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UP Board Class 6 Social Studies (6. गाँव का प्रशासन) solution PDF

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UP Board Class 6 Social Studies (6. गाँव का प्रशासन) solution

UP Board Class 6 Social Studies 6. गाँव का प्रशासन Hindi Medium Solutions - PDF

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गाँव का प्रशासन - UP Board समाधान

1. अगर आपके घर में चोरी हो जाती है तो आप किस थाने में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करावाएँगी? (एन०्सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-58)

अगर हमारे घर में चोरी हो जाती है, तो हमें अपने क्षेत्र के स्थानीय पुलिस थाने में जाकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। हर थाने का एक निश्चित क्षेत्र होता है, जिसे उसकी अधिकारिता कहते हैं। अपने इलाके के थाने में शिकायत करने से कार्रवाई तेज़ी से होती है।

2. मोहन और रघु के बीच में किस बात को लेकर विवाद हुआ था? (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-58)

मोहन और रघु के खेत एक-दूसरे से सटे हुए थे और एक छोटी मेड़ (सीमा) से अलग होते थे। विवाद इसलिए हुआ क्योंकि रघु ने उस मेड़ को मोहन के खेत की तरफ़ खिसका दिया, जिससे मोहन की कुछ ज़मीन रघु के खेत में शामिल हो गई और रघु के खेत का आकार बढ़ गया।

3. मोहन को रघु से झगड़ा करने में डर क्यों लग रहा था? (एन०्सी०ई०आरगण्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-58)

मोहन को डर इसलिए लग रहा था क्योंकि रघु का ताऊ उस गाँव का सरपंच था और उनके पास बहुत अधिक ज़मीन भी थी। मोहन को लगता था कि इतने प्रभावशाली परिवार के खिलाफ उसकी बात नहीं सुनी जाएगी और उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है।

4. कुछ लोगों ने कहा कि मोहन को पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाना चाहिए जबकि कुछ ने ऐसा करने से मना किया। लोगों ने अपनी राय के लिए क्या तर्क दिए (एन०सी०ई०आरगण्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-58)

मोहन के कुछ दोस्तों ने सलाह दी कि उसे तुरंत पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके। वहीं, कुछ अन्य लोग इसके विरुद्ध थे। उनके तर्क थे:

  • पुलिस के चक्कर में बहुत पैसा और समय बर्बाद हो जाएगा।
  • रघु का परिवार पहले ही पुलिस को अपने पक्ष में कर चुका होगा, इसलिए नतीजा कुछ नहीं निकलेगा।
  • अंत में यह तय हुआ कि मोहन उन पड़ोसियों को साथ लेकर थाने जाएगा, जिन्होंने यह घटना अपनी आँखों से देखी थी। इससे उसकी बात का सबूत मज़बूत होगा।

5. पुलिस थाने में जो भी हुआ उसे एक नाटक के रूप में दिखाइए। फिर यह बताइए कि मोहन, थानेदार या पड़ोसियों की भूमिका निभाते हुए आपको कैसा लगा? क्या थानेदार इस स्थिति को किसी अन्य तरीके से सँभाल सकता था? (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-59)

छात्र कृपया अपने शिक्षक की सहायता से कक्षा में इस पर एक छोटा नाटक तैयार करें और मंचन करें। नाटक के बाद, विचार करें कि अगर आप मोहन की भूमिका में होते तो कैसा महसूस करते? क्या थानेदार ने मामले को गंभीरता से लिया? क्या वह मोहन और पड़ोसियों की बात और अधिक ध्यान से सुन सकता था और तुरंत एक पटवारी को ज़मीन नापने के लिए भेज सकता था?

6. अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं तो पता कीजिए : आपके क्षेत्र का पटवारी कितने गाँवों के लिए जमीन के अभिलेख रखता है? गाँव के लोग पटवारी से कैसे संपर्क करते हैं? (एन०सी०ई०आरण्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-59)

छात्र स्वयं अनुसंधान करें। अपने गाँव या आस-पास के लोगों से पूछकर पता लगाएँ कि आपके इलाके का पटवारी (लेखपाल) कितने गाँवों की ज़मीन का रिकॉर्ड रखता है। लोग उससे मिलने के लिए कहाँ जाते हैं - क्या वह गाँव में निश्चित दिन आता है या फिर तहसील कार्यालय में उससे मिलना पड़ता है?

7. खसरा कहलाने वाले इस रिकॉर्ड में पटवारी ने नीचे दिए गए जमीन के नक्शे के मुताबिक सूचनाएँ भरी हैं। इससे पता चलता है कि जमीन का कौन-सा टुकड़ा किसके नाम है। इस रिकॉर्ड और नक्शे को देखिए तथा मोहन और रघु की जमीन से संबंधित सवालों का जवाब दीजिए।

(छात्र कृपया पाठ्यपुस्तक में दिए गए नक्शे और रिकॉर्ड को देखें।)

(क) मोहन के खेत के दक्षिण में जो जमीन है वह किसकी है?
उत्तर: मोहन के खेत (खसरा नंबर 1) के दक्षिण में जो ज़मीन है, वह रघु राम (खसरा नंबर 2) की है।

(ख) रघु और मोहन की जमीन के बीच की सीमा पर निशान लगाइए।
उत्तर: नक्शे में, खसरा नंबर 1 (मोहन) और खसरा नंबर 2 (रघु) के बीच की रेखा ही उनकी सीमा है। उस रेखा पर एक तीर का निशान लगाकर "सीमा" लिखा जा सकता है।

(ग) खेत संख्या 3 को कौन इस्तेमाल कर सकता है?
उत्तर: खेत संख्या 3 (क्षेत्रफल 6.00 हेक्टेयर) मध्य प्रदेश सरकार की ज़मीन है और यह एक चारागाह (घास का मैदान) है। इसलिए, इसका इस्तेमाल सरकार ही कर सकती है या फिर सरकार की अनुमति से स्थानीय पशुपालक अपने जानवर चरा सकते हैं।

(घ) खेत संख्या 2 और 3 से संबंधित क्या-क्या जानकारी हमें मिल सकती है?
उत्तर:

  • खेत संख्या 2 (रघु राम):
    • क्षेत्रफल: 3.00 हेक्टेयर
    • मालिक: रघु राम (पिता रतन लाल), गाँव अमरापुरा
    • बटाई पर नहीं है (मालिक स्वयं खेती करता है)।
    • इस साल 2.75 हेक्टेयर में सोयाबीन और गेहूँ की फसल बोई गई है।
    • खेत में एक कुआँ (क्र. 1) है जो चालू हालत में है और सिंचाई के काम आता है।
    • 0.25 हेक्टेयर ज़मीन इस समय खाली (परती) पड़ी है।
  • खेत संख्या 3 (सरकारी चारागाह):
    • क्षेत्रफल: 6.00 हेक्टेयर
    • मालिक: मध्य प्रदेश सरकार
    • बटाई पर नहीं दी गई है।
    • कोई फसल नहीं बोई गई है, यह घास का मैदान है।
    • इसमें भी एक चालू कुआँ (क्र. 1) मौजूद है।

8. आपको क्‍या लगता है कि किसानों को इस रिकॉर्ड की जरूरत कब पड़ती होगी? नीचे दी गई स्थितियों को पढ़िए और उन मामलों को पहचानिए जिनमें जमीन के रिकॉर्ड अनिवार्य होते हैं। यह भी बताइए कि वे किसलिए जरूरी हैं?

