निश्चित रूप से मिन्हाज से भिन्न थे। उन्होंने सिद्ध किया कि एक स्त्री भी पुरुषों की तरह योग्यता और दृढ़ संकल्प से शासन चला सकती है। उस समय स्त्री के लिए शासक बनना कठिन था क्योंकि (1) समाज पितृसत्तात्मक था और शासन को पुरुष का कार्य माना जाता था, (2) सिंहासन पर पुत्र का अधिकार स्वाभाविक माना जाता था, (3) सेना और अमीर वर्ग, जो पुरुष प्रधान था, एक महिला शासक को स्वीकार करने को तैयार नहीं था।

3. क्‍या आपको गुलाम को बेटे से बढ़कर मानने का कोई कारण समझ में आता है? (एन०्सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-33)

उत्तर: हाँ, दिल्ली सल्तनत के प्रारंभिक काल की परिस्थितियों में यह समझ में आता है। कुतुबुद्दीन ऐबक और इल्तुतमिश जैसे गुलाम अपनी विशेष योग्यता, सैनिक कौशल और वफादारी के कारण ही सुल्तान बने। एक सुल्तान के लिए, एक ऐसा गुलाम जो उसकी हर आज्ञा का पालन करे, युद्ध कला में निपुण हो और प्रशासन चलाने का अनुभव रखता हो, कई बार एक अयोग्य या अनुभवहीन पुत्र से अधिक विश्वसनीय और उपयोगी साबित हो सकता था। इसलिए सुल्तान उन्हें बेटे से बढ़कर मानते थे।

4. आपके ख्याल से बरनी ने सुल्तान की आलोचना क्‍यों की थी? (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-33 )

उत्तर: इतिहासकार जियाउद्दीन बरनी ने सुल्तान मुहम्मद तुगलक की आलोचना इसलिए की क्योंकि सुल्तान ने शराब बनाने वाले, नाई और रसोइए जैसे साधारण पेशे के लोगों को ऊँचे प्रशासनिक पदों पर नियुक्त किया था। बरनी का मानना था कि शासन चलाने के लिए उच्च कुल में जन्मे, शिक्षित और अनुभवी लोग ही उपयुक्त होते हैं। उनके विचार में, सुल्तान द्वारा इन अयोग्य लोगों की नियुक्ति उसकी राजनीतिक समझ के अभाव और शासन की अक्षमता को दर्शाती थी।

5. सरदारों की रक्षा-व्यवस्था का वर्णन कीजिए। (एन०सी०ई०आरगण्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-40)

उत्तर: यात्री इब्नबतूता के अनुसार, भारत के सरदार अपनी सुरक्षा के लिए एक विशेष रक्षा-व्यवस्था बनाते थे। वे पहाड़ियों पर मजबूत किले बनवाते थे या फिर घने जंगलों में बाँस के मजबूत घेरे बनाकर रहते थे। ये स्थान प्राकृतिक रूप से दुर्गम होते थे। इन घेरों के अंदर ही उनके परिवार, मवेशी और फसलें सुरक्षित रहती थीं। वर्षा के जल को एकत्र करने की व्यवस्था भी अंदर ही होती थी, जिससे पानी की कमी न हो। इस तरह की व्यवस्था के कारण बिना बड़ी और शक्तिशाली सेना के उन पर विजय पाना बहुत मुश्किल था।

प्रश्न-अभ्यास (पाठ्यपुस्तक से)

फिर से याद करें

1. दिल्ली में पहले-पहल किसने राजधानी स्थापित की?

उत्तर: दिल्ली में सबसे पहले तोमर राजपूतों ने राजधानी स्थापित की थी, जिन्हें बाद में चौहान राजपूतों ने पराजित किया।

2. दिल्‍ली के सुलतानों के शासनकालों में प्रशासन की भाषा क्या थी?

उत्तर: दिल्ली के सुल्तानों के शासनकाल में प्रशासनिक और राजकीय कार्यों की मुख्य भाषा फारसी थी।

3. किसके शासन के दौरान सल्तनत का सबसे अधिक विस्तार हुआ?

उत्तर: सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल के दौरान दिल्ली सल्तनत का क्षेत्रीय विस्तार सबसे अधिक हुआ था।

4. इब्नबतूता किस देश से भारत में आया था?

उत्तर: इब्नबतूता मोरक्को (उत्तरी अफ्रीका) से भारत आया था।

आइए समझें

5. "न्याय चक्र' के अनुसार सेनापतियों के लिए किसानों के हितों का ध्यान रखना क्‍यों ज़रूरी था?

