UP Board Class 7 Science 17. वन हमारी जीवन रेखा is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 7 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
अभ्यास
उत्तर : वन में रहने वाले विभिन्न जंतु, जैसे शाकाहारी, मांसाहारी और सूक्ष्मजीव, वनों के विकास और नए पेड़ उगने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये जंतु निम्नलिखित तरीकों से सहायता करते हैं:
• ह्यूमस निर्माण: सूक्ष्मजीव मृत पत्तियों, पेड़ों और जंतुओं के शरीर को सड़ा-गलाकर ह्यूमस में बदल देते हैं। यह ह्यूमस मिट्टी को उपजाऊ बनाता है, जिससे नए पौधे आसानी से उग पाते हैं।
• बीजों का प्रकीर्णन: कई पक्षी और जंतु फल खाते हैं और उनके बीजों को दूर-दूर तक फैला देते हैं। ये बीज नई जगहों पर अंकुरित होकर वन के विस्तार में मदद करते हैं।
• पोषक तत्वों की आपूर्ति: जंतुओं का मल-मूत्र (लीद) मिट्टी के लिए एक प्राकृतिक खाद का काम करता है। यह मिट्टी में नाइट्रोजन जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाता है, जो पौधों की वृद्धि के लिए जरूरी है।
उत्तर : वन प्राकृतिक रूप से बाढ़ को रोकने में मददगार होते हैं, जो निम्न प्रकार से काम करते हैं:
• जल का अवशोषण: वनों की जड़ें मिट्टी में गहराई तक जाती हैं और मिट्टी को ढीला बनाती हैं। यह ढीली मिट्टी बारिश के पानी को स्पंज की तरह सोख लेती है, जिससे पानी जमीन के नीचे चला जाता है और भौमजल स्तर बढ़ता है।
• मिट्टी का बंधन: पेड़ों और छोटे पौधों की जड़ें मिट्टी के कणों को जकड़कर रखती हैं। इससे तेज बारिश होने पर भी मिट्टी बहती नहीं है और मिट्टी का कटाव रुक जाता है।
• धीमा प्रवाह: वनों में पेड़ों के तने, झाड़ियाँ और गिरी हुई पत्तियाँ बारिश के पानी के बहाव की रफ्तार को कम कर देती हैं। पानी धीरे-धीरे नदियों तक पहुँचता है, जिससे अचानक बाढ़ आने का खतरा कम हो जाता है।
इसके विपरीत, जहाँ वन नहीं होते, वहाँ बारिश का पानी सीधे तेजी से बहकर नदियों में आ जाता है, जिससे नदियाँ उफन जाती हैं और बाढ़ आ जाती है।
उत्तर :
अपघटक: वे सूक्ष्म जीव (बहुत छोटे जीव) जो मृत पौधों और जंतुओं के शरीर को सड़ा-गलाकर सरल पदार्थों में बदल देते हैं, अपघटक कहलाते हैं।
दो नाम: जीवाणु (बैक्टीरिया) और कवक (फंजाई, जैसे मशरूम)।
वन में इनका कार्य: अपघटक वन के स्वच्छता कर्मचारी की तरह काम करते हैं। ये मृत पत्तियों, टहनियों, जानवरों के शवों आदि को तोड़कर ह्यूमस बना देते हैं। यह ह्यूमस मिट्टी में मिलकर उसे उपजाऊ बनाता है और पोषक तत्व वापस मिट्टी में छोड़ता है, जिन्हें जीवित पौधे फिर से अपनी जड़ों से सोख लेते हैं। इस तरह वन में पोषक तत्वों का चक्र चलता रहता है और कुछ भी बेकार नहीं जाता।
उत्तर : वन पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं:
• ऑक्सीजन का स्रोत: पेड़-पौधे प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के दौरान सूर्य के प्रकाश में कार्बन डाइऑक्साइड और पानी का उपयोग करके अपना भोजन बनाते हैं। इस प्रक्रिया में वे ऑक्सीजन गैस बाहर छोड़ते हैं, जिस पर सभी जीव-जंतुओं का जीवन निर्भर करता है।
• कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग: प्रकाश संश्लेषण में पेड़ वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड गैस सोख लेते हैं। यह गैस पृथ्वी के तापमान को बढ़ाने (ग्रीनहाउस प्रभाव) के लिए जिम्मेदार है। वन इस गैस की मात्रा को नियंत्रित करके ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में मदद करते हैं।
• संतुलन बनाए रखना: जंतु सांस लेते समय ऑक्सीजन लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। वन इस कार्बन डाइऑक्साइड को वापस उपयोग में लेकर ऑक्सीजन देते हैं। इस तरह ये दोनों गैसें वायुमंडल में एक संतुलन बनाए रखती हैं। इसीलिए वनों को पृथ्वी के 'हरे फेफड़े' कहा जाता है।
उत्तर : वन एक पूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र है जहाँ हर चीज का पुनर्चक्रण होता है। यहाँ कुछ भी बेकार नहीं जाता, क्योंकि:
• अपघटकों की भूमिका: गिरी हुई पत्तियाँ, सूखी टहनियाँ, जानवरों के मृत शरीर या उनका मल-मूत्र सभी अपघटकों (जीवाणु, कवक) के लिए भोजन हैं। ये सूक्ष्मजीव इन 'कचरे' को तोड़कर ह्यूमस बना देते हैं।
• पोषक तत्वों की वापसी: यह ह्यूमस मिट्टी में मिलकर उसे उपजाऊ बनाता है और उसमें से नाइट्रोजन, फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व निकलते हैं। ये तत्व फिर से जीवित पौधों की जड़ों द्वारा सोख लिए जाते हैं और उनकी वृद्धि में काम आते हैं।
इस प्रकार, वन में एक चक्र चलता रहता है जहाँ एक जीव का 'कचरा' दूसरे जीव के लिए संसाधन बन जाता है। इसलिए वनों में सब कुछ उपयोगी होता है और कुछ भी व्यर्थ नहीं जाता।
उत्तर : हम वनों से प्राप्त होने वाले पाँच उत्पाद हैं:
(क) कीट, तितलियाँ, मधुमक्खियाँ और पक्षी, पुष्पीय पादपों की परागण में सहायता करते हैं।
(ख) वन वायु और जल को शुद्ध करते हैं।
(ग) शाक वन में सबसे नीचे की परत बनाते हैं।
(घ) वन में क्षयमान पत्तियाँ और जंतुओं की लीद मृदा को समृद्ध करते हैं।
उत्तर : हमें दूर स्थित वनों की चिंता करनी चाहिए, क्योंकि वन पूरी पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े हुए हैं और उनका प्रभाव स्थानीय न होकर वैश्विक है:
• जलवायु परिवर्तन: वन कार्बन डाइऑक्साइड सोखकर ग्लोबल वार्मिंग को कम करते हैं। दुनिया भर में वनों के कटने से पृथ्वी का तापमान बढ़ेगा, जिसका बुरा असर सभी देशों पर पड़ेगा, चाहे वन उनके पास हों या न हों।
• जल चक्र: वन बादल बनाने और वर्षा लाने में मदद करते हैं। एक जगह के वन कटने से दूसरे इलाकों में सूखा या अनियमित बारिश हो सकती है।
• जैव विविधता का नुकसान: वन लाखों प्रकार के पौधों और जंतुओं का घर हैं। कहीं भी वन नष्ट होने से ऐसे अनोखे जीव हमेशा के लिए लुप्त हो सकते हैं, जो पूरी मानव जाति की प्राकृतिक धरोहर हैं।
• प्राकृतिक आपदाएँ: पहाड़ी इलाकों में वन कटने से मिट्टी का कटाव बढ़ता है, जिससे दूर के मैदानी इलाकों में नदियों में कीचड़ भर जाता है और बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।
इसलिए, वन सिर्फ एक देश की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की साझी जीवन रेखा हैं। उनकी रक्षा करना हम सभी की साझी जिम्मेदारी है।
