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UP Board Class 6 Social Studies (7. नगर प्रशासन) solution PDF

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UP Board Class 6 Social Studies (7. नगर प्रशासन) solution

UP Board Class 6 Social Studies 7. नगर प्रशासन Hindi Medium Solutions - PDF

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UP Board Solutions for Class 6 Social Studies (सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन) - 7. नगर प्रशासन

1. क्या आप नगर पालिका के कार्यों की सूची बनाने में शंकर की मदद कर सकती हैं: (एन०सी०ई०आरग्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-66)

नगर पालिका शहर के विकास और निवासियों के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य करती है। ये कार्य निम्नलिखित हैं:

  • शहर में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना करना तथा उनका संचालन करना।
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना, जैसे दवाखाने (डिस्पेंसरी) और अस्पताल चलाना।
  • शहर के पार्कों, उद्यानों और हरित क्षेत्रों का रखरखाव व देखभाल करना।
  • सड़कों, गलियों और बाजारों की नियमित सफाई का प्रबंध करना तथा कूड़ा-कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करना।
  • पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करना।
  • सड़कों पर रोशनी (स्ट्रीट लाइट) की व्यवस्था करना।

2. निम्नलिखित वाक्यों के खाली स्थान भरिए : (एन०सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-67)

  1. पंचायत के चुने हुए सदस्यों को पंच कहते हैं।
  2. शहर विभिन वार्डों में बेटा हुआ होता है।
  3. नगर निगम के चुने हुए सदस्यों को पार्षद कहते हैं।
  4. पार्षदों के समूह उन मुद्दों पर काम करते हैं जो सारे शहर को प्रभावित करते हैं।
  5. पंचायत और नगर पालिका के चुनाव प्रत्येक पाँच वर्ष में होते हैं।
  6. पार्षद अगर निर्णय लेते हैं तो आयुक्त के नेतृत्व में दफ्तर के प्रशासनिक कर्मचारी उन निर्णयों को लागू करते हैं

3. नगर निगम को पैसा कहाँ से मिलता है? (एन०सी०ई०आरगण्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-68)

नगर निगम को अपने सभी कार्यों को चलाने के लिए धनराशि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त होती है। इसका मुख्य स्रोत शहर के निवासियों और संस्थानों द्वारा दिए जाने वाले विभिन्न कर (टैक्स) हैं, जैसे:

  • संपत्ति कर: घरों, दुकानों, कारखानों आदि पर लगाया जाने वाला कर।
  • जल कर: पानी की आपूर्ति के बदले लिया जाने वाला शुल्क।
  • मनोरंजन कर: सिनेमा घरों, थिएटरों आदि पर लगाया जाने वाला कर।
  • सड़कों के किनारे दुकानें लगाने या साप्ताहिक बाजार आयोजित करने के लिए लाइसेंस शुल्क।
  • केंद्र और राज्य सरकारों से प्राप्त होने वाली अनुदान राशि।

4. खाला के सेवानिवृत्त होने के बाद से क्या-क्या बदला है? (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-70)

यास्मीन खाला के सेवानिवृत्त होने के बाद नगर प्रशासन में कई बदलाव आए हैं। एक प्रमुख बदलाव यह है कि अब कई नगर निगमों ने कचरा एकत्र करने और उसके निपटान (डिस्पोजल) का काम सीधे अपने कर्मचारियों के बजाय निजी ठेकेदार कंपनियों को सौंप दिया है। इससे काम की प्रक्रिया और जिम्मेदारी में परिवर्तन आया है।

5. गंगाबाई किस बात का विरोध कर रही थी? (एन०सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-70)

गंगाबाई अपने मोहल्ले में कूड़े-कचरे की अनियमित सफाई का विरोध कर रही थीं। उनके मोहल्ले में कूड़ा इधर-उधर फैला रहता था, जिसे उठाने की कोई नियमित व्यवस्था नहीं थी। इस कूड़े के ढेर पर मक्खियाँ भिनभिनाती थीं और चूहे व कुत्ते इकट्ठा होते थे, जिससे भयंकर बदबू आती थी और बीमारियाँ फैलने का खतरा बना रहता था। यही कारण था कि अभिभावक बच्चों को गंदी गलियों में खेलने नहीं देते थे।

