UP Board Class 11 Physics 11. द्रव्य के तापीय गुण is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 11 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.
यदि तापमान सेल्सियस θ, केल्विन T तथा फारेनहाइट F के पदों में हैं, तब
T = θ + 273.15
θ / 5 = (F - 32) / 9
अतः, T - 273.15 / 5 = (F - 32) / 9
हल:
निऑन का त्रिक बिन्दु, T₁ = 24.57 K
सेल्सियस पैमाने पर: θ₁ = T₁ - 273.15 = 24.57 - 273.15 = -248.58 °C
फारेनहाइट पैमाने पर:
F₁ = (T₁ - 273.15) × (9/5) + 32 = (-248.58) × (9/5) + 32 = -415.44 °F
CO₂ का त्रिक बिन्दु, T₂ = 216.55 K
सेल्सियस पैमाने पर: θ₂ = T₂ - 273.15 = 216.55 - 273.15 = -56.60 °C
फारेनहाइट पैमाने पर:
F₂ = (T₂ - 273.15) × (9/5) + 32 = (-56.60) × (9/5) + 32 = -69.88 °F
हल:
दिया है: पैमाने A पर जल का त्रिक बिन्दु = 200 A
पैमाने B पर जल का त्रिक बिन्दु = 350 B
जल का परिशुद्ध त्रिक बिन्दु = 273.16 K
अतः, 200 A = 350 B = 273.16 K
इसलिए, 1 A = 273.16 / 200 K
तथा 1 B = 273.16 / 350 K
यदि TA और TB क्रमशः पैमाने A और B पर ताप हैं, तब:
TA / 200 = TB / 350
या TA = (200 / 350) TB = (4 / 7) TB
हल:
दिया है: T₀ = 273.16 K, R₀ = 101.6 Ω
T₁ = 600.5 K, R₁ = 165.5 Ω
R₂ = 123.4 Ω, T₂ = ?
सूत्र: R = R₀ [1 + α (T - T₀)]
पहले α का मान ज्ञात करते हैं:
165.5 = 101.6 [1 + α (600.5 - 273.16)]
165.5 = 101.6 [1 + α × 327.34]
α = (165.5 - 101.6) / (101.6 × 327.34) = 63.9 / (101.6 × 327.34) ≈ 0.00192 K⁻¹
अब, 123.4 = 101.6 [1 + 0.00192 (T₂ - 273.16)]
हल करने पर: T₂ ≈ 384.83 K
(a) आधुनिक तापमिति में जल का त्रिक बिन्दु एक मानक बिन्दु है, क्यों? हिम के गलनांक तथा जल के क्वथनांक को मानक नियत बिन्दु मानने में (जैसा कि मूल सेल्सियस मापक्रम में किया गया था) क्या दोष है?
(b) परम ताप मापक्रम पर दो में से एक नियत बिन्दु जल का त्रिक बिन्दु लिया गया है जिसे केल्विन परम ताप मापक्रम पर संख्या 273.16 K निर्धारित की गई है। इस मापक्रम (केल्विन परम ताप) पर अन्य नियत बिन्दु क्या है?
(c) परम (केल्विन मापक्रम) T तथा सेल्सियस मापक्रम पर ताप θ में सम्बंध इस प्रकार है: θ = T - 273.15। इस सम्बंध में हमने 273.15 लिखा है, 273.16 क्यों नहीं लिखा?
(d) उस परम ताप मापक्रम पर, जिसके एकांक अंतराल का आमाप फारेनहाइट के एकांक अंतराल की आमाप के बराबर है, जल के त्रिक बिन्दु का ताप क्या होगा?
