UP Board Class 10 Maths 11. रचनाएँ is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 10 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
हल:
1. सर्वप्रथम 7.6 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड AB खींचिए।
2. बिंदु A से एक किरण AX खींचिए जो AB के साथ एक न्यून कोण बनाए।
3. किरण AX पर, परकार की सहायता से 13 (5+8) समान खंड काटकर अंकित कीजिए। इन बिंदुओं को A₁, A₂, A₃,...A₁₃ नाम दीजिए।
4. बिंदु A₁₃ को B से मिलाइए।
5. बिंदु A₅ से A₁₃B के समांतर एक रेखा खींचिए जो AB को बिंदु C पर प्रतिच्छेद करे।
6. बिंदु C, रेखाखंड AB को 5:8 के अनुपात में विभाजित करता है।
7. मापने पर, AC ≈ 2.9 सेमी और BC ≈ 4.7 सेमी प्राप्त होते हैं।
हल:
चरण 1: मूल त्रिभुज ABC की रचना
1. सर्वप्रथम 6 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड BC खींचिए।
2. बिंदु B को केंद्र मानकर 5 सेमी त्रिज्या का एक चाप लगाइए।
3. बिंदु C को केंद्र मानकर 4 सेमी त्रिज्या का एक दूसरा चाप लगाइए जो पहले चाप को बिंदु A पर काटे।
4. AB और AC को मिलाकर त्रिभुज ABC प्राप्त कीजिए।
चरण 2: समरूप त्रिभुज A'BC' की रचना
5. शीर्ष B के सम्मुख भुजा AC के नीचे की ओर एक किरण BX खींचिए जो BC के साथ एक न्यून कोण बनाए।
6. किरण BX पर तीन समान दूरियों के बिंदु B₁, B₂, B₃ इस प्रकार अंकित कीजिए कि BB₁ = B₁B₂ = B₂B₃ हो।
7. B₃ को C से मिलाइए।
8. B₂ से B₃C के समांतर एक रेखा खींचिए जो BC को C' पर काटे।
9. C' से CA के समांतर एक रेखा खींचिए जो BA को A' पर काटे।
10. इस प्रकार प्राप्त ∆A'BC' अभीष्ट त्रिभुज है जिसकी भुजाएँ ∆ABC की संगत भुजाओं की 2/3 गुनी हैं।
हल:
चरण 1: मूल त्रिभुज ABC की रचना
1. 7 सेमी लंबाई का रेखाखंड BC खींचिए।
2. बिंदु B से 5 सेमी त्रिज्या का तथा बिंदु C से 6 सेमी त्रिज्या के चाप लगाकर उनके प्रतिच्छेद बिंदु A को अंकित कीजिए।
3. AB और AC को मिलाकर ∆ABC प्राप्त कीजिए।
चरण 2: समरूप त्रिभुज A'B'C की रचना
4. शीर्ष B के सम्मुख भुजा AC के नीचे की ओर एक किरण BX खींचिए।
5. किरण BX पर सात समान खंड BB₁, B₁B₂,...B₆B₇ अंकित कीजिए।
6. B₅ को C से मिलाइए।
7. B₇ से B₅C के समांतर एक रेखा खींचिए जो BC को बढ़ाने पर C' पर मिले।
8. C' से CA के समांतर एक रेखा खींचिए जो BA को बढ़ाने पर A' पर मिले।
9. इस प्रकार प्राप्त ∆A'BC' अभीष्ट त्रिभुज है जिसकी भुजाएँ ∆ABC की संगत भुजाओं की 7/5 गुनी हैं।
हल:
चरण 1: समद्विबाहु त्रिभुज ABC की रचना
1. 8 सेमी लंबाई का आधार BC खींचिए।
2. BC का लंब समद्विभाजक खींचिए जो BC को बिंदु M पर काटे।
3. लंब समद्विभाजक पर बिंदु A इस प्रकार अंकित कीजिए कि AM = 4 सेमी हो।
4. A को B व C से मिलाकर समद्विबाहु ∆ABC प्राप्त कीजिए।
चरण 2: समरूप त्रिभुज A'BC' की रचना
5. शीर्ष B के सम्मुख भुजा AC के नीचे की ओर एक किरण BX खींचिए।
6. BX पर तीन समान खंड BB₁, B₁B₂, B₂B₃ अंकित कीजिए।
7. B₂ को C से मिलाइए।
8. B₃ से B₂C के समांतर एक रेखा खींचिए जो BC को बढ़ाने पर C' पर मिले।
