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UP Board Class 11 Physics (11. द्रव्य के तापीय गुण) solution PDF

UP Board Class 11 Physics 11. द्रव्य के तापीय गुण is a Hindi Medium Solution which is prescribed by Uttar Pradesh Board for their students. These Solutions is completely prepared considering the latest syllabus and it covers every single topis, so that every student get organised and conceptual learning of the concepts. Class 11 Students of UP Board who have selected hindi medium as their study medium they can use these Hindi medium textSolutions to prepare themselves for exam and learn the concept with ease.

UP Board Class 11 Physics (11. द्रव्य के तापीय गुण) solution

UP Board Class 11 Physics 11. द्रव्य के तापीय गुण Hindi Medium Solutions - PDF

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Chapter 11: द्रव्य के तापीय गुण (Thermal Properties of Matter)


UP Board Solutions for Class 11 Physics


प्रश्न 1. निऑन तथा CO₂ के त्रिक बिंदु क्रमशः 24.57 K तथा 216.55 K हैं। इन तापों को सेल्सियस तथा फारेनहाइट मापक्रमों में व्यक्त कीजिए।

यदि तापमान सेल्सियस θ, केल्विन T तथा फारेनहाइट F के पदों में हैं, तब

T = θ + 273.15

θ / 5 = (F - 32) / 9

अतः, T - 273.15 / 5 = (F - 32) / 9

हल:
निऑन का त्रिक बिन्दु, T₁ = 24.57 K
सेल्सियस पैमाने पर: θ₁ = T₁ - 273.15 = 24.57 - 273.15 = -248.58 °C
फारेनहाइट पैमाने पर:
F₁ = (T₁ - 273.15) × (9/5) + 32 = (-248.58) × (9/5) + 32 = -415.44 °F

CO₂ का त्रिक बिन्दु, T₂ = 216.55 K
सेल्सियस पैमाने पर: θ₂ = T₂ - 273.15 = 216.55 - 273.15 = -56.60 °C
फारेनहाइट पैमाने पर:
F₂ = (T₂ - 273.15) × (9/5) + 32 = (-56.60) × (9/5) + 32 = -69.88 °F


प्रश्न 2. दो परम ताप मापक्रमों A तथा B पर जल के त्रिक बिन्दु को 200 A तथा 350 B द्वारा परिभाषित किया गया है। TA तथा TB में क्या सम्बंध है?

हल:
दिया है: पैमाने A पर जल का त्रिक बिन्दु = 200 A
पैमाने B पर जल का त्रिक बिन्दु = 350 B
जल का परिशुद्ध त्रिक बिन्दु = 273.16 K

अतः, 200 A = 350 B = 273.16 K
इसलिए, 1 A = 273.16 / 200 K
तथा 1 B = 273.16 / 350 K

यदि TA और TB क्रमशः पैमाने A और B पर ताप हैं, तब:
TA / 200 = TB / 350
या TA = (200 / 350) TB = (4 / 7) TB


प्रश्न 3. किसी तापमापी का ओम में विद्युत प्रतिरोध ताप के साथ निम्नलिखित सन्निकट नियम के अनुसार परिवर्तित होता है: R = R₀ [1 + α (T - T₀)]। यदि तापमापी का जल के त्रिक बिन्दु 273.16 K पर प्रतिरोध 101.6 Ω तथा लैड (सीसा) के सामान्य संगलन बिन्दु (600.5 K) पर प्रतिरोध 165.5 Ω है, तो वह ताप ज्ञात कीजिए जिस पर तापमापी का प्रतिरोध 123.4 Ω है।

हल:
दिया है: T₀ = 273.16 K, R₀ = 101.6 Ω
T₁ = 600.5 K, R₁ = 165.5 Ω
R₂ = 123.4 Ω, T₂ = ?