उत्तर: 'न्याय चक्र' के अनुसार, सेना का वेतन किसानों से एकत्र किए गए राजस्व से आता था। अगर किसान दुखी या गरीब होते, तो वे पूरा राजस्व नहीं दे पाते। इससे सेना का वेतन रुक सकता था, जिससे सेना असंतुष्ट हो जाती और राज्य की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती। इसलिए, सेनापतियों और राजा के लिए यह ज़रूरी था कि वे किसानों के हितों का ध्यान रखें और न्यायपूर्ण शासन दें, ताकि किसान खुशहाल रहें और राजस्व देते रहें।

6. 'भीतरी' और 'बाहरी' सीमा से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:

  • भीतरी सीमा: यह गैरिसन (सैनिक छावनी) वाले शहरों के आस-पास का वह क्षेत्र था जहाँ से शहर के लिए अनाज, सामान और अन्य ज़रूरतें पूरी की जाती थीं। यह क्षेत्र सीधे शहर के नियंत्रण में होता था।
  • बाहरी सीमा: यह भीतरी सीमा से दूर का वह विस्तृत क्षेत्र था जहाँ सल्तनत का प्रभाव कमज़ोर होता था। इन क्षेत्रों पर स्थानीय सरदारों, राजाओं या जनजातियों का नियंत्रण होता था और सुल्तान को इन पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करने पड़ते थे।

7. मुक्ती अपने-अपने कर्तव्यों का पालन करें, यह सुनिश्चित करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए थे? आपके विचार में सुलतान के आदेशों का उल्लंघन करना चाहने के पीछे उनके क्या कारण हो सकते थे ?

उत्तर: मुक्तियों (इक्ता प्रदान किए गए अधिकारियों) पर नज़र रखने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए सुल्तानों ने निम्नलिखित कदम उठाए:

  1. मुक्तियों की नियुक्ति वंशानुगत न होकर सुल्तान की मर्जी से होती थी।
  2. उन्हें इक्ता (जमीन का अधिकार) स्थायी रूप से न देकर कुछ समय के लिए दिया जाता था।
  3. उनका समय-समय पर स्थानांतरण किया जाता था ताकि वे एक जगह जम न जाएँ।
  4. राज्य द्वारा नियुक्त लेखा अधिकारी यह देखते थे कि मुक्ती ने सही राजस्व एकत्र किया है या नहीं।
  5. यह सुनिश्चित किया जाता था कि मुक्ती निर्धारित संख्या में सैनिक रखे और तय कर से अधिक वसूली न करे।
मुक्तियों के आदेश उल्लंघन के संभावित कारण: वे दूर-दराज़ के इलाकों में स्वतंत्र रूप से शासन करने के आदी हो जाते थे। अधिक शक्ति और धन इकट्ठा करने की लालसा, केंद्र सरकार की कमज़ोरी का फायदा उठाना, या सुल्तान के प्रति असंतोष उन्हें आदेशों का उल्लंघन करने के लिए प्रेरित कर सकते थे।

8. दिल्‍ली सल्तनत पर मंगोल आक्रमणों का क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर: मंगोल आक्रमणों का दिल्ली सल्तनत पर गहरा प्रभाव पड़ा:

  1. विशाल सेना का गठन: अलाउद्दीन खिलजी और मुहम्मद तुगलक को मंगोल खतरे से निपटने के लिए एक बहुत बड़ी स्थायी सेना रखनी पड़ी।
  2. वेतन प्रणाली में बदलाव: अलाउद्दीन खिलजी ने सैनिकों को इक्ता देने की बजाय नकद वेतन देने की प्रणाली शुरू की।
  3. राजधानी परिवर्तन का प्रयास: मुहम्मद तुगलक ने मंगोल खतरे से बचने के लिए दिल्ली की जनता को दक्षिण में दौलताबाद भेजकर वहाँ नई राजधानी बसाने का प्रयास किया।
  4. आर्थिक दबाव: विशाल सेना के खर्चे को पूरा करने के लिए अलाउद्दीन ने कर बढ़ाए और मुहम्मद तुगलक ने ताँबे के सिक्के चलाए, जिससे आर्थिक संकट पैदा हुआ।

आइए विचार करें

9. क्‍या आपकी समझ में तवारीख के लेखक, आम जनता के जीवन के बारे में कोई जानकारी देते हैं?

उत्तर: तवारीख (इतिहास ग्रंथ) के लेखक आम जनता के जीवन के बारे में बहुत कम जानकारी देते हैं, क्योंकि:

  1. ये लेखक दरबारी इतिहासकार थे - जैसे सचिव, कवि या अधिकारी। उनका मुख्य उद्देश्य सुल्तानों के कार्यों, युद्धों और प्रशासन का वर्णन करना था, न कि आम लोगों के बारे में लिखना।
  2. वे शहरों में रहते थे और गाँवों या साधारण लोगों के जीवन से सीधे जुड़े नहीं थे।
  3. वे अक्सर सुल्तानों की प्रशंसा करके इनाम पाने की आशा में लिखते थे, इसलिए उनकी रुचि दरबार और शासक वर्ग तक ही सीमित रहती थी।

10. दिल्‍ली सल्तनत के इतिहास में रजिया सुलतान अपने ढंग की एक ही थीं। क्या आपको लगता है कि आज महिला नेताओं को ज्यादा आसानी से स्वीकार किया जाता है?

