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UP Board Class 6 Social Studies (4. लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य तत्त्व) solution PDF

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UP Board Class 6 Social Studies (4. लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य तत्त्व) solution

UP Board Class 6 Social Studies 4. लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य तत्त्व Hindi Medium Solutions - PDF

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UP Board Solutions for Class 6 Social Studies सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन

पाठ 4: लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य तत्त्व

1. अश्वेत लोग किस-किस तरह से भेदभाव का सामना कर रहे थे, इसकी सूची बनाइए। (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाठ्यपुस्तकं, पेज-41)

उत्तर: दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद की नीति के दौरान अश्वेत लोगों को रोजमर्रा के जीवन में कई तरह के कठोर भेदभाव और अपमान का सामना करना पड़ता था। उनके साथ होने वाले भेदभाव के कुछ मुख्य उदाहरण इस प्रकार हैं:

  1. अश्वेत लोगों को वोट डालने का अधिकार नहीं था, जिससे उनकी सरकार में कोई भागीदारी नहीं होती थी।
  2. रेलगाड़ियों और बसों में अश्वेत और श्वेत यात्रियों के लिए अलग-अलग डिब्बे और सीटें निर्धारित थीं।
  3. अस्पताल और एम्बुलेंस जैसी स्वास्थ्य सुविधाएँ भी अलग-अलग थीं, जिससे अश्वेत लोगों को घटिया स्वास्थ्य सेवाएँ मिलती थीं।
  4. खेती की अच्छी और उपजाऊ जमीन केवल श्वेत लोगों के पास होती थी, जबकि अश्वेत लोगों को बंजर और घटिया जमीन पर काम करने के लिए मजबूर किया जाता था।
  5. बस स्टॉप, पानी के नल, पार्क, सिनेमा हॉल और यहाँ तक कि समुद्र तटों पर भी अलग-अलग व्यवस्था थी।

2. हेक्टर और उसके साथी किस बात के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे? (एन०सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-41)

उत्तर: हेक्टर और उसके साथी विद्यार्थी अपनी मातृभाषा और पहचान के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे थे। स्कूल प्रशासन उन पर अफ्रीकान्स भाषा सीखने का दबाव डाल रहा था, जो वहाँ के शासक श्वेत लोगों की भाषा थी। हेक्टर और उसके सहपाठी चाहते थे कि उन्हें उनकी अपनी मातृभाषा 'जूलू' में पढ़ने का अधिकार मिले। उनका यह विरोध केवल एक भाषा के बारे में नहीं, बल्कि श्वेत शासन द्वारा थोपी गई संस्कृति के विरुद्ध उनकी आवाज थी।

3. क्या सभी लोगों के साथ बराबरी का व्यवहार होना जरूरी हैक्यों? (एन०्सी०ई०आरगण्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-41)

उत्तर: हाँ, सभी लोगों के साथ बराबरी का व्यवहार होना अत्यंत आवश्यक है। इसके निम्नलिखित कारण हैं:

मानवीय आधार: सभी मनुष्य जन्म से समान हैं और उन्हें सम्मान, स्वतंत्रता और अपना विकास करने के समान अवसर मिलने चाहिए।

अन्याय को रोकना: जब त्वचा के रंग, जाति, धर्म, लिंग या भाषा के आधार पर किसी के साथ भेदभाव किया जाता है, तो यह एक गहरा अन्याय और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

समाज के विकास के लिए: एक समृद्ध और शांतिपूर्ण समाज तभी बन सकता है जब सभी नागरिकों को अपनी पूर्ण क्षमता विकसित करने का मौका मिले। भेदभाव समाज को कमजोर और विभाजित करता है।

4. कुछ अखबार देखिए और उनमें दी गई चुनाव की खबरों पर चर्चा कीजिए। एक निर्धारित समय के बाद चुनाव होते रहने की क्‍या ज़रूरत है? (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-41)

उत्तर: निश्चित समय के बाद चुनाव होते रहना लोकतंत्र का 'जीवनदायी सिद्धांत' है। इसकी आवश्यकता निम्न कारणों से है:

जवाबदेही सुनिश्चित करना: चुनाव सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाते हैं। सरकार को पता होता है कि अगर उसने अच्छा काम नहीं किया, तो अगले चुनाव में लोग उसे वोट नहीं देंगे।

