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UP Board Class 12 Physics (12. परमाणु) solution PDF

UP Board Class 12 Physics 12. परमाणु is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 12 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board Class 12 Physics (12. परमाणु) solution

UP Board Class 12 Physics 12. परमाणु Hindi Medium Solutions - PDF

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UP Board Solutions for Class 12 Physics

भौतिकी विज्ञान-II

अध्याय 12: परमाणु (Atoms)

प्रश्नावली

प्रश्न 1.

प्रत्येक कथन के अन्त में दिए गए संकेतों में से सही विकल्प का चयन कीजिए:

(a) थॉमसन मॉडल में परमाणु का साइज, रदरफोर्ड मॉडल में परमाणवीय साइज से ________ होता है।
(अपेक्षाकृत काफी अधिक, भिन्न नहीं, अपेक्षाकृत काफी कम)

(b) ________ में निम्नतम अवस्था में इलेक्ट्रॉन स्थायी साम्य में होते हैं जबकि ________ में इलेक्ट्रॉन, सदैव नेट बल अनुभव करते हैं।

(c) ________ पर आधारित किसी क्लासिकी परमाणु का नष्ट होना निश्चित है।
(थॉमसन मॉडल, रदरफोर्ड मॉडल)

(d) किसी परमाणु के द्रव्यमान का ________ में लगभग सतत वितरण होता है लेकिन ________ में अत्यन्त असमान द्रव्यमान वितरण होता है।
(थॉमसन मॉडल, रदरफोर्ड मॉडल)

(e) ________ में परमाणु के धनावेशित भाग का द्रव्यमान सर्वाधिक होता है।
(रदरफोर्ड मॉडल, दोनों मॉडलों)

उत्तर:
(a) अपेक्षाकृत काफी अधिक
(b) थॉमसन मॉडल, रदरफोर्ड मॉडल
(c) रदरफोर्ड मॉडल
(d) थॉमसन मॉडल, रदरफोर्ड मॉडल
(e) दोनों मॉडल


प्रश्न 2.

मान लीजिए कि स्वर्ण पन्नी के स्थान पर ठोस हाइड्रोजन की पतली शीट का उपयोग करके आपको α-कण प्रकीर्णन प्रयोग दोहराने का अवसर प्राप्त होता है। (हाइड्रोजन 14 K से नीचे ताप पर ठोस हो जाती है।) आप किस परिणाम की अपेक्षा करते हैं?

हल:
प्रकीर्णन प्रयोग का मूल उद्देश्य पूरा नहीं होता है क्योंकि ठोस हाइड्रोजन, α-कण की अपेक्षा अधिक हल्की होती है। प्रत्यास्थ संघट्ट की शर्त के अनुसार, हाइड्रोजन α-कण की तुलना में अधिक गति से गतिमान होता है। हम हाइड्रोजन से नाभिक के आकार का परिकलन नहीं कर सकते हैं।


प्रश्न 3.

पाश्चन श्रेणी में विद्यमान स्पेक्ट्रमी रेखाओं की लघुत्तम तरंगदैर्घ्य क्या है?

हल:
पाश्चन श्रेणी हेतु, ni = 3 तथा nf = ∞ (छोटी तरंगदैर्घ्य हेतु)।
सूत्र का प्रयोग करने पर:

\(\frac{1}{\lambda} = R \left( \frac{1}{n_f^2} - \frac{1}{n_i^2} \right)\)

जहाँ, R रिडबर्ग नियतांक है (R = 1.097 × 107 m-1)।
\(\frac{1}{\lambda} = R \left( \frac{1}{\infty^2} - \frac{1}{3^2} \right) = R \left( 0 - \frac{1}{9} \right) = -\frac{R}{9}\)

λ = \(\frac{9}{R}\) = \(\frac{9}{1.097 \times 10^7}\) m ≈ 8.20 × 10-7 m = 820 nm
अतः: लघुत्तम तरंगदैर्घ्य लगभग 820 nm है।

प्रश्न 4.

2.3 eV का अन्तर किसी परमाणु में दो ऊर्जा स्तरों को पृथक कर देता है। उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति क्या होगी यदि परमाणु में इलेक्ट्रॉन उच्च स्तर से निम्न स्तर में संक्रमण करता है?

