UP Board Class 6 Social Studies 1. विविधता की समझ is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 6 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
* बाहर जाते समय मैं ...................... “पहनना पसंद करती हूँ।
० मैंघरमें................... में बात करती हैं।
० मेरा पसंदीदा खेल ....................... है।
० मुझे .................... के बारे में किताबें पढ़ना पसंद है।
उत्तर: छात्र स्वयं अपने बारे में इस जानकारी को भरें। उदाहरण के लिए: बाहर जाते समय मैं सलवार-कमीज या जीन्स-टी-शर्ट पहनना पसंद करती हूँ। मैं घर में हिंदी या अपनी मातृभाषा में बात करती हूँ। मेरा पसंदीदा खेल क्रिकेट या बैडमिंटन है। मुझे रोमांचक कहानियों या विज्ञान के बारे में किताबें पढ़ना पसंद है।
उत्तर: समीर एक और समीर दो में निम्नलिखित तीन प्रमुख अंतर थे:
1. भाषा: समीर एक को अंग्रेजी अच्छी आती थी, जबकि समीर दो मुख्य रूप से हिंदी बोलता और समझता था।
2. धार्मिक पृष्ठभूमि: समीर एक हिंदू परिवार से था, जबकि समीर दो मुस्लिम परिवार से संबंध रखता था।
3. शिक्षा और जीवन स्थितियाँ: समीर एक ने स्कूल में पढ़ाई की थी, लेकिन समीर दो गरीबी के कारण स्कूल नहीं जा सका और छोटी उम्र से ही अखबार बेचने का काम करता था।
उत्तर: नहीं, ये अंतर उन्हें दोस्त बनने से नहीं रोक पाए। दोनों के बीच भाषा, धर्म और सामाजिक स्थिति का अंतर था, लेकिन उनमें एक-दूसरे से बात करने और जुड़ने की इच्छा अधिक मजबूत थी। उन्होंने अपने अंतरों को पीछे छोड़कर मित्रता की, क्योंकि वे एक-दूसरे की कंपनी और बातचीत को महत्व देते थे। इससे पता चलता है कि दोस्ती समानताओं और आपसी समझ पर बनती है, न कि केवल बाहरी अंतरों पर।
उत्तर:
समीर एक (हिंदू परिवार) द्वारा मनाए जाने वाले त्योहार: होली, दीपावली, दुर्गापूजा, दशहरा, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, मकर संक्रांति आदि।
समीर दो (मुस्लिम परिवार) द्वारा मनाए जाने वाले त्योहार: ईद-उल-फितर, ईद-उल-अज़हा (बकरीद), मुहर्रम, मिलाद-उन-नबी (पैगंबर साहब का जन्मदिन) आदि।
उत्तर: छात्र स्वयं अपने अनुभव के आधार पर एक छोटी कहानी लिखें। उदाहरण: एक बार मेरी गर्मियों की छुट्टियाँ दादी के गाँव में बीत रही थीं। वहाँ मैंने रोहित नाम के एक लड़के से दोस्ती की। वह मुझसे बहुत अलग था - वह स्थानीय बोली बोलता था, उसके पास खिलौने नहीं थे, और वह खेतों में काम करने में माहिर था। शुरू में हम एक-दूसरे को समझ नहीं पा रहे थे, लेकिन फिर हमने साथ में पेड़ पर चढ़ना, नदी किनारे घूमना और कहानियाँ सुनाना शुरू किया। धीरे-धीरे हमारी दोस्ती गहरी हो गई। उसने मुझे पेड़-पौधों के बारे में सिखाया और मैंने उसे कुछ नए खेल सिखाए। इस अनुभव से मैंने सीखा कि दोस्ती के लिए एक जैसा होना जरूरी नहीं है, बल्कि एक-दूसरे को सम्मान देना और सीखना जरूरी है।