(क) एक किसान दूसरे किसान से जमीन खरीदना चाहता है। (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-61)
उत्तर: हाँ, इस मामले में रिकॉर्ड अनिवार्य है। खरीदार को यह सुनिश्चित करने के लिए ज़मीन के रिकॉर्ड (खसरा) की ज़रूरत पड़ती है कि विक्रेता ही ज़मीन का असली मालिक है, ज़मीन का सही क्षेत्रफल क्या है, और कहीं उस पर किसी और का कोई दावा या कर्ज तो नहीं है। बिना रिकॉर्ड की जाँच के ज़मीन खरीदना जोखिम भरा हो सकता है।

(ख) एक किसान अपनी फसल दूसरे को बेचना चाहता है।
उत्तर: नहीं, इस मामले में ज़मीन के रिकॉर्ड की आवश्यकता नहीं होती। फसल बेचने के लिए केवल फसल की गुणवत्ता और मात्रा मायने रखती है, ज़मीन के मालिकाना हक के कागज़ात नहीं। हाँ, अगर फसल बेचकर पैसे उधार लिए जा रहे हैं, तो बैंक रिकॉर्ड माँग सकता है।

(ग) एक किसान को अपनी जमीन में कुआँ खोदने के लिए बैंक से कर्ज चाहिए।
उत्तर: हाँ, इस मामले में रिकॉर्ड अनिवार्य है। बैंक कर्ज देने से पहले यह जानना चाहेगा कि किसान के पास उस ज़मीन का स्पष्ट मालिकाना हक है या नहीं, ताकि अगर कर्ज न चुकाया जाए तो बैंक ज़मीन को गिरवी रख सके। ज़मीन का रिकॉर्ड इस बात का सबूत है।

(घ) एक किसान अपने खेतों के लिए खाद खरीदना चाहता है।
उत्तर: नहीं, इस मामले में ज़मीन के रिकॉर्ड की आवश्यकता नहीं होती। खाद खरीदने के लिए किसान को सिर्फ पैसों की ज़रूरत होती है। दुकानदार खाद बेचते समय ज़मीन के कागज़ात नहीं माँगता।

(ड) एक किसान अपनी ज़मीन अपने बेटे एवं बेटियों में बॉटना चाहता है।
उत्तर: हाँ, इस मामले में रिकॉर्ड अनिवार्य है। संपत्ति बाँटने (बंटवारा) के लिए सबसे पहले यह पता होना चाहिए कि कुल कितनी ज़मीन है और उसका सही रिकॉर्ड क्या है। इसी रिकॉर्ड के आधार पर नए मालिकों (बेटे-बेटियों) के नाम पर अलग-अलग खसरा नंबर जारी किए जाते हैं।

9. एक बिटिया की चाह

विरासत में मिला यह घर पापा को अपने पिता से
यही घर मिलेगा मेरे भैया को मेरे पिता से
पर मैं और मेरी माँ, हमारा क्या?
बता दिया गया है मुझे, पिता के घर में हिस्से की बात औरतें नहीं किया करतीं
लेकिन मुझे चाहिए एक घर अपना बिलकुल मेरा अपना...
नहीं चाहिए दहेज में रेशम और सोना

स्रोत: रिफ्लेक्शन्स ऑन माई फैमिली

इस कविता में बेटी की क्या इच्छा बताई गई है?
उत्तर: इस कविता में बेटी की इच्छा है कि उसे भी अपने पिता की संपत्ति में बराबर का हिस्सा मिले। वह दहेज में मिलने वाले सोने-चाँदी के बजाय, एक ऐसा अपना घर चाहती है जो उसके नाम हो और जिस पर उसका पूरा अधिकार हो।

10. बेटी ने अपने घर की इच्छा क्यों की। कारण बताइए?

उत्तर: बेटी ने अपने घर की इच्छा इसलिए की क्योंकि परंपरागत रूप से संपत्ति पर केवल पुरुषों का अधिकार माना जाता रहा है। बेटियों को यह कहकर वंचित रखा जाता था कि शादी के बाद वह दूसरे घर की हो जाती हैं। बेटी इस पुरानी सोच के खिलाफ आवाज़ उठा रही है और लैंगिक समानता की माँग कर रही है। उसे अपने भाई की तरह ही सुरक्षा और आत्मनिर्भरता चाहिए, जो उसे अपनी ज़मीन-जायदाद से मिल सकती है।

11. बेटी क्‍या चीज़ लेने से मना करती है?