सूत्र: R = R₀ [1 + α (T - T₀)]
पहले α का मान ज्ञात करते हैं:
165.5 = 101.6 [1 + α (600.5 - 273.16)]
165.5 = 101.6 [1 + α × 327.34]
α = (165.5 - 101.6) / (101.6 × 327.34) = 63.9 / (101.6 × 327.34) ≈ 0.00192 K⁻¹

अब, 123.4 = 101.6 [1 + 0.00192 (T₂ - 273.16)]
हल करने पर: T₂ ≈ 384.83 K


प्रश्न 4. निम्नलिखित के उत्तर दीजिए:

(a) आधुनिक तापमिति में जल का त्रिक बिन्दु एक मानक बिन्दु है, क्यों? हिम के गलनांक तथा जल के क्वथनांक को मानक नियत बिन्दु मानने में (जैसा कि मूल सेल्सियस मापक्रम में किया गया था) क्या दोष है?

(b) परम ताप मापक्रम पर दो में से एक नियत बिन्दु जल का त्रिक बिन्दु लिया गया है जिसे केल्विन परम ताप मापक्रम पर संख्या 273.16 K निर्धारित की गई है। इस मापक्रम (केल्विन परम ताप) पर अन्य नियत बिन्दु क्या है?

(c) परम (केल्विन मापक्रम) T तथा सेल्सियस मापक्रम पर ताप θ में सम्बंध इस प्रकार है: θ = T - 273.15। इस सम्बंध में हमने 273.15 लिखा है, 273.16 क्यों नहीं लिखा?

(d) उस परम ताप मापक्रम पर, जिसके एकांक अंतराल का आमाप फारेनहाइट के एकांक अंतराल की आमाप के बराबर है, जल के त्रिक बिन्दु का ताप क्या होगा?

हल:
(a) जल का वाष्पन तथा बर्फ का हिमांक दाब की स्थितियों पर निर्भर करते हैं तथा अशुद्धियों के मिलाने पर भी इनमें परिवर्तन होता है। जबकि त्रिक बिन्दु (जल का) दाब तथा ताप की अद्वितीय शर्त है, अतः यह एक स्थिर और पुनरुत्पादनीय बिन्दु है।
(b) परम शून्य (0 K) परिशुद्ध पैमाने का अन्य नियत बिन्दु है।
(c) केल्विन पैमाने पर हिमांक 273.15 K है तथा संगत सेल्सियस पैमाने का मान 0°C है। अतः सेल्सियस पैमाने तथा केल्विन पैमाने के मध्य व्यावहारिक सम्बन्ध θ = T - 273.15 है। जल का त्रिक बिन्दु 273.16 K है, जो 0.01°C के संगत है, लेकिन सामान्य रूपांतरण के लिए 273.15 का प्रयोग किया जाता है।
(d) केल्विन पैमाने पर जल का त्रिक बिन्दु = 273.16 K। फारेनहाइट पैमाने पर 180 विभाजन, केल्विन पर 100 विभाजन के बराबर है। अतः नए पैमाने पर त्रिक बिन्दु का ताप = (273.16 × 180/100) = 491.69 (लगभग)।


प्रश्न 5. दो आदर्श गैस तापमापियों A तथा B में क्रमशः ऑक्सीजन तथा हाइड्रोजन प्रयोग की गई हैं। इनके प्रेक्षण निम्नलिखित हैं:

तापदाब तापमापी A मेंदाब तापमापी B में
जल का त्रिक बिन्दु1.250 × 10⁵ Pa0.200 × 10⁵ Pa
सल्फर का सामान्य गलनांक1.797 × 10⁵ Pa0.287 × 10⁵ Pa

(a) तापमापियों A तथा B के द्वारा लिए गए पाठ्यांकों के अनुसार सल्फर के सामान्य गलनांक के परमताप क्या हैं?
(b) तापमापियों A तथा B के उत्तरों में थोड़ा अंतर होने का क्या कारण है? इस विसंगति को कम करने के लिए क्या प्रावधान आवश्यक हैं?