6. आपके हिसाब से गंगाबाई ने पार्षद के पास जाने की बात क्यों सोची? (एन०्सी०ई०आरण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-70)

गंगाबाई ने पार्षद के पास जाने की बात इसलिए सोची क्योंकि पार्षद उनके वार्ड का चुना हुआ जनप्रतिनिधि था। चूंकि मोहल्ले के लोगों ने उसे वोट देकर चुना था, इसलिए उसकी यह जिम्मेदारी और कर्तव्य बनता था कि वह अपने क्षेत्र की समस्याओं को सुनें और उनका समाधान नगर निगम के माध्यम से करवाए। गंगाबाई को विश्वास था कि पार्षद ही उनकी आवाज को प्रशासन तक पहुँचा सकता है।

7. जब आयुक्‍त ने यह कहा कि शहर में ट्रकों की संख्या पर्याप्त नहीं है तो गंगाबाई ने क्या कहा? (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-70)

जब आयुक्त ने कचरा उठाने के लिए पर्याप्त ट्रक न होने का बहाना बनाया, तो गंगाबाई ने तुरंत एक तीखा और तर्कपूर्ण जवाब दिया। उन्होंने कहा, "लगता है आपके पास अमीर इलाकों में कचरा उठाने के लिए पूरे ट्रक हैं।" इस टिप्पणी के माध्यम से उन्होंने नगर निगम पर भेदभावपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया और यह स्पष्ट किया कि गरीब मोहल्लों की उपेक्षा की जा रही है।

8. क्या आप जानती हैं कि आपके मोहल्ले में कब और कितनी बार कूड़ा उठाया जाता है? क्या आपको लगता है कि सभी मोहल्लों में उतनी ही बार कूड़ा उठाया जाता है? यदि नहीं, तो क्‍यों? चर्चा करें। (एन०्सी०ई०आरगण्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-71)

उदाहरण उत्तर: मेरे मोहल्ले में कूड़ा प्रतिदिन सुबह एक बार उठाया जाता है। मुझे नहीं लगता कि शहर के सभी मोहल्लों में कूड़ा उठाने की यही व्यवस्था है। कई मोहल्लों में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, जो दर्शाता है कि वहाँ नियमित सफाई नहीं होती। इस असमानता के कई कारण हो सकते हैं:

  • संसाधनों का असमान वितरण: नगर निगम के पास सीमित संख्या में सफाई वाहन और कर्मचारी हो सकते हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर अलग-अलग इलाकों में भेजा जाता है।
  • इलाके का प्रकार: अमीर या व्यावसायिक इलाकों को अक्सर अधिक प्राथमिकता दी जाती है, जबकि झुग्गी-झोपड़ी या गरीब बस्तियों की उपेक्षा हो सकती है।
  • प्रशासनिक लापरवाही: कभी-कभी सफाई कर्मचारियों या ठेकेदारों की लापरवाही भी इसका कारण बनती है।

प्रश्न-अभ्यास (पाठ्यपुस्तक से)

1. बच्चे यास्मीन खाला के घर पर क्‍यों गए?

बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे, तभी गेंद लगकर गली की एक ट्यूबलाइट टूट गई। बच्चे यह जानने के लिए यास्मीन खाला के पास गए कि टूटी हुई ट्यूबलाइट को बदलवाने के लिए किसे पैसे देने होंगे या किससे शिकायत करनी होगी। चूंकि यास्मीन खाला लंबे समय तक नगर निगम में काम कर चुकी थीं, इसलिए बच्चों को लगा कि उन्हें नगर निगम की ऐसी प्रक्रियाओं की अच्छी जानकारी होगी।

2. नगर निंगम के कार्य शहर के निवासियों के जीवन को किस तरह प्रभावित करते हैं? ऐसे चार तरीकों के बारे में लिखिए।

नगर निगम के कार्य शहरवासियों के दैनिक जीवन को सीधे और गहराई से प्रभावित करते हैं। चार प्रमुख तरीके इस प्रकार हैं:

  1. स्वास्थ्य सुरक्षा: सार्वजनिक अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र चलाकर नगर निगम लोगों को सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करता है, जिससे बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है।
  2. शिक्षा का प्रसार: नगर निगम द्वारा चलाए जाने वाले स्कूल शहर के बच्चों, विशेषकर गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा का अवसर देते हैं, जिससे उनका भविष्य उज्जवल बनता है।
  3. स्वच्छ वातावरण: सड़कों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई और कूड़े का प्रबंधन करके नगर निगम शहर को साफ-सुथरा रखता है, जिससे बीमारियाँ फैलने का खतरा कम होता है और जीवन स्तर बेहतर होता है।
  4. मूलभूत सुविधाएँ: पीने के साफ पानी की आपूर्ति, सड़कों पर रोशनी और पार्कों के रखरखाव जैसे काम नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाते हैं।

3. नगर निगम पार्षद कौन होता है?

नगर निगम पार्षद एक लोकतांत्रिक रूप से चुना गया जनप्रतिनिधि होता है। शहर को कई छोटे-छोटे निर्वाचन क्षेत्रों में बाँटा जाता है, जिन्हें वार्ड कहते हैं। प्रत्येक वार्ड के निवासी पाँच वर्ष के लिए एक प्रतिनिधि चुनते हैं, जिसे पार्षद कहा जाता है। पार्षद का काम अपने वार्ड की समस्याओं को नगर निगम की बैठकों में उठाना और उनके समाधान के लिए काम करना है।

4. गंगाबाई ने क्या किया और क्‍यों?

गंगाबाई ने अपने मोहल्ले में कूड़े की अनियमित सफाई के खिलाफ एक सक्रिय आंदोलन शुरू किया। उन्होंने कई अन्य महिलाओं को इकट्ठा किया और सबसे पहले अपने वार्ड के पार्षद से शिकायत की। जब पार्षद के माध्यम से भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सीधे नगर निगम के आयुक्त के पास गईं। आयुक्त के पर्याप्त ट्रक न होने के बहाने पर, गंगाबाई ने साहस के साथ कहा कि अमीर इलाकों के लिए तो ट्रक मौजूद हैं। अंत में, उन्होंने एक धरने की चेतावनी देकर प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने यह सब इसलिए किया क्योंकि गंदगी से उनके मोहल्ले के लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा था और बच्चे खे भी नहीं पा रहे थे।

5. चर्चा कीजिए :
ऊपर के दो चित्रों में आपने कूड़ा इकट्ठा करने एवं उसको ठिकाने लगाने की विभिन्‍न विधियों को देखा।
(क) आपके विचार से कौन-सी विधि कूड़े का निपटारण करने वाले व्यक्ति के लिए सुरक्षित है?
(ख) पहले चित्र में कूड़ा इकट्ठा करने को जो तरीका दिखाया गया है उसमें क्या-क्या जोखिम है?
(ग) आप क्या सोचती हैं कि जो लोग नगर निगमों में काम करते हैं उनके पास अपने कूड़े के निपटारण की व्यवस्थित सुविधाएँ क्यों नहीं हैं?

(क) फोटो 2 में दिखाई गई विधि, जहाँ कर्मचारी सुरक्षात्मक दस्ताने, मास्क और बूट पहनकर मशीनीकृत तरीके से कूड़ा उठा रहा है, कूड़ा निपटान करने वाले व्यक्ति के लिए अधिक सुरक्षित है। इससे उसे कीटाणुओं, तेज कचरे या विषैले पदार्थों के सीधे संपर्क में आने का खतरा कम होता है।

(ख) पहले चित्र (फोटो 1) में दिखाया गया पारंपरिक तरीका बहुत जोखिम भरा है:

  • कर्मचारी के पास कोई सुरक्षा उपकरण (दस्ताने, मास्क, जूते) नहीं हैं, जिससे वह संक्रमण या चोट का शिकार हो सकता है।
  • खुले कूड़े के ढेर से हानिकारक बैक्टीरिया और गैसें फैलती हैं, जो उसके और आस-पास के लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
  • तेज धार वाली वस्तुएँ (काँच, धातु) या सुइयाँ हाथ में चुभ सकती हैं, जिससे गंभीर चोट या बीमारी हो सकती है।
  • इस तरह से कूड़ा इकट्ठा करने से पूरे इलाके में गंदगी और बदबू फैलती है।