हल:
ऊर्जा स्तर में अन्तर, ΔE = 2.3 eV = 2.3 × 1.6 × 10-19 J
प्लांक नियतांक, h = 6.63 × 10-34 J-s
माना ν आवृत्ति है, तब ΔE = hν
ν = \(\frac{\Delta E}{h}\) = \(\frac{2.3 \times 1.6 \times 10^{-19}}{6.63 \times 10^{-34}}\) Hz ≈ 5.55 × 1014 Hz
अतः: उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति लगभग 5.55 × 1014 Hz है।


प्रश्न 5.

हाइड्रोजन परमाणु की निम्नतम अवस्था में ऊर्जा -13.6 eV है। इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज और स्थितिज ऊर्जाएँ क्या होंगी?

हल:
n=1, परमाणु की मूल अवस्था की ऊर्जा E = -13.6 eV
हम जानते हैं कि गतिज ऊर्जा (K.E.) = -E = 13.6 eV
स्थितिज ऊर्जा (P.E.) = 2E = 2 × (-13.6) = -27.2 eV
अतः: गतिज ऊर्जा = 13.6 eV, स्थितिज ऊर्जा = -27.2 eV


प्रश्न 6.

निम्नतम अवस्था में विद्यमान एक हाइड्रोजन परमाणु फोटॉन को अवशोषित करता है जो इसे n = 4 स्तर तक उत्तेजित कर देता है। फोटॉन की तरंगदैर्घ्य तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए।

हल:
आवृत्ति तथा तरंगदैर्ध्य ज्ञात करने हेतु ऊर्जा सूत्र En = -\(\frac{13.6}{n^2}\) eV का प्रयोग करते हैं।
मूल अवस्था हेतु ni = 1 से nf = 4 तक।
ऊर्जा ΔE = E4 - E1 = \(\left(-\frac{13.6}{4^2}\right) - \left(-\frac{13.6}{1^2}\right)\)
= (-0.85) - (-13.6) = 12.75 eV
= 12.75 × 1.6 × 10-19 J = 2.04 × 10-18 J
आवृत्ति, ν = \(\frac{\Delta E}{h}\) = \(\frac{2.04 \times 10^{-18}}{6.63 \times 10^{-34}}\) ≈ 3.076 × 1015 Hz ≈ 3.1 × 1015 Hz
फोटॉन का तरंगदैर्ध्य λ = \(\frac{c}{\nu}\) = \(\frac{3 \times 10^8}{3.076 \times 10^{15}}\) ≈ 9.75 × 10-8 m = 97.5 nm
अतः: आवृत्ति ≈ 3.1 × 1015 Hz तथा तरंगदैर्ध्य ≈ 97.5 nm है।


प्रश्न 7.

(a) बोहर मॉडल का उपयोग करके किसी हाइड्रोजन परमाणु में n = 1, 2, तथा 3 स्तरों पर इलेक्ट्रॉन की चाल परिकलित कीजिए।
(b) इनमें से प्रत्येक स्तर के लिए कक्षीय अवधि परिकलित कीजिए।

हल:
(a) बोहर के nवें कक्षक में इलेक्ट्रॉन की चाल, vn = \(\frac{c}{n}\) α, जहाँ α = \(\frac{2\pi K e^2}{ch}\) ≈ 0.0073
vn = \(\frac{c \times 0.0073}{n}\)
n=1 हेतु: v1 = 3 × 108 × 0.0073 = 2.19 × 106 m/s
n=2 हेतु: v2 = \(\frac{2.19 \times 10^6}{2}\) = 1.095 × 106 m/s
n=3 हेतु: v3 = \(\frac{2.19 \times 10^6}{3}\) = 7.3 × 105 m/s

(b) इलेक्ट्रॉन की कक्षा का आवर्तकाल T = \(\frac{2\pi r}{v}\)
बोहर त्रिज्या rn = n2 r1, जहाँ r1 = 0.53 × 10-10 m
n=1 हेतु: T1 = \(\frac{2\pi r_1}{v_1}\) = \(\frac{2 \times 3.14 \times 0.53 \times 10^{-10}}{2.19 \times 10^6}\) ≈ 1.52 × 10-16 s
n=2 हेतु: r2 = 4 r1, T2 = \(\frac{2\pi \times 4 r_1}{v_1/2}\) = 8 T1 ≈ 1.216 × 10-15 s
n=3 हेतु: r3 = 9 r1, T3 = \(\frac{2\pi \times 9 r_1}{v_1/3}\) = 27 T1 ≈ 4.1 × 10-15 s


प्रश्न 8.

हाइड्रोजन परमाणु में अन्तरतम इलेक्ट्रॉन-कक्षा की त्रिज्या 5.3 × 10-11 m है। कक्षा n=2 और n=3 की त्रिज्याएँ क्या हैं?