हल:
(a) आदर्श गैस तापमापी के लिए: P ∝ T
तापमापी A के लिए: TS = (PS / Ptr) × Ttr = (1.797 × 10⁵ / 1.250 × 10⁵) × 273.16 ≈ 392.69 K
तापमापी B के लिए: TS = (0.287 × 10⁵ / 0.200 × 10⁵) × 273.16 ≈ 391.98 K
(b) अंतर का कारण यह है कि ऑक्सीजन तथा हाइड्रोजन पूर्णतः आदर्श गैस की भाँति व्यवहार नहीं करतीं। इस विसंगति को कम करने के लिए पाठ्यांक अल्प दाब पर लेने चाहिए, क्योंकि गैसें अल्प दाब पर आदर्श गैस के समान व्यवहार करती हैं।


प्रश्न 6. किसी 1 m लम्बे स्टील के फीते का यथार्थ अंशांकन 27.0°C पर किया गया है। किसी तप्त दिन जब ताप 45°C था, तब इस फीते से किसी स्टील की छड़ की लम्बाई 63.0 cm मापी गई। उस दिन स्टील की छड़ की वास्तविक लम्बाई क्या थी? जिस दिन ताप 27.0°C होगा, उस दिन इसी छड़ की लम्बाई क्या होगी? स्टील का रेखीय प्रसार गुणांक = 1.20 × 10⁻⁵ K⁻¹।

हल:
दिया है: 27°C पर फीते की लम्बाई L₀ = 100 cm, α = 1.20 × 10⁻⁵ K⁻¹
ताप वृद्धि ΔT = 45°C - 27°C = 18°C
45°C पर फीते की लम्बाई, L = L₀ (1 + α ΔT) = 100 [1 + 1.20 × 10⁻⁵ × 18] = 100.0216 cm
अतः 45°C पर फीते का 1 cm अंक = 100 / 100.0216 cm वास्तविक लम्बाई
45°C पर मापी गई छड़ की लम्बाई = 63.0 cm (फीते पर)
∴ छड़ की वास्तविक लम्बाई (45°C पर) = 63.0 × (100.0216 / 100) ≈ 63.0136 cm
27°C पर छड़ की लम्बाई = 63.0 cm (क्योंकि फीता 27°C पर अंशांकित है)।


प्रश्न 7. किसी बड़े स्टील के पहिए को उसी पदार्थ की किसी धुरी पर ठीक बैठाना है। 27°C पर धुरी का बाहरी व्यास 8.70 cm तथा पहिए के केंद्रीय छिद्र का व्यास 8.69 cm है। सूखी बर्फ द्वारा धुरी को ठंडा किया गया है। धुरी के किस ताप पर पहिया धुरी पर चढ़ेगा? स्टील का रैखिक प्रसार गुणांक = 1.20 × 10⁻⁵ K⁻¹।

हल:
दिया है: T₁ = 27°C = 300 K, D₁ = 8.70 cm, d₁ = 8.69 cm, α = 1.20 × 10⁻⁵ K⁻¹
माना T₂ ताप पर धुरी का व्यास पहिए के छिद्र के व्यास के बराबर हो जाता है।
तब, d₁ = D₁ [1 + α (T₂ - T₁)]
8.69 = 8.70 [1 + 1.20 × 10⁻⁵ (T₂ - 300)]
हल करने पर: T₂ ≈ 204.22 K = (204.22 - 273)°C ≈ -68.78°C ≈ -69°C


प्रश्न 8. ताँबे की चादर में एक छिद्र का व्यास 4.24 cm है। 27.0°C पर इस धातु की चादर को 227°C तक तप्त करने पर छिद्र के व्यास में क्या परिवर्तन होगा? ताँबे का रेखीय प्रसार गुणांक = 1.70 × 10⁻⁵ K⁻¹।