उत्तर: बेटी दहेज के रूप में मिलने वाली चीज़ें जैसे रेशम और सोना लेने से मना करती है। वह चाहती है कि उसे दहेज के बदले में वस्तुएँ नहीं, बल्कि एक बुनियादी अधिकार - पैतृक संपत्ति में हिस्सा - मिले, जो उसे सम्मान और आज़ादी देगा।

12. अन्य सार्वजनिक सेवाएँ-एक सर्वेक्षण (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज- 62-63)

छात्रों के लिए निर्देश: अपने गाँव/शहर में उपलब्ध तीन सार्वजनिक सेवाओं (जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राशन की दुकान, डाकघर, सरकारी स्कूल) का सर्वेक्षण करें और नीचे दिए गए फॉर्मेट में जानकारी भरें। फिर कक्षा में अपने शिक्षक के साथ चर्चा करें कि इन सेवाओं में क्या सुधार किए जा सकते हैं।

सार्वजनिक सेवा आपने उनके काम के बारे में क्या देखा? उनकी समस्याएँ क्या सुधार किए जा सकते हैं?
राशन की दुकान दुकान खुली थी, लेकिन कर्मचारी कम थे। लंबी कतार थी। चावल की गुणवत्ता खराब, मिट्टी का तेल कम मिलता है, कभी-कभी सामान ही नहीं होता। स्टॉक की उचित व्यवस्था, गुणवत्ता की जाँच, और अधिक काउंटर खोले जाएँ ताकि कतार कम हो।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरीज़ों की लंबी पंक्ति, केवल एक डॉक्टर उपलब्ध। डॉक्टरों की कमी, दवाइयाँ हमेशा उपलब्ध नहीं, समय पर सेवा नहीं मिलती। डॉक्टरों और नर्सों की संख्या बढ़ाई जाए, दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए, ऑनलाइन कतार प्रणाली लागू की जाए।
दुग्ध उत्पादक समिति दूध ले जाने वाला वाहन निश्चित समय पर आता है। कभी-कभी वाहन देर से आता है, दूध की कीमत कम मिलती है। वाहन के आने का समय निश्चित हो, दूध की गुणवत्ता के हिसाब से बेहतर मूल्य मिले, भुगतान समय पर मिले।

प्रश्न-अभ्यास (पाठ्यपुस्तक से)

1. पुलिस का कया काम होता है?

पुलिस का मुख्य काम अपने क्षेत्र में कानून और व्यवस्था बनाए रखना है। इसके अंतर्गत ये कार्य आते हैं:

  • लोगों की सुरक्षा करना और अपराधों को रोकना।
  • चोरी, झगड़े, दुर्घटना जैसी घटनाओं की शिकायत दर्ज करना और उसकी जाँच-पड़ताल करना।
  • अपराधियों को पकड़ना और अदालत के सामने पेश करना।
  • यातायात को नियंत्रित करना और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान भीड़ प्रबंधन करना।

2. पटवारी के कोई दो काम बताइए।

पटवारी (लेखपाल) के दो प्रमुख काम हैं:

  1. ज़मीन का रिकॉर्ड रखना: वह गाँव की हर ज़मीन का नक्शा बनाता है और खसरा खतौनी में यह दर्ज करता है कि किस ज़मीन का मालिक कौन है, उसका क्षेत्रफल कितना है और उस पर क्या फसल बोई गई है।
  2. सरकार और किसानों के बीच कड़ी: वह किसानों से भू-राजस्व (लगान) एकत्र करता है और सरकार को अपने क्षेत्र की कृषि, फसलों आदि की जानकारी देता है।

3. तहसीलदार का क्या काम होता है?