हल:
(a) जल का वाष्पन तथा बर्फ का हिमांक दाब की स्थितियों पर निर्भर करते हैं तथा अशुद्धियों के मिलाने पर भी इनमें परिवर्तन होता है। जबकि त्रिक बिन्दु (जल का) दाब तथा ताप की अद्वितीय शर्त है, अतः यह एक स्थिर और पुनरुत्पादनीय बिन्दु है।
(b) परम शून्य (0 K) परिशुद्ध पैमाने का अन्य नियत बिन्दु है।
(c) केल्विन पैमाने पर हिमांक 273.15 K है तथा संगत सेल्सियस पैमाने का मान 0°C है। अतः सेल्सियस पैमाने तथा केल्विन पैमाने के मध्य व्यावहारिक सम्बन्ध θ = T - 273.15 है। जल का त्रिक बिन्दु 273.16 K है, जो 0.01°C के संगत है, लेकिन सामान्य रूपांतरण के लिए 273.15 का प्रयोग किया जाता है।
(d) केल्विन पैमाने पर जल का त्रिक बिन्दु = 273.16 K। फारेनहाइट पैमाने पर 180 विभाजन, केल्विन पर 100 विभाजन के बराबर है। अतः नए पैमाने पर त्रिक बिन्दु का ताप = (273.16 × 180/100) = 491.69 (लगभग)।
| ताप | दाब तापमापी A में | दाब तापमापी B में |
|---|---|---|
| जल का त्रिक बिन्दु | 1.250 × 10⁵ Pa | 0.200 × 10⁵ Pa |
| सल्फर का सामान्य गलनांक | 1.797 × 10⁵ Pa | 0.287 × 10⁵ Pa |
(a) तापमापियों A तथा B के द्वारा लिए गए पाठ्यांकों के अनुसार सल्फर के सामान्य गलनांक के परमताप क्या हैं?
(b) तापमापियों A तथा B के उत्तरों में थोड़ा अंतर होने का क्या कारण है? इस विसंगति को कम करने के लिए क्या प्रावधान आवश्यक हैं?
हल:
(a) आदर्श गैस तापमापी के लिए: P ∝ T
तापमापी A के लिए: TS = (PS / Ptr) × Ttr = (1.797 × 10⁵ / 1.250 × 10⁵) × 273.16 ≈ 392.69 K
तापमापी B के लिए: TS = (0.287 × 10⁵ / 0.200 × 10⁵) × 273.16 ≈ 391.98 K
(b) अंतर का कारण यह है कि ऑक्सीजन तथा हाइड्रोजन पूर्णतः आदर्श गैस की भाँति व्यवहार नहीं करतीं। इस विसंगति को कम करने के लिए पाठ्यांक अल्प दाब पर लेने चाहिए, क्योंकि गैसें अल्प दाब पर आदर्श गैस के समान व्यवहार करती हैं।
हल:
दिया है: 27°C पर फीते की लम्बाई L₀ = 100 cm, α = 1.20 × 10⁻⁵ K⁻¹
ताप वृद्धि ΔT = 45°C - 27°C = 18°C
45°C पर फीते की लम्बाई, L = L₀ (1 + α ΔT) = 100 [1 + 1.20 × 10⁻⁵ × 18] = 100.0216 cm
अतः 45°C पर फीते का 1 cm अंक = 100 / 100.0216 cm वास्तविक लम्बाई
45°C पर मापी गई छड़ की लम्बाई = 63.0 cm (फीते पर)
∴ छड़ की वास्तविक लम्बाई (45°C पर) = 63.0 × (100.0216 / 100) ≈ 63.0136 cm
27°C पर छड़ की लम्बाई = 63.0 cm (क्योंकि फीता 27°C पर अंशांकित है)।
हल:
दिया है: T₁ = 27°C = 300 K, D₁ = 8.70 cm, d₁ = 8.69 cm, α = 1.20 × 10⁻⁵ K⁻¹
माना T₂ ताप पर धुरी का व्यास पहिए के छिद्र के व्यास के बराबर हो जाता है।
तब, d₁ = D₁ [1 + α (T₂ - T₁)]
8.69 = 8.70 [1 + 1.20 × 10⁻⁵ (T₂ - 300)]
हल करने पर: T₂ ≈ 204.22 K = (204.22 - 273)°C ≈ -68.78°C ≈ -69°C
हल:
दिया है: d₁ = 4.24 cm, T₁ = 27°C, T₂ = 227°C, α = 1.70 × 10⁻⁵ K⁻¹
क्षेत्रीय प्रसार गुणांक β ≈ 2α = 3.40 × 10⁻⁵ K⁻¹
