UP Board Class 12 Biology 8. मानव स्वास्थ्य तथा रोग is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 12 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
पाठ्यपुस्तक के अभ्यास में दिए गए प्रश्न एवं उनके उत्तर
उत्तर: संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विभिन्न जन-स्वास्थ्य उपाय निम्नलिखित हैं:
उत्तर: जीव विज्ञान में प्रगति से अनेक संक्रामक रोगों से निबटने के लिए कारगर हथियार मिल गए हैं।
उत्तर:
(क) अमीबता (Amoebiasis): यह रोग संदूषित जल व खाद्य के सेवन से होता है।
(ख) मलेरिया (Malaria): यह रोग संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है।
(ग) ऐस्कैरिसता (Ascariasis): इसका संक्रमण मल-मुखीय मार्ग से होता है। रोगी के मल के साथ निकले अण्डे मिट्टी में मिल जाते हैं। इन अण्डों से संदूषित खाद्य का सेवन या गन्दे हाथों से खाना खाने से संक्रमण होता है।
(घ) न्यूमोनिया (Pneumonia): यह एक वायुजनित संक्रमण है जो रोगी के छींकने-खाँसने पर निकली बूंदों (ड्रॉपलेट इन्फेक्शन) के द्वारा या रोगी के बर्तनों के प्रयोग से होता है।
उत्तर: जल जनित रोगों (जैसे—टाइफॉइड, अमीबता, ऐस्कैरिसता) की रोकथाम के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:
उत्तर: डी०एन०ए० वैक्सीन आधुनिक प्रयोगाधीन वैक्सीन का एक प्रकार है। इसमें रोगजनक के उस विशिष्ट जीन का प्रयोग किया जाता है जो प्रतिजन (एंटीजन) के निर्माण के लिए उत्तरदायी होता है। इस डी०एन०ए० खंड (जीन) को सीधे मनुष्य के शरीर में प्रविष्ट कराया जाता है। यह जीन शरीर की कोशिकाओं द्वारा ग्रहण कर लिया जाता है और वहाँ प्रतिजन का निर्माण करता है। इस प्रकार शरीर में उस प्रतिजन के विरुद्ध प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी) बनने लगते हैं। इसमें मृत या अक्षम रोगाणु को शरीर में प्रवेश कराने की आवश्यकता नहीं होती।
उत्तर:
उत्तर:
उत्तर (क): सहज (जन्मजात) और उपार्जित प्रतिरक्षा में अन्तर
| सहज (जन्मजात) प्रतिरक्षा | उपार्जित प्रतिरक्षा |
|---|---|
| यह एक अविशिष्ट प्रकार की प्रतिरक्षा है। | यह रोग-विशिष्ट होती है। |
| यह जन्म के समय से ही मौजूद होती है। | यह जन्म के बाद रोगजनक के संपर्क में आने पर विकसित होती है। |
| यह शारीरिक अवरोध (त्वचा), रासायनिक अवरोध (लार, आँसू) आदि प्रदान करती है। | यह प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी) और स्मृति कोशिकाओं द्वारा कार्य करती है। |
| इसमें स्मृति कोशिकाएँ नहीं बनतीं। | इसमें स्मृति कोशिकाएँ बनती हैं, जिससे दूसरी बार संक्रमण पर तीव्र प्रतिक्रिया होती है। |
| उदाहरण: त्वचा, श्लेष्मा झिल्ली, लार में लाइसोजाइम एंजाइम। | उदाहरण: चेचक होने के बाद या उसका टीका लगवाने के बाद प्राप्त प्रतिरक्षा। |
उत्तर (ख): सक्रिय और निष्क्रिय प्रतिरक्षा में अन्तर
| सक्रिय प्रतिरक्षा | निष्क्रिय प्रतिरक्षा |
|---|---|
| यह व्यक्ति के अपने प्रतिरक्षा तंत्र द्वारा प्रतिरक्षी उत्पादन से विकसित होती है। | यह किसी अन्य स्रोत (जैसे माँ के दूध या इंजेक्शन) से तैयार प्रतिरक्षी प्राप्त करने से मिलती है। |
