UP Board Class 10 Maths 13. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 10 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
हल:
प्रत्येक घन का आयतन = 64 cm³ है।
घन की भुजा = ∛64 = 4 cm
दो घनों को सटाकर रखने पर बने घनाभ की विमाएँ होंगी:
लंबाई (l) = 4 + 4 = 8 cm
चौड़ाई (b) = 4 cm
ऊँचाई (h) = 4 cm
घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2(lb + bh + hl)
= 2(8×4 + 4×4 + 8×4)
= 2(32 + 16 + 32)
= 2 × 80
= 160 cm²
अतः प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल 160 cm² है।
हल:
अर्धगोले का व्यास = 14 cm
अर्धगोले की त्रिज्या (r) = 14/2 = 7 cm
बर्तन की कुल ऊँचाई = 13 cm
बेलनाकार भाग की ऊँचाई (h) = कुल ऊँचाई – अर्धगोले की त्रिज्या
h = 13 – 7 = 6 cm
बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
= 2πrh + 2πr²
= 2πr(h + r)
= 2 × (22/7) × 7 × (6 + 7)
= 44 × 13
= 572 cm²
अतः बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल 572 cm² है।
हल:
अर्धगोले की त्रिज्या (r) = 3.5 cm
शंकु की त्रिज्या (r) = 3.5 cm
खिलौने की कुल ऊँचाई = 15.5 cm
शंकु की ऊँचाई (h) = कुल ऊँचाई – अर्धगोले की त्रिज्या
h = 15.5 – 3.5 = 12 cm
शंकु की तिर्यक ऊँचाई (l) = √(r² + h²)
l = √((3.5)² + (12)²)
l = √(12.25 + 144)
l = √156.25 = 12.5 cm
खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
= πrl + 2πr²
= πr(l + 2r)
= (22/7) × 3.5 × (12.5 + 2×3.5)
= (22/7) × 3.5 × (12.5 + 7)
= (22/7) × 3.5 × 19.5
= 22 × 0.5 × 19.5
= 11 × 19.5
= 214.5 cm²
अतः खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल 214.5 cm² है।
हल:
घनाकार ब्लॉक की भुजा (a) = 7 cm
अर्धगोले का अधिकतम व्यास, घन की भुजा के बराबर हो सकता है।
अतः अर्धगोले का व्यास = 7 cm
अर्धगोले की त्रिज्या (r) = 7/2 = 3.5 cm
ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल + अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल – अर्धगोले के आधार (वृत्त) का क्षेत्रफल
= 6a² + 2πr² – πr²
= 6a² + πr²
= 6×(7)² + (22/7)×(3.5)²
= 6×49 + (22/7)×12.25
= 294 + (22×1.75)
= 294 + 38.5
= 332.5 cm²
अतः ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल 332.5 cm² है।
हल:
माना घन की भुजा = l इकाई
अर्धगोले का व्यास = l इकाई (दिया है)
अर्धगोले की त्रिज्या (r) = l/2 इकाई
शेष बचे ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल + अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल – अर्धगोले के आधार (वृत्त) का क्षेत्रफल
= 6l² + 2πr² – πr²
= 6l² + πr²
= 6l² + π(l/2)²
= 6l² + (πl²)/4
= (24l² + πl²)/4
= l²(24 + π)/4 वर्ग इकाई
यही शेष ठोस का अभीष्ट पृष्ठीय क्षेत्रफल है।
हल:
कैप्सूल का व्यास = 5 mm
अर्धगोले की त्रिज्या (r) = 5/2 = 2.5 mm
बेलन की त्रिज्या (r) = 2.5 mm
कैप्सूल की कुल लंबाई = 14 mm
बेलनाकार भाग की ऊँचाई (h) = कुल लंबाई – दोनों अर्धगोलों की त्रिज्याओं का योग
h = 14 – (2.5 + 2.5) = 14 – 5 = 9 mm
कैप्सूल का पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + दोनों अर्धगोलों का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
= 2πrh + 2 × (2πr²)
= 2πrh + 4πr²
= 2πr(h + 2r)
= 2 × (22/7) × 2.5 × (9 + 2×2.5)
= (110/7) × (9 + 5)
= (110/7) × 14
= 110 × 2
= 220 mm²