हल:
दिया है: d₁ = 4.24 cm, T₁ = 27°C, T₂ = 227°C, α = 1.70 × 10⁻⁵ K⁻¹
क्षेत्रीय प्रसार गुणांक β ≈ 2α = 3.40 × 10⁻⁵ K⁻¹
छिद्र का क्षेत्रफल A₁ = πd₁²/4
A₂ = A₁ [1 + β ΔT] = A₁ [1 + 3.40 × 10⁻⁵ × 200] = A₁ × 1.0068
A₂ = (π × (4.24)² / 4) × 1.0068 ≈ π × 4.5252 / 4
∴ d₂ = √(4A₂/π) ≈ 4.2544 cm
व्यास में परिवर्तन Δd = d₂ - d₁ = 0.0144 cm = 1.44 × 10⁻² cm


प्रश्न 9. 27°C पर 1.8 m लम्बे किसी ताँबे के तार को दो दृढ़ टेकों के बीच अल्प तनाव रखकर थोड़ा कसा गया है। यदि तार को -39°C ताप तक शीतित करें, तार में कितना तनाव उत्पन्न हो जाएगा? तार का व्यास 2.0 mm है। ताँबे का रेखीय प्रसार गुणांक = 2.0 × 10⁻⁵ K⁻¹, यंग प्रत्यास्थता गुणांक = 0.91 × 10¹¹ Pa।

हल:
दिया है: L = 1.8 m, T₁ = 27°C, T₂ = -39°C, ΔT = -66°C
d = 2.0 mm = 2.0 × 10⁻³ m, α = 2.0 × 10⁻⁵ K⁻¹, Y = 0.91 × 10¹¹ Pa
तार का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल A = πd²/4
ऊष्मीय प्रतिबल σ = Y α |ΔT| = 0.91 × 10¹¹ × 2.0 × 10⁻⁵ × 66 ≈ 1.2012 × 10⁸ Pa
तनाव (बल) F = σ × A ≈ 1.2012 × 10⁸ × (π × (2×10⁻³)² / 4) ≈ 377 N (अन्दर की ओर)


प्रश्न 10. 50 cm लम्बी तथा 3.0 mm व्यास की किसी पीतल की छड़ को उसी लम्बाई तथा व्यास की किसी स्टील की छड़ से जोड़ा गया है। यदि ये मूल लम्बाइयाँ 40°C पर हैं, तो 250°C पर संयुक्त छड़ की लम्बाई में क्या परिवर्तन होगा? क्या सन्धि पर कोई तापीय प्रतिबल उत्पन्न होगा? छड़ के सिरों को प्रसार के लिए मुक्त रखा गया है। (पीतल का रेखीय प्रसार गुणांक = 2.0 × 10⁻⁵ K⁻¹, स्टील का = 1.2 × 10⁻⁵ K⁻¹)

हल:
दिया है: L₀ = 50 cm (प्रत्येक), T₁ = 40°C, T₂ = 250°C, ΔT = 210°C
पीतल के लिए αb = 2.0 × 10⁻⁵ K⁻¹, स्टील के लिए αs = 1.2 × 10⁻⁵ K⁻¹
पीतल की लम्बाई में वृद्धि ΔLb = L₀ αb ΔT = 50 × 2.0 × 10⁻⁵ × 210 = 0.21 cm
स्टील की लम्बाई में वृद्धि ΔLs = 50 × 1.2 × 10⁻⁵ × 210 = 0.126 cm
कुल लम्बाई में परिवर्तन = 0.21 + 0.126 = 0.336 cm
चूँकि छड़ के सिरे मुक्त हैं, अतः सन्धि पर कोई तापीय प्रतिबल उत्पन्न नहीं होगा।


प्रश्न 11. ग्लिसरीन का आयतन प्रसार गुणांक 49 × 10⁻⁵ K⁻¹ है। ताप में 30°C की वृद्धि होने पर इसके घनत्व में क्या आंशिक परिवर्तन होगा?