मनमानी रोकना: अगर सरकार एक बार चुनकर हमेशा के लिए आ जाए, तो वह तानाशाह बन सकती है। नियमित चुनाव इस डर को खत्म कर देते हैं कि सरकार कभी भी बदली जा सकती है।

नई आवश्यकताओं के अनुसार बदलाव: समय के साथ लोगों की जरूरतें और विचार बदलते हैं। चुनाव लोगों को अपनी नई पसंद और मांगों के अनुसार नई सरकार चुनने का मौका देते हैं।

5. यहाँ किस पर सहमति या असमति प्रकट की जा रही है? (एन०्सी०ई०आरग्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-42)

उत्तर: पाठ्यपुस्तक में दिए गए उदाहरणों के आधार पर:

सहमति प्रकट की जा रही है: बाढ़ से प्रभावित लोगों को मुआवजा और सहायता दिए जाने पर।

असहमति प्रकट की जा रही है:

  1. सार्वजनिक दीवारों पर पोस्टर चिपकाने पर, क्योंकि इससे शहर की सुंदरता खराब होती है।
  2. बाघों के अवैध शिकार पर, क्योंकि यह एक लुप्तप्राय प्रजाति का संहार है और पर्यावरण के लिए हानिकारक है।

6. माया की कहानी को दोबारा पढ़िए। क्या आपको लगता है कि पुलिस द्वारा की गई हेक्टर की हत्या को रोका जा सकता था? कैसे? (एन०सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-44)

उत्तर: हाँ, हेक्टर की दुखद हत्या को रोका जा सकता था, अगर लोकतांत्रिक तरीकों और संवाद पर जोर दिया गया होता।

संवाद का रास्ता: सरकार और प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के बीच शांतिपूर्ण बातचीत हो सकती थी। सरकार उनकी मांग (जूलू भाषा में पढ़ाई) को समझने और उस पर विचार करने का प्रयास कर सकती थी।

पुलिस की भूमिका: पुलिस का काम प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखना होना चाहिए था, न कि हिंसक दमन करना। उन्हें बिना गोली चलाए भीड़ को नियंत्रित करने के अन्य तरीके अपनाने चाहिए थे।

मीडिया और जनता का दबाव: मीडिया और सामाजिक संगठन इस मुद्दे को उठाकर सरकार पर शांतिपूर्ण समाधान के लिए दबाव बना सकते थे।

7. माया की कहानी में सरकार ने क्या इस विचार पर समर्थन किया था कि सभी लोग बराबर हैं? डॉ. अंबेडकर की कहानी में क्या अस्पृश्यता के व्यवहार से समानता के विचार को ठेस पहुँची? (एन०सी०ई०आरग्टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-45 )

उत्तर:

माया की कहानी: नहीं, माया की कहानी में दक्षिण अफ्रीका की तत्कालीन सरकार ने समानता के विचार का बिल्कुल भी समर्थन नहीं किया था। उसने तो 'रंगभेद' की नीति बनाकर श्वेत और अश्वेत लोगों के बीच कानूनी भेदभाव को ही मजबूत किया था।

डॉ. अंबेडकर की कहानी: हाँ, अस्पृश्यता का व्यवहार समानता के विचार के सीधे विपरीत था और उसे गहरी ठेस पहुँचाता था। जब एक मनुष्य को सिर्फ अपने जन्म के आधार पर 'अछूत' माना जाता था, उसे सार्वजनिक कुएं से पानी भरने, मंदिर में प्रवेश करने या साथ बैठकर खाने तक से रोका जाता था, तो यह समानता के मूलभूत सिद्धांत का पूरी तरह से उल्लंघन था।

8. आपके अनुसार फीस घटा देने से लड़कियों को स्कूल जाने में कैसे मदद मिलेगी? (एन०सी०ई०आरगण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-46)

उत्तर: फीस कम करने से लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा मिलने के कई कारण हैं:

आर्थिक बोझ कम होना: कई गरीब परिवारों के लिए स्कूल की फीस एक बड़ा आर्थिक भार होती है। अक्सर लड़कों की पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए लड़कियों को स्कूल से निकाल लिया जाता है। फीस कम होने से परिवार पर यह बोझ घटेगा और वे लड़कियों को भी स्कूल भेज पाएँगे।

मानसिकता में बदलाव: जब सरकार लड़कियों की फीस कम करती है, तो इससे एक सकारात्मक संदेश जाता है कि लड़कियों की शिक्षा महत्वपूर्ण है। इससे समाज में लड़कियों की पढ़ाई के प्रति नजरिया भी बदल सकता है।

