UP Board Class 11 Physics (4. समतल में गति) solution PDF
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UP Board Class 11 Physics 4. समतल में गति Hindi Medium Solutions - PDF
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Chapter 4: समतल में गति (Motion in a Plane)
UP Board Solutions for Class 11 Physics
प्रश्न 1. निम्नलिखित भौतिक राशियों में से बतलाइए कि कौन-सी सदिश हैं और कौन-सी अदिश हैं?
आयतन, द्रव्यमान, चाल, त्वरण, घनत्व, मोल संख्या, वेग, कोणीय आवृत्ति, विस्थापन, कोणीय वेग।
हल:
अदिश राशियाँ: आयतन, द्रव्यमान, चाल, घनत्व, मोल संख्या, कोणीय आवृत्ति।
सदिश राशियाँ: त्वरण, वेग, विस्थापन, कोणीय वेग।
प्रश्न 2. निम्नांकित सूची में से दो अदिश राशियों को छाँटिए:
बल, कोणीय संवेग, कार्य, धारा, रैखिक संवेग, विद्युत क्षेत्र, औसत वेग, चुंबकीय आघूर्ण, आपेक्षिक वेग।
हल:
कार्य तथा धारा अदिश राशियाँ हैं।
प्रश्न 3. निम्नलिखित सूची में से एकमात्र सदिश राशि को छाँटिए:
ताप, दाब, आवेग, समय, शक्ति, पूरी पथ-लंबाई, ऊर्जा, गुरुत्वीय विभव, घर्षण गुणांक, आवेश।
हल:
दी गई राशियों में से केवल आवेग सदिश राशि है।
प्रश्न 4. कारण सहित बताइए कि अदिश तथा सदिश राशियों के साथ क्या निम्नलिखित बीजगणितीय संक्रियाएँ अर्थपूर्ण हैं?
(a) दो अदिशों को जोड़ना,
(b) एक ही विमाओं के एक सदिश व एक अदिश को जोड़ना,
(c) एक सदिश को एक अदिश से गुणा करना,
(d) दो अदिशों का गुणन,
(e) दो सदिशों को जोड़ना,
(f) एक सदिश के घटक की उसी सदिश से जोड़ना।
हल:
(a) नहीं, दो अदिश राशियों को जोड़ना अर्थपूर्ण नहीं है क्योंकि समान विमाओं अर्थात् समान मात्रक वाले अदिशों को ही जोड़ा जा सकता है।
(b) नहीं, एक ही विमाओं के एक सदिश व एक अदिश को जोड़ना अर्थपूर्ण नहीं है, क्योंकि एक अदिश को सदिश में नहीं जोड़ा जा सकता है।
(c) हाँ, एक सदिश को एक अदिश से गुणा करना अर्थपूर्ण है! जब एक सदिश की अदिश से गुणा करते हैं तो हमें एक सदिश प्राप्त होता है जिसका परिमाण सदिश एवं अदिश के परिमाण के गुणनफल के बराबर होता है तथा दिशा दिए गए सदिश की दिशा में होती है।
उदाहरण: 4 kg द्रव्यमान का एक पिण्ड 20 m/s के वेग से पूर्व दिशा में गति कर रहा है। द्रव्यमान तथा वेग के गुणनफल से पिण्ड का संवेग प्राप्त होता है जोकि एक सदिश राशि है। p = mv = 4 kg × 20 m/s = 80 kg-m/s, पूर्व दिशा में।
(d) हाँ, दो अदिशों का गुणनफल अर्थपूर्ण है। घनत्व ρ तथा आयतन V दोनों अदिश राशियाँ हैं। जब घनत्व का आयतन से गुणा की जाती है तब हमें ρ × V = m, वस्तु का द्रव्यमान प्राप्त होती है जोकि एक अदिश राशि है।
(e) नहीं, दो सदिशों को जोड़ना अर्थपूर्ण नहीं है क्योंकि समान विमा अर्थात् समान मात्रक के सदिशों को ही परस्पर जोड़ा जा सकता है।
(f) हाँ, एक सदिश के घटक का उसी सदिश से जोड़ना अर्थपूर्ण है, क्योंकि दोनों सदिशों की विमाएँ समान हैं।
प्रश्न 5. निम्नलिखित में से प्रत्येक कथन को ध्यानपूर्वक पढ़िए और कारण सहित बताइए कि यह सत्य है या असत्य:
(a) किसी सदिश का परिमाण सदैव एक अदिश होता है,
(b) किसी सदिश का प्रत्येक घटक सदैव अदिश होता है,
(c) किसी कण द्वारा चली गई पथ की कुल लम्बाई सदैव विस्थापन सदिश के परिमाण के बराबर होती है,