छिद्र का क्षेत्रफल A₁ = πd₁²/4
A₂ = A₁ [1 + β ΔT] = A₁ [1 + 3.40 × 10⁻⁵ × 200] = A₁ × 1.0068
A₂ = (π × (4.24)² / 4) × 1.0068 ≈ π × 4.5252 / 4
∴ d₂ = √(4A₂/π) ≈ 4.2544 cm
व्यास में परिवर्तन Δd = d₂ - d₁ = 0.0144 cm = 1.44 × 10⁻² cm
हल:
दिया है: L = 1.8 m, T₁ = 27°C, T₂ = -39°C, ΔT = -66°C
d = 2.0 mm = 2.0 × 10⁻³ m, α = 2.0 × 10⁻⁵ K⁻¹, Y = 0.91 × 10¹¹ Pa
तार का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल A = πd²/4
ऊष्मीय प्रतिबल σ = Y α |ΔT| = 0.91 × 10¹¹ × 2.0 × 10⁻⁵ × 66 ≈ 1.2012 × 10⁸ Pa
तनाव (बल) F = σ × A ≈ 1.2012 × 10⁸ × (π × (2×10⁻³)² / 4) ≈ 377 N (अन्दर की ओर)
हल:
दिया है: L₀ = 50 cm (प्रत्येक), T₁ = 40°C, T₂ = 250°C, ΔT = 210°C
पीतल के लिए αb = 2.0 × 10⁻⁵ K⁻¹, स्टील के लिए αs = 1.2 × 10⁻⁵ K⁻¹
पीतल की लम्बाई में वृद्धि ΔLb = L₀ αb ΔT = 50 × 2.0 × 10⁻⁵ × 210 = 0.21 cm
स्टील की लम्बाई में वृद्धि ΔLs = 50 × 1.2 × 10⁻⁵ × 210 = 0.126 cm
कुल लम्बाई में परिवर्तन = 0.21 + 0.126 = 0.336 cm
चूँकि छड़ के सिरे मुक्त हैं, अतः सन्धि पर कोई तापीय प्रतिबल उत्पन्न नहीं होगा।
हल:
दिया है: γ = 49 × 10⁻⁵ K⁻¹, ΔT = 30°C
माना प्रारम्भिक आयतन V₀, द्रव्यमान m है।
अन्तिम आयतन V = V₀ (1 + γ ΔT) = V₀ (1 + 0.0147) = 1.0147 V₀
प्रारम्भिक घनत्व ρ₀ = m / V₀
अन्तिम घनत्व ρ = m / V = m / (1.0147 V₀) = ρ₀ / 1.0147
घनत्व में आंशिक परिवर्तन = (ρ - ρ₀) / ρ₀ = (1/1.0147) - 1 ≈ -0.0145 = -1.45 × 10⁻²
ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि घनत्व घटता है।
हल:
दिया है: m = 8.0 kg = 8000 g, P = 10 W, t = 2.5 min = 150 s, s = 0.91 J g⁻¹ K⁻¹
कुल उत्पन्न ऊर्जा E = P × t = 10 × 150 = 1500 J
ब्लॉक को प्राप्त ऊर्जा = 50% of E = 750 J
ताप वृद्धि Δθ = Q / (m s) = 750 / (8000 × 0.91) ≈ 0.103°C
हल:
दिया है: mCu = 2.5 kg = 2500 g, ΔT = 500°C, sCu = 0.39 J g⁻¹ K⁻¹, Lice = 335 J g⁻¹
ताँबे द्वारा दी गई ऊष्मा Q = mCu sCu ΔT = 2500 × 0.39 × 500 J
माना m बर्फ पिघलती है, तब Q = m Lice
∴ m = (2500 × 0.39 × 500) / 335 ≈ 1455 g ≈ 1.46 kg
हल:
दिया है: mm = 0.20 kg, θm = 150°C, θi = 27°C, θf = 40°C
जल का द्रव्यमान mw = 150 × 10⁻³ kg = 0.15 kg, ऊष्मामापी का जल तुल्यांक W = 0.025 kg
माना धातु की विशिष्ट ऊष्मा s है।
धातु द्वारा दी गई ऊष्मा = mm s (150 - 40) = 0.20 × s × 110 = 22 s
जल व ऊष्मामापी द्वारा ली गई ऊष्मा = (mw + W) × 4186 × (40 - 27) = (0.15 + 0.025) × 4186 × 13 ≈ 0.175 × 4186 × 13
ऊष्मा संतुलन से: 22 s = 0.175 × 4186 × 13
∴ s ≈ (0.175 × 4186 × 13) / 22 ≈ 434 J kg⁻¹ K⁻¹ = 0.434 J g⁻¹ K⁻¹
यदि क्षय ऊष्मा उपेक्षणीय नहीं है, तो परिकलित मान वास्तविक मान से कम होगा।
| गैस | Cv (cal mol⁻¹ K⁻¹) |
|---|---|
