UP Board Solutions for Class 6 Social Studies (सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन 3)
सरकार क्या है? पावठ्यपुस्तक के आंतरिक प्रश्न
1. अखबार की सुर्खियों को देखिए। इनमें सरकार के जिन कामों की बात की जा रही है, उनकी सूची बनाइए। (एन०्सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-31)
उत्तर: अखबार की सुर्खियों में सरकार के निम्नलिखित कामों की चर्चा की जा रही है:
- सरकार से कामगारों के अधिकारों की रक्षा की माँग।
- बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार की ओर से राहत सामग्री उपलब्ध कराना।
- ब्याज की दर में उछाल रोकने और प्याज जैसी आवश्यक वस्तुओं के दाम तय करना।
- सर्वोच्च न्यायालय के लिए पाँच और न्यायाधीशों की नियुक्ति करना।
- कोयला और बिजली जैसे महत्वपूर्ण विभागों का पुनर्गठन करना।
- सूखे से प्रभावित 15,000 से अधिक गाँवों को सूखाग्रस्त घोषित करना तथा उनके लिए सहायता योजनाएँ बनाना।
2. क्या सरकार का काम बहुत ही विस्तृत नहीं है? आपके अनुसार सरकार क्या है? कक्षा में इस पर चर्चा कीजिए। (एन०्सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-31)
उत्तर: हाँ, सरकार का काम बहुत ही विस्तृत है। सरकार वह संस्था है जो किसी देश या क्षेत्र के लोगों के लिए नियम बनाती है, उन्हें लागू करती है और देश का प्रबंधन करती है। इसके कार्यों में कानून व्यवस्था बनाए रखना, शिक्षा व स्वास्थ्य की सुविधाएँ देना, देश की रक्षा करना और लोगों के कल्याण के लिए योजनाएँ बनाना शामिल है। इस विषय पर कक्षा में अपने शिक्षक की सहायता से विस्तृत चर्चा करें।
3. क्या आप सरकार के ऐसे कुछ और कामों के उदाहरण दे सकती हैं जिनकी चर्चा ऊपर नहीं की गई है? (एन०सी०ई०आरग्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-32)
उत्तर: हाँ, सरकार के कुछ अन्य महत्वपूर्ण कार्य इस प्रकार हैं:
- देश में नए उद्योग स्थापित करने के लिए नीतियाँ बनाना और उन्हें प्रोत्साहन देना।
- विदेशों के साथ व्यापारिक समझौते करना और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को मजबूत बनाना।
- खेलों के विकास के लिए स्टेडियम बनवाना, खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना और प्रतियोगिताएँ आयोजित करवाना।
- सड़कें, पुल, रेलवे लाइन जैसी बुनियादी संरचनाओं (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का निर्माण करवाना।
- पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कानून बनाना और वन्यजीवों के संरक्षण के उपाय करना।
4. नीचे की तालिका में दिए गए कथनों पर नज़र दौड़ाइए। क्या आप पहचान सकती हैं कि वे सरकार के किस स्तर से संबंधित हैं? उनके आगे निशान लगाइए। (एन०्सी०ई०आरण्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-34)
उत्तर:
| कथन | सरकार का स्तर |
| हरियाणा सरकार का सारे किसानों को मुफ़्त बिजली देने का निर्णय | राज्य |
| पश्चिम बंगाल की सरकार का सारे सरकारी स्कूलों में कक्षा 8 में बोर्ड की परीक्षा लेने का निर्णय | राज्य |
| गाँव में एक सार्वजनिक कुएँ के स्थान को चुनने का निर्णय | स्थानीय |
| जम्मू एवं भुवनेश्वर के बीच में नई रेल सेवाएँ शुरू करने का निर्णय | राष्ट्रीय |
| पटना में बच्चों के लिए बड़ा-सा पार्क बनाने का निर्णय | राज्य |
| भारतीय सरकार का रूस के साथ मैत्री संबंध बनाने का निर्णय | राष्ट्रीय |
| 1000 रुपये का नया नोट शुरू करने का निर्णय | राष्ट्रीय |
5. किसी दूसरे कानून को लेकर यह विचार कीजिए कि लोगों के लिए उसे मानना क्यों जरूरी है? (एन०्सी०ई०आरगण्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-35)
उत्तर: ट्रैफिक (यातायात) के नियमों का पालन करना एक महत्वपूर्ण कानून है। इन नियमों को मानना इसलिए जरूरी है क्योंकि:
- ये सड़क पर चलने वाले सभी लोगों – पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों और वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
- इनसे सड़कों पर अव्यवस्था और जाम की स्थिति नहीं बनती, जिससे समय की बचत होती है।
- नियम तोड़ने पर दंड (जुर्माना) का प्रावधान है, जो लोगों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करता है और समाज में अनुशासन बनाए रखता है।
6. लोकतंत्र में लोगों की भागीदारी उन निर्णयों को लेने में महत्त्वपूर्ण हैं जो उनको प्रभावित करते हैं। क्या आप इससे सहमत हैं? अपने जवाब के दो कारण लिखिए। (एन०्सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-36)
उत्तर: हाँ, मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूँ कि लोकतंत्र में लोगों की भागीदारी उन निर्णयों को लेने में बहुत महत्वपूर्ण है जो उन्हें प्रभावित करते हैं। इसके दो मुख्य कारण हैं:
- सही समस्याओं की पहचान: स्थानीय लोग अपने इलाके की वास्तविक समस्याओं और जरूरतों को सबसे अच्छी तरह जानते हैं, जैसे पानी की कमी, सड़क की खराब हालत या स्कूल में शिक्षकों की कमी। उनकी भागीदारी से सरकार को इन समस्याओं के बारे में सही जानकारी मिलती है और सही निर्णय लिए जा सकते हैं।
- निर्णयों की स्वीकार्यता: जब लोग स्वयं निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं, तो वे उन निर्णयों को अधिक आसानी से स्वीकार करते हैं और उन्हें लागू करने में सहयोग देते हैं। इससे सरकार के काम करने में आसानी होती है और सामाजिक एकता बढ़ती है।
7. आपके यहाँ जिस प्रकार की शासन व्यवस्था है, उसके स्थान पर आप कैसी शासन व्यवस्था चाहेंगी? और क्यों? (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-36)
उत्तर: भारत में वर्तमान में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है और मैं इसी प्रकार की शासन व्यवस्था चाहूँगा/चाहूँगी। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि भारत एक विशाल देश है जहाँ विभिन्न जातियों, धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोग एक साथ रहते हैं। लोकतंत्र ही एकमात्र ऐसी व्यवस्था है जो सभी नागरिकों को समान अधिकार देती है, उनकी आवाज सुनती है और शासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करती है। यह व्यवस्था बहुमत के शासन के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के अधिकारों की भी रक्षा करती है, जो भारत जैसे विविधतापूर्ण देश के लिए सबसे उपयुक्त है।
8. नीचे दिए गए कथनों में जो गलतियाँ हैं, उन्हें सुधार कर लिखिए।
1. राजतंत्र में देश के नागरिकों को अपनी पसंद का नेता चुनने की छूट होती है।
2. लोकतंत्र में एक राजा के पास देश पर शासन करने की संपूर्ण ताकत होती है।
3. राजतंत्र में राजा या रानी द्वारा लिए गए निर्णयों पर लोग प्रश्न उठा सकते हैं। (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-36)
उत्तर: सुधारे हुए कथन:
- यह कथन गलत है। राजतंत्र में नागरिकों को अपनी पसंद का नेता चुनने की छूट नहीं होती है। शासन का अधिकार राजा या रानी के पास होता है और यह पद आमतौर पर उनके परिवार में ही वंशानुगत तरीके से चलता रहता है।
- यह कथन गलत है। लोकतंत्र में सर्वोच्च शक्ति जनता के पास होती है, न कि किसी एक राजा के पास। जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनती है, जो एक निश्चित अवधि के लिए सरकार चलाते हैं और जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं।
- यह कथन गलत है। राजतंत्र में राजा या रानी द्वारा लिए गए निर्णयों पर आम लोग प्रश्न नहीं उठा सकते हैं। राजा का निर्णय अंतिम माना जाता है और उसे चुनौती नहीं दी जा सकती, जबकि लोकतंत्र में सरकार को अपने हर निर्णय का कारण बताना पड़ता है।
(क) महिलाओं द्वारा मताधिकार के लिए किए गए संघर्ष को किस नाम से जाना जाता है? (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-37)