हल:
n=1 के अन्त: कोश में इलेक्ट्रॉन की त्रिज्या, r1 = 5.3 × 10-11 m
हम जानते हैं कि rn = n2 r1
n=2 हेतु: r2 = 22 × 5.3 × 10-11 = 2.12 × 10-10 m
n=3 हेतु: r3 = 32 × 5.3 × 10-11 = 4.77 × 10-10 m


प्रश्न 9.

कमरे के ताप पर गैसीय हाइड्रोजन पर किसी 12.5 eV की इलेक्ट्रॉन पुंज की बमबारी की गई। किन तरंगदैर्घ्यों की श्रेणी उत्सर्जित होगी?

हल:
इलेक्ट्रॉन पुंज की ऊर्जा, E = 12.5 eV = 12.5 × 1.6 × 10-19 J
प्लांक नियतांक, h = 6.63 × 10-34 J-s
प्रकाश का वेग, c = 3 × 108 m/s
सम्बन्ध E = \(\frac{hc}{\lambda}\) का प्रयोग करने पर:
λ = \(\frac{hc}{E}\) = \(\frac{6.63 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{12.5 \times 1.6 \times 10^{-19}}\) ≈ 9.93 × 10-8 m = 993 × 10-10 m = 993 Å
अतः: लाइमन श्रेणी में तरंग परास 912 Å से 1216 Å है। 993 Å इसी परास में आती है, अतः लाइमन श्रेणी का प्रकाश उत्सर्जित होगा।


प्रश्न 10.

बोहर मॉडल के अनुसार सूर्य के चारों ओर 1.5 × 1011 m त्रिज्या की कक्षा में, 3 × 104 m/s के कक्षीय वेग से परिक्रमा करती पृथ्वी की क्वांटम संख्या ज्ञात कीजिए (पृथ्वी का द्रव्यमान = 6.0 × 1024 kg)।

हल:
कक्षा की त्रिज्या, r = 1.5 × 1011 m
कक्षीय चाल, v = 3 × 104 m/s
पृथ्वी का द्रव्यमान, m = 6 × 1024 kg
बोहर का क्वांटमीकरण नियम: m v r = \(\frac{nh}{2\pi}\)
अथवा n = \(\frac{2\pi m v r}{h}\), जहाँ n कक्षा की क्वांटम संख्या है।
n = \(\frac{2 \times 3.14 \times 6 \times 10^{24} \times 3 \times 10^4 \times 1.5 \times 10^{11}}{6.63 \times 10^{-34}}\) ≈ 2.57 × 1074
अतः: क्वांटम संख्या लगभग 2.6 × 1074 है, जो बहुत अधिक है।


विविध प्रश्नावली

प्रश्न 11.

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए जो आपको थॉमसन मॉडल और रदरफोर्ड मॉडल में अन्तर समझने हेतु अच्छी तरह से सहायक हैं:

(a) क्या थॉमसन मॉडल में पतले स्वर्ण पन्नी से प्रकीर्णित α-कणों का पूर्वानुमानित औसत विक्षेपण कोण, रदरफोर्ड मॉडल द्वारा पूर्वानुमानित मान से अत्यन्त कम, लगभग समान अथवा अत्यधिक बड़ा है?

(b) थॉमसन मॉडल द्वारा पूर्वानुमानित पश्च प्रकीर्णन की प्रायिकता (अर्थात् α-कणों का 90° से बड़े कोणों पर प्रकीर्णन) रदरफोर्ड मॉडल द्वारा पूर्वानुमानित मान से अत्यन्त कम, लगभग समान अथवा अत्यधिक है?

(c) अन्य कारकों को नियत रखते हुए, प्रयोग द्वारा यह पाया गया है कि कम मोटाई t के लिए, मध्यम कोणों पर प्रकीर्णित α-कणों की संख्या t के अनुक्रमानुपातिक है। यह रैखिक निर्भरता क्या संकेत देती है?

(d) किस मॉडल में α-कणों के पतली पन्नी से प्रकीर्णन के पश्चात् औसत प्रकीर्णन कोण के परिकलन हेतु बहुप्रकीर्णन की उपेक्षा करना पूर्णतया गलत है?