(d) किसी कण की औसत चाल (पथ तय करने में लगे समय द्वारा विभाजित कुल पथ-लंबाई) समय के समान-अंतराल में कण के औसत वेग के परिमाण से अधिक या उसके बराबर होती है।
(e) उन तीन सदिशों का योग जो एक समतल में नहीं हैं, कभी भी शून्य सदिश नहीं होता।
हल:
(a) सत्य, क्योंकि एक सदिश का परिमाण सदैव एक संख्या होता है जोकि एक अदिश है।
(b) असत्य, क्योंकि एक सदिश का प्रत्येक घटक सदैव एक सदिश होता है।
(c) असत्य, केवल जब वस्तु सरल रेखा में एक ही दिशा में गति कर रही हो तभी पथ की लंबाई विस्थापन के परिमाण के बराबर होती है, अन्यथा नहीं।
(d) सत्य, क्योंकि औसत चाल = कुल पथ लंबाई / कुल समय तथा औसत वेग का परिमाण = कुल विस्थापन / कुल समय। परन्तु पथ की कुल लम्बाई सदैव उसी समयान्तराल में विस्थापन के परिमाण के बराबर या उससे अधिक होती है। अतः औसत चाल समान समयान्तराल में कण के औसत वेग के परिमाण के बराबर या उससे अधिक होती है।
(e) सत्य, क्योंकि तीन सदिश, जो एक समतल में नहीं हैं, एक त्रिभुज की क्रम में ली गई तीन भुजाओं को प्रदर्शित नहीं कर सकते हैं और इसलिए उनका सदिश योग शून्य नहीं हो सकता।
प्रश्न 6. निम्नलिखित असमिकाओं की ज्यामिति या किसी अन्य विधि द्वारा स्थापना कीजिए:
(a) |a + b| ≤ |a| + |b|
(b) |a + b| ≥ |a| - |b|
(c) |a - b| ≤ |a| + |b|
(d) |a - b| ≥ |a| - |b|
इनमें समिका (समता) का चिह्न कब लागू होता है?
हल:
त्रिभुज के गुणों से, किसी त्रिभुज की एक भुजा की लम्बाई उसकी शेष दो भुजाओं की लम्बाईयों के योग से सदैव कम होती है।
माना दो सदिशों a तथा b को त्रिभुज OAB की दो क्रमागत भुजाओं OA तथा AB द्वारा प्रदर्शित किया गया है तथा उसका परिणामी OB द्वारा प्रदर्शित किया गया है।
(a) त्रिभुज OAB में, OB < OA + AB
अथवा |a + b| < |a| + |b| ...(i)
यदि सदिश a व b एक ही रेखा में समान दिशा में कार्यरत् हैं तब इनके परिणामी सदिश का परिमाण |a + b| = |a| + |b| ...(ii)
समी (i) व (ii) से, |a + b| ≤ |a| + |b|
समता चिह्न तभी लागू होगा जब दोनों सदिश a तथा b समान दिशा में एक ही रेखा के अनुदिश हों।
(b) त्रिभुज के गुणों से त्रिभुज की एक भुजा शेष दो भुजाओं के अन्तर से अधिक होती है।
अतः त्रिभुज OAB में, OB > |OA - AB|
|a + b| > |a| - |b| ...(iii)
यदि दिए गए दोनों सदिश एक ही रेखा में परस्पर विपरीत दिशा में कार्यरत् हो, तब |a + b| = |a| - |b| ...(iv)
समी (iii) व (iv) से, |a + b| ≥ |a| - |b|
समता चिह्न तभी लागू होगा जब सदिश a व b एक ही सरल रेखा में परस्पर विपरीत दिशा में कार्यरत् हों।
(c) सदिश a - b = a + (-b)
त्रिभुज के गुणों से, |a - b| < |a| + |-b| = |a| + |b| ...(v)
यदि सदिश a तथा b एक सरल रेखा में परस्पर विपरीत दिशा में कार्यरत् हैं, तब |a - b| = |a| + |b| ...(vi)
समी (v) व (vi) से, |a - b| ≤ |a| + |b|
(d) त्रिभुज के गुणों से, त्रिभुज की एक भुजा इसकी शेष दो भुजाओं के अन्तर से अधिक होती है।
अतः |a - b| > |a| - |b| ...(vii)
यदि सदिश a तथा b एक ही सरल रेखा में समान दिशा में हैं, तब |a - b| = |a| - |b| ...(viii)
समी (vii) तथा (viii) से, |a - b| ≥ |a| - |b|
समता चिह्न तभी लागू होगा जब सदिश a तथा b एक ही रेखा में समान दिशा में हों।
प्रश्न 7. दिया है a + b + c + d = 0, नीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा सही हैं?