उत्तर: महिलाओं द्वारा मत देने के अधिकार (वोट) के लिए किए गए इस ऐतिहासिक संघर्ष को 'महिला मताधिकार आंदोलन' के नाम से जाना जाता है। अंग्रेजी में इसे 'सफ़्रेज मूवमेंट' (Suffrage Movement) कहते हैं। 'सफ़्रेज' (Suffrage) शब्द का अर्थ है - मत देने या वोट डालने का अधिकार।
(ख) अमरीका तथा इंग्लैंड में महिलाओं को वोट देने का अधिकार कब मिला था? (एन०सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-37)
उत्तर: इस लंबे संघर्ष के बाद:
- अमेरिका में महिलाओं को वोट देने का अधिकार सन 1920 में मिला।
- इंग्लैंड में महिलाओं को यह अधिकार सन 1928 में प्राप्त हुआ।
(ग) प्रथम विश्व युद्ध के समय महिलाओं के कामों में किस प्रकार का परिवर्तन आया? (एन०सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-37)
उत्तर: प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के दौरान एक बड़ा परिवर्तन आया। चूँकि अधिकांश पुरुष सेना में लड़ने के लिए चले गए थे, इसलिए कारखानों, दफ्तरों, खेतों और अन्य क्षेत्रों में काम करने वालों की कमी हो गई। ऐसे में, महिलाओं ने वे सभी काम संभाल लिए जो पहले केवल पुरुषों का काम माने जाते थे, जैसे- कारखानों में मशीनें चलाना, बस और ट्राम चलाना, डाक विभाग में काम करना आदि। इससे यह साबित हो गया कि महिलाएँ भी हर तरह के काम करने में सक्षम हैं, जिसने उनके मताधिकार के संघर्ष को और मजबूती दी।
प्रश्न-अभ्यास (पाठ्यपुस्तक से)
1. आप 'सरकार' शब्द से क्या समझती हैं? एक सूची बनाइए कि किस तरह से सरकार आपके जीवन को प्रभावित करती है।
उत्तर: सरकार से तात्पर्य उस संगठित समूह या संस्था से है जिसे किसी देश या राज्य का प्रबंधन चलाने, नियम-कानून बनाने और उन्हें लागू करने का अधिकार प्राप्त होता है। यह जनता के लिए कल्याणकारी कार्य करती है और देश के भीतर तथा बाहर शांति व व्यवस्था बनाए रखती है।
सरकार हमारे दैनिक जीवन को निम्नलिखित तरीकों से प्रभावित करती है:
- सुरक्षा: सेना और पुलिस के माध्यम से देश की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- जन-सुविधाएँ: स्कूल, अस्पताल, सड़कें, बिजली, पानी, सार्वजनिक परिवहन (बस, रेल) जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना।
- कल्याणकारी योजनाएँ: गरीबों, वृद्धों, छात्रों और किसानों के लिए विभिन्न सहायता योजनाएँ (जैसे राशन कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति) चलाना।
- आपदा राहत: बाढ़, सूखा, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय पीड़ित लोगों को राहत पहुँचाना और पुनर्वास करना।
- कानून व्यवस्था: देश में शांति बनाए रखने के लिए कानून बनाना और अपराधियों को दंड देना।
2. सरकार को कानून के रूप में सबके लिए नियम बनाने की क्या ज़रूरत है?
उत्तर: सरकार को कानून के रूप में सबके लिए समान नियम बनाने की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से है:
- व्यवस्था और शांति: करोड़ों लोगों के एक साथ रहने और काम करने के लिए एक सामान्य व्यवस्था जरूरी है। कानून ही यह सुनिश्चित करते हैं कि समाज में अराजकता न फैले और सभी लोग शांति से रह सकें।
- न्याय सुनिश्चित करना: कानून सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी के साथ अन्याय न हो। यदि कोई कानून तोड़ता है, तो उसे दंड मिलता है, जिससे न्याय की स्थापना होती है।
- संसाधनों का न्यायपूर्ण बँटवारा: देश के संसाधन (जैसे जमीन, पानी, खनिज) सीमित हैं। कानून यह तय करते हैं कि इन संसाधनों का उपयोग कैसे और किसके द्वारा किया जाएगा, ताकि सभी को उचित हिस्सा मिल सके और झगड़े न हों।
- सामाजिक बदलाव लाना: सरकार कानून बनाकर समाज में फैली बुराइयों (जैसे छुआछूत, बाल श्रम, दहेज प्रथा) को खत्म करने का प्रयास करती है और एक बेहतर समाज बनाने में मदद करती है।
3. लोकतांत्रिक सरकार के आवश्यक लक्षण क्या हैं?