प्रोत्साहन: कम फीस माता-पिता के लिए एक प्रोत्साहन का काम करती है, जिससे वे लड़की के भविष्य में निवेश करने के लिए प्रेरित होते हैं।

9. क्‍या आपने किसी के साथ कोई भेदभाव होते देखा है? उदाहरण देकर बताइए कि ० इस स्थिति में आपने उसकी क्या मदद की? * क्या अन्य लोग भी आपसे सहमत थे? * जो लोग भेदभावे कर रहे थे उन्हें आपने कैसे समझाया? (एन०्सी०ई०आरण्टी० पाव्यपुस्तक, पेज-46)

उत्तर: यह एक व्यक्तिगत अनुभव आधारित प्रश्न है। छात्रों को अपने आस-पास देखे गए भेदभाव के किसी उदाहरण (जैसे- किसी गरीब बच्चे के साथ खेलने न देना, किसी की वेशभूषा या बोली पर हँसना, कक्षा में कमजोर छात्र का मजाक उड़ाना आदि) के आधार पर निम्न बिंदुओं पर विचार करना चाहिए:

  1. मदद: मैंने पीड़ित व्यक्ति का साथ दिया, उससे बात की, या भेदभाव करने वाले को रोकने की कोशिश की।
  2. सहमति: मेरे कुछ दोस्त मेरे साथ सहमत थे और उन्होंने भी मेरा साथ दिया, जबकि कुछ चुप रहे या डर गए।
  3. समझाने का तरीका: मैंने भेदभाव करने वालों को शांति से समझाया कि हर इंसान का सम्मान करना चाहिए, दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुँचाना गलत है, और सभी को समान अवसर मिलने चाहिए।
(छात्र अपने अनुभव के अनुसार उत्तर दें।)

प्रश्न-अभ्यास (पाठ्यपुस्तक से)

1. आज दक्षिण अफ्रीका में माया को जीवन कैसा होगा?

उत्तर: आज दक्षिण अफ्रीका एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ रंगभेद की नीति समाप्त हो चुकी है और संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है। इसलिए, माया का जीवन पहले से पूरी तरह बदला हुआ होगा। उसे वोट डालने का अधिकार होगा, वह कहीं भी रह सकती है, किसी भी सार्वजनिक स्थान का उपयोग कर सकती है और उसके पास शिक्षा व रोजगार के समान अवसर होंगे। हालाँकि, समाज में पुराने पूर्वाग्रह पूरी तरह खत्म होने में समय लगता है, लेकिन कानूनी रूप से उसे वह सब कुछ मिल चुका होगा जो एक श्वेत नागरिक को मिलता है।

2. किन विभिन्‍न तरीकों से लोग सरकार की प्रक्रियाओं में भाग लेते हैं?

उत्तर: लोग सरकार की प्रक्रियाओं में निम्नलिखित विविध तरीकों से सक्रिय भागीदारी निभाते हैं:

  1. मतदान द्वारा: यह सबसे मौलिक तरीका है। लोग नियमित चुनावों में वोट डालकर अपने प्रतिनिधि चुनते हैं, जो सरकार बनाते और चलाते हैं।
  2. जागरूक नागरिक बनकर: लोग समाचार पढ़कर, सरकार के कामकाज पर नज़र रखकर और उसकी आलोचना या समर्थन करके अपनी भूमिका निभाते हैं।
  3. शांतिपूर्ण विरोध द्वारा: धरना, प्रदर्शन, जुलूस, हड़ताल या याचिका दायर करके लोग सरकार को उन गलत नीतियों के बारे में बताते हैं जिन्हें बदलने की जरूरत है।
  4. मीडिया के माध्यम से: अखबारों, टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया पर अपने विचार रखकर लोग सार्वजनिक राय बनाते हैं, जिससे सरकार प्रभावित होती है।
  5. जन आंदोलनों में शामिल होकर: लोग किसी बड़े मुद्दे पर एकजुट होकर आंदोलन चलाते हैं, जिससे सरकार को नीतिगत बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ता है (जैसे पर्यावरण संरक्षण, भ्रष्टाचार विरोध आदि)।
  6. सार्वजनिक बैठकों में हिस्सा लेकर: ग्राम सभा, नगर निगम की बैठक आदि में जाकर लोग सीधे अपनी समस्याएँ और सुझाव रख सकते हैं।

3. विभिन्‍न विवादों और मुद्दों को सुलझाने के लिए सरकार की जरूरत क्‍यों होती है?

