UP Board Class 4 EVS 19. ज़ड़ों क़ा ज़ाल is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 4 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
उत्तर: घास के पौधे की जड़ें जमीन के अंदर गहराई तक फैली होती हैं और मिट्टी को मजबूती से पकड़ लेती हैं। यही कारण है कि उसे आसानी से नहीं उखाड़ा जा सकता। दूसरी ओर, मटर की बेल के लिए लगाई गई डंडी की जमीन में कोई जड़ नहीं होती, वह सिर्फ जमीन के ऊपर टिकी होती है, इसलिए वह आसानी से गिर गई।
उत्तर: हाँ, लगभग सभी पौधों में जड़ें होती हैं। जड़ें पौधे को जमीन में स्थिर रखती हैं और पानी व पोषक तत्वों का अवशोषण करती हैं।
उत्तर: जड़ों की गहराई पौधे के आकार पर निर्भर करती है। छोटे पौधों जैसे घास या गमले के फूलों की जड़ें केवल 2-3 इंच गहरी हो सकती हैं। मध्यम आकार के पेड़ों जैसे नीबू की जड़ें 3-4 फीट तक जाती हैं, जबकि बड़े पेड़ जैसे बरगद या नीम की जड़ें जमीन में 10-15 फीट या उससे भी अधिक गहराई तक पहुँच सकती हैं।
उत्तर: मटर के पौधे का वह हिस्सा सूख गया होगा जो तने से अलग हो गया था, यानी उसकी शाखाएँ और पत्तियाँ। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि टूटे हुए हिस्से की जड़ों से संपर्क टूट गया। जड़ें ही पानी और खनिज पदार्थ पौधे के हर भाग तक पहुँचाती हैं। संपर्क टूटने पर यह आपूर्ति बंद हो गई और वह हिस्सा सूख गया।
उत्तर: नीम का पेड़ इसलिए नहीं गिरा क्योंकि उसकी जड़ें जमीन में बहुत गहरी और चौड़ी फैली हुई होती हैं, जो एक मजबूत जाल की तरह पेड़ को जमीन से जोड़कर रखती हैं। यह जाल हवा के तेज झोंकों का सामना करके पेड़ को स्थिर रखता है।
उत्तर: जब पौधे को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो उसकी पत्तियाँ मुरझा जाती हैं। पानी देने पर जड़ें उस पानी को सोख लेती हैं और वह पानी तने के रास्ते पत्तियों तक पहुँचता है। पानी मिलते ही पत्तियों की कोशिकाएँ फिर से फूल जाती हैं और पत्तियाँ ताजी व हरी दिखने लगती हैं।
उत्तर: हाँ, जीवित रहने और बढ़ने के लिए सभी पौधों को पानी की आवश्यकता होती है। कुछ पौधे (जैसे कैक्टस) कम पानी में रह सकते हैं, लेकिन बिल्कुल पानी न मिलने पर कोई भी पौधा नहीं बच सकता।
उत्तर: हमें वे पौधे नियमित रूप से पानी देने होते हैं जिनकी जड़ें गहरी नहीं होतीं, जैसे गमलों में लगे फूलों के पौधे, सब्जियों के पौधे (टमाटर, मिर्च), घास और नए लगाए गए छोटे पौधे।
उत्तर: अगर इन पौधों को नियमित पानी नहीं दिया गया, तो वे पहले मुरझाएंगे, फिर सूखने लगेंगे और अंत में मर जाएंगे।
उत्तर: नीम जैसे बड़े पेड़ों की जड़ें जमीन में बहुत गहराई तक जाती हैं। ये जड़ें भूमिगत जल (जमीन के नीचे का पानी) तक पहुँचकर उसे सोख लेती हैं। इसके अलावा, बारिश का पानी भी जमीन में रिसकर इन जड़ों तक पहुँचता है। इसलिए उन्हें बाहर से पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती।
उत्तर: बड़े और स्थापित पेड़, जैसे नीम, आम, पीपल, बरगद, इमली आदि को आमतौर पर पानी देने की जरूरत नहीं होती क्योंकि उनकी गहरी जड़ें खुद पानी प्राप्त कर लेती हैं।
उत्तर:
उत्तर: हाँ, मूली पौधे की जड़ है। हम जो मोटी, गोल और सफेद/लाल मूली खाते हैं, वह असल में उस पौधे की संशोधित जड़ है जो भोजन जमा करके मोटी हो गई है। यही बात गाजर, चुकंदर, शलजम आदि के लिए भी सही है।
मूली, गाजर, चुकंदर - ये सब्जियाँ पौधों की जड़ें हैं।
गाँठ गोभी (पत्ता गोभी) - यह पौधे का तना और पत्तों से बना हुआ हिस्सा है, जड़ नहीं है।
उत्तर: दीवार के बीच उगे पौधे की जड़ें दीवार की दरारों में घुसकर काफी अंदर तक फैल गई होंगी। वे दीवार की नमी और पोषक तत्वों की तलाश में लंबी दूरी तक जा सकती हैं।
उत्तर: इसकी जड़ों को पानी मुख्य रूप से दो स्रोतों से मिलता होगा:
उत्तर: अगर इस पौधे को नहीं हटाया गया और उसे बढ़ने दिया गया, तो यह अपनी प्रजाति के अनुसार एक बड़ा पेड़ बन सकता है। उदाहरण के लिए, अगर यह पीपल का पौधा है, तो यह एक विशाल वृक्ष का रूप ले सकता है।
उत्तर: जैसे-जैसे पौधा बड़ा होगा, उसकी जड़ें मोटी और मजबूत होंगी। ये जड़ें दीवार की दरारों को और चौड़ा कर देंगी, जिससे दीवार कमजोर पड़ सकती है, फट सकती है या एक हिस्सा गिर भी सकता है।
उत्तर: चित्र में दिखाया गया पौधा पीपल का पौधा है।
उत्तर: हाँ, मैंने अक्सर पुरानी इमारतों या दीवारों की दरारों में पौधे उगते देखे हैं।
उत्तर: मैंने इसे स्कूल की पुरानी दीवार पर, पार्क के पास की चारदीवारी पर और कभी-कभी छत की नाली के पास देखा है।
उत्तर: हाँ, ऐसे पौधे देखकर मेरे मन में कई सवाल उठे, जैसे – यह बिना मिट्टी के कैसे उग गया? इसका बीज वहाँ कैसे पहुँचा? इसे पानी कहाँ से मिलता है?