हल:
दिया है: γ = 49 × 10⁻⁵ K⁻¹, ΔT = 30°C
माना प्रारम्भिक आयतन V₀, द्रव्यमान m है।
अन्तिम आयतन V = V₀ (1 + γ ΔT) = V₀ (1 + 0.0147) = 1.0147 V₀
प्रारम्भिक घनत्व ρ₀ = m / V₀
अन्तिम घनत्व ρ = m / V = m / (1.0147 V₀) = ρ₀ / 1.0147
घनत्व में आंशिक परिवर्तन = (ρ - ρ₀) / ρ₀ = (1/1.0147) - 1 ≈ -0.0145 = -1.45 × 10⁻²
ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि घनत्व घटता है।


प्रश्न 12. 8.0 kg द्रव्यमान के किसी ऐलुमिनियम के छोटे ब्लॉक में छिद्र करने के लिए किसी 10 W की बरमी का उपयोग किया गया है। 2.5 मिनट में ब्लॉक के ताप में कितनी वृद्धि हो जाएगी? यह मानिए कि 50% शक्ति तो स्वयं बरमी को गर्म करने में खर्च हो जाती है अथवा परिवेश में लुप्त हो जाती है। ऐलुमिनियम की विशिष्ट ऊष्मा धारिता = 0.91 J g⁻¹ K⁻¹।

हल:
दिया है: m = 8.0 kg = 8000 g, P = 10 W, t = 2.5 min = 150 s, s = 0.91 J g⁻¹ K⁻¹
कुल उत्पन्न ऊर्जा E = P × t = 10 × 150 = 1500 J
ब्लॉक को प्राप्त ऊर्जा = 50% of E = 750 J
ताप वृद्धि Δθ = Q / (m s) = 750 / (8000 × 0.91) ≈ 0.103°C


प्रश्न 13. 2.5 kg द्रव्यमान के ताँबे के गुटके को किसी भट्टी में 500°C तक तप्त करने के पश्चात् किसी बड़े हिम-ब्लॉक पर रख दिया जाता है। गलित हो सकने वाली हिम की अधिकतम मात्रा क्या है? ताँबे की विशिष्ट ऊष्मा धारिता = 0.39 J g⁻¹ K⁻¹; बर्फ की संगलन ऊष्मा = 335 J g⁻¹।

हल:
दिया है: mCu = 2.5 kg = 2500 g, ΔT = 500°C, sCu = 0.39 J g⁻¹ K⁻¹, Lice = 335 J g⁻¹
ताँबे द्वारा दी गई ऊष्मा Q = mCu sCu ΔT = 2500 × 0.39 × 500 J
माना m बर्फ पिघलती है, तब Q = m Lice
∴ m = (2500 × 0.39 × 500) / 335 ≈ 1455 g ≈ 1.46 kg


प्रश्न 14. किसी धातु की विशिष्ट ऊष्मा धारिता के प्रयोग में 0.20 kg के धातु के गुटके को 150°C पर तप्त करके, किसी ताँबे के ऊष्मामापी (जल तुल्यांक = 0.025 kg), जिसमें 27°C का 150 cm³ जल भरा है, में गिराया जाता है। अंतिम ताप 40°C है। धातु की विशिष्ट ऊष्मा धारिता परिकलित कीजिए। यदि परिवेश में क्षय ऊष्मा उपेक्षणीय न मानकर परिकलन किया जाता है, तब क्या आपका उत्तर धातु की विशिष्ट ऊष्मा धारिता के वास्तविक मान से अधिक मान दर्शाएगा अथवा कम?

हल:
दिया है: mm = 0.20 kg, θm = 150°C, θi = 27°C, θf = 40°C
जल का द्रव्यमान mw = 150 × 10⁻³ kg = 0.15 kg, ऊष्मामापी का जल तुल्यांक W = 0.025 kg
माना धातु की विशिष्ट ऊष्मा s है।
धातु द्वारा दी गई ऊष्मा = mm s (150 - 40) = 0.20 × s × 110 = 22 s
जल व ऊष्मामापी द्वारा ली गई ऊष्मा = (mw + W) × 4186 × (40 - 27) = (0.15 + 0.025) × 4186 × 13 ≈ 0.175 × 4186 × 13
ऊष्मा संतुलन से: 22 s = 0.175 × 4186 × 13
∴ s ≈ (0.175 × 4186 × 13) / 22 ≈ 434 J kg⁻¹ K⁻¹ = 0.434 J g⁻¹ K⁻¹
यदि क्षय ऊष्मा उपेक्षणीय नहीं है, तो परिकलित मान वास्तविक मान से कम होगा।