9. C' से CA के समांतर एक रेखा खींचिए जो BA को बढ़ाने पर A' पर मिले।
10. ∆A'BC' अभीष्ट त्रिभुज है जिसकी भुजाएँ ∆ABC की संगत भुजाओं की 3/2 गुनी (1½ गुनी) हैं।
हल:
चरण 1: त्रिभुज ABC की रचना
1. 6 सेमी लंबाई का रेखाखंड BC खींचिए।
2. बिंदु B पर 60° का कोण बनाती हुई किरण BX खींचिए।
3. किरण BX पर 5 सेमी की दूरी पर बिंदु A अंकित कीजिए।
4. A को C से मिलाकर ∆ABC प्राप्त कीजिए।
चरण 2: समरूप त्रिभुज A'BC' की रचना
5. शीर्ष B के सम्मुख भुजा AC के नीचे की ओर एक किरण BY खींचिए।
6. BY पर चार समान खंड BB₁, B₁B₂, B₂B₃, B₃B₄ अंकित कीजिए।
7. B₄ को C से मिलाइए।
8. B₃ से B₄C के समांतर एक रेखा खींचिए जो BC को C' पर काटे।
9. C' से CA के समांतर एक रेखा खींचिए जो BA को A' पर काटे।
10. ∆A'BC' अभीष्ट त्रिभुज है जिसकी भुजाएँ ∆ABC की संगत भुजाओं की 3/4 गुनी हैं।
हल:
चरण 1: त्रिभुज ABC की रचना
1. 7 सेमी लंबाई का रेखाखंड BC खींचिए।
2. बिंदु B पर 45° का कोण बनाती हुई किरण BX खींचिए।
3. चूँकि ∠A = 105° और ∠B = 45° है, इसलिए ∠C = 180° - (105°+45°) = 30° होगा।
4. बिंदु C पर 30° का कोण बनाती हुई किरण CY खींचिए जो BX को बिंदु A पर काटे।
5. इस प्रकार ∆ABC प्राप्त होता है।
चरण 2: समरूप त्रिभुज A'BC' की रचना
6. शीर्ष B के सम्मुख भुजा AC के नीचे की ओर एक किरण BZ खींचिए।
7. BZ पर तीन समान खंड BB₁, B₁B₂, B₂B₃ अंकित कीजिए।
8. B₃ को C से मिलाइए।
9. B₄ (B₃ के आगे एक और समान खंड B₃B₄ लगाकर) से B₃C के समांतर एक रेखा खींचिए जो BC को बढ़ाने पर C' पर मिले।
10. C' से CA के समांतर एक रेखा खींचिए जो BA को बढ़ाने पर A' पर मिले।
11. ∆A'BC' अभीष्ट त्रिभुज है जिसकी भुजाएँ ∆ABC की संगत भुजाओं की 4/3 गुनी हैं।
हल:
चरण 1: समकोण त्रिभुज ABC की रचना
1. 4 सेमी लंबाई का रेखाखंड BC खींचिए।
2. बिंदु B पर 90° का कोण बनाती हुई किरण BX खींचिए।
3. किरण BX पर 3 सेमी की दूरी पर बिंदु A अंकित कीजिए।
4. A को C से मिलाकर समकोण ∆ABC (∠B=90°) प्राप्त कीजिए।
चरण 2: समरूप त्रिभुज A'BC' की रचना
5. शीर्ष B के सम्मुख भुजा AC के नीचे की ओर एक किरण BY खींचिए।
6. BY पर तीन समान खंड BB₁, B₁B₂, B₂B₃ अंकित कीजिए।
7. B₃ को C से मिलाइए।
8. B₅ (B₃ के आगे दो और समान खंड B₃B₄ और B₄B₅ लगाकर) से B₃C के समांतर एक रेखा खींचिए जो BC को बढ़ाने पर C' पर मिले।
9. C' से CA के समांतर एक रेखा खींचिए जो BA को बढ़ाने पर A' पर मिले।
10. ∆A'BC' अभीष्ट त्रिभुज है जिसकी भुजाएँ ∆ABC की संगत भुजाओं की 5/3 गुनी हैं।
निम्न में से प्रत्येक के लिए रचना का औचित्य भी दीजिए :
हल:
रचना के चरण:
1. केंद्र O तथा 6 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
2. केंद्र O से 10 सेमी दूरी पर एक बिंदु P लीजिए।
3. O और P को मिलाइए।
4. OP का लंब समद्विभाजक खींचकर उसका मध्य बिंदु M ज्ञात कीजिए।
5. M को केंद्र मानकर तथा MO (या MP) को त्रिज्या मानकर एक वृत्त खींचिए।
6. यह वृत्त पहले वृत्त को दो बिंदुओं Q और R पर काटता है।