(a) a, b, c तथा d में से प्रत्येक शून्य सदिश है,
(b) (a + c) का परिमाण (b + d) के परिमाण के बराबर है,
(c) a का परिमाण b, c तथा d के परिमाणों के योग से कभी भी अधिक नहीं हो सकता,
(d) यदि a तथा d संरेखीय नहीं हैं तो b + c अवश्य ही a तथा d के समतल में होगा और यह a तथा d के अनुदिश होगा यदि वे संरेखीय हैं।
हल:
(a) सही नहीं है, क्योंकि (a + b + c + d) केवल a, b, c व d के शून्य सदिश होने के अतिरिक्त कई अनेक प्रकार से शून्य हो सकता है, जैसे-यदि सदिश भिन्न दिशाओं में कार्यरत् हैं तब भी उनका परिणामी शून्य हो सकता है।
(b) सही है, क्योंकि a + b + c + d = 0 ⇒ a + c = -(b + d) ⇒ |a + c| = |b + d|
(c) सही है, क्योंकि a + b + c + d = 0 ⇒ a = -(b + c + d) ⇒ |a| = |b + c + d|। सदिश (b + c + d) का परिमाण सदिशों b, c तथा d के परिमाणों के योग के बराबर या उससे कम होगा परन्तु कभी उससे अधिक नहीं हो सकता है। अतः सदिश a का परिमाण कभी भी सदिश b, c व d के परिमाणों के योग से अधिक नहीं हो सकता है।
(d) सही है, क्योंकि a + b + c + d = 0 ⇒ a + (b + c) + d = 0। तीन सदिशों a, (b + c) तथा d का परिणामी केवल तभी शून्य हो सकता है जब वे एक तल में स्थित हों तथा किसी त्रिभुज की एक क्रम में ली गई तीनों भुजाओं को प्रदर्शित करते हों। यदि सदिश a तथा d एक ही रेखा के अनुदिश या समतलीय हैं, तब सदिश (b + c) भी उसी रेखा में होगा केवल तभी इन सदिशों का योग शून्य हो सकता है।
प्रश्न 8. तीन लड़कियाँ 200 m त्रिज्या वाली वृत्तीय बर्फीली सतह पर स्केटिंग कर रही हैं। वे सतह के किनारे के बिंदु P से स्केटिंग शुरू करती हैं तथा P के व्यासीय विपरीत बिन्दु Q पर विभिन्न पथों से होकर पहुँचती हैं जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। प्रत्येक लड़की के विस्थापन सदिश का परिमाण कितना है? किस लड़की के लिए यह वास्तव में स्केट किए गए पथ की लंबाई के बराबर है?
हल:
वृत्तीय पार्क की त्रिज्या = 200 m
प्रारम्भिक एवं अन्तिम स्थितियों के बीच की लघुत्तम दूरी को विस्थापन कहते हैं।
प्रत्येक लड़की का विस्थापन, वृत्तीय पार्क के व्यास के बराबर है।
विस्थापन = वृत्तीय पार्क का व्यास = 2 × 200 = 400 m
लड़की B का विस्थापन, उसके द्वारा तय पथ की कुल लम्बाई के बराबर है क्योंकि वह सीधे व्यास के साथ-साथ गति करती है।
प्रश्न 9. कोई साइकिल सवार किसी वृत्तीय पार्क के केन्द्र O से चलना शुरू करता है तथा पार्क के किनारे P पर पहुँचता है। पुनः वह पार्क की परिधि के अनुदिश साइकिल चलाता हुआ QO के रास्ते (जैसे चित्र में दिखाया गया है) केंद्र पर वापस आ जाता है। पार्क की त्रिज्या 1 km है। यदि पूरे चक्कर में 10 मिनट लगते हों तो साइकिल सवार का (a) कुल विस्थापन, (b) औसत वेग तथा (c) औसत चाल क्या होगी?