उत्तर : वनों में विभिन्न प्रकार के पादपों और जंतुओं का होना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये सभी एक-दूसरे पर निर्भर रहकर वन के पारिस्थितिकी तंत्र को स्थिर और स्वस्थ बनाए रखते हैं:
• खाद्य श्रृंखला का आधार: विभिन्न पौधे अलग-अलग शाकाहारी जंतुओं को भोजन देते हैं। इन शाकाहारियों को खाकर मांसाहारी जीवित रहते हैं। अगर पौधों की किस्में कम होंगी, तो शाकाहारी और फिर मांसाहारी जंतु भी प्रभावित होंगे।
• पारिस्थितिकी संतुलन: हर जीव की एक विशेष भूमिका होती है। जैसे, कुछ पक्षी कीटों को खाकर उनकी संख्या नियंत्रित रखते हैं। अगर एक प्रकार का जीव गायब हो जाए, तो दूसरे जीवों की संख्या बहुत बढ़ या घट सकती है, जिससे संतुलन बिगड़ जाता है।
• पुनर्जनन में सहायता: अलग-अलग जंतु अलग-अलग तरीके से बीज बिखेरते हैं। पौधों की अधिक किस्में होने से जंतुओं को भोजन और आश्रय मिलता है, और बदले में जंतु उनके बीज फैलाकर नए पौधे उगने में मदद करते हैं।
• मिट्टी की उर्वरता: विभिन्न पौधों की जड़ें मिट्टी को अलग-अलग तरीकों से बांधती हैं और उसकी गुणवत्ता बनाए रखती हैं। अपघटक मृत जीवों को सड़ाकर पोषक तत्व वापस मिट्टी में डालते हैं, जिससे सभी पौधों को पोषण मिलता रहता है।
इस प्रकार, जैव विविधता (विभिन्नता) वन को एक जीवंत, सक्रिय और टिकाऊ इकाई बनाती है।
उत्तर: (ध्यान दें: चूंकि यहाँ चित्र नहीं दिया गया है, इसलिए तीरों वाला भाग नहीं बनाया जा सकता। हालाँकि, नामांकन के आधार पर समझ इस प्रकार है:)
एक वन पारिस्थितिकी तंत्र के चित्र में निम्नलिखित घटक दिखाए जाते हैं:
उत्तर : (iv) कैरोसीन
व्याख्या: कैरोसीन (मिट्टी का तेल) एक पेट्रोलियम उत्पाद है जो पृथ्वी की गहराई से कोयला और खनिज तेल के शोधन से प्राप्त होता है। यह वन से प्राप्त नहीं होता। गोंद, प्लाईवुड (लकड़ी से बना) और लाख (कीटों द्वारा पेड़ों से निकाला गया पदार्थ) सभी वन उत्पाद हैं।
उत्तर : (ii) वन में पादप और जंतु एक-दूसरे पर निर्भर नहीं होते हैं।
व्याख्या: यह कथन गलत है क्योंकि वन में पादप और जंतु आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं और एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं। पादप जंतुओं को भोजन और आश्रय देते हैं, जबकि जंतु परागण और बीज प्रकीर्णन में मदद करके पौधों के प्रजनन में सहायता करते हैं। अन्य तीनों कथन पूरी तरह सही हैं।
उत्तर : (iii) ह्यूमस
व्याख्या: सूक्ष्मजीव (अपघटक) मृत पादपों और जंतुओं के अवशेषों को विघटित करके एक गहरे रंग का, उपजाऊ पदार्थ बनाते हैं, जिसे ह्यूमस कहते हैं। बालू मिट्टी का एक घटक है, मशरूम एक प्रकार का कवक (जो ह्यूमस बनाने में भाग ले सकता है) है, और लकड़ी जीवित पेड़ से प्राप्त होती है।
UP Board Class 7 Science 17. वन हमारी जीवन रेखा Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for Class 7 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.
It is essential to know the importance of UP Board Class 7 Science 17. वन हमारी जीवन रेखा textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board Class 7 Science 17. वन हमारी जीवन रेखा :
There are various features of UP Board Class 7 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.