अतः कैप्सूल का पृष्ठीय क्षेत्रफल 220 mm² है।
हल:
बेलनाकार भाग का व्यास = 4 m
बेलनाकार भाग की त्रिज्या (r) = 4/2 = 2 m
बेलनाकार भाग की ऊँचाई (h) = 2.1 m
शंकु की तिर्यक ऊँचाई (l) = 2.8 m
तंबू में प्रयुक्त कैनवस का क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
= 2πrh + πrl
= πr(2h + l)
= (22/7) × 2 × (2×2.1 + 2.8)
= (44/7) × (4.2 + 2.8)
= (44/7) × 7
= 44 m²
कैनवस की लागत = 44 × 500 = ₹ 22,000
अतः कैनवस का क्षेत्रफल 44 m² तथा इसकी लागत ₹ 22,000 है।
हल:
बेलन की ऊँचाई (H) = 2.4 cm
बेलन का व्यास = 1.4 cm
बेलन की त्रिज्या (r) = 1.4/2 = 0.7 cm
काटे गए शंकु की ऊँचाई (h) = 2.4 cm
शंकु की त्रिज्या (r) = 0.7 cm
शंकु की तिर्यक ऊँचाई (l) = √(r² + h²)
l = √((0.7)² + (2.4)²)
l = √(0.49 + 5.76)
l = √6.25 = 2.5 cm
शेष बचे ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + बेलन के ऊपरी आधार (वृत्त) का क्षेत्रफल
= 2πrH + πrl + πr²
= πr(2H + l + r)
= (22/7) × 0.7 × (2×2.4 + 2.5 + 0.7)
= (22/7) × 0.7 × (4.8 + 2.5 + 0.7)
= (22/7) × 0.7 × 8.0
= 22 × 0.1 × 8.0
= 17.6 cm²
निकटतम वर्ग सेंटीमीटर तक पृष्ठीय क्षेत्रफल = 18 cm²
अतः शेष ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल लगभग 18 cm² है।
हल:
बेलन की ऊँचाई (h) = 10 cm
बेलन की त्रिज्या (r) = 3.5 cm
अर्धगोले की त्रिज्या (r) = 3.5 cm
वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + दोनों अर्धगोलों का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
= 2πrh + 2 × (2πr²)
= 2πrh + 4πr²
= 2πr(h + 2r)
= 2 × (22/7) × 3.5 × (10 + 2×3.5)
= 2 × (22/7) × 3.5 × (10 + 7)
= 2 × (22/7) × 3.5 × 17
= 2 × 22 × 0.5 × 17
= 2 × 11 × 17
= 374 cm²
अतः वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल 374 cm² है।
हल:
शंकु की त्रिज्या (r) = 1 cm
शंकु की ऊँचाई (h) = त्रिज्या = 1 cm
अर्धगोले की त्रिज्या (r) = 1 cm
ठोस का आयतन = शंकु का आयतन + अर्धगोले का आयतन
= (1/3)πr²h + (2/3)πr³
= (1/3)πr²(h + 2r)
= (1/3)π × (1)² × (1 + 2×1)
= (1/3)π × 1 × (1 + 2)
= (1/3)π × 3
= π cm³
अतः ठोस का आयतन π cm³ है।
हल:
मॉडल का व्यास = 3 cm
त्रिज्या (r) = 3/2 = 1.5 cm
प्रत्येक शंकु की ऊँचाई (h₁) = 2 cm
मॉडल की कुल लंबाई = 12 cm
बेलनाकार भाग की ऊँचाई (h₂) = कुल लंबाई – दोनों शंकुओं की ऊँचाई
h₂ = 12 – (2 + 2) = 8 cm
मॉडल में अंतर्विष्ट हवा का आयतन = 2 × (शंकु का आयतन) + बेलन का आयतन
= 2 × [(1/3)πr²h₁] + πr²h₂
= πr² [ (2/3)h₁ + h₂ ]
= π × (1.5)² × [ (2/3)×2 + 8 ]
= π × 2.25 × [ (4/3) + 8 ]
= π × 2.25 × [ (4 + 24)/3 ]
= π × 2.25 × (28/3)
= π × 2.25 × (28/3)
= π × 0.75 × 28
= π × 21
= 21π cm³
π = 22/7 रखने पर, आयतन = 21 × (22/7) = 66 cm³
अतः मॉडल में अंतर्विष्ट हवा का आयतन 66 cm³ है।
हल:
एक गुलाबजामुन का व्यास = 2.8 cm
त्रिज्या (r) = 2.8/2 = 1.4 cm
गुलाबजामुन की कुल लंबाई = 5 cm
बेलनाकार भाग की ऊँचाई (h) = कुल लंबाई – दोनों अर्धगोलों की त्रिज्याओं का योग
h = 5 – (1.4 + 1.4) = 5 – 2.8 = 2.2 cm
एक गुलाबजामुन का आयतन = बेलन का आयतन + दो अर्धगोलों का आयतन
= πr²h + (4/3)πr³
= πr² [ h + (4/3)r ]
= (22/7) × (1.4)² × [ 2.2 + (4/3)×1.4 ]
= (22/7) × 1.96 × [ 2.2 + (5.6/3) ]
= (22/7) × 1.96 × [ 2.2 + 1.866... ]
= (22/7) × 1.96 × 4.066...