हल:
दिया है, वृत्तीय पार्क की त्रिज्या = 1 km = 1000 m
(a) कुल विस्थापन: क्योंकि साइकिल सवार अपनी प्रारम्भिक स्थिति (O) में वापस लौट आता है, अतः उसका परिणामी विस्थापन शून्य होगा।
(b) औसत वेग: औसत वेग = कुल विस्थापन / कुल लगा समय = 0 / (10/60) h = 0 km/h
(c) औसत चाल: साइकिल सवार द्वारा तय कुल पथ = OP (त्रिज्या) + चाप PQ (अर्धवृत्त) + QO (त्रिज्या)
पथ की वास्तविक लम्बाई = r + (πr) + r = 2r + πr = r(2 + π) = 1 km × (2 + 3.1416) ≈ 5.1416 km
कुल लगा समय = 10 मिनट = 10/60 घंटे = 1/6 घंटा
औसत चाल = कुल तय दूरी / कुल लगा समय = 5.1416 km / (1/6) h ≈ 30.85 km/h
प्रश्न 10. किसी खुले मैदान में कोई मोटर चालक एक ऐसा रास्ता अपनाता है जो प्रत्येक 500 m के बाद उसके बाई ओर 60° के कोण पर मुड़ जाता है। किसी दिए मोड़ से शुरू होकर मोटर चालक का तीसरे, छठे व आठवें मोड़ पर विस्थापन बताइए। प्रत्येक स्थिति में मोटर चालक द्वारा इन मोड़ों पर तय की गई कुल पथ-लंबाई के साथ विस्थापन के परिमाण की तुलना कीजिए।
हल:
दूरी जिसके पश्चात् मोटर चालक मुड़ता है = 500 m
मोटर चालक प्रत्येक 500 m दूरी तय करने के बाद बायीं ओर 60° के कोण पर मुड़ जाता है, अतः वह एक समषट्भुजाकार पथ पर गति कर रहा है।
माना मोटर चालक बिन्दु A से गति प्रारम्भ करता है।
(a) तीसरे मोड़ पर: विस्थापन = AD = 500 m + 500 m = 1000 m (A से D तक सीधी रेखा)
पथ की कुल लम्बाई = AB + BC + CD = 500 + 500 + 500 = 1500 m
(b) छठे मोड़ पर: छठे मोड़ पर मोटर चालक अपनी प्रारम्भिक स्थिति A पर वापस आ जाता है।
विस्थापन = 0 m
पथ की कुल लम्बाई = 6 × 500 = 3000 m
(c) आठवें मोड़ पर: आठवें मोड़ पर मोटर चालक बिन्दु C पर है।
विस्थापन AC की गणना त्रिभुज ABC में कोज्या नियम से:
AC² = AB² + BC² - 2(AB)(BC)cos120° (चूंकि प्रत्येक मोड़ 60° का है, अतः ABC = 120°)
AC² = (500)² + (500)² - 2×500×500×cos120° = 250000 + 250000 - 500000×(-1/2) = 500000 + 250000 = 750000
AC = √750000 = 500√3 m ≈ 866 m
पथ की कुल लम्बाई = 8 × 500 = 4000 m
विस्थापन का परिमाण / पथ की कुल लम्बाई = 500√3 / 4000 = √3 / 8 ≈ 0.2165
प्रश्न 11. कोई यात्री किसी नए शहर में आया है और वह स्टेशन से किसी सीधी सड़क पर स्थित किसी होटल तक जो 10 km दूर है, जाना चाहता है। कोई बेईमान टैक्सी चालक 23 km के चक्करदार रास्ते से उसे ले जाता है और 28 मिनट में होटल में पहुँचता है। (a) टैक्सी की औसत चाल, और (b) औसत वेग का परिमाण क्या होगा? क्या वे बराबर हैं?