| इसे विकसित होने में समय लगता है (धीमी)। | यह तुरंत प्रभाव दिखाती है (त्वरित)। |
| इसका प्रभाव दीर्घकालीन होता है। | इसका प्रभाव अल्पकालीन होता है। |
| इसमें स्मृति कोशिकाएँ बनती हैं। | इसमें स्मृति कोशिकाएँ नहीं बनतीं। |
| उदाहरण: टीकाकरण या प्राकृतिक संक्रमण के बाद प्राप्त प्रतिरक्षा। | उदाहरण: माँ के पहले दूध (कोलोस्ट्रम) से शिशु को मिलने वाली प्रतिरक्षा, या सीरम थेरेपी (जैसे टिटेनस का एंटीटॉक्सिन)। |
प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी) अणु की संरचना
उपरोक्त चित्र में Y-आकार के प्रतिरक्षी अणु को दर्शाया गया है। इसमें दो भारी श्रृंखलाएँ और दो हल्की श्रृंखलाएँ, प्रतिजन बंधन स्थल, परिवर्तनशील क्षेत्र और स्थिर क्षेत्र दिखाए गए हैं।
उत्तर: एच०आई०वी० (HIV) का संचरण निम्नलिखित मुख्य मार्गों से होता है:
उत्तर: एच०आई०वी० शरीर में प्रवेश कर मैक्रोफेज और सहायक टी-लसीकाणुओं (Helper T-cells) को संक्रमित करता है। विषाणु अपने RNA जीनोम को रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज एंजाइम की सहायता से DNA में बदलकर परपोषी कोशिका के DNA में सम्मिलित कर लेता है। इसके बाद कोशिका विषाणु के अंशों का निर्माण करने लगती है।
नए बने विषाणु अन्य स्वस्थ सहायक टी-कोशिकाओं पर हमला करते हैं और उन्हें नष्ट कर देते हैं। इस प्रकार शरीर में सहायक टी-कोशिकाओं की संख्या लगातार कम होती जाती है। चूंकि ये कोशिकाएँ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इनकी कमी से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर हो जाती है। परिणामस्वरूप, व्यक्ति अन्य सूक्ष्मजीवों (जीवाणु, विषाणु, कवक) के संक्रमणों और कुछ प्रकार के कैंसर का शिकार हो जाता है।
उत्तर: प्रसामान्य और कैंसर कोशिका में प्रमुख अंतर निम्नलिखित हैं:
उत्तर: मेटास्टेसिस कैंसर (दुर्दम अर्बुद) का एक गंभीर गुण है। इसमें अर्बुद की कुछ कोशिकाएँ मूल स्थान से अलग होकर रक्त या लसीका प्रवाह के माध्यम से शरीर के दूरस्थ अंगों तक पहुँच जाती हैं। वहाँ पहुँचकर ये कोशिकाएँ विभाजित होकर नए अर्बुद (Secondary Tumours) का निर्माण करने लगती हैं। यह प्रक्रिया कैंसर के फैलाव और उपचार को कठिन बना देती है।
उत्तर: ऐल्कोहॉल/ड्रग के हानिकारक प्रभाव निम्नलिखित हैं:
उत्तर: हाँ, मित्रों या साथियों का दबाव (Peer Pressure) विशेषकर किशोरावस्था में ऐल्कोहॉल/ड्रग के सेवन का एक प्रमुख कारण है। कई बार 'कूल' दिखने की चाहत या भावनात्मक याचना के आगे झुककर व्यक्ति इनका सेवन शुरू कर देता है।
बचाव के उपाय:
उत्तर: ऐल्कोहॉल या ड्रग की लत (Addiction) एक जटिल मनोवैज्ञानिक एवं शारीरिक स्थिति है। बार-बार सेवन से शरीर की कोशिकाएँ इन पदार्थों के प्रति सहनशीलता (Tolerance) विकसित कर लेती हैं, जिससे व्यक्ति को समान प्रभाव के लिए लगातार बढ़ती मात्रा की आवश्यकता होने लगती है। साथ ही, शरीर इन पदार्थों पर निर्भरता (Dependence) विकसित कर लेता है। अचानक सेवन बंद करने पर शरीर में गंभीर वापसी लक्षण (Withdrawal Symptoms) जैसे बेचै
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