UP Board Class 4 EVS 15. मंड़ी से घर तक is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 4 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: हाँ, मेरे घर में मेरे पिताजी को सुबह बहुत जल्दी उठना पड़ता है। वे सुबह 4:30 बजे उठते हैं ताकि समय पर ऑफिस के लिए तैयार हो सकें और ट्रेन पकड़ सकें। मेरी माँ भी सुबह 5 बजे उठकर घर के काम और नाश्ता तैयार करने लगती हैं।
उत्तर: बाबूजी पिछले दिन की बची हुई सब्जियाँ पहले बेचने की कोशिश इसलिए करते होंगे क्योंकि ताजी सब्जियों की तुलना में वे जल्दी खराब हो सकती हैं। अगर उन्हें पहले नहीं बेचा गया, तो वे मुरझा जाएंगी, सूख जाएंगी या सड़ने लगेंगी, जिससे उनका दाम नहीं मिल पाएगा और नुकसान होगा।
उत्तर: हाँ, मैंने सूखी या सड़ी-गली सब्जियाँ कई जगह देखी हैं। जैसे कभी-कभी घर के रेफ्रिजरेटर में रखी पालक या टमाटर सड़ जाती है। सब्जी मंडी या सब्जी की दुकान पर भी कई बार ढेर के नीचे दबी कुछ सब्जियाँ खराब हो जाती हैं, जिन्हें वे अलग कर देते हैं।
उत्तर: स्वयं करें। (संकेत: सब्जी के रंग में बदलाव, दुर्गंध आना, उसकी सतह पर काले धब्बे या फफूंद दिखना, वह बहुत नरम या गलने लगना आदि से पता चलता है।)
| समय | वैशाली | तुम |
|---|---|---|
| सुबह 4 बजे | वैशाली सब्जियाँ निकालकर उन्हें साफ करने और छाँटने का काम कर रही होती है। | मैं इस समय सो रहा/रही होता/होती हूँ। |
| शाम 6 बजे | वैशाली दिनभर बिकी हुई सब्जियों का हिसाब लगा रही होती है और बची सब्जियों को समेट रही होती है। | मैं इस समय अपना होमवर्क पूरा कर रहा/रही होता/होती हूँ या खेल रहा/रही होता/होती हूँ। |
| रात 10 बजे | वैशाली अगले दिन के लिए थोड़ी तैयारी करके सोने जा रही होती है। | मैं इस समय सोने की तैयारी कर रहा/रही होता/होती हूँ या सो चुका/चुकी होता/होती हूँ। |
उत्तर: मेरे घर में सब्जियाँ मुख्य रूप से पास के सब्जी बाजार या सब्जी वाले की रेहड़ी से आती हैं। उन्हें ज्यादातर मेरी माँ लाती हैं। कभी-कभी मैं या मेरे पिताजी भी सब्जी लाने जाते हैं।
उत्तर: नहीं, जब हम भिंडी लाते हैं तो सभी भिंडियाँ एक ही नाप की नहीं होतीं। उनकी लंबाई और मोटाई अलग-अलग होती है। कुछ बहुत छोटी और पतली होती हैं तो कुछ लंबी और मोटी होती हैं।
उत्तर: सबसे लंबी भिंडी की लंबाई लगभग 7 इंच और सबसे छोटी भिंडी की लंबाई लगभग 2 इंच हो सकती है। (छात्र अपने अवलोकन के अनुसार नाप लिखें।)
उत्तर: हाँ, भिंडियों का मुख्य रंग तो हरा ही होता है, लेकिन उनके हरे रंग की छाया में थोड़ा अंतर हो सकता है। कुछ गहरे हरी और कुछ हल्की हरी हो सकती हैं।
उत्तर: नहीं, वे सभी एक जितनी मोटी नहीं होतीं। कुछ भिंडियाँ पतली और नाजुक होती हैं, जबकि कुछ ज्यादा पुरानी होने पर मोटी और सख्त हो जाती हैं।
उत्तर: नहीं, दोनों भिंडियों में बीजों की संख्या अलग-अलग होती है। आमतौर पर लंबी और मोटी भिंडी में छोटी और पतली भिंडी की तुलना में ज्यादा बीज होते हैं।
उत्तर: स्वयं करें।
उत्तर: चित्र में दिखाई दे रही फल-सब्जियों के नाम हैं: बैंगन, आलू, कद्दू, टमाटर, गाजर, भिंडी और पालक/साग।
उत्तर: स्वयं करो।
| जल्दी खराब होने वाले फल और सब्जियाँ | कुछ दिनों तक रखे जा सकने वाले फल और सब्जियाँ |