तहसीलदार (तहसील का प्रमुख अधिकारी) के प्रमुख कार्य हैं:

  • वह पटवारियों के काम की निगरानी और निरीक्षण करता है और यह सुनिश्चित करता है कि ज़मीन के रिकॉर्ड सही तरीके से बनाए व रखे जा रहे हैं।
  • ज़मीन से जुड़े विवादों और बंटवारे के मामलों को सुनता है और निपटाता है।
  • वह यह सुनिश्चित करता है कि किसानों को उनके ज़मीन के रिकॉर्ड (नकल) आसानी से मिल सकें।
  • वह विद्यार्थियों को जाति, आय, निवास प्रमाण-पत्र जारी करने का कार्य भी करता है।

4. “एक बिटिया की चाह' कविता में किस मुद्दे को उठाने की कोशिश की गई है? क्या आपको यह मुद्दा महत्त्वपूर्ण लगता है? क्यों?

इस कविता में स्त्रियों के संपत्ति के अधिकार के मुद्दे को उठाया गया है। यह मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि:

  • यह लैंगिक समानता से सीधे जुड़ा हुआ है। संविधान सभी नागरिकों को बिना किसी लिंग भेद के समान अधिकार देता है।
  • संपत्ति में हिस्सा महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करता है, जिससे उनकी सामाजिक स्थिति मज़बूत होती है।
  • पुराने ज़माने की यह सोच कि औरतों को संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए, एक प्रकार का भेदभाव है जिसे बदलने की ज़रूरत है।

5. पिछले पाठ में आपने पंचायत के बारे में पढ़ा। पंचायत और पटवारी का काम एक-दूसरे से कैसे जुड़ा हुआ है?

पंचायत और पटवारी दोनों ही ग्रामीण प्रशासन के महत्वपूर्ण हिस्से हैं और उनके काम आपस में जुड़े हुए हैं:

  • पंचायत गाँव के विकास की योजनाएँ बनाती है, जैसे सड़क बनाना, नाली बनाना, स्ट्रीट लाइट लगाना। इन कामों के लिए अक्सर ज़मीन की ज़रूरत पड़ती है।
  • यहाँ पटवारी की भूमिका शुरू होती है। पंचायत, पटवारी से ज़मीन के मालिकाना हक और सीमाओं का सही रिकॉर्ड माँग सकती है ताकि विकास कार्य बिना विवाद के हो सकें।
  • अगर किसानों के बीच ज़मीन का झगड़ा होता है, तो पंचायत उसे सुलझाने की कोशिश करती है, और इसके लिए उसे पटवारी के रिकॉर्ड की मदद लेनी पड़ सकती है।
इस तरह, पटवारी का तकनीकी रिकॉर्ड और पंचायत का प्रशासनिक काम मिलकर गाँव का बेहतर प्रबंधन करते हैं।

6. किसी पुलिस थाने जाइए और पता कीजिए कि यातायात नियंत्रण, अपराध रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस क्‍या करती है, खासकर त्योहार या सार्वजनिक समारोहों के दौरान।

छात्र कृपया स्थानीय पुलिस थाने का भ्रमण करें या एक पुलिस अधिकारी से बात करें। सामान्य तौर पर पुलिस ये कार्य करती है:

  • यातायात नियंत्रण: चौराहों पर यातायात पुलिस तैनात करना, स्पीड चेक करना, हेलमेट और सीट बेल्ट का पालन सुनिश्चित करना, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाना।
  • अपराध रोकथाम: दिन-रात गश्त लगाना (पैट्रोलिंग), संदिग्ध लोगों पर नज़र रखना, सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाना।
  • त्योहारों/समारोहों के दौरान: इस दौरान पुलिस जवानों की संख्या बढ़ा दी जाती है, भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग की जाती है, पार्किंग की व्यवस्था की जाती है और आपातकालीन सेवाओं के लिए तैयार

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Other Chapters of Class 6 Social Studies
1. विविधता की समझ
2. विविधता एवं भेदभाव
3. सरकार क्या है ?
4. लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य तत्त्व
5. पंचायती राज
6. गाँव का प्रशासन
7. नगर प्रशासन
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9. शहरी क्षेत्र में आजीविका
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