उत्तर: विवादों को सुलझाने के लिए सरकार की जरूरत निम्न कारणों से है:

  1. शांति और व्यवस्था बनाए रखना: जब लोगों के बीच मतभेद होते हैं (जैसे जमीन का झगड़ा, संसाधनों पर अधिकार), तो वे अक्सर हिंसा का रास्ता अपना लेते हैं। सरकार कानून और न्यायालयों के माध्यम से इन विवादों का शांतिपूर्ण और निष्पक्ष समाधान करती है, जिससे समाज में शांति बनी रहती है।
  2. निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका: सरकार एक निष्पक्ष तीसरे पक्ष के रूप में काम करती है जो विवाद में शामिल सभी पक्षों की बात सुनकर, कानून के आधार पर निर्णय लेती है। बिना सरकार के, ताकतवर व्यक्ति कमजोर का शोषण करते रहेंगे।
  3. सामूहिक हित के निर्णय लेना: कई मुद्दे ऐसे होते हैं जिनका समाधान व्यक्तिगत स्तर पर नहीं हो सकता, जैसे- नदी के पानी का बँटवारा, सार्वजनिक जमीन का उपयोग। सरकार ऐसे मुद्दों पर ऐसे निर्णय लेती है जो अधिकतर लोगों के हित में हों।
  4. भेदभाव और अन्याय को दूर करना: जब समाज के किसी वर्ग के साथ भेदभाव होता है, तो सरकार कानून बनाकर और विशेष योजनाएँ लाकर उस अन्याय को दूर करने की कोशिश करती है।

4. सभी लोगों के साथ समानता का व्यवहार हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार क्या कदम उठाती है?

उत्तर: समानता सुनिश्चित करने के लिए लोकतांत्रिक सरकार निम्नलिखित ठोस कदम उठाती है:

  1. समानता का कानूनी अधिकार: संविधान में सभी नागरिकों को कानून की नजर में समान माना जाता है और धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव करने पर रोक लगाई जाती है।
  2. ऐतिहासिक अन्याय का सुधार: सरकार उन समुदायों के लिए विशेष प्रावधान करती है जो सदियों से पिछड़े और भेदभाव के शिकार रहे हैं। उदाहरण के लिए, शिक्षा और नौकरियों में अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए आरक्षण की व्यवस्था।
  3. अपमानजनक प्रथाओं पर प्रतिबंध: अस्पृश्यता (छुआछूत) जैसी अमानवीय प्रथाओं को कानूनी अपराध घोषित किया गया है और उसके लिए सजा का प्रावधान है।
  4. सभी के लिए अवसर: सरकारी स्कूल, अस्पताल, सार्वजनिक परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएँ सभी नागरिकों के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जाती हैं।
  5. जागरूकता अभियान: लोगों की मानसिकता बदलने के लिए सरकार समानता, भाईचारे और महिला सशक्तिकरण के संदेश देने वाले अभियान चलाती है।

5. पाठ को एक बार और पढ़कर लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य तत्त्वों की एक सूची बनाइए। उदाहरण के लिए सभी लोग बराबर हैं।

उत्तर: लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य तत्त्व निम्नलिखित हैं:

क्रमलोकतांत्रिक सरकार के मुख्य तत्त्व
1.सभी लोग मौलिक रूप से समान हैं और उन्हें समान सम्मान व अवसर मिलने चाहिए।
2.जाति, धर्म, लिंग, भाषा या किसी अन्य आधार पर भेदभाव का कोई स्थान नहीं है।
3.सरकार का चुनाव निश्चित अवधि के लिए सभी वयस्क नागरिकों द्वारा किया जाता है (सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार)।
4.लोगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और वे शांतिपूर्वक सरकार की आलोचना कर सकते हैं।
5.सरकार न्याय और समानता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध होती है।
6.लोगों को अपनी संस्कृति, भाषा और धर्म का पालन करने तथा उनका विकास करने का अधिकार है।
7.सभी नागरिकों को सार्वजनिक सुविधाओं (स्कूल, अस्पताल, पार्क, परिवहन) का समान रूप से उपयोग करने का अधिकार है।
8.सरकार विवादों का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करती है और हिंसा पर नियंत्रण रखती है।

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