गणना करने पर, एक गुलाबजामुन का आयतन ≈ 25.05 cm³ (लगभग)
45 गुलाबजामुनों का कुल आयतन = 45 × 25.05 ≈ 1127.25 cm³
चाशनी का आयतन = कुल आयतन का 30%
= (30/100) × 1127.25
= 0.3 × 1127.25
= 338.175 cm³ (लगभग)
अतः 45 गुलाबजामुनों में चाशनी की मात्रा लगभग 338 cm³ है।
हल:
घनाभ की लंबाई (l) = 15 cm
घनाभ की चौड़ाई (b) = 10 cm
घनाभ की ऊँचाई (h) = 3.5 cm
घनाभ का आयतन = l × b × h = 15 × 10 × 3.5 = 525 cm³
एक शंक्वाकार गड्ढे की त्रिज्या (r) = 0.5 cm
गड्ढे की गहराई (ऊँचाई) (h₁) = 1.4 cm
एक शंक्वाकार गड्ढे का आयतन = (1/3)πr²h₁
= (1/3) × (22/7) × (0.5)² × 1.4
= (1/3) × (22/7) × 0.25 × 1.4
= (1/3) × (22/7) × 0.35
= (1/3) × 1.1
= 0.3666... cm³ (लगभग)
चार गड्ढों का कुल आयतन = 4 × 0.3666 ≈ 1.4667 cm³
पूरे कमलदान में लकड़ी का आयतन = घनाभ का आयतन – चार गड्ढों का आयतन
= 525 – 1.4667
= 523.5333 cm³ (लगभग)
अतः पूरे कमलदान में लकड़ी का आयतन लगभग 523.53 cm³ है।
हल:
शंक्वाकार बर्तन की ऊँचाई (H) = 8 cm
बर्तन की त्रिज्या (R) = 5 cm
बर्तन (शंकु) का आयतन = (1/3)πR²H
= (1/3) × π × (5)² × 8
= (1/3) × π × 25 × 8
= (200π/3) cm³
बाहर निकले पानी का आयतन = बर्तन के आयतन का 1/4
= (1/4) × (200π/3)
= (50π/3) cm³
एक गोली (गोला) की त्रिज्या (r) = 0.5 cm
एक गोली का आयतन = (4/3)πr³
= (4/3) × π × (0.5)³
= (4/3) × π × 0.125
= (0.5π/3) cm³
माना डाली गई गोलियों की संख्या = n
बाहर निकले पानी का आयतन = n गोलियों का आयतन
(50π/3) = n × (0.5π/3)
दोनों ओर π/3 से भाग देने पर:
50 = n × 0.5
n = 50 / 0.5
n = 100
अतः बर्तन में डाली गई सीसे की गोलियों की संख्या 100 है।
हल:
बड़े बेलन (नीचे वाले) का व्यास = 24 cm
त्रिज्या (R) = 24/2 = 12 cm
ऊँचाई (H) = 220 cm
बड़े बेलन का आयतन = πR²H = 3.14 × (12)² × 220
= 3.14 × 144 × 220
= 3.14 × 31680
= 99475.2 cm³
छोटे बेलन (ऊपर वाले) का व्यास = 8 cm
त्रिज्या (r) = 8/2 = 4 cm
ऊँचाई (h) = 60 cm
छोटे बेलन का आयतन = πr²h = 3.14 × (4)² × 60
= 3.14 × 16 × 60
= 3.14 × 960
= 3014.4 cm³
स्तंभ का कुल आयतन = बड़े बेलन का आयतन + छोटे बेलन का आयतन
= 99475.2 + 3014.4
= 102489.6 cm³
1 cm³ लोहे का द्रव्यमान = 8 g
स्तंभ का द्रव्यमान = 102489.6 × 8
= 819916.8 g
= (819916.8 / 1000) kg (चूँकि 1000 g = 1 kg)
UP Board Class 10 Maths 13. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for Class 10 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.
It is essential to know the importance of UP Board Class 10 Maths 13. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board Class 10 Maths 13. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन :
There are various features of UP Board Class 10 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.