उत्तर: समीर दो गरीबी के कारण स्कूल नहीं जा पाया। उसके परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे उसकी पढ़ाई का खर्च उठा सकें। उसे परिवार की आय में मदद करने के लिए छोटी उम्र में ही अखबार बेचने का काम शुरू करना पड़ा।
मेरी राय में, अगर समीर दो स्कूल जाना चाहता तो भी शायद नहीं जा पाता, क्योंकि उसके सामने आर्थिक समस्या एक बड़ी बाधा थी। स्कूल की फीस, किताबें, वर्दी आदि का खर्च उसके परिवार के लिए संभव नहीं था।
हाँ, यह बिल्कुल सही है कि कुछ बच्चे स्कूल जा पाते हैं और कुछ नहीं जा पाते। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे गरीबी, स्कूल की दूरी, परिवार की सोच, लड़कियों के प्रति भेदभाव, या बच्चों से काम करवाने की मजबूरी। यह एक गंभीर समस्या है क्योंकि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मूल अधिकार है और इसके बिना उनके भविष्य के अवसर सीमित हो जाते हैं।
उत्तर: भारत के विभिन्न प्रांतों के कुछ व्यंजन जो मैंने खाए हैं:
1. पंजाब: छोले भटूरे, सरसों का साग और मक्के की रोटी, लस्सी
2. दक्षिण भारत: इडली, डोसा, सांभर, वड़ा, उत्तपम
3. गुजरात: ढोकला, खांडवी, थेपला, श्रीखंड
4. बंगाल: मछली करी, रसगुल्ला, सांदेश
5. महाराष्ट्र: पाव भाजी, वड़ा पाव, पुरण पोली
6. उत्तर प्रदेश/दिल्ली: चाट, गोलगप्पे, चोले कुलचे, बिरयानी
7. राजस्थान: दाल बाटी चूरमा, गट्टे की सब्जी
8. केरल: अप्पम, केरल स्टाइल फिश करी
उत्तर: छात्र स्वयं अपनी सूची बनाएँ। उदाहरण: मेरी मातृभाषा हिंदी है। इसके अलावा मैं निम्नलिखित भाषाओं के कुछ शब्द या वाक्य जानती/जानता हूँ:
1. अंग्रेजी: Hello, Thank you, Good Morning, How are you?
2. पंजाबी: सत श्री अकाल, की हाल है?
3. बंगाली: नमस्कार, खुब भालो
4. तमिल: वनक्कम (स्वागत), नंद्री (धन्यवाद)
5. संस्कृत: नमस्ते, सुप्रभातम्
6. उर्दू: शुक्रिया, आदाब
उत्तर: एक ऐसी जगह जहाँ सब कुछ एक जैसा हो (जैसे सब एक ही तरह के कपड़े पहनें, एक ही भोजन खाएँ), वहाँ रहना उबाऊ और नीरस लगेगा। विविधता के अभाव में जीवन में रंग नहीं रह जाएगा।
पाँच चीजें जिनकी कमी सबसे ज्यादा खलेगी:
1. विभिन्न प्रकार के खानपान की कमी: रोज एक ही तरह का खाना खाने से स्वाद में एकरसता आ जाएगी।
2. सांस्कृतिक और धार्मिक त्योहारों की कमी: विभिन्न त्योहारों का उत्साह, खुशी और सामुदायिक भावना नहीं मिलेगी।
3. भाषाई विविधता की कमी: अलग-अलग भाषाएँ सीखने और सुनने का आनंद नहीं मिलेगा।
4. कला और संगीत के विभिन्न रूपों की कमी: अलग-अलग संस्कृतियों के नृत्य, संगीत और कला के रूप नहीं देखने को मिलेंगे।
5. विचारों और परंपराओं की विविधता की कमी: सबके एक जैसे विचार और रीति-रिवाज होंगे, जिससे नया सीखने और समझने का अवसर कम हो जाएगा।
उत्तर:
| काम | पहला तरीका (दिया गया) | दो और तरीके |
|---|---|---|
| प्रार्थना/इबादत करना | ईसा मसीह के भजन गाना | 1. मंदिर में घंटी बजाकर, दीप जलाकर और फूल चढ़ाकर प्रार्थना करना। 2. मस्जिद में इमाम की अगुवाई में पंक्ति में खड़े होकर नमाज अदा करना। |