उत्तर: लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
- जनता द्वारा चुनाव: लोकतांत्रिक सरकार का चुनाव देश के सभी वयस्क नागरिकों द्वारा स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के माध्यम से एक निश्चित अवधि के लिए किया जाता है।
- जवाबदेही: चुनी हुई सरकार को अपने हर निर्णय और कार्य के लिए जनता के प्रति जवाबदेह होना पड़ता है। उसे यह बताना होता है कि उसने कोई निर्णय क्यों लिया और सार्वजनिक धन को कैसे खर्च किया।
- कानून का शासन: देश में सर्वोच्च स्थान किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि संविधान और कानून का होता है। सरकार सहित सभी को कानून का पालन करना होता है।
- नागरिक अधिकारों की रक्षा: लोकतंत्र में नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संगठन बनाने की स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकार प्राप्त होते हैं और सरकार का कर्तव्य है कि वह इन अधिकारों की रक्षा करे।
4. महिला मताधिकार आंदोलन क्या है? उसकी उपलब्धि क्या थी?
उत्तर: महिला मताधिकार आंदोलन 19वीं और 20वीं शताब्दी का एक वैश्विक सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन था, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को मतदान (वोट) का अधिकार दिलाना था। इस आंदोलन की शुरुआत इस विचार से हुई कि लोकतंत्र तभी पूरा होगा जब देश की आधी आबादी (महिलाओं) को भी शासन में भाग लेने का अधिकार मिलेगा।
आंदोलन की मुख्य उपलब्धि: इस आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह थी कि इसने दुनिया भर के देशों में महिलाओं को राजनीतिक समानता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया। विशेष रूप से:
- इसके परिणामस्वरूप अमेरिका (1920) और ब्रिटेन (1928) जैसे प्रमुख देशों में महिलाओं को वोट देने का कानूनी अधिकार मिला।
- इस आंदोलन ने यह साबित कर दिया कि महिलाएँ संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ सकती हैं और सामाजिक बदलाव ला सकती हैं।
- इसने केवल मताधिकार ही नहीं, बल्कि महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक स्थिति में सुधार के लिए भी मार्ग प्रशस्त किया।
5. गांधीजी का दृढ़ विश्वास था कि भारत में हर एक वयस्क को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए। लेकिन बहुत सारे लोग उनके विचारों से सहमत नहीं हैं। बहुत लोगों को लगता है कि अशिक्षित लोगों को, जो ज्यादातर गरीब हैं, वोट देने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। आपको क्या विचार है? क्या आपको लगता है कि यह भेदभाव का एक रूप होगा?
उत्तर: मेरे विचार से महात्मा गांधी जी का विचार पूरी तरह सही और लोकतांत्रिक था। भारत में हर वयस्क, चाहे वह अशिक्षित हो या गरीब, को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए। अगर हम शिक्षा या आर्थिक स्थिति के आधार पर किसी को वोट देने के अधिकार से वंचित करते हैं, तो यह निश्चित रूप से भेदभाव का एक गंभीर रूप होगा। इसके पीछे निम्नलिखित कारण हैं:
- लोकतंत्र का मूल सिद्धांत: लोकतंत्र 'लोगों का, लोगों के द्वारा, लोगों के लिए शासन' है। इसमें 'लोग' से तात्पर्य सभी वयस्क नागरिकों से है, न कि केवल शिक्षित या अमीर वर्ग से। शिक्षा या धन को मापदंड बनाना लोकतंत्र के सार के विपरीत है।
- समानता का अधिकार: हमारा संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। वोट देने का अधिकार राजनीतिक समानता की नींव है। इसे छीनना संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन होगा।
- समस्याओं की समझ: एक गरीब या अशिक्षित व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की समस्याओं (रोजगार, राशन, स्वास्थ्य) को एक शिक्षित व्यक्ति से कहीं बेहतर समझता है। उसका वोट उसकी इन्हीं जरूरतों और आकांक्षाओं को व्यक्त करता है। उसकी आवाज़ को दबाना अन्याय होगा।
- सशक्तिकरण का मार्ग: वोट का अधिकार ही गरीब और वंचित वर्ग को सशक्त बनाता है। इसके माध्यम से वे सरकार पर दबाव बना सकते हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। इस अधिकार को छीनने का मतलब होगा उन्हें सदैव के लिए कमजोर बनाए रखना।
इसलिए, सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और इसे बनाए रखना जरूरी है।