हल:
दिया है, स्टेशन तथा होटल के बीच की लघुत्तम दूरी (विस्थापन) = 10 km
टैक्सी द्वारा तय की गई कुल दूरी = 23 km
टैक्सी द्वारा लिया गया समय = 28 मिनट = 28/60 घंटे = 7/15 घंटा
(a) टैक्सी की औसत चाल = कुल तय दूरी / कुल लगा समय = 23 km / (7/15) h = (23 × 15)/7 ≈ 49.29 km/h
(b) औसत वेग का परिमाण = कुल विस्थापन का परिमाण / कुल लगा समय = 10 km / (7/15) h = (10 × 15)/7 ≈ 21.43 km/h
अत: टैक्सी की औसत चाल, टैक्सी के औसत वेग के परिमाण के बराबर नहीं है।
प्रश्न 12. वर्षा का पानी 30 m/s की चाल से ऊर्ध्वाधर नीचे गिर रहा है। कोई महिला उत्तर से दक्षिण की ओर 10 m/s की चाल से साइकिल चला रही है। उसे अपना छाता किस दिशा में रखना चाहिए?
हल:
ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर गिरती वर्षा का वेग, vr = 30 m/s (ऊर्ध्वाधर नीचे)
साइकिल सवार महिला का वेग, vw = 10 m/s (उत्तर से दक्षिण की ओर)
स्वयं को वर्षा से बचाने के लिए, महिला को अपना छाता, वर्षा के महिला के सापेक्ष वेग (vrm) की दिशा में पकड़ना चाहिए।
vrm = vr - vw
इस सदिश का परिमाण = √(30² + 10²) = √(900+100) = √1000 = 10√10 m/s ≈ 31.62 m/s
यदि vrm ऊर्ध्वाधर से θ कोण बनाता है, तब tan θ = (vw / vr) = 10/30 = 1/3 ≈ 0.3333
θ = tan⁻¹(0.3333) ≈ 18.43°
अतः महिला को अपना छाता ऊर्ध्वाधर से दक्षिण की ओर 18.43° के कोण पर पकड़ना चाहिए।
प्रश्न 13. कोई व्यक्ति स्थिर पानी में 4.0 km/h की चाल से तैर सकता है। उसे 1.0 km चौड़ी नदी को पार करने में कितना समय लगेगा यदि नदी 3.0 km/h की स्थिर चाल से बह रही हो और वह नदी के बहाव के लंबवत् तैर रहा हो? जब वह नदी के दूसरे किनारे पहुँचता है तो वह नदी के बहाव की ओर कितनी दूर पहुँचेगा?
हल:
व्यक्ति की चाल (सापेक्ष पानी), vm = 4.0 km/h
नदी की चाल, vr = 3.0 km/h
नदी की चौड़ाई, d = 1.0 km
व्यक्ति नदी के बहाव के लंबवत् तैर रहा है।
नदी को पार करने में लगा समय, t = नदी की चौड़ाई / व्यक्ति की चाल का लंबवत घटक = 1.0 km / 4.0 km/h = 0.25 h = 15 मिनट
नदी के बहाव की ओर तय दूरी = नदी की चाल × समय = 3.0 km/h × 0.25 h = 0.75 km = 750 m
प्रश्न 14. किसी बंदरगाह में 72 km/h की चाल से हवा चल रही है और बंदरगाह में खड़ी किसी नौका के ऊपर लगा झंडा N-E दिशा में लहरा रहा है। यदि वह नौका उत्तर की ओर 51 km/h चाल से गति करना प्रारंभ कर दे तो नौका पर लगा झंडा किस दिशा में लहराएगा?
हल:
वायु का वेग, vw = 72 km/h (उत्तर-पूर्व N-E दिशा में, अर्थात पूर्व से उत्तर की ओर 45°)
नौका का वेग, vs = 51 km/h (उत्तर दिशा में)
जब नौका उत्तर दिशा में गति करती है तब झंडा वायु की नौका के सापेक्ष वेग (vws = vw - vs) की दिशा में लहराएगा।
vw तथा -vs के बीच का कोण = 45° + 90° = 135°
vws की दिशा ज्ञात करने के लिए सदिश योग/अंत
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