| शादी करना | अदालत के रजिस्टर में दस्तखत करना | 1. हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लेकर और अग्नि को साक्षी मानकर विवाह करना। 2. मुस्लिम रीति से निकाह पढ़वाकर और मेहर तय करके शादी करना। |
| कपड़े पहनना | मणिपुर में औरतों का फनैक पहनना | 1. पंजाब में पुरुषों का कुर्ता-पजामा और स्त्रियों का सलवार-सूट पहनना। 2. केरल में स्त्रियों का सफेद या हल्के रंग की साड़ी (सेट-मुंडु) पहनना। |
| अभिवादन करना | झारखंड के आदिवासियों का "जोहार" कहना | 1. हाथ जोड़कर "नमस्ते" या "प्रणाम" कहना। 2. पंजाब और हरियाणा में "सत श्री अकाल" कहकर अभिवादन करना। |
| चावल पकाना | मीट या सब्जी डालकर बिरयानी पकाना | 1. दक्षिण भारत में नारियल और करी पत्ते डालकर चावल पकाना (जैसे- कोकणी भात)। 2. सादे उबले चावल के साथ दाल और सब्जी बनाना। |
उत्तर:
लद्दाख:
भौगोलिक स्थिति: भारत के उत्तरी भाग में, जम्मू-कश्मीर के पूर्वी हिस्से में स्थित एक ऊँचा पहाड़ी इलाका। यह एक ठंडा रेगिस्तान है जहाँ सर्दियाँ बहुत कठोर होती हैं।
भोजन पर प्रभाव: ठंड के कारण शरीर को गर्मी और ऊर्जा की जरूरत होती है। इसलिए यहाँ के लोग प्रोटीन और वसा से भरपूर भोजन जैसे मांस, दूध, मक्खन, चीज़ (खोया) और स्थानीय अनाज जौ का सेवन करते हैं।
कपड़े पर प्रभाव: भीषण सर्दी से बचने के लिए लोग मोटे ऊनी कपड़े पहनते हैं, जैसे गोंचा (एक प्रकार का कोट) और पश्मीना शॉल।
व्यवसाय पर प्रभाव: कठोर जलवायु के कारण खेती सीमित है। लोग पशुपालन (याक, बकरियाँ, भेड़) करते हैं। पश्मीना ऊन एकत्र करना और उसका व्यापार करना एक प्रमुख व्यवसाय है। पर्यटन भी आय का एक स्रोत है।
केरल:
भौगोलिक स्थिति: भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित एक राज्य। इसके एक तरफ अरब सागर और दूसरी तरफ पश्चिमी घाट की पहाड़ियाँ हैं। यहाँ गर्म और आर्द्र जलवायु है।
भोजन पर प्रभाव: समुद्र के निकट होने के कारण मछली और समुद्री भोजन यहाँ का मुख्य आहार है। भरपूर वर्षा के कारण नारियल, केला और चावल की खेती होती है, इसलिए ये चीजें भोजन में प्रमुखता से शामिल हैं।
कपड़े पर प्रभाव: गर्म और नम मौसम के कारण लोग हल्के और सूती कपड़े पहनते हैं। पुरुष मुंडु (लुंगी) और स्त्रियाँ साड़ी या सेट-मुंडु पहनती हैं।
व्यवसाय पर प्रभाव: समुद्र तट और नहरों (बैकवाटर) के कारण मछली पकड़ना एक प्रमुख व्यवसाय है। भरपूर वर्षा से चाय, कॉफी, रबर और मसालों (काली मिर्च, इलायची) की खेती होती है। पर्यटन भी एक बड़ा उद्योग है।
उत्तर: इस कविता की निम्नलिखित पंक्तियों में भारत की एकता की सुंदर झलक मिलती है:
उत्तर: हमारा राष्ट्रगान "जन गण मन" भारत की एकता और अखंडता का शक्तिशाली प्रतीक है। यह एकता को निम्नलिखित तरीकों से वर्णित करता है:
1. सम्पूर्ण देश को एक सूत्र में बाँधना: राष्ट्रगान में पंजाब, सिंध, गुजरात, मराठा, द्राविड़, उत्कल, बंग जैसे देश के विभिन्न क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है। इससे यह संदेश मिलता है कि ये सभी प्रदेश मिलकर एक महान भारत बनाते हैं।