7. PQ और PR को मिलाइए।
8. PQ और PR अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं। मापने पर प्रत्येक की लंबाई लगभग 8 सेमी प्राप्त होती है।
औचित्य: ∆PQO में, ∠PQO अर्धवृत्त में बना कोण है, अतः ∠PQO = 90°। इस प्रकार PQ ⟂ OQ है। चूँकि OQ वृत्त की त्रिज्या है, अतः PQ वृत्त की एक स्पर्श रेखा है। इसी प्रकार PR भी एक स्पर्श रेखा है।
हल:
रचना के चरण:
1. केंद्र O तथा 4 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
2. उसी केंद्र O से 6 सेमी त्रिज्या का एक संकेंद्रीय वृत्त खींचिए।
3. बड़े वृत्त पर कोई बिंदु P लीजिए।
4. O और P को मिलाइए।
5. OP का लंब समद्विभाजक खींचकर उसका मध्य बिंदु M ज्ञात कीजिए।
6. M को केंद्र मानकर तथा MO (या MP) को त्रिज्या मानकर एक वृत्त खींचिए।
7. यह वृत्त छोटे वृत्त को दो बिंदुओं Q और R पर काटता है।
8. PQ और PR को मिलाइए।
9. PQ और PR अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।
लंबाई का मापन व परिकलन: मापने पर स्पर्श रेखा PQ की लंबाई लगभग 4.5 सेमी प्राप्त होती है।
पाइथागोरस प्रमेय से, समकोण ∆PQO में:
PQ² = OP² - OQ² = (6)² - (4)² = 36 - 16 = 20
∴ PQ = √20 = 2√5 ≈ 4.47 सेमी
मापी गई लंबाई परिकलित लंबाई के लगभग बराबर है।
हल:
रचना के चरण:
1. केंद्र O तथा 3 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
2. वृत्त का व्यास AOB खींचकर इसे दोनों ओर इस प्रकार बढ़ाइए कि केंद्र O से 7 सेमी की दूरी पर दो बिंदु P और Q (विपरीत दिशाओं में) प्राप्त हों।
3. बिंदु P के लिए: OP का लंब समद्विभाजक खींचकर मध्य बिंदु M₁ ज्ञात कीजिए। M₁ को केंद्र मानकर M₁O त्रिज्या का वृत्त खींचिए जो दिए गए वृत्त को T₁ और T₂ पर काटे। PT₁ और PT₂ को मिलाइए। ये P से जाने वाली स्पर्श रेखाएँ हैं।
4. बिंदु Q के लिए: OQ का लंब समद्विभाजक खींचकर मध्य बिंदु M₂ ज्ञात कीजिए। M₂ को केंद्र मानकर M₂O त्रिज्या का वृत्त खींचिए जो दिए गए वृत्त को T₃ और T₄ पर काटे। QT₃ और QT₄ को मिलाइए। ये Q से जाने वाली स्पर्श रेखाएँ हैं।
औचित्य: प्रत्येक स्थिति में, स्पर्श बिंदु, केंद्र और बाह्य बिंदु के बीच बना कोण अर्धवृत्त में बना कोण है जो 90° का होता है, जो स्पर्श रेखा की शर्त को सिद्ध करता है।
हल:
रचना के चरण:
1. केंद्र O तथा 5 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
2. वृत्त की परिधि पर एक बिंदु A लीजिए और OA को मिलाइए।
3. बिंदु A पर OA के लंबवत एक रेखा खींचिए। यह वृत्त की एक स्पर्श रेखा AP है।
4. बिंदु O पर OA के साथ 120° (180° - 60°) का कोण बनाती हुई एक किरण OB खींचिए जो वृत्त को B पर काटे।
5. बिंदु B पर OB के लंबवत एक रेखा खींचिए। यह वृत्त की दूसरी स्पर्श रेखा BQ है।
6. ये दोनों स्पर्श रेखाएँ बाहर बढ़ाने पर परस्पर बिंदु P पर 60° का कोण बनाती हैं।
औचित्य: चतुर्भुज OAPB में, ∠OAP = ∠OBP = 90°, ∠AOB = 120° है। चतुर्भुज के कोणों का योग 360° होता है।
∴ ∠APB = 360° - (90°+90°+120°) = 60°.