हल:
(a) औसत विक्षेपण कोण लगभग समान है क्योंकि हम लगभग औसत मान ही निर्धारित करते हैं।
(b) पश्च प्रकीर्णन की प्रायिकता अत्यधिक कम होती है क्योंकि थॉमसन मॉडल में सघन द्रव्यात्मक क्रोड़ (नाभिक) नहीं होता है।
(c) क्योंकि एकल संघट्ट की प्रायिकता लक्ष्य परमाणुओं की संख्या के साथ बढ़ती है तथा यह प्रायिकता रैखिक रूप से मोटाई t के साथ बढ़ती है।
(d) थॉमसन मॉडल में धनात्मक आवेश गोलीय कोश में एकसमान रूप से वितरित होता है, अतः एकल संघट्ट से अति अल्प प्रकीर्णन होता है। अतः औसत प्रकीर्णन कोण बहुप्रकीर्णन द्वारा व्याख्यित किया जा सकता है। अतः थॉमसन मॉडल में बहुप्रकीर्णन की उपेक्षा करना गलत है। रदरफोर्ड मॉडल में अधिकांश प्रकीर्णन एकल संघट्ट द्वारा होता है तथा बहुप्रकीर्णन प्रभाव उपेक्षणीय है।


प्रश्न 12.

हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन के मध्य गुरुत्वाकर्षण, कूलॉम-आकर्षण से लगभग 1040 के गुणक से कम है। इस तथ्य को देखने का एक वैकल्पिक उपाय यह है कि यदि इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन गुरुत्वाकर्षण द्वारा आबद्ध हों तो किसी हाइड्रोजन परमाणु में प्रथम बोर कक्षा की त्रिज्या का अनुमान लगाइए। आप मनोरंजक उत्तर पाएँगे।

हल:
बोहर कक्षा की त्रिज्या का सूत्र: r = \(\frac{n^2 h^2}{4 \pi^2 K m e^2}\)
यह मानते हुए कि परमाणु गुरुत्व बल द्वारा बाधित है, स्थिरांक K को गुरुत्वीय स्थिरांक G से स्थानान्तरित करने पर, प्रथम कक्ष (n=1) की त्रिज्या होगी:
r = \(\frac{h^2}{4 \pi^2 G m_e m_p^2}\)
मान रखने पर (me ≈ 9.1 × 10-31 kg, mp ≈ 1.67 × 10-27 kg, G = 6.67 × 10-11 N m2/kg2, h = 6.63 × 10-34 Js):
r ≈ 1.2 × 1029 m
अतः: यह त्रिज्या ब्रह्माण्ड के सम्पूर्ण आकार से भी बहुत अधिक है, जो दर्शाता है कि गुरुत्वाकर्षण परमाणु की संरचना में नगण्य भूमिका निभाता है।


प्रश्न 13.

जब कोई हाइड्रोजन परमाणु स्तर n से स्तर (n - 1) पर व्युत्तेजित होता है तो उत्सर्जित विकिरण की आवृत्ति हेतु व्यंजक प्राप्त कीजिए। n के अधिक मान हेतु, दर्शाइए कि यह आवृत्ति, इलेक्ट्रॉन की कक्षा में परिक्रमण की क्लासिकी आवृत्ति के बराबर है।

हल:
जब परमाणु n कक्षा से (n-1) वीं कक्षा में कूदता है, तो आवृत्ति ν के लिए:
hν = En - En-1 = \(\left(-\frac{13.6}{n^2}\right) - \left(-\frac{13.6}{(n-1)^2}\right)\) (eV में)
जूल में रूपान्तरित कर तथा n के बड़े मानों के लिए सन्निकटन (n-1 ≈ n) लगाने पर, विस्तृत गणना से प्राप्त होता है कि उत्सर्जित आवृत्ति ν, इलेक्ट्रॉन की nवीं कक्षा में क्लासिकी परिक्रमण आवृत्ति \(\frac{v}{2\pi r}\) के बराबर हो जाती है। यह समानता का सिद्धान्त दर्शाता है, जहाँ बड़े क्वांटम संख्याओं के लिए क्वांटम यांत्रिकी के परिणाम क्लासिकी यांत्रिकी से मेल खाने लगते हैं।


प्रश्न 14.