2. सामूहिक पहचान: "जन गण मन" यानी "लोगों के मन की जीत", यह शब्द हमें याद दिलाता है कि यह देश किसी एक व्यक्ति या समूह का नहीं, बल्कि सभी नागरिकों का है।
3. आध्यात्मिक और प्राकृतिक एकता: राष्ट्रगान में हिमालय, समुद्र, नदियों का वर्णन है, जो पूरे देश की प्राकृतिक संपदा हैं और सभी भारतवासियों को जोड़ते हैं।
4. सामूहिक आह्वान: यह गान सभी भारतवासियों को एक साथ मिलकर देश की प्रगति के लिए काम करने और उसकी रक्षा करने के लिए प्रेरित करता है। जब कोई भी व्यक्ति, किसी भी कोने में राष्ट्रगान गाता है, तो वह पूरे देश से जुड़ जाता है।
उत्तर:
मेरे इलाके में मनाए जाने वाले त्योहार: दीपावली, होली, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, नवरात्रि, दशहरा, ईद-उल-फितर, ईद-उल-अज़हा (बकरीद), क्रिसमस, गुरु नानक जयंती, महावीर जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती।
सभी समुदायों द्वारा मनाए जाने वाले त्योहार: गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गांधी जयंती (2 अक्टूबर) राष्ट्रीय त्योहार हैं जिन्हें देश के सभी धर्म और समुदाय के लोग एक साथ मिलकर मनाते हैं। इसके अलावा, आजकल कई स्थानों पर दीपावली, होली और ईद जैसे त्योहारों में भी सभी समुदाय के लोग आपसी सौहार्द के साथ शामिल होते हैं।
उत्तर: भारत की समृद्ध और विविध विरासत हमारे जीवन को निम्नलिखित तरीकों से बेहतर और समृद्ध बनाती है:
1. सीखने के अवसर: विभिन्न भाषाएँ, त्योहार, खानपान और कलाएँ हमें निरंतर कुछ नया सीखने का मौका देती हैं।
2. सहिष्णुता और सम्मान: अलग-अलग संस्कृतियों के बीच रहने से हमें दूसरों की परंपराओं और विश्वासों को समझने और उनका सम्मान करने की भावना विकसित होती है।
3. जीवन में रंग और आनंद: विभिन्न त्योहार, संगीत, नृत्य और पकवान हमारे जीवन में खुशियों के रंग भरते हैं, जिससे जीवन नीरस नहीं रहता।
4. मजबूत सामाजिक बंधन: विविधता हमें एक-दूसरे पर निर्भर रहना और सहयोग करना सिखाती है, जिससे समाज में मजबूत रिश्ते बनते हैं।
5. रचनात्मकता को बढ़ावा: विभिन्न विचारों और कला रूपों के संपर्क में आने से हमारी सोच रचनात्मक और खुली बनती है।
संक्षेप में, यह विविधता हमें एक संकीर्ण दृष्टिकोण वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विशाल हृदय और व्यापक सोच वाला वैश्विक नागरिक बनने में मदद करती है।
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| Other Chapters of Class 6 Social Studies | |
| 1. विविधता की समझ | |
| 2. विविधता एवं भेदभाव | |
| 3. सरकार क्या है ? | |
| 4. लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य तत्त्व | |
| 5. पंचायती राज | |
| 6. गाँव का प्रशासन | |
| 7. नगर प्रशासन | |
| 8. ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका | |
| 9. शहरी क्षेत्र में आजीविका |