अतः स्पर्श रेखाएँ AP और BP परस्पर 60° का कोण बनाती हैं।
हल:
रचना के चरण:
1. 8 सेमी लंबाई का रेखाखंड AB खींचिए।
2. A को केंद्र मानकर 4 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए।
3. B को केंद्र मानकर 3 सेमी त्रिज्या का एक दूसरा वृत्त खींचिए।
4. बिंदु A से वृत्त (केंद्र B) पर स्पर्श रेखाएँ: AB का लंब समद्विभाजक खींचकर मध्य बिंदु M ज्ञात कीजिए। M को केंद्र मानकर MA त्रिज्या का वृत्त खींचिए जो वृत्त (केंद्र B) को P और Q पर काटे। AP और AQ को मिलाइए। ये अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।
5. बिंदु B से वृत्त (केंद्र A) पर स्पर्श रेखाएँ: उपरोक्त प्रक्रिया दोहराते हुए, AB के लंब समद्विभाजक पर ही केंद्र M लेकर MB त्रिज्या का वृत्त खींचिए जो वृत्त (केंद्र A) को R और S पर काटे। BR और BS को मिलाइए। ये अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।
हल:
रचना के चरण:
1. दिए गए मापों के आधार पर समकोण त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जहाँ AB = 6 सेमी, BC = 8 सेमी और ∠B = 90° है।
2. त्रिभुज के परिगत वृत्त की रचना कीजिए। इसके लिए भुजा AC और BC के लंब समद्विभाजक खींचिए जो परस्पर बिंदु O पर काटेंगे। यही वृत्त का केंद्र है।
3. केंद्र O तथा त्रिज्या OA (या OB या OC) लेकर वृत्त खींचिए। यह त्रिभुज ABC का परिवृत्त है।
4. अब बिंदु B पर वृत्त की स्पर्श रेखा खींचनी है। चूँकि ∠ABC = 90° है और AB वृत्त की एक जीवा है, इसलिए बिंदु B पर AB के लंबवत रेखा खींचिए। यह रेखा BT अभीष्ट स्पर्श रेखा है।
औचित्य: चूँकि ∠ABC अर्धवृत्त में बना कोण है (AC व्यास है), अतः यह 90° है। बिंदु B पर त्रिज्या OB, जीवा AB के लंबवत है। लंबवत रेखा BT, त्रिज्या OB पर खींची गई है, अतः यह वृत्त की स्पर्श रेखा है।
हल:
रचना के चरण:
1. चूड़ी (या किसी अन्य वस्तु) की सहायता से एक वृत्त खींच लीजिए।
2. वृत्त के बाहर कोई बिंदु P लीजिए।
3. वृत्त के केंद्र O को ज्ञात करने के लिए वृत्त की कोई दो जीवाएँ AB और CD खींचिए।
4. AB और CD के लंब समद्विभाजक खींचिए जो परस्पर वृत्त के केंद्र O पर काटेंगे।
5. O और P को मिलाइए।
6. OP का लंब समद्विभाजक खींचकर उसका मध्य बिंदु M ज्ञात कीजिए।
7. M को केंद्र मानकर तथा MO (या MP) को त्रिज्या मानकर एक वृत्त खींचिए।
8. यह वृत्त पहले वृत्त को दो बिंदुओं T₁ और T₂ पर काटता है।
9. PT₁ और PT₂ को मिलाइए।
10. PT₁ और PT₂ अभीष्ट स्पर्श रेखाएँ हैं।
औचित्य: ∆PT₁O में, ∠PT₁O अर्धवृत्त में बना कोण है, अतः 90° है। इसलिए PT₁ ⟂ OT
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