क्लासिकी रूप में, किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर किसी भी कक्षा में हो सकता है। तब प्रारूपी परमाणवीय साइज किससे निर्धारित होता है? परमाणु अपने प्रारूपी साइज की अपेक्षा दस हजार गुना बड़ा क्यों नहीं है? इस प्रश्न ने बोहर को अपने प्रसिद्ध परमाणु मॉडल तक पहुँचने से पहले बहुत उलझन में डाला था।

(a) मूल नियतांकों e, me, c, और G से लम्बाई की विमा वाली राशि की रचना कीजिए। उसका संख्यात्मक मान भी निर्धारित कीजिए।
(b) आप पाएँगे कि (a) में प्राप्त लम्बाई परमाणवीय विमाओं के परिमाण की कोटि से काफी छोटी है। इसके अतिरिक्त इसमें c सम्मिलित है। परन्तु परमाणुओं की ऊर्जा अधिकतर अनापेक्षिकीय क्षेत्र में है जहाँ, c कोई अपेक्षित भूमिका नहीं है। इसी तर्क ने बोहर को c का परित्याग कर सही परमाणवीय साइज को प्राप्त करने के लिए 'कुछ अन्य' देखने के लिए प्रेरित किया। इस समय प्लांक नियतांक h का कहीं और पहले ही आविर्भाव हो चुका था। बोहर की सूक्ष्मदृष्टि ने पहचाना कि h, me और e के प्रयोग से ही सही परमाणु साइज प्राप्त होगा। अत: h, me और e से ही लम्बाई की विमा वाली किसी राशि की रचना कीजिए और पुष्टि कीजिए कि इसका संख्यात्मक मान, वास्तव में सही परिमाण की कोटि का है।

हल:
(a) e, me, c, G से बनी लम्बाई की विमा वाली राशि: \(\frac{e^2}{4\pi\epsilon_0 m_e c^2}\) (जहाँ \(\frac{1}{4\pi\epsilon_0} = K\))
संख्यात्मक मान ≈ 2.82 × 10-15 m। यह परमाणु के आकार (~10-10 m) की तुलना में बहुत छोटा है।
(b) h, me, e से बनी लम्बाई की विमा वाली राशि: \(\frac{h^2}{4\pi^2 K m_e e^2}\)
यह बोहर त्रिज्या a0 है। इसका संख्यात्मक मान ≈ 0.53 × 10-10 m = 0.53 Å, जो वास्तविक परमाणु साइज के सही परिमाण की कोटि का है।


प्रश्न 15.

हाइड्रोजन परमाणु की प्रथम उत्तेजित अवस्था (n=2) में इलेक्ट्रॉन की कुल ऊर्जा लगभग -3.4 eV है।
(a) इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा क्या है?
(b) इस अवस्था में इलेक्ट्रॉन की स्थितिज ऊर्जा क्या है?
(c) यदि स्थितिज ऊर्जा के शून्य स्तर के चयन में परिवर्तन कर दिया जाए तो ऊपर दिए गए उत्तरों में से कौन-सा उत्तर परिवर्तित होगा?

हल:
हाइड्रोजन परमाणु में: कुल ऊर्जा (T.E.) = गतिज ऊर्जा (K.E.) + स्थितिज ऊर्जा (P.E.)
तथा K.E. = - (T.E.) और P.E. = 2 × (T.E.)
(a) प्रथम उत्तेजित अवस्था में कुल ऊर्जा = -3.4 eV
गतिज ऊर्जा = - (-3.4) = 3.4 eV
(b) स्थितिज ऊर्जा = 2 × (-3.4) = -6.8 eV
(c) यदि शून्य स्थितिज ऊर्जा का चयन बदलता है, तो स्थितिज ऊर्जा और कुल ऊर्जा बदल जाएँगी, लेकिन गतिज ऊर्जा अपरिवर्तित रहेगी क्योंकि यह इलेक्ट्रॉन की गति पर निर्भर करती है।


प्रश्न 16.

यदि बोहर का क्वाण्टमीकरण अभिगृहीत (कोणीय संवेग = nh/2π) प्रकृति का मूल नियम है तो यह ग्रहीय गति की दशा में भी लागू होना चाहिए। तब हम सूर्य के चारों ओर ग्रहों की कक्षाओं के क्वाण्टमीकरण के विषय में कभी चर्चा क्यों नहीं करते?

हल:
बोहर क्वांटम अभिग

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Other Chapters of Class 12 Physics
1. वैधुत आवेश तथा क्षेत्र
2. स्थिर वैधुत विभव तथा धारिता
3. विद्युत धारा
4. गतिमान आवेश और चुंबकत्व
5. चुंबकत्व एवं द्रव्य
6. वैधुत चुंबकीय प्रेरण
7. प्रत्यावर्ती धारा
8. वैधुत चुंबकीय तरंग
9. किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
10. तरंग प्रकाशिकी
11. विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
12. परमाणु
13. नाभिक
14. अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी पदार्थ युक्तियाँ तथा सरल परिपथ
15. संचार व्यवस्था
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