|---|---|
| पालक केला टमाटर फूलगोभी खीरा अंगूर |
आलू लौकी प्याज नाशपाती चीकू अदरख अनानास |
(छात्र अपनी सूची में बैंगन, सेब, शिमला मिर्च आदि नाम भी जोड़ सकते हैं।)
उत्तर: कद्दू या तरबूज उठाने में सबसे भारी लगते हैं। (छात्र अपने अनुभव के आधार पर नाम लिखें और चित्र बनाएँ।)
उत्तर: अंगूर या मटर की फली बहुत हल्की लगती है। एक पत्ता गोभी या लेट्यूस के पत्ते भी बहुत हल्के होते हैं। (छात्र अपने अनुभव के आधार पर नाम लिखें और चित्र बनाएँ।)
उत्तर: तीन सब्जियाँ जिनमें बीज नहीं होते:
| नाम | रंग | लंबाई (लगभग) | मात्रा | दाम (लगभग) |
|---|---|---|---|---|
| सेब | लाल / हरा | 6-7 सें.मी. | 1/2 किलो | 60 रुपये |
| केला | पीला | 12-15 सें.मी. | 1 दर्जन | 40 रुपये |
| आलू | भूरा / ग्रे | 5-6 सें.मी. | 1/2 किलो | 15 रुपये |
| पत्ता गोभी | हरा | 20-25 सें.मी. | 1 किलो | 30 रुपये |
| भिंडी | हरा | 5-7 सें.मी. | 1 किलो | 40 रुपये |
| टमाटर | लाल | 4-5 सें.मी. | 1 किलो | 30 रुपये |
| गाजर (अतिरिक्त) | नारंगी | 10-12 सें.मी. | 1 किलो | 40 रुपये |
(दाम और लंबाई स्थान और मौसम के अनुसार बदल सकते हैं।)
56. उनका नाम क्या है?
उत्तर: श्री रामसहाय यादव।
57. उनके घर में कितने लोग हैं?
उत्तर: उनके घर में कुल 6 लोग रहते हैं।
58. कितने बच्चे हैं?
उत्तर: उनके दो बच्चे हैं।
59. उनके बच्चों के नाम और उनकी उम्र क्या है?
उत्तर: उनके बेटे का नाम विशाल है और वह 14 साल का है। बेटी का नाम प्रिया है और वह 10 साल की है।
510. सब्जी बेचने में उनकी मदद कौन-कौन करते हैं?
उत्तर: उनकी मदद उनकी पत्नी और कभी-कभार छुट्टी के दिन उनका बेटा विशाल भी करता है।
511. ठेले/रेहड़ी/दुकान पर उनके अलावा कौन-कौन बैठते हैं?
उत्तर: ठेले पर ज्यादातर समय वे खुद ही बैठते हैं। दोपहर के समय उनकी पत्नी आकर उन्हें खाना देती हैं और कुछ देर बैठती हैं।
512. वे कौन-कौन सी सब्जियाँ बेचते हैं?
उत्तर: वे मौसमी सब्जियाँ जैसे टमाटर, आलू, प्याज, भिंडी, बैंगन, फूलगोभी, पालक, लौकी आदि बेचते हैं।
513. वे कितने बजे काम शुरू करते हैं?
उत्तर: वे सुबह बहुत जल्दी, लगभग 4:30 बजे, सब्जी मंडी जाने के लिए निकल जाते हैं और 6:30 बजे तक ठेला लगा लेते हैं।
514. वे दिन में लगभग कितने घंटे काम करते हैं?
उत्तर: वे लगभग 12 से 14 घंटे तक काम करते हैं। शाम 7-8 बजे तक ठेला चलता है, उसके बाद सफाई और हिसाब-किताब का काम होता है।
| विवरण | सब्जी-1 (टमाटर) | सब्जी-2 (आलू) | सब्जी-3 (भिंडी) |
|---|---|---|---|
| सब्जी का नाम | टमाटर | आलू | भिंडी |
| उसका दाम (प्रति किलो) | 30-40 रुपये | 20-25 रुपये | 40-50 रुपये |
| कौन-सी जगह से लाई जाती है? | नजदीकी किसान या थोक मंडी | कोल्ड स्टोरेज या थोक मंडी | स्थानीय किसान |
| एक बार में वे कितनी सब्जी खरीदते हैं? | 10-15 किलो (क्योंकि जल्दी खराब होती है) | 50 किलो या एक बोरी (क्योंकि लंबे समय तक रख सकते हैं) | 5-10 किलो |
| यह सब्जी किन महीनों में ज़्यादा आती है? | दिसंबर से फरवरी और जून-जुलाई | पूरे साल, लेकिन नई फसल फरवरी-मार्च में | गर्मियों के महीने (मार्च से जून) |
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