उत्तर:
उत्तर: मैंने जो पौधा देखा था, वह बरगद (वट) का छोटा पौधा था।
उत्तर: ऐसा लगता है कि यह पेड़ अपने आप ही गिर गया होगा। तेज आँधी, भारी बारिश के कारण जमीन नरम होना, या पेड़ की उम्र बढ़ने के साथ उसकी जड़ें कमजोर होना इसके गिरने के कारण हो सकते हैं।
उत्तर: इतने मोटे तने वाला पेड़ कम से कम 40-50 साल या उससे भी अधिक पुराना हो सकता है।
उत्तर: सीमेंट लगने के बावजूद पेड़ को पानी मिलने के दो तरीके हैं:
उत्तर: मेरे गाँव के मंदिर के पास एक बहुत पुराना पीपल का पेड़ है। मेरे दादाजी बताते हैं कि यह पेड़ उनके बचपन से भी पहले से वहाँ है और लगभग 100 साल से भी अधिक पुराना होगा।
उत्तर: हाँ, मैंने एक बार तूफान के बाद एक बड़ा नीम का पेड़ गिरा हुआ देखा था। उसे देखकर मैंने सोचा कि इतना मजबूत दिखने वाला पेड़ भी प्रकृति की ताकत के सामने कैसे गिर गया। मुझे उसकी बाहर निकली हुई जड़ों को देखकर भी आश्चर्य हुआ कि वे जमीन में इतनी फैली हुई थीं।
उत्तर: हाँ, बरगद के पेड़ की शाखाओं से लटकती हुई जड़ें (जड़-लताएँ) देखी हैं। ये जड़ें हवा में लटकती हैं और नीचे जमीन तक पहुँचकर नए तनों का रूप ले लेती हैं।
उत्तर: हाँ, भिगोए हुए बीजों में से छोटे-छोटे अंकुर निकलते दिखाई दे रहे हैं। यह अंकुर ही आगे चलकर जड़ और तने में बदलता है।
उत्तर: (छात्र स्वयं चित्र बनाएँ। सामान्य विवरण इस प्रकार है:)
उत्तर: सूखे बीज छोटे, सख्त और हल्के होते हैं। भिगोने के बाद बीज पानी सोखकर फूल जाते हैं, नरम हो जाते हैं और उनका आकार बढ़ जाता है। भीगे बीजों से अंकुर भी निकलने लगते हैं।
उत्तर: अगर रुई सूखी रह जाती, तो बीजों को अंकुरित होने के लिए पर्याप्त नमी नहीं मिल पाती। नमी के बिना बीज में जीवन प्रक्रिया शुरू नहीं होती और अंकुर नहीं निकल पाता। बीज वैसे का वैसा ही रह जाता या सड़ने लगता।
उत्तर: अंकुरण के समय जड़ हमेशा नीचे की ओर (पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण की ओर) बढ़ती है। तना और पत्तियाँ हमेशा ऊपर की ओर (प्रकाश की ओर) बढ़ते हैं।
उत्तर: रुई में केवल नमी होती है, पोषक तत्व नहीं। इसलिए पौधे केवल कुछ दिनों तक ही बढ़ पाते हैं। मेरे पौधे रुई में लगभग 2 से 3 सेंटीमीटर तक ही बढ़ पाए।
उत्तर: नहीं, सभी बीजों में से पौधे नहीं निकले। कुछ बीज खराब या निष्क्रिय हो सकते हैं। केवल स्वस्थ और जीवंत बीज ही अंकुरित होकर पौधे बनाते हैं।
उत्तर: नई उगी हुई जड़ों का रंग आमतौर पर सफेद या हल्का मटमैला होता है।
उत्तर: हाँ, जब जड़ों को ध्यान से देखा जाए तो उन पर बहुत बारीक, रोएँ जैसे मूल रोम दिखाई देते हैं। ये रोम पानी सोखने का काम करते हैं।
उत्तर: नहीं, पौधों को रुई से आसानी से अलग नहीं किया जा सका। ऐसा इसलिए क्योंकि जड़ों के बारीक रोम रुई के रेशों में उलझ गए थे और रुई को मजबूती से पकड़े हुए थे, ठीक वैसे ही जैसे वे जमीन में मिट्टी को पकड़ती हैं।
उत्तर: हाँ, बिल्कुल। जड़ें मिट्टी के कणों को ठीक इसी तरह जकड़कर रखती हैं। यही कारण है कि पौधा जमीन में मजबूती से टिका रहता है और मिट्टी का कटाव (बहाव) भी रुकता है।
उत्तर: मैंने अपने दोस्तों के उगाए पौधे भी देखे। उन सभी की जड़ों ने रुई को अच्छी तरह पकड़ रखा था। कुछ पौधे मेरे पौधों से बड़े थे, कुछ छोटे, लेकिन जड़ों का रुई को जकड़ना सभी में एक जैसा था।
उत्तर: मेरी सूची:
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