(ग) नगर निगम के कर्मचारियों के पास अक्सर आधुनिक सुविधाएँ न होने के पीछे कई कारण हैं:

  • बजट की कमी: नगर निगमों के पास सभी क्षेत्रों में आधुनिक मशीनें और सुरक्षा उपकरण खरीदने के लिए पर्याप्त धन नहीं होता।
  • प्राथमिकताओं में अंतर: प्रशासन अक्सर दिखावटी कामों पर पैसा खर्च करना पसंद करता है, जबकि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया जाता।
  • भ्रष्टाचार: कभी-कभी आवंटित धनराशि का सही उपयोग नहीं हो पाता, जिससे नई सुविधाएँ नहीं आ पातीं।
  • सामाजिक उपेक्षा: समाज में सफाई कर्मचारियों के काम को अक्सर कम आंका जाता है, जिसके कारण उनकी कार्य स्थितियों में सुधार की माँग जोरदार ढंग से नहीं उठती।

6. नगर निगम अपने काम के लिए घन कहाँ से प्राप्त करता है?

नगर निगम को अपने विस्तृत कार्यों को चलाने के लिए धनराशि निम्नलिखित मुख्य स्रोतों से प्राप्त होती है:

  1. विभिन्न कर: यह सबसे बड़ा स्रोत है। इसमें संपत्ति कर, जल कर, मनोरंजन कर (सिनेमा, होटल आदि पर), और व्यापार लाइसेंस शुल्क शामिल हैं।
  2. सरकारी अनुदान: राज्य सरकार और केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए अनुदान देती हैं।
  3. सेवा शुल्क: सार्वजनिक शौचालयों, स्टेडियमों, सामुदायिक केंद्रों के इस्तेमाल के लिए लिया जाने वाला शुल्क।
  4. जुर्माना: नगर नियमों को तोड़ने पर लगाया गया जुर्माना, जैसे अतिक्रमण करने या गलत जगह कूड़ा फेंकने पर।

7. ...क्या आपको लगता है कि निगम को बस्तियों की सफाई पर ज्यादा खर्च करना चाहिए? यह क्‍यों महत्त्वपूर्ण है? और यह क्यों जरूरी हैं कि शहर में नगर निगम जो सुविधाएँ घनी व्यक्तियों को मुहैया कराता है वही गरीबों को भी मिलें?

हाँ, नगर निगम को गरीब बस्तियों की सफाई और विकास पर अवश्य अधिक ध्यान और खर्च करना चाहिए। इसके निम्नलिखित कारण हैं:

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य: गरीब बस्तियों में सफाई की कमी से हैजा, टाइफाइड, डेंगू जैसी बीमारियाँ तेजी से फैलती हैं। चूंकि बीमारियाँ एक स्थान तक सीमित नहीं रहतीं, इसलिए पूरे शहर के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए इन बस्तियों को स्वच्छ रखना जरूरी है।
  • संवैधानिक दायित्व: भारत का संविधान समानता का अधिकार देता है। इसका अर्थ है कि शहर के प्रत्येक नागरिक, चाहे वह अमीर हो या गरीब, को मूलभूत सुविधाएँ (पानी, सफाई, रोशनी) पाने का समान अधिकार है।
  • सामाजिक न्याय: जो लोग पूरे शहर को साफ रखने का काम करते हैं, उनकी अपनी बस्तियों में गंदगी रहना सामाजिक अन्याय है। उनके प्रति सम्मान और न्याय इसी में है कि उन्हें भी बेहतर जीवन स्थितियाँ मिलें।
  • शहरी विकास: एक स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध शहर तभी बन सकता है जब उसके सभी हिस्सों का विकास हो। गंदी बस्तियाँ शहर की छवि को भी खराब करती हैं।

इसलिए, यह न केवल नैतिक और संवैधानिक जरूरत है, बल्कि पूरे शहर के हित में भी है कि गरीब बस्तियों को भी वही सुविधाएँ मिलें जो अमीर इलाकों को मिलती हैं।

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Other Chapters of Class 6 Social Studies
1. विविधता की समझ
2. विविधता एवं भेदभाव
3. सरकार क्या है ?
4. लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य तत्त्व
5. पंचायती राज
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