प्रश्न 15. कुछ सामान्य गैसों के कक्ष ताप पर मोलर विशिष्ट ऊष्मा धारिताओं के प्रेक्षण नीचे दिए गए हैं। इन गैसों की मापी गई मोलर विशिष्ट ऊष्मा धारिताएँ एक परमाणुक गैसों की मोलर विशिष्ट ऊष्मा धारिताओं से सुस्पष्ट रूप से भिन्न हैं। प्रतीकात्मक रूप में किसी एक परमाणुक गैस की मोलर विशिष्ट ऊष्मा धारिता 2.92 cal mol⁻¹ K⁻¹ होती है। इस अन्तर का स्पष्टीकरण कीजिए। क्लोरीन के लिए कुछ अधिक मान (शेष की अपेक्षा) होने से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?

गैसCv (cal mol⁻¹ K⁻¹)
हाइड्रोजन4.87
नाइट्रोजन4.97
ऑक्सीजन5.02
नाइट्रिक ऑक्साइड4.99
कार्बन मोनोक्साइड5.01
क्लोरीन6.17

हल:
एक परमाणुक गैसों में केवल स्थानान्तरणीय गति होती है (स्वतंत्रता की कोटि f=3), अतः Cv = (f/2) R ≈ 3 cal mol⁻¹ K⁻¹। द्विपरमाणुक गैसों में स्थानान्तरणीय तथा घूर्णन गति (f=5) होती है, अतः Cv = (5/2) R ≈ 5 cal mol⁻¹ K⁻¹, जो सारणी के मानों के अनुरूप है। क्लोरीन (Cl₂) एक द्विपरमाणुक गैस है, परन्तु इसका मान अन्य द्विपरमाणुक गैसों से अधिक है क्योंकि कमरे के ताप पर इसके अणुओं में कंपनिक गति भी सक्रिय होती है, जिससे स्वतंत्रता की कोटि बढ़ जाती है और Cv का मान अधिक हो जाता है।


प्रश्न 16. CO₂ के P-T प्रावस्था आरेख पर आधारित प्रश्न (संक्षिप्त उत्तर):

(a) किस ताप व दाब पर CO₂ की ठोस, द्रव तथा वाष्प प्रावस्थाएँ साम्य में सहवर्ती हो सकती हैं?
उत्तर: त्रिक बिन्दु पर: ताप ≈ -56.6°C, दाब ≈ 5.11 atm।
(b) CO₂ के गलनांक तथा क्वथनांक पर दाब में कमी का क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: दाब घटने पर गलनांक तथा क्वथनांक दोनों घटते हैं।
(c) CO₂ के लिए क्रान्तिक ताप तथा दाब क्या हैं? इनका क्या महत्त्व है?
उत्तर: क्रान्तिक ताप ≈ 31.1°C, क्रान्तिक दाब ≈ 73.0 atm। इस ताप के ऊपर CO₂ को केवल दाब लगाकर द्रवित नहीं किया जा सकता।
(d) दी गई अवस्थाओं में CO₂ की अवस्था बताइए:
(i) -70°C तथा 1 atm पर – ठोस (वाष्प)
(ii) -60°C तथा 10 atm पर – ठोस

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Other Chapters of Class 11 Physics
1. भौतिक जगत
2. मात्रक तथा मापन
3. सरल रेखा में गति
4. समतल में गति
5. गति के नियम
6. कार्य ऊर्जा तथा शक्ति
7. कणों के नियम तथा घूर्णी गति
8. गुरुत्वाकर्षण
9. ठोसों के यांत्रिक गुण
10. तरलों के यांत्रिक गुण
11. द्रव्य के तापीय गुण
12. ऊष्मागतिकी
13. अणुगति सिद्धांत
14. दोलन
15. तरंगें
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