| हाइड्रोजन | 4.87 |
| नाइट्रोजन | 4.97 |
| ऑक्सीजन | 5.02 |
| नाइट्रिक ऑक्साइड | 4.99 |
| कार्बन मोनोक्साइड | 5.01 |
| क्लोरीन | 6.17 |
हल:
एक परमाणुक गैसों में केवल स्थानान्तरणीय गति होती है (स्वतंत्रता की कोटि f=3), अतः Cv = (f/2) R ≈ 3 cal mol⁻¹ K⁻¹। द्विपरमाणुक गैसों में स्थानान्तरणीय तथा घूर्णन गति (f=5) होती है, अतः Cv = (5/2) R ≈ 5 cal mol⁻¹ K⁻¹, जो सारणी के मानों के अनुरूप है। क्लोरीन (Cl₂) एक द्विपरमाणुक गैस है, परन्तु इसका मान अन्य द्विपरमाणुक गैसों से अधिक है क्योंकि कमरे के ताप पर इसके अणुओं में कंपनिक गति भी सक्रिय होती है, जिससे स्वतंत्रता की कोटि बढ़ जाती है और Cv का मान अधिक हो जाता है।
(a) किस ताप व दाब पर CO₂ की ठोस, द्रव तथा वाष्प प्रावस्थाएँ साम्य में सहवर्ती हो सकती हैं?
उत्तर: त्रिक बिन्दु पर: ताप ≈ -56.6°C, दाब ≈ 5.11 atm।
(b) CO₂ के गलनांक तथा क्वथनांक पर दाब में कमी का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: दाब घटने पर गलनांक तथा क्वथनांक दोनों घटते हैं।
(c) CO₂ के लिए क्रान्तिक ताप तथा दाब क्या हैं? इनका क्या महत्त्व है?
उत्तर: क्रान्तिक ताप ≈ 31.1°C, क्रान्तिक दाब ≈ 73.0 atm। इस ताप के ऊपर CO₂ को केवल दाब लगाकर द्रवित नहीं किया जा सकता।
(d) दी गई अवस्थाओं में CO₂ की अवस्था बताइए:
(i) -70°C तथा 1 atm पर – ठोस (वाष्प)
(ii) -60°C तथा 10 atm पर – ठोस
UP Board Class 11 Physics 11. द्रव्य के तापीय गुण Solution is available at our platform https://upboardSolution.com in hindi medium for free of cost. Content provided on our website is free of cost and in PDF format which is easily available for download. Getting the UP Board Solutions for Class 11 will help student to achieve good learning experience so that they can study effectively. UP board holds examination of more than 3 million students every year and majority of the question of exams are from their UP Board Solutions. That’s why it is important to study using the textSolution issued by UP Board.
It is essential to know the importance of UP Board Class 11 Physics 11. द्रव्य के तापीय गुण textSolution issued by UP Board because students completely rely on these Solutions for their study and syllabus offered by UP Board is so balanced that each student should be aware about the importance of it. Below is the list of Importance of UP Board Class 11 Physics 11. द्रव्य के तापीय गुण :
There are various features of UP Board Class 11 TextSolutions, some of them are mentioned below so that you student can understand the value and usability of the contend and understand why Uttarpradesh board has prescribed these Solutions.