उत्तर: आज रजिया सुल्तान के समय की तुलना में महिला नेताओं को निश्चित रूप से अधिक स्वीकार किया जाता है। आज महिलाएँ राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री जैसे उच्च पदों पर आसीन हो चुकी हैं। शिक्षा, कानून और सामाजिक सोच में बदलाव ने इस मार्ग को आसान बनाया है। हालाँकि, अभी भी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। राजनीति और प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी आदर्श स्तर से कम है और उन्हें पुरुषों की तुलना में अधिक साबित करना पड़ता है। इसलिए, हाँ, स्वीकार्यता बढ़ी है, लेकिन पूर्ण समानता अभी भी एक लक्ष्य है।

11. दिल्‍ली के सुलतान जंगलों को क्‍यों कटवा देना चाहते थे? क्या आज भी जंगल उन्हीं कारणों से काटे जा रहे हैं?

उत्तर: दिल्ली के सुल्तान जंगलों को निम्न कारणों से कटवाना चाहते थे:

  • कृषि भूमि का विस्तार: अधिक अनाज पैदा करने और राजस्व बढ़ाने के लिए जंगल साफ़ करके किसानों को जमीन देना।
  • सुरक्षा: जंगलों में छिपे शिकारी-संग्राहक समुदायों या विद्रोही सरदारों के ठिकानों को समाप्त करना, ताकि उन पर नियंत्रण रखा जा सके।
  • संसाधन: लकड़ी प्राप्त करना जिसका उपयोग निर्माण कार्य और ईंधन के लिए होता था।
आज के कारण: आज भी जंगल कृषि और आवास के विस्तार के लिए काटे जाते हैं, जो सुल्तानों के कारणों से मिलता-जुलता है। हालाँकि, आज नए कारण भी जुड़ गए हैं जैसे बड़े उद्योगों, खनन परियोजनाओं, सड़कों और बाँधों के निर्माण के लिए वनों की कटाई।

आइए करके देखें

12. पता लगाइए कि क्‍या आपके इलाके में दिल्‍ली के सुलतानों द्वारा बनवाई गई कोई इमारत है? क्या आपके इलाके में और भी कोई ऐसी इमारत है, जो बारहवीं से पंद्रहवीं सदी के बीच बनाई गई हो? इनमें से कुछ इमारतों का वर्णन कीजिए और उनके रेखाचित्र बनाइए।

उत्तर: दिल्ली के सुल्तानों द्वारा बनवाई गई कुछ प्रमुख इमारतें निम्नलिखित हैं। छात्र अपने क्षेत्र की प्रासंगिक इमारतों के बारे में लिख सकते हैं।

प्रसिद्ध इमारतस्थाननिर्माण करवाने वाला सुल्ताननिर्माण काल (लगभग)
कुतुबमीनारदिल्लीकुतुबुद्दीन ऐबक (पहली मंजिल)1199 ई.
अलाई दरवाजादिल्ली (कुतुब परिसर)अलाउद्दीन खिलजी1311 ई.
तुगलकाबाद का किलादिल्लीगयासुद्दीन तुगलक1321-25 ई.
फिरोजशाह कोटलादिल्लीफिरोजशाह तुगलक1354 ई.
खिड़की मस्जिददिल्लीमुहम्मद तुगलक1326 ई.

वर्णन (उदाहरण के लिए कुतुबमीनार): कुतुबमीनार दुनिया की सबसे ऊँची ईंटों की मीनार है। इसकी ऊँचाई लगभग 73 मीटर है। इसमें पाँच मंजिलें हैं और हर मंजिल पर बालकनी है। इसके चारों ओर जटिल नक्काशीदार आयतों और वृत्तों से सजे स्तंभ हैं। यह विजय और स्थापत्य कला का एक शानदार उदाहरण है। (छात्र किसी एक इमारत का चुनाव करके उसका विस्तृत वर्णन और साधारण रेखाचित्र बना सकते हैं)।

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Other Chapters of class 7 History
1. हजार वर्षों के दौरान हुए परिवर्तनों की पड़ताल
2. नये राजा और उनके राज्य
3. दिल्ली के सुलतान
4. मुग़्ल साम्राज्य
5. शासक और इमारतें
6. नगर व्यापारी और शिल्पीजन
7. जनजातियाँ खानाबदोश और एक जगह बसे हुए समुदाय
8. ईश्वर से अनुराग
9. क्षेत्रीय संस्कृतियों का निर्माण
10. अठारहवीं शताब्दी में नए राजनीतिक गठन
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